Class 5 Hindi Chapter 5: सुंदरिया
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- Hindi
कहानी: सुंदरिया और हीरासिंह
गरीब किसान हीरासिंह अपनी गाय सुंदरिया को सेठ के हाथ बेच देता है। गाय दुख में दूध देना छोड़ देती है। अंत में हीरासिंह उसे गाँव लौटा देता है।
What you will be able to do
- मैं 'सुंदरिया' कहानी को क्रम से सुना सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि गाय ने दूध देना क्यों छोड़ दिया।
- मैं कहानी के पात्रों की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिख सकता/सकती हूँ।
Key points
यह कहानी जैनेंद्र कुमार ने लिखी है।
हीरासिंह हरियाणा का गरीब किसान है और सुंदरिया उसकी गाय है।
उसका बड़ा बेटा जवाहरसिंह गाय को मौसी कहकर बुलाता था।
दिल्ली में सेठ के यहाँ पहुँचकर सुंदरिया ने पूरा दूध देना छोड़ दिया।
अंत में हीरासिंह गाय को गाँव भेज देता है और खुद काम करता रहता है।
Full explanation
गाँव का एक किसान
हरियाणा के एक गाँव में हीरासिंह रहता था। वह खेती करता था, पर कमाई बहुत कम थी। घर में बीवी और बच्चे थे। एक गाय भी थी, जिसका नाम सुंदरिया था। हीरासिंह रोज़ सोचता कि सबका पेट कैसे भरे। यहीं से हमारी कहानी शुरू होती है।
घर का एक सदस्य
सुंदरिया डील-डौल में बड़ी और सुंदर थी। उसे देखकर गाँव वाले जलते थे। हीरासिंह का बड़ा बेटा जवाहरसिंह उसे मौसी कहता था। सोचो, कोई अपनी गाय को मौसी कहे! इसका मतलब है कि गाय उनके परिवार की तरह थी। इसीलिए उसे बेचने की बात सोचकर भी सबको डर लगता था।
गरीबी की मार
धीरे-धीरे घर में अनाज और सामान की कमी पड़ने लगी। गाय के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो गया। हीरासिंह के मन में एक बार आया कि गाय बेच दे। पर बेटे की बात याद करके वह रुक गया। आखिर उसने काम ढूँढ़ने का फ़ैसला किया। वह दिल्ली चला आया।
दिल्ली में नौकरी
दिल्ली में उसे एक सेठ के यहाँ चौकीदारी मिल गई। एक दिन सेठ ने कहा कि हरियाणा से एक अच्छी गाय ला दो। हीरासिंह की आँखों के सामने सुंदरिया आ गई। पहले उसने बस इतना कहा कि एक गाय उसकी नज़र में है। मन ही मन वह सोच रहा था कि सेठ के यहाँ गाय उसके पास ही रहेगी।
सच बोलने वाला चौकीदार
सेठ ने गाय के बारे में पूछा। हीरासिंह ने उसकी खूब तारीफ़ की। फिर उसने साफ़-साफ़ बता दिया कि वह गाय उसकी अपनी है। यह बात छिपाई जा सकती थी। सेठ खुश हुआ और उसने दाम भी बढ़ाकर दो सौ पाँच रुपए कर दिए। यहीं हमें हीरासिंह की ईमानदारी दिखती है।
सुंदरिया दिल्ली आई
हीरासिंह गाँव गया और बेटे को किसी तरह मना लिया। वह गाय लेकर लौटा तो सेठ की खुशी का ठिकाना न रहा। उसने अपने हाथ से गाय को चारा-पानी दिया और सहलाया। फिर अपने हाथों से दूध दुहा। दूध पंद्रह सेर से भी ऊपर निकला। सेठ ने बाकी रुपए भी दे दिए और गाय घोसी को सौंप दी।
बिछड़ने का दुख
जब घोसी उसे ले जाने लगा, तब गाय ने जाने से मना-सा कर दिया। हीरासिंह से यह देखा नहीं गया। उसने सेठ से कहा कि उसे गाय की देखभाल के काम पर लगा दें। तनख्वाह कम हो जाए तो भी चलेगा। सेठ ने मना कर दिया, क्योंकि चौकीदारी भी ज़रूरी थी। हीरासिंह ने गाय को थपथपाया और वह चली गई।
दूध कहाँ गया?
अगली सुबह गड़बड़ हो गई। घोसी के दुहने पर पाँच सेर दूध भी नहीं उतरा। सेठ को लगा कि हीरासिंह ने धोखा किया है। हीरासिंह गाय के पास गया और उसे पुचकारा। उसके हाथ से उसी दिन साढ़े तेरह सेर दूध उतरा। इससे साफ़ था कि गाय बीमार नहीं, दुखी थी।
रात की अनोखी बात
दूसरे दिन भी वही हुआ। फिर एक सुबह ड्योढ़ी में बहुत-सा दूध बिखरा मिला। हीरासिंह ने कहा कि गाय रात को यहाँ आई होगी। उसने अपना दूध यहीं गिरा दिया। सेठ को यह बात बनावटी लगी। उसने कहा कि रुपए लौटाओ या गाय ले जाओ। पर रुपए तो गाँव भेजे जा चुके थे।
आँसू और फ़ैसला
उसी रात दरवाज़े पर कुछ रगड़ने की आवाज़ आई। हीरासिंह ने दरवाज़ा खोला तो सामने सुंदरिया खड़ी थी। वह ऐसे देख रही थी मानो माफ़ी माँग रही हो। हीरासिंह की आँखें भर आईं। वह उसकी गर्दन से लिपटकर देर तक रोता रहा। सुबह उसने तय कर लिया कि गाय आज ही गाँव जाएगी।
कहानी क्या कहती है
हीरासिंह ने सेठ से कहा कि वह जितने महीने चाहें काम करवा लें। रुपए धीरे-धीरे चुका दिए जाएँगे। पर गाय अब गाँव लौटेगी। इतना कहकर वह सुंदरिया को लेकर चल पड़ा। कहानी बताती है कि जानवर भी प्यार और बिछोह समझते हैं। सच्चा रिश्ता रुपयों से बड़ा होता है।
Concepts and terms
कहानी में आने वाले लोग या जीव। यहाँ हीरासिंह, उसका बेटा, सेठ, घोसी और गाय सुंदरिया, सभी पात्र हैं।
बिना बोले भाव बताना। सुंदरिया बोल नहीं सकती, पर आँखों और खड़े रहने के ढंग से अपना दुख कह देती है।
सच बोलना, चाहे उससे अपना नुकसान हो। हीरासिंह ने सेठ को साफ़ बता दिया कि वह गाय उसकी अपनी है।
सावधान!
सच या भ्रम?
असली दुनिया में
Scenario:
कक्षा पाँच के बच्चे शिक्षिका के साथ पास की एक छोटी डेयरी देखने गए। वहाँ बारह गायें थीं। रखवाले भैया ने बताया कि हर गाय का अपना नाम है। उन्होंने कहा कि गायों को शांति चाहिए। शोर या डाँट से वे दूध कम कर देती हैं। बच्चों ने देखा कि पहले गाय को सहलाया जाता है, फिर दूध निकाला जाता है। दूध को तुरंत ठंडा करके नापा गया। एक गाय ने उस दिन आठ लीटर दूध दिया। रखवाले ने बताया कि चारे में हरी घास और पानी सबसे ज़रूरी हैं। लौटते समय एक बच्ची बोली कि सुंदरिया भी तो यही चाहती थी।
Analysis:
जानवर की देखभाल में खाना ही नहीं, अपनापन भी गिना जाता है। शांत और सुरक्षित पशु ही अच्छा दूध देता है।
Activity:
घर में पता करो कि दूध कहाँ से आता है। एक दिन में तुम्हारे घर कितना दूध आता है, यह भी लिखो।
गाय की डायरी बनाओ
Title:
चार दिन, चार पन्ने
Safety:
कॉपी सिलने के लिए सुई मत लो, कागज़ मोड़कर ही काम चल जाएगा।
What You Notice:
तीसरा पन्ना लिखते समय शब्द कम पड़ते हैं और चौथे पर आसानी से आ जाते हैं। इसी से समझ आता है कि सुंदरिया ने दूध क्यों छोड़ दिया — जगह बदली थी, मन नहीं।
Did you know
सेर पुराने समय की तौल की इकाई थी। एक सेर लगभग एक किलो के बराबर माना जाता था।
गाय दूध तभी अच्छी तरह उतारती है, जब वह शांत और सुरक्षित महसूस करे।
Memory tricks
कहानी का क्रम — गरीबी, सौदा, बिछोह, आँसू, वापसी। — पाँच शब्दों में पूरी कहानी। गरीबी से शुरू होकर बात गाय की घर-वापसी पर खत्म होती है।
दूध का घटना — अपने हाथ पंद्रह, पराए हाथ पाँच से भी कम। — हीरासिंह के दुहने पर पूरा दूध उतरा। घोसी के दुहने पर बहुत कम।
Practice MCQs with answers (15)
- A भवानी प्रसाद मिश्र
- B निरंकार देव 'सेवक'
- C जैनेंद्र कुमार
- D सुभद्रा कुमारी चौहान
Show answer
Why:
कहानी के अंत में लेखक का नाम दिया गया है।
- A क्योंकि गाय अब पहले जितना दूध नहीं दे रही थी
- B क्योंकि गाय बहुत दिनों से बीमार चल रही थी
- C क्योंकि गरीबी में उसके लिए चारा जुटाना कठिन था
- D क्योंकि पड़ोसी लोग उससे बार-बार शिकायत कर रहे थे
Show answer
Why:
खाने-पीने की कमी होने पर चारे का इंतज़ाम मुश्किल हो गया था।
- A दादी
- B भाभी
- C मौसी
- D बहना
Show answer
Why:
इसी नाम से पता चलता है कि गाय परिवार जैसी थी।
- A कि गाय बूढ़ी हो चुकी है
- B कि गाय उसकी अपनी है
- C कि गाय दूध नहीं देती
- D कि गाय पड़ोसी की है
Show answer
Why:
यह बात उसने साफ़-साफ़ बता दी थी।
- A पूरे पंद्रह सेर से ज़्यादा दूध
- B साढ़े तेरह सेर दूध
- C बीस सेर से ज़्यादा
- D पाँच सेर से भी कम
Show answer
Why:
इसी बात पर सेठ नाराज़ हुआ था।
- A गाय उस दिन भूखी थी
- B गाय बीमार नहीं थी, वह दुखी थी
- C घोसी को ठीक से दुहना नहीं आता था
- D दूध नापने में कोई गलती हुई
Show answer
Why:
अपने आदमी के हाथ से उसने दूध उतार दिया।
- A वह अपने लोगों से बिछड़ने के कारण दुखी है
- B वह सारा दिन सोकर अपनी थकान मिटाना चाहता है
- C उसे अब नया खाना बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा
- D वह सिर्फ़ कोई नया खेल खेलना चाह रहा है
Show answer
Why:
जानवर भी बिछोह महसूस करते हैं, जैसे सुंदरिया ने किया।
- A बिल्ली ने बरतन गिरा दिया
- B गाय रात को वहाँ आकर अपना दूध गिरा गई
- C बारिश का पानी भर गया
- D घोसी ने जान-बूझकर सारा दूध गिरा दिया था
Show answer
Why:
सेठ को यह बात बनावटी लगी थी।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही उसका लगाव बताता है। काम उसे गाय के पास बने रहने का बहाना दे देता था।
- A हीरासिंह ने सेठ के सारे रुपए उसी दिन लौटा दिए थे।
- B हीरासिंह ने वे रुपए अपनी कोठरी में छिपा रखे थे।
- C हीरासिंह ने सेठ से एक भी रुपया लिया ही नहीं था।
- D हीरासिंह ने गाय के रुपए गाँव भेज दिए थे।
Show answer
Why:
उन रुपयों से घर की मरम्मत भी हो चुकी थी।
- A 1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
- B 1-ग, 2-क, 3-घ, 4-ख
- C 1-घ, 2-ग, 3-क, 4-ख
- D 1-ख, 2-घ, 3-क, 4-ग
Show answer
Why:
हर पात्र का काम याद करो।
- A वह उसकी गर्दन से लिपटकर रो पड़ा
- B उसने उसे डाँटा
- C उसने चुपचाप ही दरवाज़ा बंद कर लिया
- D उसने घोसी को बुलाया
Show answer
Why:
उसके आँसू रोके नहीं रुके।
- A वह उसी समय सेठ के सारे रुपए लौटा देगा
- B गाय गाँव जाएगी, पर वह काम करके रुपए चुकाएगा
- C वह नौकरी छोड़कर अपने गाँव हमेशा के लिए चला जाएगा
- D वह सेठ के लिए कहीं से दूसरी अच्छी गाय ले आएगा
Show answer
Why:
उसने मेहनत का रास्ता चुना, भागने का नहीं।
- A वह गाय पहले से कहीं ज़्यादा दूध देने लगती थी
- B गाय फिर गाँव लौट जाती
- C घोसी अपनी नौकरी छोड़ देता
- D सेठ को उसकी ईमानदारी का पता नहीं चलता
Show answer
Why:
सच बोलने से ही सेठ ने उस पर भरोसा किया और दाम भी बढ़ाए।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: वह सुंदर और भरे डील-डौल की गाय थी, और इसी से लोग मन में जलते थे।
Important short questions (5)
क्योंकि उसका बेटा जवाहरसिंह गाय को मौसी कहता था। गाय उनके परिवार का हिस्सा बन चुकी थी।
क्योंकि गाय बड़ी, सुंदर और सेहतमंद थी। उसने उतनी अच्छी गाय पहले नहीं देखी थी।
क्योंकि घोसी के दुहने पर गाय ने बहुत कम दूध दिया। सेठ को लगा कि उसे ठगा गया है।
क्योंकि वह गाय का दुख और नहीं देख सकता था। उसका मन पक्का हो चुका था।
मैं छत पर पक्षियों के लिए पानी रखता हूँ। गली के कुत्ते को रोटी भी देता हूँ।
Long answer questions (2)
पहली विशेषता यह कि वह बहुत सुंदर और सेहतमंद थी। सेठ ने वैसी गाय पहले नहीं देखी थी। दूसरी यह कि वह बहुत दूध देती थी। हीरासिंह के हाथ से पंद्रह सेर से ऊपर दूध उतरा। तीसरी यह कि वह गहरा लगाव रखती थी। अपने आदमी से बिछड़ने पर उसने दूध देना ही छोड़ दिया।
वह कहती कि यह जगह बड़ी है, पर यहाँ कोई अपना नहीं है। यहाँ चारा तो मिलता है, पर तुम्हारा हाथ नहीं मिलता। मुझे जवाहर की आवाज़ याद आती है। तुम पास रहो, तो मैं यहाँ भी रह लूँगी। अगर यह न हो सके, तो मुझे गाँव भेज दो।
Flashcards (12)
Play this topic
- पात्र और पहचान
- कहानी क्रम से लगाओ
- किसकी बात?
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
हाथी और चींटी: हँसी और सड़क सुरक्षा
चींटी रानी अपनी फटफटिया पर कुश्ती देखने जा रही है। रास्ते में हाथी भाई साथ बैठ जाते हैं। गाड़ी पलटती है और एक हेलमेट सब कुछ बदल देता है।
What you will be able to do
- मैं इस हँसी वाली कहानी को अपने शब्दों में सुना सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि चींटी बिना गहरी चोट के कैसे बच गई।
- मैं सड़क पर चलने के पाँच नियम बता सकता/सकती हूँ।
Key points
चींटी रानी अपनी फटफटिया पर कुश्ती देखने जा रही थी।
रास्ते में हाथी भाई ने हाथ देकर गाड़ी रुकवाई और पीछे बैठ गए।
एक रोड़े से गाड़ी पलट गई और हाथी के सिर पर गहरी चोट आई।
चींटी को केवल मामूली खरोंच आई, क्योंकि उसने हेलमेट पहना था।
सड़क पार करते समय दोनों ओर देखना और बड़ों का हाथ पकड़ना ज़रूरी है।
Full explanation
चींटी रानी की सवारी
एक दिन चींटी रानी कहीं जाने के लिए तैयार हुई। उसे कुश्ती का मुकाबला देखना था। उसके पास एक छोटी फटफटिया थी। उसने सिर पर हेलमेट कसा और चल पड़ी। हवा में उसकी मूँछें लहरा रही थीं। यह कहानी यहीं से मज़ेदार होती है।
रास्ते में हाथी भाई
रास्ते में उसे हाथी भाई मिल गए। उन्होंने हाथ देकर गाड़ी रुकवा ली। चींटी ने रुककर पूछा कि क्या बात है। हाथी बोले कि वे खुद पहलवान हैं। उनके बिना कुश्ती देखने में मज़ा नहीं आएगा। चींटी हँसी और उन्हें पीछे बैठने को कह दिया।
सरपट दौड़ती गाड़ी
हाथी के बैठते ही गाड़ी आगे बढ़ी। चींटी ने उसे तेज़ दौड़ा दिया। सोचो, एक छोटी गाड़ी पर इतना बड़ा सवार! तस्वीर सोचकर ही हँसी आ जाती है। कहानी में यही कल्पना हमें हँसाती है। पर आगे एक मुसीबत खड़ी थी।
रास्ते का रोड़ा
अचानक रास्ते में एक रोड़ा आ गया। रोड़ा यानी पत्थर का टुकड़ा। पहिया उससे टकराया और गाड़ी पलट गई। दोनों सवार सड़क पर गिर पड़े। पल भर में सारी हँसी थम गई। अब देखना यह था कि किसे कितनी चोट आई।
चोट किसे आई?
हाथी भाई के सिर पर गहरी चोट आई। चींटी को केवल हल्की-सी खरोंच लगी। यह उलटा क्यों हुआ? हाथी तो बड़ा और मज़बूत था। कहानी यहीं रुककर हमसे सवाल पूछती है। ज़रा सोचो और फिर आगे पढ़ो।
जवाब एक छोटी-सी चीज़
जवाब है हेलमेट। चींटी ने चलने से पहले हेलमेट पहना था। हाथी ने ऐसा कुछ नहीं पहना था। गिरने पर हेलमेट ने सारा झटका सह लिया। सिर सुरक्षित रहा, इसलिए चोट मामूली रही। आकार बड़ा होना काफ़ी नहीं, तैयारी ज़रूरी है।
हेलमेट क्यों ज़रूरी है
सिर हमारे शरीर का सबसे नाज़ुक हिस्सा है। हेलमेट के भीतर नरम परत होती है। वह गिरने के झटके को सोख लेती है। दुपहिया चलाने वाले और पीछे बैठने वाले, दोनों को इसे पहनना चाहिए। पास की दुकान तक जाना हो, तब भी पहनो। दुर्घटना बताकर नहीं आती।
पैदल चलने के नियम
अब पैदल चलने की बात। सड़क के किनारे बनी पटरी को फुटपाथ कहते हैं। चलने के लिए हमेशा उसी का उपयोग करो। पार करना हो, तो पहले किनारे पर रुक जाओ। दोनों ओर अच्छी तरह देखो। ज़ेब्रा क्रॉसिंग यानी सफ़ेद पट्टियों पर से ही पार हो।
बत्ती और साथी
चौराहे पर लगी बत्ती देखो। गाड़ियाँ लाल बत्ती पर रुकती हैं। पैदल लोगों को इसी समय का इंतज़ार करना चाहिए। बड़ों के साथ हो, तो उनका हाथ ज़रूर पकड़ो। पार करते समय न बातें करो, न दौड़ो। ध्यान भटका, तो खतरा बढ़ जाता है।
गाड़ी में बैठो तो
कार में बैठते ही सीट बेल्ट लगाओ। खिड़की से हाथ या सिर बाहर मत निकालो। साइकिल चलाते समय भी सीधी लाइन में चलो। रात में हल्के रंग के कपड़े पहनो, ताकि दूर से दिखो। ये छोटी आदतें बड़ी चोट से बचाती हैं।
हँसी के साथ सीख
यह कहानी हमें दो चीज़ें देती है। पहली, खूब सारी हँसी। दूसरी, एक ज़रूरी सीख। नियम मानना डरपोक होना नहीं है। यह समझदारी है। इसीलिए कहा गया है कि चींटी बनो, हाथी नहीं।
Concepts and terms
हँसाने वाली कहानी। इसमें जानवर इंसानों जैसा काम करते हैं। हँसी के साथ एक काम की बात भी मिल जाती है।
सिर पर पहनने वाला मज़बूत खोल। गिरने पर चोट सिर तक नहीं पहुँचने देता। दुपहिया पर बैठने वाले सबको इसकी ज़रूरत है।
सड़क पर सबकी सुरक्षा के लिए बने नियम। फुटपाथ पर चलना, बत्ती देखना और ज़ेब्रा क्रॉसिंग से पार होना इन्हीं में आता है।
सावधान!
सच या भ्रम?
असली दुनिया में
Scenario:
एक स्कूल के गेट के सामने रोज़ भीड़ लग जाती थी। बच्चे कहीं से भी सड़क पार कर लेते थे। कक्षा पाँच के बच्चों ने इसका हल सोचा। उन्होंने एक हफ़्ते तक गिनती की कि कितने बच्चे बिना देखे पार करते हैं। हर दिन का आँकड़ा एक चार्ट पर लिखा गया। फिर उन्होंने प्रधानाचार्य को चार्ट दिखाया। गेट के पास ज़ेब्रा क्रॉसिंग बनवाई गई और दो बच्चों की बारी-बारी से ड्यूटी लगी। एक महीने बाद उन्होंने फिर गिनती की। बिना देखे पार करने वालों की संख्या बहुत घट चुकी थी। बच्चों ने जाना कि आँकड़े भी बात मनवा सकते हैं।
Analysis:
सुरक्षा सिर्फ़ उपदेश नहीं है। गिनती, चार्ट और छोटी-सी व्यवस्था से सड़क सचमुच सुरक्षित हो जाती है।
Activity:
अपने स्कूल या गली के सामने दस मिनट खड़े होकर गिनो कि कितने लोग हेलमेट पहने हैं।
घर पर करके देखो
Title:
अंडे वाला हेलमेट प्रयोग
Safety:
अंडा गिराने का काम किसी बड़े के सामने करो। बाद में हाथ साबुन से धोओ।
What You Notice:
रूई में लिपटा अंडा अकसर साबुत रहता है। रूई ने झटका सोख लिया, ठीक वैसे ही जैसे हेलमेट सिर को बचाता है।
Did you know
हेलमेट के भीतर का नरम हिस्सा झटके को सोख लेता है। इसीलिए सिर तक चोट नहीं पहुँचती।
सड़क पर बनी सफ़ेद पट्टियों को ज़ेब्रा क्रॉसिंग कहते हैं। इन्हीं पर से पैदल लोगों को पार होना चाहिए।
Memory tricks
सड़क पार करने का क्रम — रुको, देखो, फिर चलो। — पहले किनारे पर रुको, दोनों ओर देखो और तब ज़ेब्रा क्रॉसिंग से पार हो।
कहानी की सीख — चींटी बनो, हाथी नहीं। — चींटी ने हेलमेट पहना था, इसलिए बच गई। हाथी ने नहीं पहना था।
Practice MCQs with answers (15)
- A बैलगाड़ी से
- B फटफटिया से
- C नाव से
- D रेलगाड़ी से
Show answer
Why:
कहानी में उसकी छोटी फटफटिया का ज़िक्र है।
- A पहलवान
- B डॉक्टर
- C मास्टर
- D ड्राइवर
Show answer
Why:
इसीलिए वे कुश्ती देखने साथ चलना चाहते थे।
- A मामूली खरोंच
- B गहरी चोट
- C बुखार
- D मोच
Show answer
Why:
हेलमेट ने उसका सिर बचा लिया था।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही कहानी की सीख है। चोट केवल एक मामूली खरोंच तक रह गई।
- A हेलमेट हाथ में लटका लेना चाहिए
- B बिना हेलमेट जल्दी जाना चाहिए
- C हेलमेट पहनकर जाना चाहिए
- D दौड़ते हुए जाना चाहिए
Show answer
Why:
दुर्घटना बताकर नहीं आती, इसलिए हर बार हेलमेट पहनो।
- A फुटपाथ
- B गाड़ियों की लेन
- C बीच की पट्टी
- D चौराहे का गोल घेरा
Show answer
Why:
किनारे बनी पटरी को फुटपाथ कहते हैं।
- A चलो, फिर देखो
- B दौड़कर पार करो
- C रुको, दोनों ओर देखो, फिर चलो
- D आँख बंद करके तेज़ी से पार कर लो
Show answer
Why:
पहले रुकना और देखना ही सुरक्षित तरीका है।
- A भागकर बीच में पहुँच जाना चाहिए
- B हाथ हिलाते हुए चलना चाहिए
- C चलती गाड़ियों के बीच में से तेज़ी से निकल जाना चाहिए
- D गाड़ियों के रुकने तक किनारे पर इंतज़ार करना चाहिए
Show answer
Why:
गाड़ियाँ रुकने पर ही ज़ेब्रा क्रॉसिंग से पार होना चाहिए।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: दो गली दूर जाते समय भी हेलमेट पहनना चाहिए।
- A 1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क
- B 1-ख, 2-ग, 3-घ, 4-क
- C 1-ख, 2-घ, 3-ग, 4-क
- D 1-ग, 2-घ, 3-ख, 4-क
Show answer
Why:
हर चीज़ का अपना काम याद करो।
- A चींटी के रोने से
- B छोटी गाड़ी पर बड़े हाथी का बैठना
- C सड़क के सूने होने से
- D कुश्ती का मुकाबला अचानक रद्द होने से
Show answer
Why:
यह उलटी-पुलटी कल्पना ही हास्य पैदा करती है।
- A खिड़की खोलनी चाहिए
- B सीट बेल्ट लगानी चाहिए
- C गाना चलाना चाहिए
- D सिर बाहर निकालना चाहिए
Show answer
Why:
सीट बेल्ट झटके में आगे गिरने से बचाती है।
- A फुटपाथ पर चलना
- B बड़ों का हाथ पकड़ना
- C हरी बत्ती होने तक चुपचाप इंतज़ार करना
- D पार करते समय दौड़ना और बातें करना
Show answer
Why:
ध्यान भटकने से खतरा बढ़ जाता है।
- A क्योंकि वे वज़न में बहुत ही हल्के होते हैं
- B क्योंकि वे अँधेरे में दूर से ही दिख जाते हैं
- C क्योंकि वे दाम में बहुत ही सस्ते होते हैं
- D क्योंकि वे धोकर बहुत जल्दी सूख जाते हैं
Show answer
Why:
रात में गाड़ी चलाने वाले को पहले दिखना ज़रूरी है। हल्का रंग रोशनी लौटाता है, गहरा रंग उसे पी जाता है।
- A अकेले चलो, साथ नहीं
- B बड़ा बनो, छोटा नहीं
- C तेज़ चलो, धीरे नहीं
- D चींटी बनो, हाथी नहीं
Show answer
Why:
चींटी ने नियम माना था, इसलिए वह सुरक्षित रही।
Important short questions (5)
वे खुद को पहलवान बताकर साथ चलना चाहते थे। उनके बिना कुश्ती का मज़ा अधूरा लगता।
हाथी के सिर पर गहरी चोट आई। चींटी को सिर्फ़ मामूली खरोंच लगी।
चींटी ने सिर पर हेलमेट पहन रखा था। हाथी ने कोई सुरक्षा नहीं ली थी।
पहले किनारे पर रुकना चाहिए। फिर दोनों ओर देखकर ज़ेब्रा क्रॉसिंग से पार होना चाहिए।
मैं बैठते ही सीट बेल्ट लगाऊँगा। खिड़की से हाथ या सिर बाहर नहीं निकालूँगा।
Long answer questions (2)
पहला, दुपहिया पर हमेशा हेलमेट पहनो, क्योंकि सिर सबसे नाज़ुक है। दूसरा, फुटपाथ पर चलो, क्योंकि वहाँ गाड़ियाँ नहीं आतीं। तीसरा, ज़ेब्रा क्रॉसिंग से पार हो, क्योंकि वहाँ चालक रुकते हैं। चौथा, बत्ती का इंतज़ार करो, क्योंकि जल्दबाज़ी खतरा बढ़ाती है। पाँचवाँ, कार में सीट बेल्ट लगाओ, क्योंकि वह झटके से बचाती है।
हाथी भाई सोचते होंगे कि मैं खुद को बहुत मज़बूत समझता था। मैंने सिर की सुरक्षा की परवाह ही नहीं की। चींटी छोटी थी, पर उसने पहले से तैयारी कर रखी थी। आज मुझे समझ आया कि नियम सबके लिए होते हैं। अब मैं भी हेलमेट लेकर ही निकलूँगा।
Flashcards (12)
Play this topic
- कहानी क्रम से लगाओ
- सुरक्षित या असुरक्षित?
- सही या गलत
- सच या भ्रम?
- झटपट सवाल
भाषा की बात: मुहावरे, पुराने शब्द और सर्वनाम
कहानी के मुहावरों का अर्थ समझो। सिपुर्द जैसे पुराने शब्द और उनके आज के रूप जानो। सर्वनाम किसके लिए आया है, यह पहचानना भी सीखो।
What you will be able to do
- मैं मुहावरे का अर्थ बताकर उसे वाक्य में लगा सकता/सकती हूँ।
- मैं कहानी के पुराने शब्दों के आज वाले अर्थ लिख सकता/सकती हूँ।
- मैं पहचान सकता/सकती हूँ कि सर्वनाम किस पात्र के लिए आया है।
Key points
मुहावरे का अर्थ शब्दों को जोड़कर नहीं निकलता, वह अलग होता है।
'आँख लगना' का अर्थ है नींद आ जाना।
'एकटक देखना' यानी बिना पलक झपकाए लगातार देखना।
सिपुर्द का अर्थ सौंपना, रुसवाई का अपमान और मसनूई का बनावटी है।
वह, उसे और उन्होंने जैसे शब्द सर्वनाम कहलाते हैं।
Full explanation
एक उलझन भरा वाक्य
जवाहरसिंह ने पिताजी की चिट्ठी पढ़ी। उसमें लिखा था कि रात को देर से आँख लगी। जवाहर चौंक गया। उसने सोचा कि पिताजी की आँख में क्या लग गया! माँ हँस पड़ी और उसे असली अर्थ बताया। आओ, हम भी ऐसे शब्द-समूह समझते हैं।
मुहावरा क्या है
कुछ शब्द-समूहों का अर्थ अलग ही होता है। शब्दों को जोड़कर वह अर्थ नहीं निकलता। ऐसे समूह को मुहावरा कहते हैं। मुहावरे से बात छोटी और असरदार बन जाती है। हर भाषा में ऐसे मुहावरे होते हैं। कहानी 'सुंदरिया' में भी कई मुहावरे आए हैं।
आँख लगना
इसका अर्थ है नींद आ जाना। कहानी में हीरासिंह अपनी कोठरी में लेट गया था। उसे पता ही नहीं चला कि कब नींद आई। अब इसे अपने वाक्य में लगाओ। जैसे, पढ़ते-पढ़ते मेरी आँख लग गई। ध्यान दो कि क्रिया बदलनी पड़ती है।
एकटक देखना
इसका अर्थ है बिना पलक झपकाए लगातार देखना। गाय जब घोसी के पीछे जा रही थी, हीरासिंह वैसे ही देखता रहा। उसकी नज़र हटी ही नहीं। तुम भी इसे लगाकर देखो। जैसे, बच्चा जादूगर को एकटक देखता रहा।
लाज से गड़ जाना
इसका अर्थ है शर्म से बहुत संकोच में पड़ जाना। हीरासिंह यह बताने में झिझक रहा था कि गाय उसके परिवार जैसी है। सच कहने में उसे शर्म महसूस हुई। वाक्य बनाओ। जैसे, गलती पकड़ी जाने पर मैं लाज से गड़ गया।
जी भर आना
इसका अर्थ है मन भर आना और रोने जैसा हो जाना। रुपए लेने के बाद भी हीरासिंह का मन भारी था। उसे खुशी नहीं, दुख हो रहा था। यह मुहावरा भावों की बात कहता है। जैसे, दादी की याद आते ही मेरा जी भर आया।
कामधेनु वाली तुलना
हीरासिंह ने गाय की तारीफ़ में उसे कामधेनु जैसा बताया। कामधेनु कथाओं की गाय है। कहते हैं कि वह माँगी हुई हर चीज़ दे देती थी। बहुत दूध देने वाली गाय की तुलना उसी से की जाती है। यह तारीफ़ का पुराना ढंग है।
पुराने शब्दों का खज़ाना
कहानी पुरानी है, इसलिए कुछ शब्द आज कम सुनाई देते हैं। सिपुर्द का अर्थ है सौंपना। रुसवाई का अर्थ है अपमान। मसनूई का अर्थ है बनावटी। सेर तौल की पुरानी इकाई थी। ऐसे शब्द मिलें, तो शब्दकोश खोलो।
मिलते-जुलते अर्थ
कहानी में कई शब्दों के साथी भी हैं। ईर्ष्या के लिए जलन कह सकते हैं। बंदोबस्त के लिए प्रबंध चलेगा। विह्वल के लिए भावुक और चाकरी के लिए नौकरी। इन्हें समानार्थी शब्द कहते हैं। वाक्य में बदलकर पढ़ो, अर्थ वही रहेगा।
नाम की जगह सर्वनाम
अब एक और बात देखो। कहानी में हर बार हीरासिंह नहीं लिखा गया। कहीं वह, कहीं उसे और कहीं उन्होंने आया है। नाम की जगह आने वाले इन शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। इनसे एक ही नाम बार-बार नहीं दोहराना पड़ता।
सर्वनाम किसके लिए
पढ़ते समय यह पकड़ना ज़रूरी है कि सर्वनाम किसके लिए आया है। उसे देखकर गाँव वालों के मन में जलन होती थी। यहाँ 'उसे' गाय के लिए है। सेठ जी ने कहा, तो 'उन्होंने' सेठ के लिए आएगा। वाक्य से पहले वाला नाम ढूँढ़ो। अर्थ अपने आप साफ़ हो जाएगा।
Concepts and terms
ऐसा शब्द-समूह जिसका अर्थ उसके शब्दों से अलग होता है। इसे वाक्य में डालने पर बात छोटी और असरदार बन जाती है।
वे शब्द जो पहले खूब बोले जाते थे, पर आज कम सुनाई देते हैं। कहानी पुरानी हो, तो ऐसे शब्द मिलते हैं।
नाम की जगह आने वाला शब्द। जैसे वह, उसे, उन्होंने। इससे एक ही नाम बार-बार नहीं दोहराना पड़ता।
सावधान!
सच या भ्रम?
Case Study
Scenario:
कक्षा ने पुराने शब्दों की एक सूची बनाई। सिपुर्द, दरम्यान और मुलाहिज़ा उसमें रखे गए। हर शब्द के सामने आज का शब्द लिखा गया। सिपुर्द के सामने सौंपना आया। फिर बच्चों ने घर जाकर बड़ों से पूछा। दादी ने चार ऐसे शब्द बताए जो वे बचपन में बोलती थीं। उनमें से दो अब कोई नहीं बोलता। सना ने पूछा कि शब्द खो क्यों जाते हैं। अध्यापिका ने कहा कि जो चीज़ें छूट जाती हैं, उनके नाम भी धीरे-धीरे छूट जाते हैं।
Analysis:
शब्द अपने आप नहीं मरते। जिस चीज़ का नाम वे थे, वह चीज़ पहले काम से बाहर होती है।
Activity:
घर के बड़ों से पाँच पुराने शब्द पूछो। हर एक के सामने आज का शब्द लिखो। फिर पता करो कि कौन-सा अब भी बोला जाता है।
घर पर करके देखो
Title:
मुहावरों का पत्ता-जोड़ खेल
What You Notice:
अर्थ के साथ वाक्य बोलने से मुहावरा जल्दी याद हो जाता है। खेल में गलती पर भी हँसी आती है और सीख मिलती है।
Did you know
मुहावरा अकेला पूरा वाक्य नहीं होता। उसे क्रिया बदलकर वाक्य में जोड़ना पड़ता है।
कहानियों में पुराने शब्द उस ज़माने का रंग ले आते हैं। शब्दकोश से उनका अर्थ मिल जाता है।
Memory tricks
मुहावरे की पहचान — शब्द कुछ और, अर्थ कुछ और। — आँख लगने का मतलब आँख चिपकना नहीं, नींद आना है।
तीन पुराने शब्द — सिपुर्द सौंपना, रुसवाई अपमान, मसनूई बनावटी। — तीनों शब्द कहानी में आए हैं। जोड़ी बनाकर याद करने से ये आसानी से याद रहते हैं।
Practice MCQs with answers (15)
- A नींद आ जाना
- B आँख में धूल पड़ना
- C आँख दुखने लगना
- D किसी को घूरना
Show answer
Why:
कहानी में हीरासिंह को पता ही नहीं चला कि कब नींद आ गई।
- A सिर्फ़ एक बार देखकर हट जाना
- B कहीं छिपकर देखना
- C देखकर ज़ोर से हँस पड़ना
- D बिना पलक झपकाए देखते रहना
Show answer
Why:
गाय के जाते समय हीरासिंह ऐसे ही देखता रहा था।
- A उसने आँख चुरा ली
- B उसका जी भर आया
- C पढ़ते-पढ़ते उसकी आँख लग गई
- D वह शरम के मारे लाज से गड़ गया
Show answer
Why:
'आँख लगना' यानी नींद आ जाना।
- A मन भारी हो जाना और रोने जैसा लगना
- B पेट भर जाना
- C बहुत ज़्यादा खुश हो जाना और हँसने लगना
- D गुस्सा आ जाना
Show answer
Why:
रुपए मिलने पर भी हीरासिंह का मन भारी था।
- A सौंपना
- B बेचना
- C छिपाना
- D खरीदना
Show answer
Why:
सेठ ने गाय घोसी को सौंप दी थी।
- A तारीफ़
- B अपमान
- C मित्रता
- D यात्रा
Show answer
Why:
हीरासिंह गाय से अपने अपमान की बात कह रहा था।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, और कारण ही सेठ का मन बताता है। वह गाय के लगाव पर भरोसा नहीं कर पाया।
- A हीरासिंह के लिए
- B गाय सुंदरिया के लिए
- C सेठ के लिए
- D घोसी के लिए
Show answer
Why:
बात गाय की सुंदरता की हो रही है, इसलिए सर्वनाम उसी के लिए है।
- A विशेषण
- B क्रिया
- C मुहावरा
- D सर्वनाम
Show answer
Why:
वह, उसे और उन्होंने सर्वनाम के उदाहरण हैं।
- A 1-घ, 2-ख, 3-ग, 4-क
- B 1-ख, 2-घ, 3-ग, 4-क
- C 1-ख, 2-ग, 3-घ, 4-क
- D 1-ग, 2-घ, 3-ख, 4-क
Show answer
Why:
हर शब्द का मिलता-जुलता साथी चुनो।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और III सही हैं। II सही नहीं है: मुहावरा कई शब्दों का होता है, जैसे ‘जी भर आना’।
- A उन्होंने
- B मैंने
- C उसने
- D हमने
Show answer
Why:
गाय एक है और बात उसी की हो रही है, इसलिए 'उसने' आएगा।
- A मेरा जी भर आना मुझे बहुत अच्छा लगता है।
- B नानी की याद आते ही मेरा जी भर आया।
- C जी भर आना एक बड़ी नदी है।
- D मैंने बाज़ार से जी भर आना खरीदा।
Show answer
Why:
मुहावरे को क्रिया बदलकर वाक्य में लगाना पड़ता है।
- A गाय की किसी बीमारी का नाम बताने के लिए ही
- B गाय के रंग के लिए
- C बहुत दूध देने वाली गाय की तारीफ़ के लिए
- D गाय के नाम के लिए
Show answer
Why:
कथाओं की कामधेनु माँगी हुई हर चीज़ देती थी।
- A उसकी आँख लग गई होगी
- B उसने एकटक देखा होगा
- C उसका बंदोबस्त हो गया होगा
- D वह लाज से गड़ गई होगी
Show answer
Why:
गलती पकड़ी जाने पर शर्म और संकोच होता है।
Important short questions (5)
ऐसा शब्द-समूह जिसका अर्थ शब्दों से अलग हो। जैसे आँख लगना, यानी नींद आ जाना।
मेला देखने आया बच्चा जादूगर को एकटक देखता रहा।
सिपुर्द का अर्थ सौंपना है। मसनूई का अर्थ बनावटी है।
एक ही नाम बार-बार नहीं लिखना पड़ता। इससे वाक्य पढ़ने में आसान लगता है।
ईर्ष्या का समानार्थी जलन है। चाकरी का समानार्थी नौकरी है।
Long answer questions (2)
पहला, आँख लगना यानी नींद आ जाना। खाना खाते ही छोटे भाई की आँख लग गई। दूसरा, एकटक देखना यानी लगातार देखते रहना। बच्चे आसमान में उड़ते गुब्बारे को एकटक देखते रहे। तीसरा, जी भर आना यानी मन भारी हो जाना। पुरानी तस्वीर देखकर माँ का जी भर आया।
भाषा समय के साथ बदलती रहती है। पहले जो शब्द रोज़ बोले जाते थे, वे धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। सिपुर्द की जगह अब सौंपना कहा जाता है। रुसवाई की जगह अपमान और मसनूई की जगह बनावटी चलता है। पुराने शब्द गलत नहीं होते। वे कहानी को उस ज़माने का रंग दे देते हैं।
Flashcards (12)
Play this topic
- मुहावरा और अर्थ
- समानार्थी जोड़ी
- मुहावरा या सर्वनाम?
- सही या गलत
- झटपट सवाल
Class 5 Hindi Chapter 5 — frequently asked questions
क्योंकि उसका बेटा जवाहरसिंह गाय को मौसी कहता था। गाय उनके परिवार का हिस्सा बन चुकी थी।
क्योंकि गाय बड़ी, सुंदर और सेहतमंद थी। उसने उतनी अच्छी गाय पहले नहीं देखी थी।
क्योंकि घोसी के दुहने पर गाय ने बहुत कम दूध दिया। सेठ को लगा कि उसे ठगा गया है।
वे खुद को पहलवान बताकर साथ चलना चाहते थे। उनके बिना कुश्ती का मज़ा अधूरा लगता।
हाथी के सिर पर गहरी चोट आई। चींटी को सिर्फ़ मामूली खरोंच लगी।
चींटी ने सिर पर हेलमेट पहन रखा था। हाथी ने कोई सुरक्षा नहीं ली थी।
ऐसा शब्द-समूह जिसका अर्थ शब्दों से अलग हो। जैसे आँख लगना, यानी नींद आ जाना।
मेला देखने आया बच्चा जादूगर को एकटक देखता रहा।
सिपुर्द का अर्थ सौंपना है। मसनूई का अर्थ बनावटी है।
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