Class 5 Hindi Chapter 10: तीन मछलियाँ
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- Hindi
सरोवर की तीन सहेलियाँ
उत्तर भारत के एक सरोवर में तीन मछलियाँ साथ रहती थीं। तीनों के नाम अलग थे और सोचने का ढंग भी अलग था।
What you will be able to do
- मैं तीनों मछलियों के नाम सही वर्तनी से लिख सकता/सकती हूँ।
- मैं हर मछली का स्वभाव अपने शब्दों में बता सकता/सकती हूँ।
- मैं समझा सकता/सकती हूँ कि नाम और स्वभाव का मेल कैसे बैठता है।
Key points
कहानी उत्तर भारत के एक सुंदर सरोवर में घटती है। वहाँ तीन मछलियों की गहरी दोस्ती थी।
अनागतविधाता आगे की मुश्किल पहले से सोचकर उसका हल तैयार रखती थी।
प्रत्युत्पन्नमति की बुद्धि तेज़ थी। वह मौके पर ही उपाय निकाल लेती थी।
यद्भविष्य सोचने और मेहनत करने से बचती थी। वह भाग्य के भरोसे रहती थी।
तीनों के नाम उनके अपने-अपने स्वभाव की ओर इशारा करते हैं।
Full explanation
सुबह का शांत सरोवर
सोचो, तुम एक बड़े तालाब के किनारे खड़े हो। सुबह की धूप पानी पर चमक रही है। किनारे पर लंबी घास हिल रही है। पानी के भीतर रंग-बिरंगी मछलियाँ इधर-उधर घूम रही हैं। यही जगह हमारी कहानी की शुरुआत है।
तीन पक्की सहेलियाँ
उत्तर भारत के इसी सरोवर में तीन मछलियाँ रहती थीं। तीनों में गहरी दोस्ती थी। वे दिन भर साथ तैरतीं और दूसरी मछलियों के साथ खेलतीं। देखने में तीनों एक जैसी लगती थीं। पर उनके सोचने का ढंग बिलकुल अलग था।
पहली सहेली का नाम
पहली मछली का नाम था अनागतविधाता। यह नाम लंबा है, पर इसे तोड़कर पढ़ो। अनागत का अर्थ है आगे आने वाला। विधाता का अर्थ है बनाने वाला। यानी वह आगे आने वाली बात का इंतज़ाम पहले से करती थी।
पहले से तैयार रहना
अनागतविधाता बहुत समझदार थी। वह मुश्किल आने से पहले ही उसका हल सोच लेती थी। जैसे बारिश से पहले छाता निकालकर रख लेना। उसे लगता था कि तैयारी करने वाला कभी घबराता नहीं।
दूसरी सहेली का नाम
दूसरी मछली का नाम था प्रत्युत्पन्नमति। इसमें मति शब्द का अर्थ है बुद्धि। उसकी बुद्धि बहुत तेज़ और पैनी थी। वह मुश्किल आने से पहले तैयारी करना ज़रूरी नहीं मानती थी।
मौके पर काम आने वाली बुद्धि
प्रत्युत्पन्नमति का भरोसा अपनी फुर्ती पर था। उसे यकीन था कि वह उसी पल उपाय सोच लेगी। जैसे खेल के बीच अचानक गेंद आ जाए और खिलाड़ी झट से चाल बदल ले। यह गुण अच्छा है, पर हर बार काम नहीं आता।
तीसरी सहेली का नाम
तीसरी मछली का नाम था यद्भविष्य। इस नाम का अर्थ है जो होगा, वह होगा। वह किसी खतरे की बात सुनकर भी चुप रहती थी। उसे न सोचना अच्छा लगता था, न मेहनत करना।
भाग्य के भरोसे रहना
यद्भविष्य मानती थी कि सब कुछ पहले से तय है। उसका कहना था कि यत्न करने से कोई लाभ नहीं होता। इसलिए वह बिना चिंता के मौज से तैरती रहती थी। इसी सोच को भाग्य के भरोसे रहना कहते हैं।
एक सरोवर, तीन सोच
अब तीनों को साथ रखकर देखो। एक पहले सोचती है। दूसरी मौके पर सोचती है। तीसरी सोचती ही नहीं। एक ही सरोवर में तीन अलग सोच साथ-साथ तैर रही थीं।
नाम याद रखने की चाबी
इन नामों से डरो मत। हर नाम को दो टुकड़ों में तोड़ो और अर्थ जोड़ो। अनागत-विधाता, प्रत्युत्पन्न-मति, यद्-भविष्य। अर्थ पकड़ में आते ही नाम अपने आप याद रह जाते हैं।
आगे क्या होने वाला है
यह कहानी यहीं नहीं रुकती। जल्दी ही सरोवर पर एक खतरा आने वाला है। तब तीनों की सोच की असली परीक्षा होगी। अगले पाठ में हम वही मोड़ पढ़ेंगे।
Concepts and terms
बड़ा और गहरा तालाब। उसमें ठहरा हुआ पानी होता है और कई तरह के जीव रहते हैं।
किसी का सोचने और काम करने का अपना ढंग। एक ही बात पर हर जीव अलग तरह से सोचता है।
खुद कुछ न करना और यह मान लेना कि सब अपने आप ठीक हो जाएगा। कहानी की तीसरी मछली ऐसी ही थी।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
कक्षा ने तीनों मछलियों के सोचने के ढंग की तुलना की। पहली ने खतरे की बात सुनते ही सरोवर छोड़ दिया। दूसरी ने खतरा सामने आने पर तरकीब सोची। तीसरी ने कुछ भी नहीं किया। अध्यापिका ने पूछा कि तीनों में सबसे समझदार कौन थी। रोहित ने पहली मछली को चुना। सना ने दूसरी को चुना, क्योंकि उसने सोचकर काम किया। अध्यापिका ने कहा कि तीसरी से भी एक बात सीखनी है। खतरे की ख़बर सुनकर कुछ न करना भी एक फ़ैसला होता है।
Analysis:
तीनों ने अलग-अलग चुना, पर तीनों ने चुना। चुप रह जाना भी एक चुनाव है और उसका भी परिणाम निकलता है।
Activity:
तीनों मछलियों के नाम और उनके काम की एक सारणी बनाओ। अंत में लिखो कि तुम उनकी जगह क्या करते।
घर पर करके देखो
Title:
एक हफ़्ते की तैयारी डायरी
What You Notice:
हरे घेरे वाले दिन आराम से बीतते हैं। नारंगी घेरे वाले दिनों में जल्दबाज़ी ज़्यादा रहती है।
Did you know
मछलियाँ पानी में घुली हवा को गलफड़ों से लेती हैं। इसीलिए वे पानी के भीतर साँस ले पाती हैं।
कई मछलियाँ झुंड में तैरती हैं। झुंड बड़ा दिखता है, इसलिए शिकारी पास आने से हिचकता है।
Memory tricks
तीन नाम, तीन सोच — पहले सोचो, मौके पर सोचो, या सोचो ही मत। — पहली मछली पहले सोचती थी, दूसरी मौके पर सोचती थी और तीसरी सोचती ही नहीं थी।
नाम की पहचान — अनागत यानी आगे आने वाला, प्रत्युत्पन्न यानी उसी पल का। — इन दो शब्दों को पकड़ लो तो पहली और दूसरी मछली का नाम कभी नहीं उलझेगा।
Practice MCQs with answers (15)
- A एक बहती नदी में
- B एक गहरे कुएँ में
- C एक छोटे नाले में
- D एक सरोवर में
Show answer
Why:
सरोवर यानी बड़ा और गहरा तालाब।
- A सबसे बड़ा आकार
- B सुंदर रंगीन पंख
- C पैनी और तेज़ बुद्धि
- D बहुत तेज़ तैराकी
Show answer
Why:
'मति' का अर्थ ही बुद्धि होता है।
- A तीनों का सोचने का ढंग अलग था
- B तीनों अलग-अलग सरोवर में रहती थीं
- C तीनों आपस में रोज़ झगड़ती थीं
- D तीनों एक ही तरह से सोचती थीं
Show answer
Why:
नाम अलग थे और स्वभाव भी अलग थे।
- A अनागतविधाता जैसा
- B यद्भविष्य जैसा
- C प्रत्युत्पन्नमति जैसा
- D किसी मछली जैसा नहीं
Show answer
Why:
वह भी मुश्किल से पहले तैयारी करती थी।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण उसके नाम में ही है। ‘अनागत’ का अर्थ आगे आने वाला।
- A बीत चुका हुआ
- B अचानक रुका हुआ
- C आगे आने वाला
- D बहुत पुराना
Show answer
Why:
इसी से पहली मछली का स्वभाव समझ आता है।
- A मेहनत से हर काम बनता है
- B जो होना है, वह हो ही जाएगा
- C मित्र की सलाह सबसे बड़ी है
- D खतरे से पहले भागना चाहिए
Show answer
Why:
इसी सोच को भाग्य के भरोसे रहना कहते हैं।
- A कुछ न करना और आराम से बैठे रहना
- B पहले से ही अपना रास्ता तैयार रखना
- C मौके पर ही झट से उपाय सोच लेना
- D सबसे सलाह लेकर ही कोई काम करना
Show answer
Why:
यद्भविष्य मानती थी कि जो होना है वह हो ही जाएगा। इसीलिए उसने कुछ नहीं किया और जाल में फँस गई।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: तीनों का सोचने का ढंग अलग-अलग था, और पूरी कहानी इसी पर टिकी है।
- A गति
- B शक्ति
- C भक्ति
- D बुद्धि
Show answer
Why:
प्रत्युत्पन्नमति के नाम के अंत में यही शब्द है।
- A अनागतविधाता जैसा
- B यद्भविष्य जैसा
- C प्रत्युत्पन्नमति जैसा
- D किसी मछली जैसा नहीं
Show answer
Why:
वह उसी पल उपाय सोच लेती थी।
- A नाम को बार-बार ज़ोर से चिल्लाकर दोहराना
- B नाम को टुकड़ों में तोड़कर अर्थ जोड़ना
- C नाम को उलटा करके लिखना
- D नाम का पहला अक्षर ही याद रखना
Show answer
Why:
अर्थ पकड़ में आते ही वर्तनी टिक जाती है।
- A उसे तैरना बहुत पसंद था
- B उसे अपनी तेज़ बुद्धि पर भरोसा था
- C वह अपनी सहेलियों से नाराज़ थी
- D उसे खतरे की कोई खबर नहीं थी
Show answer
Why:
उसका भरोसा फुर्ती पर टिका था।
- A विजय
- B विषय
- C विनय
- D भविष्य
Show answer
Why:
भविष्य यानी आगे आने वाला समय।
- A सरोवर में कोई जीव नहीं रहता
- B सरोवर का पानी ठहरा रहता है
- C सरोवर हमेशा पहाड़ पर ही होता है
- D सरोवर का पानी खारा होता है
Show answer
Why:
नदी का पानी लगातार बहता रहता है।
Important short questions (5)
वे उत्तर भारत के एक सुंदर सरोवर में रहती थीं। तीनों में गहरी दोस्ती थी।
वह आगे आने वाली मुश्किल पहले से सोच लेती थी। उसका हल भी पहले ही तैयार रखती थी।
वह अपनी तेज़ बुद्धि पर भरोसा करती थी। उसे लगता था कि उपाय मौके पर सूझ जाएगा।
वह मानती थी कि सब कुछ पहले से तय है। इसलिए उसे कोशिश करना बेकार लगता था।
अर्थ जानने से हर मछली का स्वभाव तुरंत समझ आ जाता है। वर्तनी भी आसानी से याद रहती है।
Long answer questions (2)
पहली मछली अनागतविधाता थी। वह आगे की मुश्किल पहले से सोचकर उसका हल तैयार रखती थी। दूसरी मछली प्रत्युत्पन्नमति थी। उसकी बुद्धि तेज़ थी और वह मौके पर ही उपाय निकाल लेती थी। तीसरी मछली यद्भविष्य थी। वह सोचने और मेहनत करने से बचती थी। उसका भरोसा केवल भाग्य पर था। तीनों साथ रहती थीं, पर उनकी सोच अलग थी।
मुझे अनागतविधाता का स्वभाव सबसे अच्छा लगा। वह किसी भी मुश्किल से पहले ही उसका हल सोच लेती थी। ऐसे में घबराहट कम होती है और काम समय पर पूरा होता है। मैं भी परीक्षा से पहले रोज़ थोड़ा पढ़ता हूँ। इससे आखिरी दिन बोझ नहीं पड़ता। मेहनत भाग्य से ज़्यादा भरोसे लायक है।
Flashcards (12)
Play this topic
- नाम और अर्थ
- किस मछली की बात?
- सच या भ्रम?
- नाम तोड़कर लिखो
- झटपट सवाल
जाल का डर और तीन फ़ैसले
दो मछुआरे सरोवर देख लेते हैं और जाल लाने की बात करते हैं। तीनों सहेलियाँ तीन अलग फ़ैसले लेती हैं और अंजाम भी अलग होता है।
What you will be able to do
- मैं कहानी की घटनाएँ सही क्रम में सुना सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि हर मछली ने क्या फ़ैसला लिया।
- मैं समझा सकता/सकती हूँ कि किस फ़ैसले का क्या नतीजा निकला।
Key points
शाम को दो मछुआरे सरोवर के किनारे रुके और मछलियों को देख लिया।
उन्होंने अगली सुबह जाल लेकर आने की बात तय कर ली।
तीनों सहेलियों ने यह बातचीत सुन ली और सभी मछलियों की सभा बुलाई।
अनागतविधाता कई मछलियों के साथ दूसरे सरोवर में चली गई।
दोनों सहेलियाँ जाल में फँसीं, पर बचने का उपाय केवल एक को सूझा।
Full explanation
शाम के किनारे दो अजनबी
शाम ढल रही थी और सरोवर शांत था। तभी वहाँ दो मछुआरे आ निकले। उन्होंने यह जगह पहले कभी नहीं देखी थी। थककर वे किनारे बैठ गए। पानी में तैरती बड़ी मछलियाँ उनकी नज़र में आ गईं।
कल सुबह की योजना
दोनों आपस में खुश होकर बातें करने लगे। उन्हें इतनी मछलियाँ एक साथ कहीं नहीं मिली थीं। उन्होंने तय किया कि अगली सुबह बड़ा जाल लेकर यहीं आएँगे। इतना कहकर वे उठे और अपने घर की ओर चल दिए।
तीनों ने बात सुन ली
यह पूरी बातचीत तीनों सहेलियों के कानों में पड़ गई। उन्होंने तुरंत सरोवर की सभी मछलियों को बुलाया। एक जगह इकट्ठा होकर सबकी सभा हुई। अनागतविधाता ने सबको खतरे की खबर दी।
सभा में घबराहट
खबर सुनते ही सब मछलियाँ डर गईं। वे पूछने लगीं कि अब क्या किया जाए। अनागतविधाता ने साफ़ सलाह दी। उसका कहना था कि सुबह होने से पहले सबको पास वाले दूसरे सरोवर में चले जाना चाहिए।
पहला फ़ैसला — जगह छोड़ देना
यह सलाह कई मछलियों को ठीक लगी। अनागतविधाता उन्हें लेकर दूसरे सरोवर में चली गई। उसका सोचना सीधा था। जहाँ खतरा पक्का हो, वहाँ रुकने का कोई लाभ नहीं। रात ढलने से पहले वे सब सुरक्षित जगह पहुँच गईं।
दूसरा फ़ैसला — रुककर देखना
प्रत्युत्पन्नमति ने साथ जाने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह यहीं रहेगी। मछुआरों के आने पर वह मौके की हालत देखकर उपाय सोच लेगी। उसे अपनी तेज़ बुद्धि पर पूरा भरोसा था।
तीसरा फ़ैसला — कुछ न करना
यद्भविष्य ने भी अपना पुराना घर छोड़ने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि भाग्य में जो लिखा है, वही होगा। कुछ और मछलियाँ भी उसकी बात मानकर सरोवर में ही रुक गईं।
सुबह जाल आ गया
सवेरा हुआ तो रुकी हुई मछलियाँ मन ही मन सोच रही थीं कि शायद कोई नहीं आएगा। पर थोड़ी ही देर में किनारे पर आवाज़ें सुनाई दीं। मछुआरों ने आकर जाल डाल दिया और सारी मछलियाँ जाल में आ गईं।
जाल के भीतर दो सहेलियाँ
जाल में प्रत्युत्पन्नमति और यद्भविष्य दोनों फँस गईं। मछुआरे बहुत खुश थे। उन्हें इतनी बड़ी और तंदुरुस्त मछलियाँ एक साथ मिल गई थीं। अब बचने का समय बहुत थोड़ा बचा था।
पल भर में सूझा उपाय
प्रत्युत्पन्नमति ने मछुआरों की बातचीत गौर से सुनी। उसे समझ आ गया कि उन्हें केवल जीवित और तंदुरुस्त मछलियाँ चाहिए। उसने उसी पल शरीर ढीला छोड़ दिया और आँखें बंद कर लीं।
पानी में वापसी
मछुआरे मछलियों को सँभालने लगे। उन्हें लगा कि यह मछली मरी हुई है। उन्होंने उसे उठाकर सरोवर में फेंक दिया। पानी छूते ही वह तैरकर दूर निकल गई। उसकी अपनी बुद्धि ने उसकी जान बचा ली।
एक सहेली नहीं लौट पाई
यद्भविष्य के पास न तैयारी थी, न कोई उपाय। वह जाल में ही रह गई और मछुआरे उसे ले गए। उसकी साथी मछलियाँ भी नहीं बच पाईं। कहानी यहीं दुखी मोड़ पर खत्म होती है।
Concepts and terms
सबको बुलाकर की गई बैठक। उसमें सब मिलकर किसी मुश्किल पर बात करते हैं और रास्ता तय करते हैं।
किसी मुश्किल से निकलने का तरीका। कहानी में दोनों समझदार मछलियों ने अपना-अपना उपाय निकाला।
जीवित होते हुए भी मरे जैसा पड़ जाना। शरीर ढीला और आँखें बंद रखनी पड़ती हैं।
सावधान!
सच या भ्रम?
असली दुनिया में
Scenario:
बिहार के एक गाँव में हर बरसात नदी का पानी चढ़ जाता है। इस बार जुलाई में रेडियो पर पहले ही चेतावनी आ गई। सरपंच ने शाम को चौपाल बुलाई। कुछ परिवारों ने अनाज, कपड़े और बकरियाँ लेकर ऊँचे स्कूल भवन में डेरा डाल लिया। कुछ लोगों ने कहा कि वे मौके पर देख लेंगे, इसलिए घर पर ही रुके। दो घर ऐसे भी थे जिन्होंने चेतावनी को मज़ाक समझा और कुछ नहीं किया। तीसरे दिन पानी सचमुच चढ़ आया। पहले वाले परिवार आराम से थे। दूसरे वाले नाव की मदद से किसी तरह निकल आए। तीसरे वालों का बहुत-सा सामान भीग गया।
Analysis:
यह चेतावनी पर तीन अलग फ़ैसलों की कहानी है, ठीक तीन मछलियों जैसी। तैयारी सबसे सुरक्षित रही।
Activity:
अपने घर के लिए तीन कामों की एक सूची बनाओ, जो तेज़ बारिश से पहले कर लेने चाहिए।
तीन जवाब आज़माओ
Title:
एक ख़बर, तीन रास्ते
Safety:
किसी साथी के जवाब को बुरा नहीं कहना है, वह पर्ची का जवाब है, उसका नहीं।
What You Notice:
तीनों ने एक ही ख़बर सुनी, पर तीन रास्ते निकले। कहानी में भी जाल की ख़बर सबने सुनी थी — फ़र्क़ ख़बर में नहीं, जवाब में था।
Did you know
कई जीव खतरे के समय मरे जैसा पड़ जाते हैं। इस ढंग से शिकारी का ध्यान हट जाता है।
मछुआरे ताज़ी मछली ही बेच पाते हैं। इसीलिए वे मरी हुई मछली जाल में नहीं रखते।
Memory tricks
तीन फ़ैसले — एक चली गई, एक ठहरी और सोची, एक ठहरी और सोई। — पहली ने जगह छोड़ी, दूसरी ने रुककर उपाय किया और तीसरी ने कुछ भी नहीं किया।
बचने का उपाय — शरीर ढीला, आँखें बंद, जान बची। — प्रत्युत्पन्नमति ने यही किया। मछुआरों ने उसे बेकार समझकर पानी में लौटा दिया।
Practice MCQs with answers (15)
- A आधी रात को
- B शाम के समय
- C दोपहर के समय
- D सुबह सूरज निकलते ही
Show answer
Why:
अगली सुबह उन्हें जाल लेकर लौटना था।
- A दूसरे सरोवर की सैर
- B जाल तोड़ने की टोली
- C मछुआरों से बातचीत
- D सब मछलियों की सभा
Show answer
Why:
मुश्किल पर सबने मिलकर बात की।
- A कई मछलियों के साथ दूसरा सरोवर चुना
- B अकेले ही जाल तोड़ने की ठानी
- C सहेलियों से नाराज़ होकर चुप हो गई
- D मछुआरों के लौटने तक इंतज़ार किया
Show answer
Why:
जहाँ खतरा पक्का हो, वहाँ रुकना ठीक नहीं।
- A मछुआरों की बातचीत ध्यान से सुनी
- B ज़ोर-ज़ोर से चारों ओर पानी उछाला
- C अपनी दोनों सहेलियों को आवाज़ लगाई
- D जाल के मोटे-मोटे धागे कुतरने लगी
Show answer
Why:
उसी बातचीत से उसे उपाय मिला।
- A छोटी और रंगीन
- B जीवित और तंदुरुस्त
- C मरी और सूखी
- D धीमी और बूढ़ी
Show answer
Why:
इसी बात ने बचने का रास्ता खोला।
- A सरोवर की सब मछलियाँ दूसरी जगह चली गईं
- B सरोवर की कोई मछली जाल में नहीं फँसी
- C सरोवर की सब मछलियाँ दूसरी जगह नहीं गईं
- D मछुआरे अगली सुबह लौटकर नहीं आए
Show answer
Why:
कुछ मछलियाँ यद्भविष्य के साथ रुक गई थीं।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही उसकी चतुराई है। उसने मछुआरों की बातचीत सुनकर अपना उपाय चुना।
- A कल सुबह वहाँ जाकर देखकर तय करना
- B किसी से कुछ भी न पूछना
- C आज ही दूसरा रास्ता देख आना
- D स्कूल जाना ही पूरा छोड़ देना
Show answer
Why:
वह खतरे से पहले तैयारी करती थी।
- A वे समय रहते उड़ गईं
- B वे भी जाल में फँस गईं
- C वे जाल के धागे काटकर निकल गईं
- D वे किनारे पर छिप गईं
Show answer
Why:
रुकने का फ़ैसला उन्हें भारी पड़ा।
- A मछुआरों की सोच समझ लेने
- B जाल के कमज़ोर धागों
- C सहेलियों की मदद मिलने
- D सरोवर के गहरे पानी
Show answer
Why:
उसने उनकी ज़रूरत पहचानकर चाल चली।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: शाम को वे केवल रुके थे; जाल अगली सुबह आया।
- A सबको नया खेल सीखने को मिला
- B खतरे की खबर सबको मिल गई
- C सरोवर का पानी साफ़ हो गया
- D मछुआरे डरकर लौट गए
Show answer
Why:
खबर मिलने पर ही फ़ैसला लिया जा सकता है।
- A बहुत उदास
- B बहुत डरा हुआ
- C बहुत प्रसन्न
- D बहुत नाराज़
Show answer
Why:
उन्हें एक साथ बड़ी मछलियाँ मिल गई थीं।
- A चुपचाप अपनी जगह पर बैठे रहना
- B दूसरों पर गुस्सा करना
- C खबर को मज़ाक समझकर टाल देना
- D खतरे की सही खबर सबको देना
Show answer
Why:
कहानी में सभा इसी वजह से काम आई।
- A सरोवर में रहना हमेशा खतरनाक ही होता है
- B दोस्तों की बात कभी भी नहीं माननी चाहिए
- C अपना घर कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए
- D खतरे पर सोचना और कुछ करना ज़रूरी है
Show answer
Why:
दो मछलियों ने सोचा और बच गईं; तीसरी ने कुछ नहीं किया और फँस गई। कहानी का पूरा भार इसी अंतर पर है।
Important short questions (5)
उन्होंने तय किया कि अगली सुबह बड़ा जाल लेकर लौटेंगे। फिर सारी मछलियाँ पकड़ेंगे।
उसने कहा कि सुबह होने से पहले सब दूसरे सरोवर में चले जाएँ। वहीं जान बच सकती है।
उसे अपनी तेज़ बुद्धि पर भरोसा था। वह मौके की हालत देखकर उपाय सोचना चाहती थी।
उसने शरीर ढीला छोड़कर आँखें बंद कर लीं। मछुआरों ने उसे मरा समझकर पानी में लौटा दिया।
उसने न जगह छोड़ी और न कोई उपाय सोचा। इसलिए वह जाल से निकल नहीं पाई।
Long answer questions (2)
शाम को दो मछुआरे सरोवर के किनारे रुके और बड़ी मछलियाँ देख लीं। उन्होंने सुबह जाल लाने की बात तय की। तीनों सहेलियों ने यह सुन लिया और सभा बुलाई। अनागतविधाता कई मछलियों के साथ दूसरे सरोवर चली गई। बाकी वहीं रुक गईं। सुबह मछुआरों ने जाल डालकर सबको पकड़ लिया। प्रत्युत्पन्नमति मरी जैसी बनकर बच गई। यद्भविष्य नहीं बच सकी।
मैं अनागतविधाता के साथ दूसरे सरोवर चला जाता। खतरे की खबर पक्की थी और समय भी हाथ में था। ऐसे में जगह बदलना सबसे सुरक्षित रास्ता था। मौके पर उपाय सूझ जाए, यह हर बार नहीं होता। यद्भविष्य की तरह चुप बैठना तो सबसे बड़ा खतरा है। पहले से किया गया इंतज़ाम डर को भी कम कर देता है।
Flashcards (12)
Play this topic
- कहानी क्रम से लगाओ
- फ़ैसला और नतीजा
- कौन, क्या
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
पंचतंत्र की सीख और भाषा की बात
यह कहानी पंचतंत्र से निकली है। यहाँ हम उसकी सीख देखेंगे और शब्दों के चार परिवार, वचन तथा विराम चिह्न भी सीखेंगे।
What you will be able to do
- मैं पंचतंत्र के बारे में तीन बातें बता सकता/सकती हूँ।
- मैं शब्दों को संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया में छाँट सकता/सकती हूँ।
- मैं वाक्य में सही विराम चिह्न लगा सकता/सकती हूँ।
Key points
यह कहानी मालती देवी ने लिखी है और यह पंचतंत्र पर आधारित है।
पंचतंत्र की कहानियाँ पशु-पक्षियों के ज़रिए जीवन की सीख देती हैं।
संज्ञा नाम बताती है और सर्वनाम नाम की जगह आ जाता है।
विशेषण गुण बताता है और क्रिया काम बताती है।
एक के लिए एकवचन और एक से ज़्यादा के लिए बहुवचन रूप आता है।
Full explanation
कहानी के पीछे की कहानी
तीन मछलियों की कहानी पढ़कर एक सवाल उठता है। यह कहानी आई कहाँ से? इसे मालती देवी ने लिखा है। पर इसकी जड़ बहुत पुरानी है। यह पंचतंत्र नाम के ग्रंथ पर आधारित है।
पंचतंत्र क्या है
पंचतंत्र भारत का बहुत पुराना कथा-ग्रंथ है। इसे हज़ारों साल पहले रचा गया था। इसके रचयिता आचार्य विष्णु शर्मा माने जाते हैं। इसमें पशु-पक्षी बोलते हैं और उनकी कहानियों से सीख निकलती है।
सिखाने के लिए बनी कहानियाँ
पंचतंत्र किसी मनोरंजन के लिए नहीं बना था। इसे पढ़ाने की सामग्री के रूप में तैयार किया गया था। बच्चों को रोचक कथाओं से जीवन की समझ देना ही इसका मकसद था। यही कारण है कि आज भी ये कहानियाँ काम आती हैं।
इस कहानी की सीख
तीन मछलियों में से दो बच गईं और एक नहीं बची। बचने वाली दोनों ने अपनी अक्ल लगाई थी। जो मछली सब कुछ भाग्य पर छोड़कर बैठी रही, वही मारी गई। सीख साफ़ है कि सोचना और करना ज़रूरी है।
शब्दों के चार परिवार
अब कहानी के शब्दों को देखो। हर शब्द किसी न किसी परिवार का है। कुछ शब्द नाम बताते हैं। कुछ नाम की जगह ले लेते हैं। कुछ गुण बताते हैं और कुछ काम। इन्हें क्रम से संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया कहते हैं।
संज्ञा और सर्वनाम
संज्ञा नाम बताती है। मछली, सरोवर, जाल और मित्रता सब संज्ञा हैं। सर्वनाम नाम की जगह आ जाता है। जैसे हम कह सकते हैं कि मछली तैरी और वह दूर चली गई। यहाँ वह सर्वनाम है।
विशेषण और क्रिया
विशेषण किसी की खूबी या गुण बताता है। सुंदर, बड़ी और तेज़ ऐसे ही शब्द हैं। क्रिया बताती है कि कोई काम हो रहा है। सोचना, तैरना, जाना और बचना सब क्रिया हैं। क्रिया के बिना वाक्य पूरा नहीं बनता।
एक और अनेक
जब एक की बात हो तो एकवचन आता है। एक से ज़्यादा की बात हो तो बहुवचन आता है। मछली से मछलियाँ बनता है और ध्वनि से ध्वनियाँ। यहाँ बड़ी ई छोटी हो जाती है और आगे याँ जुड़ जाता है।
रुकने के चिह्न
पढ़ते समय कहीं रुकना पड़ता है और कहीं आवाज़ बदलनी पड़ती है। इसी काम के लिए विराम चिह्न लगते हैं। वाक्य के अंत में खड़ी रेखा लगती है। सवाल के अंत में प्रश्न चिह्न आता है।
बोली हुई बात के चिह्न
जब किसी की कही हुई बात ज्यों की त्यों लिखनी हो तो उद्धरण चिह्न लगते हैं। खुशी या घबराहट दिखानी हो तो विस्मयादिबोधक चिह्न आता है। बीच में हल्का ठहराव दिखाने के लिए अल्प विराम लगता है।
सीख और भाषा साथ-साथ
इस पाठ ने दो चीज़ें दीं। एक कहानी की सीख और दूसरी भाषा की समझ। कहानी कहती है कि समय रहते सोचो। भाषा कहती है कि हर शब्द का अपना काम होता है। दोनों बातें रोज़ काम आती हैं।
Concepts and terms
किसी व्यक्ति, जगह, वस्तु या भाव का नाम। जैसे मछली, सरोवर, जाल और मित्रता।
वह शब्द जो नाम की जगह पर आ जाता है। जैसे वह, मैं, हम और उन्होंने।
शब्द का वह रूप जो गिनती बताता है। एक के लिए एकवचन और एक से ज़्यादा के लिए बहुवचन।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
कक्षा ने पंचतंत्र की कहानियों की एक सूची बनाई। हर कहानी के अंत में एक सीख मिली। बच्चों ने देखा कि सीख हमेशा आख़िर में आती है। फिर उन्होंने वचन पर काम किया। मछली और मछलियाँ, सरोवर और सरोवर बोर्ड पर लिखे गए। कुछ शब्द बहुवचन में बदलते हैं और कुछ नहीं बदलते। सना ने बीस शब्दों की सूची जाँची। चौदह शब्द बदले और छह वैसे ही रहे। अध्यापिका ने कहा कि नियम रटने से अधिक ज़रूरी है ध्यान से देखना।
Analysis:
बीस में से छह शब्द नियम के बाहर निकले। इसीलिए सूची बनाकर देखना रटने से अधिक काम आता है।
Activity:
बीस शब्दों की सूची बनाओ। हर एक का बहुवचन लिखो और गिनो कि उनमें से कितने बदले।
घर पर करके देखो
Title:
घर का शब्द सरोवर
What You Notice:
संज्ञा वाली कटोरी सबसे भरी दिखेगी। क्रिया वाली पर्चियाँ सबसे कम मिलेंगी।
Did you know
पंचतंत्र का अर्थ है पाँच तंत्र, यानी पाँच भाग। हर भाग में कई छोटी कहानियाँ जुड़ी रहती हैं।
पंचतंत्र की कहानियाँ कई देशों तक पहुँचीं। यूरोप की कुछ दंतकथाएँ भी उन्हीं से प्रेरित मानी जाती हैं।
Memory tricks
चार शब्द परिवार — नाम, नाम की जगह, गुण और काम। — नाम संज्ञा है, नाम की जगह सर्वनाम है, गुण विशेषण है और काम क्रिया है।
बहुवचन का ढंग — बड़ी ई छोटी होती है, फिर याँ जुड़ता है। — मछली से मछलियाँ और ध्वनि से ध्वनियाँ इसी नियम से बनते हैं।
Practice MCQs with answers (15)
- A रामचरितमानस
- B मेघदूत
- C अभिज्ञानशाकुंतलम्
- D पंचतंत्र
Show answer
Why:
पाठ के अंत में यही बताया गया है।
- A आचार्य विष्णु शर्मा
- B महाकवि कालिदास
- C संत तुलसीदास
- D कवि रामधारी सिंह
Show answer
Why:
यह ग्रंथ सिखाने के लिए तैयार हुआ था।
- A सर्वनाम
- B संज्ञा
- C विशेषण
- D क्रिया
Show answer
Why:
तीनों किसी न किसी चीज़ का नाम हैं।
- A संज्ञा
- B विशेषण
- C क्रिया
- D सर्वनाम
Show answer
Why:
ये नाम की जगह पर आ जाते हैं।
- A विशेषण
- B संज्ञा
- C सर्वनाम
- D क्रिया
Show answer
Why:
ये किसी की खूबी बताते हैं।
- A मछलीयाँ
- B मछलियां
- C मछलियाँ
- D मछलिया
Show answer
Why:
बड़ी ई छोटी होकर याँ जुड़ता है।
- A खड़ी रेखा
- B अल्प विराम
- C प्रश्न चिह्न
- D उद्धरण चिह्न
Show answer
Why:
यह वाक्य एक सवाल पूछ रहा है।
- A उद्धरण चिह्न, बात के दोनों ओर लगाया जाता है
- B प्रश्न चिह्न, वाक्य के अंत में लगाया जाता है
- C अल्प विराम, शब्दों के बीच में लगाया जाता है
- D पूर्ण विराम, वाक्य पूरा होने पर लगाया जाता है
Show answer
Why:
उद्धरण चिह्न के भीतर जो है, वह किसी के मुँह से निकला है। बाकी तीनों चिह्न ठहराव या भाव बताते हैं।
- A जाल से हमेशा दूर रहना चाहिए
- B समय रहते सोचना और करना चाहिए
- C सरोवर में कभी नहीं रहना चाहिए
- D दोस्तों की बात कभी नहीं माननी चाहिए
Show answer
Why:
जिसने कुछ नहीं किया, वही नहीं बची।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही क्रिया का काम है। नाम बता देने से काम नहीं बनता।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II उल्टा है: पंचतंत्र की कहानियों में पशु-पक्षी ही बोलते हैं।
- A मछली
- B वह
- C तैरी
- D दूर
Show answer
Why:
वह शब्द मछली की जगह आया है।
- A काल
- B लिंग
- C वचन
- D कारक
Show answer
Why:
एकवचन और बहुवचन इसी के दो रूप हैं।
- A संज्ञा
- B क्रिया
- C सर्वनाम
- D विशेषण
Show answer
Why:
तीनों किसी काम की ओर इशारा करते हैं।
- A पूर्ण विराम
- B प्रश्न चिह्न
- C विस्मयादिबोधक चिह्न
- D अल्प विराम
Show answer
Why:
वह सूची गिनाते समय भी काम आता है।
Important short questions (5)
यह भारत का बहुत पुराना कथा-ग्रंथ है। इसमें पशु-पक्षियों की कहानियों से जीवन की सीख मिलती है।
संज्ञा किसी का नाम बताती है। सर्वनाम उसी नाम की जगह पर आ जाता है।
विशेषण किसी की खूबी बताता है। क्रिया बताती है कि कोई काम हो रहा है।
इनके बहुवचन ध्वनियाँ और सहेलियाँ होंगे। दोनों में बड़ी ई छोटी हो जाती है।
जब किसी की कही बात ज्यों की त्यों लिखनी हो। वह बात के दोनों ओर लगता है।
Long answer questions (2)
इस कहानी से मुझे यह सीख मिली कि खतरे पर चुप बैठना ठीक नहीं। जिसने सोचा और कुछ किया, वही बची। पिछले साल मेरी साइकिल का टायर धीरे-धीरे हवा छोड़ रहा था। मैंने उसे टाला नहीं और उसी शाम ठीक करा लिया। अगले दिन मुझे दूर जाना था। समय पर किया गया छोटा काम बड़ी परेशानी बचा लेता है।
संज्ञा किसी का नाम बताती है, जैसे सरोवर। सर्वनाम नाम की जगह आ जाता है, जैसे वह। विशेषण किसी की खूबी बताता है, जैसे सुंदर। क्रिया बताती है कि कोई काम हो रहा है, जैसे तैरना। हर वाक्य में ये परिवार साथ-साथ काम करते हैं। इन्हें पहचानते ही वाक्य की बनावट साफ़ दिखने लगती है।
Flashcards (12)
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- शब्द को उसके घर भेजो
- एकवचन और बहुवचन
- चिह्न और उसका काम
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
Class 5 Hindi Chapter 10 — frequently asked questions
वे उत्तर भारत के एक सुंदर सरोवर में रहती थीं। तीनों में गहरी दोस्ती थी।
वह आगे आने वाली मुश्किल पहले से सोच लेती थी। उसका हल भी पहले ही तैयार रखती थी।
वह अपनी तेज़ बुद्धि पर भरोसा करती थी। उसे लगता था कि उपाय मौके पर सूझ जाएगा।
उन्होंने तय किया कि अगली सुबह बड़ा जाल लेकर लौटेंगे। फिर सारी मछलियाँ पकड़ेंगे।
उसने कहा कि सुबह होने से पहले सब दूसरे सरोवर में चले जाएँ। वहीं जान बच सकती है।
उसे अपनी तेज़ बुद्धि पर भरोसा था। वह मौके की हालत देखकर उपाय सोचना चाहती थी।
यह भारत का बहुत पुराना कथा-ग्रंथ है। इसमें पशु-पक्षियों की कहानियों से जीवन की सीख मिलती है।
संज्ञा किसी का नाम बताती है। सर्वनाम उसी नाम की जगह पर आ जाता है।
विशेषण किसी की खूबी बताता है। क्रिया बताती है कि कोई काम हो रहा है।
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