Class 5 Hindi Chapter 12: गंगा की कहानी
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- Hindi
गोमुख से मैदान तक
गंगा खुद अपनी कहानी सुनाती है। वह हिमालय के गोमुख से निकलती है और पहाड़ों से उतरकर ऋषिकेश के पास मैदान में आ जाती है।
What you will be able to do
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि गंगा कहाँ से निकलती है।
- मैं गोमुख से मैदान तक का रास्ता क्रम से लिख सकता/सकती हूँ।
- मैं समझा सकता/सकती हूँ कि इसका नाम भागीरथी क्यों पड़ा।
Key points
यह पाठ ऐसे लिखा गया है, मानो गंगा अपनी कहानी खुद सुना रही हो।
उसका जन्म हिमालय की गोद में हुआ और निकलने की जगह गोमुख कहलाती है।
गोमुख उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में गंगोत्री हिमनद पर है।
राजा भगीरथ की तपस्या के कारण उसका एक नाम भागीरथी भी है।
देवप्रयाग में अलकनंदा उससे मिलती है और ऋषिकेश के पास वह मैदान में उतरती है।
Full explanation
कहानी कौन सुना रहा है
यह पाठ बाकी पाठों से अलग है। इसमें कोई लेखक बाहर से कहानी नहीं कहता। यहाँ नदी खुद बोलती है। वह अपने जन्म से लेकर समुद्र तक का सफ़र सुनाती है।
बर्फ़ के बीच जन्म
गंगा कहती है कि उसका जन्म हिमालय की गोद में हुआ। शुरू में वह एक नन्ही-सी धारा भर थी। वह उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद से निकली। वहाँ गंगोत्री हिमनद है।
गोमुख नाम की जगह
हिमनद के जिस किनारे से पानी बाहर आता है, उसे गोमुख कहते हैं। इसी जगह से नदी की शुरुआत मानी जाती है। इसे नदी का उद्गम कहते हैं।
गंगोत्री का मंदिर
गोमुख से थोड़ा नीचे उतरने पर गंगोत्री आती है। वहाँ गंगा का एक भव्य मंदिर बना है। देश भर से तीर्थयात्री उसे देखने पहुँचते हैं।
भागीरथी नाम कैसे पड़ा
कथा के अनुसार राजा भगीरथ ने इसी जगह तपस्या की थी। उन्हीं के नाम से नदी को भागीरथी भी कहा जाता है। ध्यान रखो कि राजा भगीरथ हैं और नदी भागीरथी।
पहाड़ों को चीरती हुई
गंगोत्री से आगे नदी नीचे की ओर ढुलकने लगती है। उसका रूप और निखरता जाता है। वह पहाड़ों को चीरती है, चट्टानों से टकराती है और उछलती-कूदती आगे बढ़ती है।
देवप्रयाग में मिलन
रास्ते में देवप्रयाग नाम की जगह आती है। वहाँ अलकनंदा नदी आकर गंगा से मिल जाती है। दो धाराएँ मिलकर एक हो जाती हैं। इसी मिलन को संगम कहते हैं।
मैदान में उतरना
आगे बढ़ते-बढ़ते नदी ऋषिकेश पहुँचती है। यहीं से पहाड़ खत्म होते हैं और मैदान शुरू हो जाता है। अब नदी की चाल धीमी और चौड़ी हो जाती है।
किनारों पर आश्रम
मैदान में उतरते ही किनारों का नज़ारा बदल जाता है। यहाँ साधु-संतों और महात्माओं के आश्रम बने हैं। वातावरण शांत रहता है और लोग दूर-दूर से आते हैं।
बसते गए नगर
नदी के तट पर बहुत से नगर बस गए हैं। वहाँ कई कारखाने भी खुल गए हैं। इन सबको पानी गंगा से ही मिलता है।
घाटों पर हलचल
मैदान में नदी के किनारे सीढ़ीदार घाट बने मिलते हैं। सुबह-शाम वहाँ लोगों की भीड़ जुटती है। कोई नहाता है, कोई दीया जलाता है और कोई बस किनारे बैठा रहता है। नदी सबकी बात चुपचाप सुनती रहती है।
एक नदी, कई काम
अब तक की कहानी में एक बात साफ़ है। नदी केवल बहती नहीं, वह पूरे इलाके को सँभालती है। वह खेतों को सींचती है, नगरों की प्यास बुझाती है और कारखानों को पानी देती है।
Concepts and terms
पहाड़ों पर जमी बर्फ़ की बहुत बड़ी और धीमी नदी। उसके किनारे से पिघलकर पानी बाहर निकलता है।
वह जगह जहाँ से कोई नदी शुरू होती है। गंगा का उद्गम गोमुख है।
वह जगह जहाँ दो नदियाँ मिलकर आगे साथ बहने लगती हैं। देवप्रयाग ऐसा ही एक मिलन-स्थल है।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
गंगा अपनी कहानी स्वयं सुनाती है। कक्षा ने उसके रास्ते को नक़्शे पर देखा। गोमुख से निकलकर वह पहाड़ों से उतरती है। ऋषिकेश के पास से मैदान शुरू हो जाता है। बच्चों ने एक बात ध्यान से देखी। पहाड़ में नदी तेज़ और पतली थी। मैदान में वह चौड़ी और धीमी हो गई। अमन ने पूछा कि ऐसा क्यों होता है। अध्यापिका ने बताया कि ढाल कम होते ही पानी की गति घट जाती है। धीमा पानी अपने साथ लाई मिट्टी वहीं छोड़ देता है।
Analysis:
नदी वही है, पर उसका रूप ढाल के साथ बदलता है। तेज़ पानी मिट्टी ढोता है और धीमा पानी उसे रख देता है।
Activity:
अपने पास की किसी नदी या नाले का रास्ता पता करो। वह कहाँ से आता है और कहाँ जाता है, यह चित्र बनाकर दिखाओ।
घर पर करके देखो
Title:
ढलान से पानी की चाल
Safety:
फ़र्श गीला हो जाए तो तुरंत पोंछ दो, वरना फिसलने का डर रहता है।
What You Notice:
तेज़ ढलान पर पानी झटपट नीचे पहुँचता है। हल्की ढलान पर वह धीरे-धीरे फैलता हुआ जाता है।
Did you know
गोमुख का अर्थ है गाय का मुँह। बर्फ़ के उस किनारे की बनावट से ही यह नाम पड़ा।
पहाड़ी नदी का पानी बहुत तेज़ बहता है। वह रास्ते के पत्थरों को घिसकर गोल कर देता है।
Memory tricks
पहाड़ी रास्ता — गोमुख, गंगोत्री, देवप्रयाग, ऋषिकेश। — यही चार पड़ाव क्रम से याद कर लो। इनके बाद मैदान शुरू हो जाता है।
दो नाम, एक नदी — भगीरथ की तपस्या, इसलिए भागीरथी। — राजा का नाम भगीरथ है और नदी का नाम भागीरथी। दोनों में बड़ी 'आ' का फ़र्क है।
Practice MCQs with answers (15)
- A गंगा नदी
- B एक तीर्थयात्री
- C एक नाविक
- D एक वैज्ञानिक
Show answer
Why:
पूरा पाठ 'मैं' कहकर चलता है।
- A अलकनंदा
- B देवप्रयाग
- C ऋषिकेश
- D गंगोत्री
Show answer
Why:
पास के तीर्थ का भी यही नाम है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही नाम का कारण है। वहाँ कोई गाय नहीं रहती।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: अरावली राजस्थान की पहाड़ियाँ हैं; गंगा हिमालय से निकलती है।
- A राजा भोज के कारण
- B राजा हर्ष के कारण
- C राजा भगीरथ के कारण
- D राजा अशोक के कारण
Show answer
Why:
कथा के अनुसार उन्होंने वहाँ तपस्या की थी।
- A बहुत धीमी और ठहरी
- B तेज़ और उछलती-कूदती
- C पूरी तरह रुकी हुई
- D पीछे की ओर मुड़ी हुई
Show answer
Why:
वह चट्टानों से टकराती हुई बढ़ती है।
- A अलकनंदा
- B यमुना
- C सोन
- D गोदावरी
Show answer
Why:
दोनों मिलकर एक हो जाती हैं।
- A उद्गम
- B संगम
- C हिमनद
- D जनपद
Show answer
Why:
देवप्रयाग ऐसा ही एक स्थान है।
- A ऋषिकेश
- B देवप्रयाग
- C वाराणसी
- D कोलकाता
Show answer
Why:
पहाड़ी रास्ते का यही क्रम है।
- A वह दो हिस्सों में बँट जाती है
- B वह वापस पहाड़ पर चढ़ती है
- C वह मैदान में उतर आती है
- D वह पूरी तरह सूख जाती है
Show answer
Why:
यहीं से पहाड़ी सफ़र खत्म होता है।
- A बड़े बाँध और पुल
- B साधु-संतों के आश्रम
- C ऊँचे बर्फ़ के पहाड़
- D रेत के टीले
Show answer
Why:
वहाँ का वातावरण शांत रहता है।
- A गंगा से ही
- B बारिश के कुंडों से
- C पहाड़ी झरनों से
- D समुद्र के पानी से
Show answer
Why:
इसी से नदी सबके काम आती है।
- A बर्फ़ से बना एक पुल
- B बर्फ़ में बना हुआ एक पुराना मंदिर
- C बर्फ़ से भरा एक कुआँ
- D बर्फ़ की बहुत बड़ी और धीमी नदी
Show answer
Why:
उसके किनारे से पिघला पानी बाहर आता है।
- A राजा भागीरथ, नदी भगीरथी
- B दोनों के नाम बिलकुल एक जैसे हैं
- C राजा भगीरथ, नदी भागीरथी
- D राजा भागीरथी, नदी भगीरथ
Show answer
Why:
नदी के नाम में बड़ी 'आ' आती है।
- A वह किसी और नदी से नहीं मिलती
- B वह मैदान से निकलकर पहाड़ पर जाती है
- C वह केवल बारिश में ही बहती है
- D वह बर्फ़ से निकलकर मैदान तक आती है
Show answer
Why:
गोमुख से ऋषिकेश तक का यही सफ़र है।
Important short questions (5)
इसमें कोई लेखक बाहर से कहानी नहीं कहता। नदी खुद अपनी बात सुनाती है।
उसका उद्गम उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में है। वहाँ गंगोत्री हिमनद का किनारा गोमुख कहलाता है।
वहाँ गंगा का एक भव्य मंदिर बना है। देश भर से तीर्थयात्री उसे देखने पहुँचते हैं।
कथा के अनुसार राजा भगीरथ ने वहीं तपस्या की थी। उन्हीं के नाम पर यह नाम पड़ा।
पहाड़ पर वह तेज़ी से उछलती-कूदती बहती है। मैदान में वह चौड़ी और धीमी हो जाती है।
Long answer questions (2)
गंगा हिमालय में गंगोत्री हिमनद से निकलती है। निकलने की उस जगह को गोमुख कहते हैं। थोड़ा नीचे गंगोत्री में उसका भव्य मंदिर है। वहाँ से वह पहाड़ों को चीरती और चट्टानों से टकराती हुई बढ़ती है। देवप्रयाग में अलकनंदा उससे आ मिलती है। आगे ऋषिकेश पहुँचकर वह मैदान में उतर आती है। अब उसकी चाल धीमी और चौड़ी हो जाती है।
मैं कहती कि मेरा बचपन बर्फ़ के बीच बीता। शुरू में मैं बहुत पतली धारा थी। ठंडी हवा और चमकती बर्फ़ ही मेरे साथी थे। फिर मैं पत्थरों पर फिसलती हुई नीचे भागी। हर मोड़ पर मेरा रूप बदलता गया। पहाड़ से उतरते ही मुझे पहली बार खुला मैदान दिखा। वह दिन मुझे आज तक याद है।
Flashcards (12)
Play this topic
- पड़ाव क्रम से लगाओ
- जगह और पहचान
- पहाड़ या मैदान
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
तीर्थ, नगर और मैला होता जल
मैदान में गंगा हरिद्वार, कानपुर, प्रयागराज और काशी से होती हुई बंगाल पहुँचती है। रास्ते में उसका चमकीला रंग मटमैला पड़ जाता है।
What you will be able to do
- मैं गंगा के तट पर बसे नगर क्रम से गिना सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि उसका जल मैला क्यों हो जाता है।
- मैं नदी को साफ़ रखने के दो उपाय सुझा सकता/सकती हूँ।
Key points
ऋषिकेश और हरिद्वार गंगा के किनारे बसे प्रसिद्ध तीर्थ हैं।
हरिद्वार में कुंभ का मेला हर बारहवें वर्ष आता है।
हरिद्वार के पास से निकली गंगानहर खेतों को सींचती हुई कानपुर तक जाती है।
प्रयागराज में यमुना से संगम होता है और काशी बड़ा तीर्थ है।
पश्चिम बंगाल में उसकी दो धाराएँ बनती हैं और अंत में वह बंगाल की खाड़ी में मिलती है।
Full explanation
मैदान के पहले दो तीर्थ
मैदान में आते ही नदी के किनारे भीड़ बढ़ जाती है। ऋषिकेश और हरिद्वार उसके तट पर बसे मशहूर तीर्थ हैं। वहाँ का प्राकृतिक नज़ारा और माहौल बहुत शांत रहता है।
बारह वर्ष का मेला
हरिद्वार में हर बारहवें वर्ष कुंभ का मेला लगता है। उस समय पूरा शहर लोगों से भर जाता है। दूर-दूर से आए यात्री नदी के घाटों पर इकट्ठा होते हैं।
खेतों तक पहुँचता पानी
हरिद्वार के नज़दीक नदी से एक नहर निकाल ली गई है। उसका नाम गंगानहर है। वह लाखों एकड़ ज़मीन को सींचती हुई आगे बढ़ती है और उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद तक जाती है।
कारखानों का नगर
घूमती-घामती नदी खुद भी कानपुर पहुँच जाती है। इसे भारत का जाना-माना औद्योगिक नगर कहा जाता है। वहाँ कपड़ा, चमड़ा और लोहे का काम बड़े पैमाने पर होता है। इन कारखानों की पानी की ज़रूरत नदी ही पूरी करती है।
दो नदियों का मिलन
कानपुर से चलकर नदी प्रयागराज पहुँचती है। वहाँ यमुना से उसका संगम होता है। इस संगम पर भी हर बारहवें वर्ष कुंभ का मेला लगता है। उसमें लाखों लोग आते हैं।
काशी का घाट
आगे बढ़ते हुए नदी वाराणसी पहुँचती है। इसे काशी भी कहा जाता है। यह नगर बहुत बड़े तीर्थ के रूप में जाना जाता है।
बिहार और बंगाल
वाराणसी से आगे कई छोटी नदियाँ उसमें समाती जाती हैं। फिर वह बिहार राज्य में पहुँचती है। पटना और भागलपुर से होती हुई वह पश्चिम बंगाल में प्रवेश करती है।
दो धाराएँ, दो नाम
पश्चिम बंगाल में नदी की दो धाराएँ बन जाती हैं। एक धारा बांग्लादेश की ओर जाती है और वहाँ पद्मा कहलाती है। दूसरी धारा कोलकाता की ओर जाती है, जहाँ उसे हुगली कहा जाता है।
सफ़र का अंत
अंत में नदी बंगाल की खाड़ी में जा मिलती है। यहीं उसका लंबा सफ़र पूरा होता है। बर्फ़ से निकली नन्ही धारा अब समुद्र तक पहुँच चुकी है।
चाँदी से मटमैला
गंगोत्री से निकलते समय उसका रंग चाँदी जैसा चमकीला रहता है। पर काशी पहुँचते-पहुँचते वह मटमैला पड़ जाता है। यह बदलाव नदी को दुख देता है।
गंदगी कहाँ से आती है
कारखानों और शहरों का गंदा पानी सीधे नदी में गिरता है। इसी से उसका जल दूषित हो जाता है। इसे ही जल प्रदूषण कहते हैं।
उम्मीद की बात
नदी कहती है कि अब उसे एक खुशी भी है। लोगों का ध्यान इस ओर गया है और जल शुद्ध करने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। उसे उस दिन का इंतज़ार है, जब उसका पानी फिर से निर्मल हो जाएगा।
Concepts and terms
नदी से निकाली गई बनी-बनाई जलधारा। उससे दूर के खेतों तक पानी पहुँचाया जाता है।
ऐसा नगर जहाँ बहुत से कारखाने हों। वहाँ चीज़ें बड़ी मात्रा में बनाई जाती हैं।
पानी में गंदगी या रसायन मिल जाना। इससे पानी पीने और नहाने लायक नहीं रह जाता।
सावधान!
सच या भ्रम?
असली दुनिया में
Scenario:
उन्नाव के एक मोहल्ले में बच्चों ने देखा कि तालाब का पानी हरा और बदबूदार हो गया है। किनारे पर पूजा की सामग्री, पन्नियाँ और बचा हुआ खाना पड़ा रहता था। बच्चों ने अपनी शिक्षिका को बताया। शिक्षिका ने कक्षा में एक सादा प्रयोग कराया। एक जार में साफ़ पानी रखा और दूसरे में वही पानी लेकर थोड़ा तेल, कागज़ और जूठन डाल दी। तीन दिन बाद दूसरे जार से बदबू आने लगी और उसका रंग बदल गया। बच्चों ने मोहल्ले में पोस्टर लगाए और किनारे पर दो कूड़ेदान रखवाए। एक महीने बाद तालाब का किनारा पहले से साफ़ दिखने लगा।
Analysis:
यह दिखाता है कि पानी अपने आप गंदा नहीं होता। हमारा डाला हुआ कचरा ही उसे बदल देता है।
Activity:
अपने आस-पास के किसी तालाब या नाले की सफ़ाई के लिए तीन नियमों का पोस्टर बनाओ।
नदी मैली कैसे होती है
Title:
तीन बोतल, तीन पड़ाव
Safety:
बोतल का पानी पीना नहीं है। तेल गिरे तो फ़र्श पोंछ दो, नहीं तो पैर फिसलेगा।
What You Notice:
पहली बोतल साफ़ रहती है, दूसरी गँदली हो जाती है, और तीसरी में तेल ऊपर तैरता रह जाता है। गंगा के साथ भी यही होता है — पहाड़ से निकलते समय वह साफ़ होती है, नगर और मैदान से गुज़रते हुए मैली होती जाती है।
Did you know
नहर का पानी खेतों तक ढलान के सहारे पहुँचता है। इसके लिए किसी पंप की ज़रूरत नहीं पड़ती।
नदी का पानी अपने साथ मिट्टी भी बहा लाता है। इसी मिट्टी से मैदान उपजाऊ बनते हैं।
Memory tricks
मैदानी पड़ावों का क्रम — हरिद्वार, कानपुर, प्रयागराज, काशी। — इसी क्रम में नदी आगे बढ़ती है। इसके बाद बिहार और फिर बंगाल आता है।
दो धाराएँ, दो नाम — बांग्लादेश में पद्मा, कोलकाता में हुगली। — पश्चिम बंगाल में धारा बँट जाती है और हर हिस्से का अलग नाम चल पड़ता है।
Practice MCQs with answers (15)
- A हर तीन वर्ष पर
- B हर छह वर्ष पर
- C हर बीस वर्ष पर
- D हर बारह वर्ष पर
Show answer
Why:
प्रयागराज के संगम पर भी यही अंतर है।
- A यमुनानहर
- B पद्मानहर
- C गंगानहर
- D हुगलीनहर
Show answer
Why:
वह खेतों को सींचती हुई कानपुर तक जाती है।
- A नदी की चौड़ाई अचानक बहुत बढ़ जाती है
- B दूर के खेतों तक पानी पहुँच जाता है
- C नदी का रंग बदल जाता है
- D नदी की गहराई घट जाती है
Show answer
Why:
लाखों एकड़ ज़मीन इसी से सिंचती है।
- A तीर्थ नगर
- B पहाड़ी नगर
- C औद्योगिक नगर
- D बंदरगाह नगर
Show answer
Why:
वहाँ बहुत से कारखाने हैं।
- A प्रयागराज में यमुना से संगम होता है
- B प्रयागराज में अलकनंदा से संगम होता है
- C प्रयागराज में हुगली से संगम होता है
- D प्रयागराज में पद्मा से संगम होता है
Show answer
Why:
अलकनंदा तो पहाड़ में ही मिल जाती है।
- A प्रयाग
- B मथुरा
- C काशी
- D अयोध्या
Show answer
Why:
यह बहुत बड़ा तीर्थ माना जाता है।
- A उसकी दो धाराएँ बन जाती हैं
- B वह पूरी तरह सूख जाती है
- C वह वापस उत्तर की ओर मुड़ती है
- D वह एक झील में बदल जाती है
Show answer
Why:
एक पद्मा और दूसरी हुगली कहलाती है।
- A हुगली
- B अलकनंदा
- C भागीरथी
- D पद्मा
Show answer
Why:
दूसरी धारा कोलकाता की ओर जाती है।
- A अरब सागर में
- B बंगाल की खाड़ी में
- C चिल्का झील में
- D हिंद महासागर की खाड़ी में
Show answer
Why:
वहीं वह समुद्र से जा मिलती है।
- A गहरा मटमैला
- B चाँदी जैसा चमकीला
- C काला और गाढ़ा
- D हरा और गँदला
Show answer
Why:
काशी तक आते-आते वह बदल जाता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही सबसे बड़ी वजह है। गंगोत्री पर वही जल चाँदी जैसा चमकीला था।
- A नाले को और भी ज़्यादा चौड़ा करवाना
- B नाले का पानी पहले साफ़ करवाना
- C नदी में और ज़्यादा पानी छुड़वाना
- D नाले पर एक पक्का पुल बनवाना
Show answer
Why:
गंदगी रोकने से ही जल साफ़ रहता है।
- A लोगों का ध्यान सफ़ाई की ओर गया है
- B उसका रास्ता पहले से छोटा हो गया है
- C उसके किनारे पर नए कारखाने खुले हैं
- D उसका नाम ही बदल दिया गया है
Show answer
Why:
जल शुद्ध करने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं।
- A जहाँ बहुत से मंदिर हों
- B जहाँ बहुत से खेत हों
- C जहाँ बहुत से पहाड़ हों
- D जहाँ बहुत से कारखाने हों
Show answer
Why:
कानपुर ऐसा ही नगर है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: गंगा का सफ़र बंगाल की खाड़ी में खत्म होता है।
Important short questions (5)
वह हरिद्वार के पास से निकलती है। लाखों एकड़ ज़मीन सींचती हुई कानपुर जनपद तक पहुँचती है।
वहाँ कपड़े, चमड़े और लोहे के कारखाने हैं। उन सबको पानी नदी से मिलता है।
वहाँ गंगा और यमुना का संगम होता है। हर बारहवें वर्ष वहाँ कुंभ का मेला भी लगता है।
एक धारा बांग्लादेश जाकर पद्मा कहलाती है। दूसरी कोलकाता की ओर जाकर हुगली कहलाती है।
कारखानों और शहरों का गंदा पानी उसमें गिरता है। इसी से उसका जल दूषित हो जाता है।
Long answer questions (2)
हरिद्वार के बाद नदी कानपुर पहुँचती है। वहाँ कपड़े, चमड़े और लोहे के कारखाने हैं। आगे प्रयागराज में यमुना से उसका संगम होता है। फिर वाराणसी आता है, जिसे काशी भी कहते हैं। बिहार में वह पटना और भागलपुर से होकर बहती है। पश्चिम बंगाल में उसकी दो धाराएँ बन जाती हैं। अंत में वह बंगाल की खाड़ी में जा मिलती है।
हम घाट पर कचरा या पूजा की सामग्री नहीं डालेंगे। साबुन और डिटर्जेंट का इस्तेमाल किनारे पर नहीं करेंगे। घर का कचरा कूड़ेदान में ही डालेंगे। स्कूल में इस बारे में पोस्टर बनाकर लगाएँगे। नदी के किनारे लगने वाले मेले में हम सफ़ाई टोली में शामिल हो सकते हैं। इन छोटे कदमों से भी बड़ा फ़र्क पड़ता है।
Flashcards (12)
Play this topic
- मैदानी पड़ाव क्रम से
- जगह और पहचान
- नदी को क्या देता है, क्या बिगाड़ता है
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
गगनयान: कक्षा में अंतरिक्ष की बात
इस हिस्से में कक्षा की बातचीत चलती है। अध्यापिका बच्चों को गगनयान मिशन, उसके तीन चरणों और व्योममित्र रोबोट के बारे में बताती हैं।
What you will be able to do
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि गगनयान मिशन क्या है।
- मैं मिशन के तीनों चरण क्रम से लिख सकता/सकती हूँ।
- मैं 'यान' से बने शब्द पहचान सकता/सकती हूँ।
Key points
यह हिस्सा संवादों में लिखा गया है, जिसमें अध्यापिका और बच्चे बात करते हैं।
गगनयान भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान वाली परियोजना है।
इसमें तीन सदस्यों का चालक दल तीन दिन अंतरिक्ष में रहेगा।
मिशन के तीन चरण हैं और पहले दो चरण मानवरहित रखे गए हैं।
पहले चरण में इसरो का बनाया व्योममित्र नाम का रोबोट भेजा जाएगा।
Full explanation
कक्षा में एक नया दिन
यह हिस्सा किसी वर्णन की तरह नहीं चलता। यहाँ बातचीत चलती है और हर बोलने वाले का नाम आगे लिखा रहता है। कक्षा में अध्यापिका आती हैं और सब बच्चे उनका अभिवादन करते हैं।
पिछली दो यात्राएँ
अध्यापिका बच्चों को पिछली कक्षाओं की याद दिलाती हैं। कक्षा तीन में उन्होंने चंद्रयान के बारे में जाना था। कक्षा चार में वे आदित्य-एल 1 के साथ सूर्य तक जा पहुँचे थे।
आज किसकी बात होगी
अध्यापिका कहती हैं कि आज भी एक अनोखे यान की बात होगी। वे बच्चों से अनुमान लगाने को कहती हैं। कक्षा में हलचल मच जाती है।
बच्चों के मज़ेदार अनुमान
साधना तारायान का नाम लेती है। राकेश बादलयान कहता है। दीक्षा शनियान का अनुमान लगाती है और सानिया मंगलयान का। मनोहर शुक्रयान कहता है और अशरफ़ आकाशयान।
सही नाम सामने आया
अध्यापिका मुस्कुराकर बताती हैं कि इस यान का नाम गगनयान है। वे कहती हैं कि अशरफ़ का अनुमान सबसे पास था। 'गगन' का अर्थ भी आकाश ही होता है।
गगनयान है क्या
बच्चे पूछते हैं कि यह यान करेगा क्या। अध्यापिका बताती हैं कि यह आकाश की सैर नहीं कराएगा। इसका उद्देश्य मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजना है।
भारत की पहली ऐसी उड़ान
पीटर कहता है कि मनुष्य तो पहले भी अंतरिक्ष जा चुका है। अध्यापिका उसकी बात मान लेती हैं। फिर वे बताती हैं कि गगनयान भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान वाली परियोजना है।
तीन सदस्य, तीन दिन
इस मिशन में तीन सदस्यों का चालक दल भेजा जाएगा। वे तीन दिन अंतरिक्ष में रहेंगे। लौटते समय उन्हें भारतीय समुद्री जल में उतारकर सुरक्षित वापस लाया जाएगा।
मिशन के तीन चरण
अध्यापिका बताती हैं कि पूरा मिशन तीन चरणों में बँटा है। पहले दो चरण मानवरहित रहेंगे, यानी उनमें कोई यात्री नहीं जाएगा। तीसरे चरण में ही तीन यात्री भेजे जाएँगे।
व्योममित्र कौन है
साधना पूछती है कि क्या पहले चरण में खाली यान जाएगा। अध्यापिका बताती हैं कि उसमें व्योममित्र जाएगा। यह इसरो का बनाया ह्यूमनॉइड रोबोट है। बच्चे यह सुनकर चकित रह जाते हैं।
रोबोट का काम
दीक्षा पूछती है कि वह वहाँ करेगा क्या। अध्यापिका बताती हैं कि वह जानकारी इकट्ठी करेगा और सुरक्षा की जाँच करेगा। वह यान की प्रणाली पर भी नज़र रखेगा, ताकि बाद में यात्रियों को दिक्कत न हो।
तैयारी और इंतज़ार
तीनों यात्रियों को पहले से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें अंतरिक्ष के माहौल में रहने के कौशल सिखाए जाएँगे। अध्यापिका कहती हैं कि अगली कक्षा तक यह यान अपनी कक्षा में पहुँच चुका होगा।
Concepts and terms
पृथ्वी के वायुमंडल से बहुत ऊपर का खाली विस्तार। वहाँ हवा नहीं होती और चीज़ें तैरती रहती हैं।
ऐसी उड़ान जिसमें कोई व्यक्ति सवार नहीं होता। इससे यान की जाँच बिना खतरे के हो जाती है।
यान में सवार होकर उसे चलाने और काम सँभालने वाले लोगों की टोली।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
कक्षा में गगनयान पर बातचीत हुई। अध्यापिका ने तीनों चरणों के बारे में बताया। पहली दो उड़ानें बिना यात्री के होंगी। तीसरी उड़ान में यात्री जाएँगे। व्योममित्र नाम का यंत्र-मानव पहले जाकर जाँच करेगा। सना ने पूछा कि बिना यात्री के दो बार क्यों भेजा जाता है। अमन ने उत्तर दिया कि पहले सुरक्षा जाँची जाती है। अध्यापिका ने कहा कि यही तरीक़ा हर बड़े काम में चलता है। पहले जाँच होती है, फिर भरोसा बनता है, और तब जान जोखिम में डाली जाती है।
Analysis:
तीन चरण जल्दबाज़ी से बचने का तरीक़ा हैं। पहले यंत्र जाता है, फिर भरोसा बनता है, और तब मनुष्य जाता है।
Activity:
किसी बड़े काम के बारे में सोचो जो तुम करना चाहते हो। उसके तीन चरण लिखो और बताओ कि पहले क्या जाँचोगे।
घर पर करके देखो
Title:
धागे पर दौड़ता गुब्बारा-रॉकेट
Safety:
गुब्बारा फुलाते समय उसे मुँह के बहुत पास न फोड़ो।
What You Notice:
हवा पीछे निकलती है और गुब्बारा आगे भागता है। असली रॉकेट भी इसी नियम से ऊपर उठता है।
Did you know
'व्योम' का अर्थ आकाश होता है। व्योममित्र यानी आकाश का साथी।
अंतरिक्ष में चीज़ें तैरती रहती हैं। इसीलिए वहाँ खाने-पीने का ढंग भी अलग होता है।
Memory tricks
तीन चरण — दो खाली, तीसरा भरा। — पहले दो चरणों में कोई यात्री नहीं जाएगा। तीसरे चरण में तीन यात्री भेजे जाएँगे।
तीन का जोड़ा — तीन चरण, तीन यात्री, तीन दिन। — मिशन के तीन चरण हैं, दल में तीन सदस्य हैं और वे तीन दिन अंतरिक्ष में रहेंगे।
Practice MCQs with answers (15)
- A तुक वाली कविता के रूप में
- B चिट्ठी के रूप में
- C यात्रा वर्णन के रूप में
- D संवाद के रूप में
Show answer
Why:
हर बोलने वाले का नाम आगे लिखा है।
- A आदित्य-एल 1 के साथ
- B चंद्रयान मिशन के साथ
- C गगनयान मिशन के साथ
- D मंगलयान मिशन के साथ
Show answer
Why:
'आदित्य' का अर्थ सूर्य होता है।
- A आकाशयान
- B तारायान
- C बादलयान
- D शनियान
Show answer
Why:
'गगन' का अर्थ भी आकाश ही है।
- A बच्चों को आकाश की सैर कराना
- B मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजना
- C बादलों का नक्शा बनाना
- D समुद्र की गहराई नापना
Show answer
Why:
अध्यापिका ने यही साफ़ किया था।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: गगनयान मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने का मिशन है।
- A तीन घंटे
- B तीन दिन
- C तीन महीने
- D तीन साल
Show answer
Why:
सदस्यों की गिनती भी तीन ही है।
- A उनमें पूरे छह-छह यात्री भेजे जाएँगे
- B वे गहरे समुद्र के भीतर होंगे
- C वे केवल रात के समय होंगे
- D उनमें कोई यात्री नहीं जाएगा
Show answer
Why:
इन्हें मानवरहित रखा गया है।
- A तीन यात्रियों को
- B एक अध्यापिका को
- C व्योममित्र को
- D किसी को नहीं
Show answer
Why:
वह एक ह्यूमनॉइड रोबोट है।
- A एक निजी स्कूल ने
- B एक अस्पताल ने
- C एक कारखाने के मज़दूरों ने
- D इसरो ने
Show answer
Why:
यह भारत का अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही इस क्रम का कारण है। गड़बड़ी पहले पकड़ में आ जाए तो उसे सुधारा जा सकता है।
- A पूरा मिशन तुरंत रोक दिया जाएगा
- B यात्रियों को उसी हाल में भेज दिया जाएगा
- C उसे सुधारकर आगे बढ़ा जाएगा
- D रोबोट को वहीं छोड़ दिया जाएगा
Show answer
Why:
जाँच का मकसद ही यही होता है।
- A भारतीय समुद्री जल में
- B रेगिस्तान की रेत पर
- C हिमालय की बर्फ़ पर
- D किसी हवाई अड्डे पर
Show answer
Why:
वहीं से उन्हें सुरक्षित लाया जाएगा।
- A पृथ्वी
- B आकाश
- C समुद्र
- D पहाड़
Show answer
Why:
इसीलिए यान का नाम गगनयान है।
- A चंद्रयान
- B अभियान
- C मंगलयान
- D गगनयान
Show answer
Why:
बाकी तीनों में 'यान' अलग शब्द के रूप में जुड़ा है।
- A रोबोट व्योममित्र को चलाने के लिए ही
- B एक नया यान बनाकर तैयार करने के लिए
- C अंतरिक्ष में रहने के कौशल सीखने के लिए
- D समुद्र के भीतर गहरे तक तैरने के लिए
Show answer
Why:
अंतरिक्ष में भार नहीं लगता और हर काम का ढंग बदल जाता है। वही ढंग पहले से सीखना पड़ता है।
Important short questions (5)
यह संवादों में लिखा गया है। हर बोलने वाले का नाम उसकी बात के आगे लिखा है।
इसका उद्देश्य मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजना है। यह भारत की पहली ऐसी परियोजना है।
पहले दो चरण मानवरहित रहेंगे। तीसरे चरण में तीन यात्रियों को भेजा जाएगा।
वह इसरो का बनाया ह्यूमनॉइड रोबोट है। उसे मिशन के पहले चरण में भेजा जाएगा।
वह पहले ही सुरक्षा की जाँच कर लेगा। इससे बाद में यात्रियों का खतरा घट जाएगा।
Long answer questions (2)
गगनयान भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान वाली परियोजना है। इसका उद्देश्य मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजना है। इसमें तीन सदस्यों का चालक दल तीन दिन अंतरिक्ष में रहेगा। लौटते समय उन्हें भारतीय समुद्री जल में उतारा जाएगा। मिशन तीन चरणों में बँटा है। पहले दो चरण मानवरहित रहेंगे। पहले चरण में व्योममित्र नाम का रोबोट भेजा जाएगा। तीसरे चरण में ही यात्री जाएँगे।
मैं सबसे पहले अपनी पढ़ाई और सेहत पर ध्यान दूँगा। रोज़ व्यायाम करूँगा, क्योंकि वहाँ शरीर को अलग ढंग से सँभालना पड़ता है। मैं वहाँ से पृथ्वी की तस्वीरें लूँगा। लौटकर अपने स्कूल के बच्चों को पूरी बात सुनाऊँगा। मुझे सबसे ज़्यादा उत्सुकता तैरते हुए खाना खाने की रहेगी। यह मौका मेरे लिए सपने जैसा होगा।
Flashcards (12)
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- मिशन क्रम से लगाओ
- नाम और पहचान
- मानवरहित या यात्री सहित
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
Class 5 Hindi Chapter 12 — frequently asked questions
इसमें कोई लेखक बाहर से कहानी नहीं कहता। नदी खुद अपनी बात सुनाती है।
उसका उद्गम उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में है। वहाँ गंगोत्री हिमनद का किनारा गोमुख कहलाता है।
वहाँ गंगा का एक भव्य मंदिर बना है। देश भर से तीर्थयात्री उसे देखने पहुँचते हैं।
वह हरिद्वार के पास से निकलती है। लाखों एकड़ ज़मीन सींचती हुई कानपुर जनपद तक पहुँचती है।
वहाँ कपड़े, चमड़े और लोहे के कारखाने हैं। उन सबको पानी नदी से मिलता है।
वहाँ गंगा और यमुना का संगम होता है। हर बारहवें वर्ष वहाँ कुंभ का मेला भी लगता है।
यह संवादों में लिखा गया है। हर बोलने वाले का नाम उसकी बात के आगे लिखा है।
इसका उद्देश्य मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजना है। यह भारत की पहली ऐसी परियोजना है।
पहले दो चरण मानवरहित रहेंगे। तीसरे चरण में तीन यात्रियों को भेजा जाएगा।
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