Class 6 Hindi Chapter 4: हार की जीत

हार की जीत is Chapter 4 of NCERT / CBSE Class 6 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 3 topics , 60 practice MCQs with answers and explanations , 27 important short and long questions and 45 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

बाबा भारती, सुलतान और डाकू की पहली भेंट

एक त्यागी साधु, उनका प्रिय घोड़ा, और वह दोपहर जब इलाके का डाकू उसे देखने आया और जाते-जाते चेतावनी दे गया।

What you will be able to do

  • बाबा भारती के त्याग और उनके दिनभर के ढंग को अपने शब्दों में बताना
  • सुलतान की सुंदरता तथा चाल के लिए कहानी में आई उपमाएँ पहचानना
  • खड्गसिंह की भेंट के संवादों से उसकी नीयत का अनुमान लगाना
  • यह समझाना कि प्रशंसा सुनने की चाह ने बाबा भारती को कैसे भारी पड़ी

Key points

  • बाबा भारती ने रुपया, माल, असबाब और ज़मीन सब छोड़ दिया था, और उन्हें नगर के जीवन से घृणा हो गई थी।

  • नगर छोड़कर उन्होंने बस्ती से दूर बने एक छोटे मंदिर को अपना ठिकाना बनाया और वहीं भजन-भक्ति में लगे रहे।

  • भजन के बाद जो समय बचता, वह पूरा घोड़े पर लगता — खरहरा वे अपने हाथ से करते और दाना स्वयं खिलाते।

  • सारे इलाके में सुलतान के जोड़ का दूसरा घोड़ा न था; वह बहुत सुंदर और बहुत बलवान था।

  • संध्या को सुलतान पर आठ-दस मील का चक्कर लगाए बिना बाबा भारती को चैन नहीं आता था।

  • खड्गसिंह उस इलाके का प्रसिद्ध डाकू था और लोग उसका नाम सुनकर काँपते थे।

  • अस्तबल में घोड़ा बाबा भारती ने घमंड से दिखाया और खड्गसिंह ने उसे आश्चर्य से देखा।

  • जाते-जाते खड्गसिंह ने कह दिया कि वह यह घोड़ा उनके पास न रहने देगा।

Full explanation

कहानी कहाँ से शुरू होती है

कहानी अपना पहला वाक्य ही एक तुलना से शुरू करती है। माँ को अपना बेटा और किसान को अपना लहलहाता खेत देखकर जो सुख मिलता है, वही सुख बाबा भारती को अपना घोड़ा देखकर मिलता था। इससे पहले ही पंक्ति में पता चल जाता है कि यह प्रेम साधारण नहीं है।

बाबा भारती कौन थे

वे एक साधु थे। उन्होंने रुपया, माल, असबाब और ज़मीन — सब छोड़ दिया था। नगर का जीवन उन्हें अच्छा नहीं लगता था, इसलिए वे गाँव के बाहर एक छोटे-से मंदिर में रहते थे और भगवान का भजन करते थे।

उनका सारा दिन

पूजा-पाठ के बाद जो घड़ियाँ खाली बचतीं, वे सब घोड़े के हिस्से चली जातीं। उसका शरीर वे अपने हाथ से साफ़ करते, दाना अपने हाथ से खिलाते, और बस उसे निहारते हुए खुश होते रहते।

सुलतान कैसा घोड़ा था

वह बहुत सुंदर था और बहुत बलवान भी। सारे इलाके में उसके जोड़ का दूसरा घोड़ा नहीं था। बाबा भारती उसे इसी नाम से पुकारते थे।

चाल पर लट्टू

‘लट्टू होना’ का अर्थ है किसी पर मुग्ध हो जाना। बाबा भारती घोड़े की चाल पर लट्टू थे और कहते थे कि वह ऐसे चलता है जैसे मोर बादल देखकर नाच उठे।

संध्या का नियम

हर शाम वे सुलतान पर सवार होकर आठ-दस मील का चक्कर लगाते। जब तक यह चक्कर न लग जाए, उन्हें चैन ही नहीं आता था। यह उनके दिन का सबसे प्रिय हिस्सा था।

खड्गसिंह का परिचय

खड्गसिंह उस इलाके का प्रसिद्ध डाकू था। उसका नाम सुनकर ही लोग काँप जाते थे। उसके पास बाहुबल था, साथ में आदमी थे, और मन में ज़रा भी रहम नहीं था।

कीर्ति कानों तक पहुँची

धीरे-धीरे सुलतान की कीर्ति उसके कानों तक भी पहुँच गई। उसका मन घोड़े को देखने के लिए अधीर हो उठा, और एक दिन दोपहर को वह मंदिर पहुँच गया।

आदर से शुरू हुई बातचीत

उसने नमस्कार किया और बैठ गया। बाबा भारती ने हाल पूछा, तो उसने सिर झुकाकर उत्तर दिया। जब पूछा गया कि वह इधर कैसे आया, तो उसने कहा कि सुलतान की चाह उसे खींच लाई।

साधु का घमंड

बाबा भारती घोड़े की प्रशंसा करते चले गए। वे बोले कि देखोगे तो प्रसन्न हो जाओगे। फिर कहा कि उसकी चाल मन मोह लेगी। जो उसे एक बार देख ले, उसके हृदय पर छवि बैठ जाती है। डाकू हर बार हामी भरता रहा।

अस्तबल का दृश्य

दोनों अस्तबल पहुँचे। एक ही दृश्य पर कहानीकार ने दो भाव रख दिए — बाबा ने घोड़ा घमंड से दिखाया, खड्गसिंह ने उसे आश्चर्य से देखा। डाकू ने सैकड़ों घोड़े देखे थे, पर ऐसा बाँका घोड़ा नहीं।

डाकू के मन की बात

उसके मन में तीन बातें एक साथ उठीं। ऐसा घोड़ा किसी साधु के किस काम का, उस पर हक़ तो उसी का बनता था, और यह सब नसीब का खेल है। कुछ देर वह चुपचाप खड़ा रहा, फिर उसके भीतर हलचल शुरू हो गई।

बालकों जैसी अधीरता

वह बच्चों की तरह अधीर होकर बोला कि चाल न देखी तो क्या देखा। यह एक बहुत चतुर वाक्य था, क्योंकि इसी से घोड़ा अस्तबल के बाहर आ गया।

‘बाबा भारती भी मनुष्य ही थे’

कहानीकार यहाँ रुककर यह पंक्ति लिखते हैं। अपनी चीज़ की तारीफ़ दूसरे के मुँह से सुनने का मन उन्हें भी हो आया। वे घोड़ा खोलकर बाहर लाए, उछलकर सवार हुए, और फिर वह हवा से बातें करने लगा।

हृदय पर साँप लोट गया

यह मुहावरा तेज़ जलन का भाव बताता है। चाल देखते ही डाकू के भीतर वही जलन भर गई। वह डाकू था, और जो चीज़ उसे भा जाती, उसे अपनी ही समझ लेता था।

जाते-जाते चेतावनी

चलते समय उसने साफ़ कह दिया कि वह यह घोड़ा उनके पास न रहने देगा। इतनी-सी बात ने बाबा भारती की नींद उड़ा दी। अब उनकी रातें लाठी लेकर अस्तबल की रखवाली में कटने लगीं, और कई मास बीतने पर वे इस डर को झूठा समझकर असावधान हो गए।

Concepts and terms

त्याग

अपनी संपत्ति और सुख छोड़ देना। बाबा भारती ने धन, सामान और ज़मीन छोड़कर मंदिर में रहना चुना, इसलिए कहानी के आरंभ में ही उनका स्वभाव पाठक के सामने खुल जाता है।

कीर्ति

किसी की प्रशंसा जो अपने आप दूर-दूर तक फैल जाए। सुलतान की कीर्ति ही डाकू के कानों तक पहुँची, और वही कहानी में पहली मुसीबत का कारण बनी।

उपमा

एक चीज़ को दूसरी जानी-पहचानी चीज़ जैसा बताना। घोड़े को देखकर मिलने वाले सुख को माँ और किसान के सुख जैसा कहा गया, और चाल को नाचते मोर जैसी।

बाहुबल

शरीर और साथियों का ज़ोर, जिससे कोई अपनी बात मनवा ले। खड्गसिंह के पास यही बल था, आदमी थे और बेरहमी थी, इसलिए उसकी चेतावनी खोखली नहीं थी।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा में प्रश्न उठा कि डाकू ने पहले ही घोड़ा क्यों नहीं छीन लिया। वह ताक़तवर था और बाबा अकेले थे। मीरा ने कहा कि चेतावनी देकर जाना भी एक ढंग है। रोहित ने कहा कि इसमें एक तरह का अभिमान छिपा है। वह चाहता था कि बाबा जानें कि घोड़ा कौन ले जाएगा। अध्यापिका ने कहा कि यही बात आगे उसे हरा देती है। जो अपने नाम की परवाह करता है, उसे लज्जा भी आती है। बच्चों ने देखा कि कहानी का अंत यहीं से तय हो जाता है।

Analysis:

चेतावनी देना ताक़त का प्रदर्शन था। पर जिसे अपने नाम की चिंता हो, उसी तक लज्जा भी पहुँचती है, और कहानी उसी रास्ते लौटती है।

Activity:

कहानी का वह क्षण चुनो जहाँ डाकू बदलता है। उससे पहले और उसके बाद के उसके मन को पाँच-पाँच वाक्यों में लिखो।

घर पर करके देखो

Title:

एक दृश्य, दो भाव

Safety:

अपने घर या आँगन तक ही रहो; किसी अजनबी के पास जाकर बातचीत न करो।

What You Notice:

एक ही वाक्य में दो भाव रख देने से पाठक को दोनों पात्रों का मन एक साथ दिख जाता है, और लिखने में शब्द भी कम लगते हैं।

Did you know

इस कहानी के लेखक सुदर्शन का असली नाम बदरीनाथ भट्ट था, और उन्होंने अपनी पहली कहानी छठी कक्षा में ही लिख डाली थी।

सुदर्शन ने कहानियों के साथ-साथ कविताएँ, लेख, नाटक, उपन्यास और फ़िल्मों के गीत भी लिखे।

कहानी में घोड़े के शरीर को साफ़ करने के लिए ‘खरहरा करना’ कहा गया है; खरहरा लोहे का एक कंघी जैसा औज़ार होता है।

Memory tricks

बाबा भारती का दिन — भ-ख-दा-चक्कर — भजन, खरहरा, दाना, चक्कर। उनका सारा दिन इन्हीं चार कामों में बीतता था।

पहली भेंट का क्रम — नम-बात-अस्तबल-चाल-चेतावनी — नमस्कार, बातचीत, अस्तबल, चाल दिखाना, और अंत में चेतावनी।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 कहानी के पहले वाक्य में किन दो लोगों के सुख की बात है? beginner
  • A माँ और किसान
  • B साधु और डाकू
  • C पिता और पुत्र
  • D गुरु और शिष्य
Show answer
Answer: माँ और किसान
Why:

इन्हीं दो उपमाओं से बाबा भारती का प्रेम समझाया गया है।

Q2 बाबा भारती ने अपना जीवन मंदिर और भजन में बिता दिया था, भीड़ से दूर रहकर। उन्हें किस जीवन से घृणा थी? intermediate
  • A गाँव के जीवन से
  • B मंदिर के जीवन से
  • C नगर के जीवन से
  • D यात्रा के जीवन से
Show answer
Answer: नगर के जीवन से
Why:

इसी कारण उन्होंने गाँव के बाहर रहना चुना था।

Q3 भजन से बचा हुआ समय किसे मिलता था? advanced
  • A गाँव के बच्चों को
  • B उनके प्रिय घोड़े को
  • C मंदिर की सफ़ाई को
  • D पड़ोस के किसानों को
Show answer
Answer: उनके प्रिय घोड़े को
Why:

वे उसका शरीर साफ़ करते और दाना खिलाते रहते थे।

Q4 सुलतान जैसा दूसरा घोड़ा दूर-दूर तक किसी के पास नहीं था। सुलतान के जोड़ का घोड़ा कहाँ तक नहीं था? beginner
  • A उनके गाँव में
  • B मंदिर के आसपास
  • C पास के नगर में
  • D सारे इलाके में
Show answer
Answer: सारे इलाके में
Why:

कहानी में यही बात साफ़ शब्दों में कही गई है।

Q5 ‘लट्टू होना’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A बहुत थक जाना
  • B किसी पर मुग्ध हो जाना
  • C ज़ोर से गोल-गोल घूमने लगना
  • D अचानक डर जाना
Show answer
Answer: किसी पर मुग्ध हो जाना
Why:

बाबा भारती घोड़े की चाल पर मुग्ध थे।

Q6 घोड़े पर सवार होकर बाबा भारती रोज़ एक निश्चित समय पर सैर को निकलते थे। वे कब निकलते थे? advanced
  • A संध्या के समय
  • B दोपहर के समय
  • C सूरज उगने पर
  • D आधी रात को
Show answer
Answer: संध्या के समय
Why:

यह उनका रोज़ का नियम था।

Q7 खड्गसिंह के पास कौन-सी तीन चीज़ें थीं? beginner
  • A धन, नाम और भूमि
  • B शिक्षा, बल, धन और नाम भी
  • C बल, धन और आदर
  • D बाहुबल, आदमी और बेरहमी
Show answer
Answer: बाहुबल, आदमी और बेरहमी
Why:

इसी कारण उसकी चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता था।

Q8 डाकू के कानों तक क्या पहुँची थी? intermediate
  • A मंदिर की घंटी
  • B गाँव की शिकायत
  • C सुलतान की कीर्ति
  • D बाबा का भजन
Show answer
Answer: सुलतान की कीर्ति
Why:

उसी कीर्ति ने उसका मन देखने के लिए अधीर कर दिया।

Q9 खड्गसिंह रात में नहीं, बल्कि दिन के उजाले में ही मंदिर पहुँच गया था। वह किस समय बाबा भारती के पास पहुँचा? advanced
  • A रात के अँधेरे में
  • B सवेरे-सवेरे
  • C दोपहर के समय
  • D संध्या ढलने पर
Show answer
Answer: दोपहर के समय
Why:

उसने वहाँ पहुँचकर पहले नमस्कार किया और बैठ गया।

Q10 ‘कहो, इधर कैसे आ गए?’ के उत्तर में उसने क्या कहा? beginner
  • A कि वह रास्ता ही भटक गया था
  • B कि सुलतान की चाह खींच लाई
  • C कि वह भजन सुनने आया
  • D कि उसे कुछ मदद चाहिए
Show answer
Answer: कि सुलतान की चाह खींच लाई
Why:

उसने आरंभ से ही अपना उद्देश्य छिपाया नहीं।

Q11 अपने प्रिय घोड़े को दिखाते समय बाबा भारती के मन में गर्व भरा था। अस्तबल में उन्होंने घोड़ा किस भाव से दिखाया? intermediate
  • A घमंड से
  • B डर से
  • C दुख से
  • D लज्जा से
Show answer
Answer: घमंड से
Why:

उसी वाक्य में डाकू का भाव आश्चर्य बताया गया है।

Q12 डाकू ने पहले कितने घोड़े देखे थे? advanced
  • A कुछ ही घोड़े
  • B दो-चार घोड़े
  • C दस-बारह घोड़े
  • D सैकड़ों घोड़े
Show answer
Answer: सैकड़ों घोड़े
Why:

फिर भी ऐसा बाँका घोड़ा उसकी आँखों से कभी नहीं गुज़रा था।

Q13 अस्तबल में खड़े-खड़े डाकू के मन में एक ही बात घूमती रही। उसने मन में क्या सोचा? beginner
  • A कि घोड़ा साधु के योग्य है
  • B कि उसे यह घोड़ा मोल लेकर खरीद लेना चाहिए
  • C कि वह यहाँ फिर नहीं आएगा
  • D कि यह घोड़ा उसी के पास होना चाहिए था
Show answer
Answer: कि यह घोड़ा उसी के पास होना चाहिए था
Why:

उसने साथ ही सोचा कि एक साधु को ऐसी चीज़ों से क्या लाभ।

Q14 चाल न देख पाने पर भी डाकू ने घोड़े को पा लेने की ठान ली थी। ‘इसकी चाल न देखी तो क्या?’ — यह वाक्य किसने कहा? intermediate
  • A बाबा भारती ने
  • B गाँव के किसी आदमी ने
  • C डाकू खड्गसिंह ने
  • D दुर्गादत्त वैद्य ने
Show answer
Answer: डाकू खड्गसिंह ने
Why:

उसने बालकों जैसी अधीरता से यह कहा था।

Q15 अस्तबल के प्रसंग पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. बाबा भारती ने घोड़ा घमंड के भाव से दिखाया। II. डाकू ने उससे पहले दो-चार घोड़े ही देखे थे। III. चाल देखकर डाकू के हृदय पर साँप लोट गया। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: खड्गसिंह ने सैकड़ों घोड़े देखे थे, और इसी से सुलतान का अनोखापन सिद्ध होता है।

Q16 बाबा भारती ने एड़ लगाई और सुलतान पलक झपकते दूर निकल गया। ‘घोड़ा हवा से बातें करने लगा’ से क्या पता चलता है? beginner
  • A वह बहुत तेज़ दौड़ा
  • B वह ज़ोर से हिनहिनाया
  • C वह धीरे-धीरे चला
  • D वह अचानक रुक गया
Show answer
Answer: वह बहुत तेज़ दौड़ा
Why:

यह मुहावरा घोड़े की तेज़ी बताने के लिए आया है।

Q17 चाल देखकर डाकू के मन में क्या हुआ? intermediate
  • A उसका मुख फूल-सा खिल गया
  • B उसके हृदय पर साँप लोट गया
  • C उसके पाँव भारी हो गए
  • D उसका मुँह खुला रह गया
Show answer
Answer: उसके हृदय पर साँप लोट गया
Why:

इस मुहावरे का अर्थ तेज़ ईर्ष्या होना है।

Q18 अभिकथन: खड्गसिंह सुलतान को अपना ही मान बैठा। कारण: जो वस्तु उसे पसंद आ जाती, उस पर वह अपना अधिकार समझता था। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही उसकी चेतावनी की जड़ है। उसके लिए पसंद आना और अपना हो जाना एक ही बात थी।

Q19 चेतावनी के बाद बाबा भारती का रात का समय भजन में नहीं बीतता था। उनकी रातें कैसे कटने लगीं? beginner
  • A गहरी नींद में
  • B अस्तबल की रखवाली में
  • C भजन-भक्ति में
  • D गाँव के रात के पहरे में ही
Show answer
Answer: अस्तबल की रखवाली में
Why:

वे स्वयं लाठी लेकर फाटक पर पहरा देते थे।

Q20 कई मास डाकू न आया, तो बाबा भारती ने उस डर को क्या समझ लिया? advanced
  • A सारे इलाके के लिए चिंता की सबसे बड़ी बात
  • B गाँव भर पर आने वाला कोई और भी बड़ा खतरा
  • C अपने भजन-भक्ति के मार्ग में आई बड़ी रुकावट
  • D एक झूठा-सा डर, जो अपने आप मन में बैठ गया था
Show answer
Answer: एक झूठा-सा डर, जो अपने आप मन में बैठ गया था
Why:

महीनों बीत गए और कुछ न हुआ, तो रखवाली ढीली पड़ गई। कहानीकार यही दिखाते हैं कि असावधानी कैसे आती है।

Important short questions (6)

बाबा भारती ने क्या-क्या छोड़ दिया था और वे कहाँ रहने लगे थे?

उन्होंने रुपया, माल, असबाब और ज़मीन सब छोड़ दिया था। नगर का जीवन भी उन्हें अच्छा नहीं लगता था, इसलिए वे गाँव के बाहर एक छोटे-से मंदिर में रहकर भजन करने लगे थे।

बाबा भारती घोड़े की कौन-कौन सी सेवा अपने हाथ से करते थे?

वे अपने हाथ से उसका शरीर साफ़ करते और स्वयं उसे दाना खिलाते थे। भजन के बाद बचा हुआ पूरा समय वे उसी पर लगाते और उसे देख-देखकर प्रसन्न होते थे।

सुलतान की चाल के लिए कहानी में कौन-सी उपमा आई है?

बाबा भारती कहते थे कि वह ऐसे चलता है जैसे मोर बादल देखकर नाच उठे। इसी चाल पर वे मुग्ध थे और इसी चाल ने आगे डाकू के मन में जलन भर दी।

खड्गसिंह की पहली भेंट का ढंग कैसा था?

वह दोपहर को आया, नमस्कार करके बैठ गया और सिर झुकाकर आदर से बात की। उसने कहा कि सुलतान की चाह उसे खींच लाई है, और जाते समय चेतावनी देकर चला गया।

‘बाबा ने घोड़ा दिखाया घमंड से, खड्गसिंह ने घोड़ा देखा आश्चर्य से’ — इस वाक्य की खूबी क्या है?

एक ही दृश्य में दो अलग भाव रख दिए गए हैं। वाक्य का ढाँचा दोनों बार वही रहता है। इससे दिखता है कि दोनों की आँखें एक ही घोड़े को अलग कारणों से देख रही थीं।

चेतावनी के बाद कई मास में बाबा भारती के मन में क्या बदलाव आया?

आरंभ में उनकी नींद उड़ गई और रातें रखवाली में कटने लगीं। पर जब कई मास तक डाकू नहीं आया, तो वे उस डर को झूठा समझने लगे और कुछ असावधान हो गए।

Long answer questions (3)

बाबा भारती और सुलतान के संबंध को कहानी के आधार पर समझाइए।

बाबा भारती एक त्यागी साधु थे, पर घोड़े का मोह उन्होंने नहीं छोड़ा था। कहानी के पहले वाक्य में ही उनका सुख माँ और किसान के सुख जैसा बताया गया है। भजन के बाद बचा हुआ सारा समय वे घोड़े पर लगाते — उसका शरीर अपने हाथ से साफ़ करते, स्वयं दाना खिलाते और देख-देखकर प्रसन्न होते। घोड़ा सुंदर भी था और बलवान भी, और सारे इलाके में उसके जोड़ का दूसरा घोड़ा नहीं था। उसकी चाल पर वे इतने मुग्ध थे कि उसे नाचते मोर जैसी कहते थे। हर संध्या आठ-दस मील का चक्कर लगाए बिना उन्हें चैन नहीं आता था। इसी गहरे लगाव के कारण आगे घोड़ा छिनना उनके लिए बहुत बड़ी हानि बन जाता है।

खड्गसिंह की पहली भेंट में कहानी आगे की मुसीबत की तैयारी कैसे कर देती है?

भेंट ऊपर से शांत है। पर उसी में आगे की सारी नींव रखी जाती है। पहले पता चलता है कि घोड़े की कीर्ति ही डाकू को खींच लाई। अर्थात प्रसिद्धि ही खतरे की जड़ बनी। फिर अस्तबल में दोनों के भाव अलग बता दिए जाते हैं। एक को घमंड है, दूसरे को आश्चर्य। इसके बाद डाकू के मन की बात खुल जाती है कि ऐसा घोड़ा उसी के पास होना चाहिए था। फिर वह अधीर होकर चाल देखने की माँग करता है। प्रशंसा की चाह में बाबा भारती घोड़ा बाहर ले आते हैं। चाल देखकर उसके मन में जलन भर जाती है। जाते समय वह चेतावनी दे देता है।

इस भाग में बाबा भारती की कौन-सी मानवीय कमज़ोरी दिखती है और उसका क्या परिणाम हुआ?

उनकी कमज़ोरी यह थी कि अपनी प्रिय वस्तु की तारीफ़ दूसरे के मुँह से सुनना उन्हें भी भाता था। कहानीकार यहीं लिखते हैं कि वे भी मनुष्य ही थे। इससे पाठक उन्हें दोषी नहीं मानता, बस अपने जैसा समझ लेता है। डाकू ने इसी कमज़ोरी को पकड़ लिया। उसने चाल देखने की बात छेड़ दी। बाबा भारती घोड़ा खोलकर बाहर लाए और उस पर सवार हो गए। वही चाल डाकू के मन में जलन भर गई। उसने घोड़ा छीनने का निश्चय कर लिया। इसके बाद उनकी नींद उड़ गई और रातें रखवाली में कटने लगीं। कई मास कुछ न होने पर वे असावधान हो गए।

Flashcards (15)

बाबा भारती कहाँ रहते थे?
गाँव के बाहर एक छोटे-से मंदिर में।
उन्होंने क्या-क्या छोड़ दिया था?
रुपया, माल, असबाब और ज़मीन।
घोड़े का नाम क्या था?
सुलतान।
‘खरहरा करना’ का अर्थ?
घोड़े का शरीर साफ़ करना।
सुलतान की दो विशेषताएँ?
बहुत सुंदर और बहुत बलवान।
उसकी चाल की उपमा क्या दी गई?
बादल देखकर नाचते मोर जैसी।
संध्या को वे कितना चक्कर लगाते थे?
आठ-दस मील का।
खड्गसिंह कौन था?
उस इलाके का प्रसिद्ध डाकू।
उसके पास कौन-सी तीन चीज़ें थीं?
बाहुबल, आदमी और बेरहमी।
वह बाबा भारती के पास क्यों आया?
सुलतान को देखने की चाह से।
अस्तबल में दोनों के भाव क्या थे?
बाबा को घमंड, डाकू को आश्चर्य।
डाकू ने मन में क्या सोचा?
कि ऐसा घोड़ा उसी के पास होना चाहिए था।
‘हृदय पर साँप लोटना’ का अर्थ?
तेज़ ईर्ष्या या जलन होना।
जाते समय उसने क्या कहा?
कि घोड़ा उनके पास न रहने देगा।
कई मास बाद बाबा भारती कैसे हो गए?
कुछ असावधान, क्योंकि डर झूठा लगा।

Play this topic

  • भेंट का क्रम जमाओ
  • मुहावरा और अर्थ
  • बाबा भारती का या खड्गसिंह का?
  • सच या भ्रम
  • झटपट उत्तर

छल, एक प्रार्थना और पश्चाताप

अपाहिज के भेस में घोड़ा छिन गया, पर बाबा भारती ने उसे वापस नहीं माँगा। उनकी एक विनती ने डाकू का हृदय ही बदल दिया।

What you will be able to do

  • खड्गसिंह के छल के हर कदम को क्रम से बताना
  • बाबा भारती की एक प्रार्थना और उसके पीछे का कारण समझाना
  • खड्गसिंह के मन में आए बदलाव के कारण बताना
  • अंत में आँसुओं के मेल का अर्थ अपने शब्दों में लिखना

Key points

  • संध्या की सैर पर बाबा भारती को एक ओर से करुणा भरी आवाज़ सुनाई दी और उन्होंने घोड़ा रोक लिया।

  • पेड़ की छाया में पड़े अपाहिज ने रामावाला जाने की बात कही और स्वयं को दुर्गादत्त वैद्य का सौतेला भाई बताया।

  • बाबा भारती उतरकर उसे घोड़े पर बैठा दिया और स्वयं लगाम पकड़कर धीरे-धीरे चलने लगे।

  • एक झटके से लगाम छूट गई और वही अपाहिज तनकर बैठा घोड़ा दौड़ाए ले जा रहा था; वह खड्गसिंह था।

  • बाबा भारती ने पूरे बल से पुकारकर उसे रोका, पर घोड़ा वापस नहीं माँगा।

  • उनकी एक ही प्रार्थना थी कि यह घटना किसी के सामने प्रकट न की जाए, वरना लोगों का गरीबों से विश्वास उठ जाएगा।

  • रात के अँधेरे में खड्गसिंह सुलतान को उसके स्थान पर बाँधकर, फाटक बंद करके चला गया; उसकी आँखों में पश्चाताप के आँसू थे।

  • चौथे पहर घोड़े ने स्वामी के पाँवों की चाप पहचानकर हिनहिनाया, और दोनों के आँसू उसी एक जगह की मिट्टी पर मिल गए।

Full explanation

संध्या की वही सैर

उस दिन भी बाबा भारती सुलतान पर सवार होकर घूमने निकले थे। उनकी आँखों में चमक थी और मुख पर प्रसन्नता। वे कभी घोड़े का शरीर देखते, कभी उसका रंग, और मन में फूले न समाते थे।

एक करुणा भरी आवाज़

सहसा एक ओर से किसी ने पुकारा कि इस कंगले की बात सुनते जाइए। आवाज़ में करुणा थी, इसलिए बाबा भारती ने घोड़ा रोक लिया। देखा तो एक अपाहिज पेड़ की छाया में पड़ा कराह रहा था।

अपाहिज की माँग

उसने हाथ जोड़कर कहा कि वह दुखियारा है और उस पर दया की जाए। उसे रामावाला जाना है, जो वहाँ से तीन मील दूर है, इसलिए उसे घोड़े पर चढ़ा लिया जाए।

भरोसे वाला नाम

जब पूछा गया कि वहाँ उसका कौन है, तो उसने दुर्गादत्त वैद्य का नाम लेकर कहा कि वह उनका सौतेला भाई है। एक जाने-पहचाने नाम से बात और भी सच लगने लगी।

साधु ने वही किया जो वे करते थे

बाबा भारती घोड़े से उतरे, अपाहिज को घोड़े पर बैठाया, और स्वयं लगाम पकड़कर धीरे-धीरे चलने लगे। यहाँ उनकी दया दिखती है, पर यही दया उनकी हानि का रास्ता बन जाती है।

एक झटका

अचानक उन्हें झटका लगा और लगाम हाथ से छूट गई। जो अपाहिज अभी तक कराह रहा था, वह अब सीधा तनकर बैठा था और घोड़े को दौड़ाए जा रहा था। बाबा भारती के मुँह से एक चीख निकली, जिसमें भय, विस्मय और निराशा तीनों घुले थे। वह नकली अपाहिज कोई और नहीं, खड्गसिंह था।

‘ज़रा ठहर जाओ’

वे कुछ देर चुप रहे, फिर कुछ निश्चय करके पूरे बल से चिल्लाए। पुकार सुनते ही डाकू ने घोड़ा थाम लिया। उसने घोड़े की गरदन प्यार से सहलाई और कह दिया कि अब यह घोड़ा वह नहीं देगा।

बकरा और कसाई

बाबा भारती निकट गए। कहानीकार उनकी आँखों को कसाई के सामने खड़े बकरे की आँखों जैसा बताते हैं। इस उपमा से उनकी असहायता साफ़ दिखती है — उनके पास न बल था, न साथी।

घोड़ा अब तुम्हारा है

उन्होंने कहा कि घोड़ा उसका हो चुका है और वे उसे वापस करने के लिए नहीं कहेंगे। उनकी केवल एक प्रार्थना है, जिसे वह ठुकरा न दे, वरना उनका दिल टूट जाएगा।

वह एक प्रार्थना

डाकू ने कहा कि वह उनका दास है, बस घोड़ा नहीं देगा। तब बाबा भारती बोले कि अब घोड़े का नाम ही न लो। उनकी विनती केवल इतनी थी कि यह बात किसी और के आगे न खोली जाए।

डाकू चकित रह गया

उसने तो सोचा था कि घोड़ा लेकर उसे यहाँ से भागना पड़ेगा। पर यहाँ बाबा भारती स्वयं घटना छिपाने को कह रहे थे। उसने बहुत सोचा, बहुत सिर मारा, पर इसका प्रयोजन समझ न सका।

कारण

हारकर उसने पूछा कि इसमें आपको क्या डर है। बाबा भारती का उत्तर इस कहानी का सबसे बड़ा वाक्य है: “लोगों को यदि इस घटना का पता चला तो वे किसी गरीब पर विश्वास न करेंगे। दुनिया से विश्वास उठ जाएगा।” इतना कहकर उन्होंने घोड़े से नज़र फेर ली, मानो उससे उनका कभी कोई नाता ही न रहा हो।

शब्द कानों में गूँजते रहे

बाबा भारती चले गए, पर उनके शब्द डाकू के कानों में गूँजते रहे। वह सोचता रहा कि कैसे ऊँचे विचार हैं। उस घोड़े के बिना वे रह न सकते थे। उसकी रखवाली में वे कई रात सोए नहीं। फिर भी उसके छिन जाने पर उनके मुख पर दुख की एक रेखा तक न थी।

रात के अँधेरे में

चारों ओर सन्नाटा था, तारे टिमटिमा रहे थे और दूर गाँवों के कुत्ते भौंक रहे थे। खड्गसिंह सुलतान की बाग पकड़े अस्तबल के फाटक तक पहुँचा। फाटक खुला पड़ा था, क्योंकि अब बाबा भारती को किसी चोरी या डाके का भय ही नहीं रह गया था।

घोड़ा अपनी जगह

उसने सुलतान को उसी जगह ले जाकर बाँधा जहाँ वह रोज़ बँधता था, फिर बाहर आकर चुपचाप फाटक भिड़ा दिया। उस घड़ी उसकी आँखें पछतावे से भीगी हुई थीं।

चौथा पहर

तीसरा पहर बीत चुका था। चौथा पहर शुरू होते ही बाबा भारती कुटिया से निकले और ठंडे जल से स्नान किया। फिर उनके पाँव अस्तबल की ओर बढ़े। फाटक पर उन्हें अपनी भूल याद आई। निराशा ने उनके पाँव भारी कर दिए। तभी घोड़े ने उनके पाँवों की चाप पहचानकर ज़ोर से हिनहिनाया। वे दौड़कर भीतर घुसे और घोड़े के गले लग गए। वे ऐसे रोए जैसे कोई पिता बिछड़े पुत्र से मिल रहा हो। वे बार-बार यही दोहराते रहे: “अब कोई गरीबों की सहायता से मुँह न मोड़ेगा।” बाहर निकलते समय उनके आँसू ठीक उसी जगह गिरे जहाँ खड्गसिंह रोया था। दोनों के आँसू उस मिट्टी पर आपस में मिल गए।

Concepts and terms

छल

किसी को धोखा देकर अपना काम निकालना। खड्गसिंह ने बल का प्रयोग नहीं किया; उसने दुखी होने का बहाना बनाया, क्योंकि वह जानता था कि दया ही वहाँ सबसे खुला दरवाज़ा है।

विश्वास

एक-दूसरे पर भरोसा, जिसके बिना कोई किसी की सहायता नहीं करेगा। बाबा भारती को अपने घोड़े से अधिक चिंता इसी की थी, इसलिए उन्होंने घटना छिपाने की विनती की।

पश्चाताप

अपने किए पर भीतर से दुखी होना। घोड़ा बाँधकर लौटते समय डाकू की आँखों में यही आँसू थे, और उसी जगह बाद में बाबा भारती के आँसू भी गिरे।

पहर

रात या दिन का चौथाई भाग, लगभग तीन घंटे। कहानी में तीसरा पहर बीत चुका था और चौथे पहर के आरंभ में बाबा भारती स्नान करके अस्तबल की ओर बढ़े थे।

सावधान!

सच या भ्रम?

असल जीवन: पानी की बोतल और एक विनती

Scenario:

कक्षा छह में रोहन हर सुबह सबके लिए पानी भरकर रखता है। एक दिन उसकी नई बोतल गायब हो जाती है। दोपहर तक पता चल जाता है कि वह बोतल उसी कक्षा के एक बच्चे ने ली थी, जिसने सिर दुखने का बहाना करके रोहन से सहारा माँगा था। शिक्षक पूछते हैं कि अब क्या किया जाए। रोहन कहता है कि वह बोतल वापस नहीं माँगेगा। उसकी एक ही विनती है कि यह बात कक्षा में किसी को न बताई जाए, वरना आगे कोई किसी बीमार साथी की मदद करने से हिचकेगा। शिक्षक कुछ क्षण चुप रहते हैं और फिर पूरी कक्षा से यही प्रश्न पूछ देते हैं।

Analysis:

कक्षा में पहले दो तरह की बातें आती हैं। कुछ बच्चे कहते हैं कि नाम बताना ही चाहिए, वरना वही बच्चा फिर ऐसा करेगा। कुछ कहते हैं कि रोहन ठीक कह रहा है। तब शिक्षक पूछते हैं कि अगर यह बात फैल जाए तो कल कोई सिर दुखने की शिकायत करे, तो साथी क्या करेंगे। उत्तर सबको दिख जाता है — वे पहले संदेह करेंगे। इसी पर कक्षा एक बीच का रास्ता निकालती है: बात फैलाई नहीं जाएगी, पर शिक्षक उस बच्चे से अकेले में बात करेंगे। अगले दिन बोतल चुपचाप रोहन की मेज़ पर रखी मिलती है, और लेने वाला बच्चा स्वयं आकर क्षमा माँगता है।

Activity:

अपने आसपास की कोई एक ऐसी बात सोचिए जिसमें किसी के भरोसे का लाभ उठाया गया हो। उसे पाँच-छह पंक्तियों में लिखिए और अंत में यह भी लिखिए कि उस भरोसे को बचाने के लिए क्या किया जा सकता था।

घर पर करके देखो

Title:

भरोसे की सूची

Safety:

यह काम घर के भीतर ही कीजिए; किसी अजनबी से जानकारी न पूछिए।

What You Notice:

सूची बनाने पर दिखता है कि दिन के आधे काम भरोसे से ही चलते हैं। इसीलिए बाबा भारती को एक घोड़े से बड़ी चिंता यही लगी थी।

Did you know

‘कंगला’ शब्द का अर्थ है बहुत निर्धन व्यक्ति; डाकू ने बाबा को पुकारते समय यही शब्द अपने लिए इस्तेमाल किया।

पुराने समय में रात को चार पहरों में बाँटा जाता था, और चौथा पहर भोर से पहले का समय होता था।

‘वैद्य’ उस समय के गाँवों में जड़ी-बूटियों से इलाज करने वाले को कहा जाता था, इसलिए उसका नाम लेना भरोसेमंद लगा।

Memory tricks

छल के कदम — आवाज़-बहाना-सवारी-झटका — करुणा भरी आवाज़, अपाहिज का बहाना, घोड़े पर सवारी, और अंत में झटका।

अंत का क्रम — प्रार्थना-गूँज-वापसी-हिनहिनाहट — एक प्रार्थना, कानों में गूँज, रात में वापसी, और चौथे पहर हिनहिनाहट।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 वह दिन भी बाकी दिनों की तरह था और बाबा भारती सुलतान पर सैर को निकले थे। छल की घटना किस समय हुई? beginner
  • A दोपहर को
  • B संध्या के समय
  • C आधी रात को
  • D भोर के समय
Show answer
Answer: संध्या के समय
Why:

वे रोज़ की तरह घूमने निकले थे।

Q2 पुकारने वाले ने स्वयं को क्या कहा? intermediate
  • A एक यात्री
  • B एक साधु
  • C एक व्यापारी
  • D एक कंगला
Show answer
Answer: एक कंगला
Why:

‘कंगला’ का अर्थ है बहुत निर्धन व्यक्ति।

Q3 अँधेरे में एक दीन आवाज़ ने पुकारा और बाबा भारती ने लगाम खींच ली। उन्होंने घोड़ा किस कारण रोका? advanced
  • A आवाज़ में करुणा थी
  • B रास्ता बंद था
  • C घोड़ा थक गया था
  • D अँधेरा हो गया था
Show answer
Answer: आवाज़ में करुणा थी
Why:

उन्होंने रुककर उसका कष्ट पूछा।

Q4 अपाहिज को कहाँ जाना था? beginner
  • A पास के नगर
  • B अपने खेत
  • C रामावाला
  • D मंदिर
Show answer
Answer: रामावाला
Why:

उसने वह स्थान तीन मील दूर बताया था।

Q5 अपाहिज ने अपने गाँव का नाम और उसकी दूरी भी बता दी थी। रामावाला कितनी दूर बताया गया? intermediate
  • A एक मील
  • B दो मील
  • C तीन मील
  • D पाँच मील
Show answer
Answer: तीन मील
Why:

दूरी सुनकर बाबा भारती को सहायता करना कठिन नहीं लगा।

Q6 उसने वहाँ अपना कौन बताया? advanced
  • A गाँव का मुखिया
  • B दुर्गादत्त वैद्य
  • C एक पुरोहित
  • D अपना पुत्र
Show answer
Answer: दुर्गादत्त वैद्य
Why:

उसने स्वयं को उनका सौतेला भाई कहा था।

Q7 दया आ जाने पर बाबा भारती ने उसकी सहायता का एक ही उपाय निकाला। उन्होंने सहायता किस ढंग से की? beginner
  • A उसे पैसे दिए
  • B उसे दवा दी
  • C उसे मंदिर ले गए
  • D उसे घोड़े पर बैठाया
Show answer
Answer: उसे घोड़े पर बैठाया
Why:

वे स्वयं लगाम पकड़कर पैदल चलने लगे।

Q8 घोड़े पर बैठाते ही अचानक कुछ हुआ और बाबा भारती के हाथ खाली रह गए। छल का पता किस बात से चला? intermediate
  • A एक झटके से लगाम छूटी
  • B किसी ने आकर बताया
  • C घोड़ा हिनहिनाने लगा
  • D अपाहिज हँस पड़ा
Show answer
Answer: एक झटके से लगाम छूटी
Why:

उसी क्षण उन्होंने उसे तनकर बैठा देखा।

Q9 उनके मुँह से कैसी चीख निकली? advanced
  • A क्रोध से भरी
  • B भय, विस्मय और निराशा से मिली
  • C प्रसन्नता और उत्साह से भरी हुई
  • D थकान से भरी
Show answer
Answer: भय, विस्मय और निराशा से मिली
Why:

तीनों भाव एक साथ उस चीख में थे।

Q10 बाबा भारती ने पीछे से उसे पुकारा, और उस पुकार में क्रोध नहीं, केवल विनती थी। पुकार सुनकर खड्गसिंह ने क्या किया? beginner
  • A और तेज़ दौड़ाया
  • B पीछे मुड़कर देखा भी नहीं
  • C घोड़ा रोक लिया
  • D हथियार निकाल लिया
Show answer
Answer: घोड़ा रोक लिया
Why:

उसने घोड़े की गरदन पर प्यार से हाथ फेरते हुए बात की।

Q11 बाबा भारती के देखने के ढंग की उपमा क्या दी गई? intermediate
  • A जैसे सिंह शिकार को देखता है
  • B जैसे बकरा कसाई को देखता है
  • C जैसे बालक खिलौने को देखता है
  • D जैसे किसान खेत को देखता है
Show answer
Answer: जैसे बकरा कसाई को देखता है
Why:

यह उपमा उनकी असहायता दिखाती है।

Q12 घोड़ा हाथ से निकल जाने पर भी बाबा भारती ने उसे लौटाने को नहीं कहा। उन्होंने घोड़े के बारे में क्या कहा? advanced
  • A कि वह उसे लौटा दे
  • B कि वह उसका मूल्य दे
  • C कि वह उसे संभाल न पाएगा
  • D कि वह अब उसका हो चुका है
Show answer
Answer: कि वह अब उसका हो चुका है
Why:

उन्होंने साफ़ कहा कि वे उसे वापस करने के लिए नहीं कहेंगे।

Q13 उनकी वह एक प्रार्थना क्या थी? beginner
  • A कि वह घोड़ा एक बार और दिखा दे
  • B कि वह गाँव छोड़ दे
  • C कि वह फिर कभी न आए
  • D कि यह घटना किसी को न बताए
Show answer
Answer: कि यह घटना किसी को न बताए
Why:

इसी विनती ने कहानी का मोड़ तय कर दिया।

Q14 छल के बाद के प्रसंग पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. बाबा भारती ने घोड़ा लौटाने के लिए नहीं कहा। II. उन्होंने खड्गसिंह से घोड़े का मूल्य माँगा। III. उनकी एक ही प्रार्थना थी कि यह घटना किसी को न बताई जाए। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: उन्होंने न घोड़ा माँगा और न मूल्य; उन्हें गरीबों के विश्वास की चिंता थी।

Q15 प्रार्थना कहते-कहते बाबा भारती ने अपने प्रिय घोड़े की ओर देखना बंद कर दिया। उन्होंने घोड़े के साथ क्या किया? advanced
  • A उसे थपकी दी
  • B उसका नाम पुकारा
  • C उससे मुँह मोड़ लिया
  • D उसकी लगाम पकड़ी
Show answer
Answer: उससे मुँह मोड़ लिया
Why:

ऐसे, मानो उस घोड़े से उनका कभी कोई नाता ही न रहा हो।

Q16 अभिकथन: रात में खड्गसिंह घोड़ा लौटाकर चुपचाप चला गया। कारण: बाबा भारती के शब्द उसके कानों में बार-बार गूँजते रहे। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही उसका हृदय बदलने का कारण है। घोड़ा उसने जीत लिया था, पर वह वाक्य उसे हरा गया।

Q17 रात में अस्तबल का फाटक कैसा था? intermediate
  • A ताले में बंद
  • B खुला पड़ा था
  • C टूटा हुआ
  • D पहरे में घिरा
Show answer
Answer: खुला पड़ा था
Why:

अब उन्हें किसी चोरी या डाके का भय नहीं रह गया था।

Q18 घोड़ा बाँधकर लौटते समय डाकू की आँखों में क्या था? advanced
  • A क्रोध के आँसू
  • B कोई भाव नहीं
  • C प्रसन्नता के आँसू
  • D पश्चाताप के आँसू
Show answer
Answer: पश्चाताप के आँसू
Why:

यही आँसू उसके हृदय के बदलने का प्रमाण हैं।

Q19 फाटक पर पहुँचकर बाबा भारती के पाँव क्यों रुक गए? advanced
  • A घोर निराशा ने उनके पाँव भारी कर दिए थे
  • B अँधेरा इतना था कि फाटक दिखाई ही नहीं दिया
  • C रास्ते का कीचड़ उनके पाँव पकड़े हुए था
  • D दिन भर की यात्रा से वे बहुत थक चुके थे
Show answer
Answer: घोर निराशा ने उनके पाँव भारी कर दिए थे
Why:

अस्तबल अब सूना था और वहाँ देखने को कुछ नहीं बचा था। निराशा शरीर को भी भारी कर देती है, यही कहानीकार दिखाते हैं।

Q20 अस्तबल में घोड़ा बँधा मिला और बाबा भारती उससे लिपटकर रो पड़े। रोते समय वे क्या कहते रहे? intermediate
  • A कि अब कोई गरीबों से मुँह न मोड़ेगा
  • B कि अब वे घोड़ा सदा बाँधकर ही रखेंगे
  • C कि अब वे सैर पर न जाएँगे
  • D कि अब वे डाकू को ढूँढ़ेंगे
Show answer
Answer: कि अब कोई गरीबों से मुँह न मोड़ेगा
Why:

उनकी सबसे बड़ी चिंता यही थी, और वही मिट गई।

Important short questions (6)

खड्गसिंह ने बल के बजाय छल क्यों चुना?

बाबा भारती रातों को स्वयं लाठी लेकर पहरा देते थे, इसलिए सीधे छीनना आसान नहीं था। छल में उसे कुछ करना ही नहीं पड़ा, क्योंकि दया दिखाकर बाबा भारती स्वयं घोड़े से नीचे उतर गए।

छल का भेद खुलने का दृश्य अपने शब्दों में लिखिए।

बाबा भारती लगाम पकड़कर धीरे-धीरे चल रहे थे। अचानक झटका लगा और लगाम छूट गई। उन्होंने देखा कि वही अपाहिज पीठ पर तनकर बैठा घोड़ा दौड़ा रहा है, और उनके मुँह से एक चीख निकल गई।

बाबा भारती ने घोड़ा वापस माँगने के बजाय क्या किया?

उन्होंने कह दिया कि घोड़ा अब उसका हो चुका है। वे उसे लौटाने के लिए नहीं कहेंगे। इसके बाद उन्होंने घोड़े का नाम ही छोड़ दिया। उनकी एक ही विनती थी कि यह घटना किसी के सामने प्रकट न हो।

खड्गसिंह उस प्रार्थना का प्रयोजन क्यों न समझ सका?

वह अपने लाभ-हानि की भाषा जानता था। उसे लगा था कि उसे घोड़ा लेकर भागना पड़ेगा। पर यहाँ बात किसी के लाभ की नहीं थी। बात दूसरों के भरोसे की थी। इसलिए उसने बहुत सिर मारा, पर कुछ न समझा।

डाकू के हृदय में परिवर्तन किन बातों को सोचते हुए आया?

उसने सोचा कि बाबा भारती के विचार कितने ऊँचे हैं। उस घोड़े के बिना वे रह न सकते थे। उसकी रखवाली में वे कई रात सोए नहीं। फिर भी उसके छिन जाने पर उनके मुख पर दुख की रेखा तक न थी।

‘दोनों के आँसुओं का मिट्टी पर परस्पर मेल हो गया’ — इसका क्या अर्थ है?

दोनों एक ही जगह खड़े होकर रोए थे, इसलिए आँसू वहीं मिल गए। एक के आँसू पश्चाताप के थे। दूसरे के आँसू प्रसन्नता के थे। मिल जाने से दिखता है कि अब दोनों के मन एक जैसे हो चुके थे।

Long answer questions (3)

खड्गसिंह की चाल के हर कदम को क्रम से लिखिए और बताइए कि वह क्यों सफल हुई।

पहले वह अपाहिज बनकर पेड़ की छाया में पड़ गया और कराहने लगा। जब बाबा भारती उधर से निकले, तो उसने करुणा भरी आवाज़ में पुकारा। फिर उसने हाथ जोड़कर दया माँगी और रामावाला जाने की बात कही, जो केवल तीन मील दूर था, इसलिए मना करना कठिन था। इसके बाद उसने दुर्गादत्त वैद्य का नाम लेकर स्वयं को उनका सौतेला भाई बताया, जिससे बात और सच लगने लगी। बाबा भारती घोड़े से उतरे, उसे सवार किया और लगाम पकड़कर चलने लगे। अब घोड़ा उसके नीचे था और साधु पैदल थे, इसलिए एक झटका ही काफ़ी था। चाल सफल इसलिए हुई कि उसने बल नहीं, बाबा भारती की सबसे बड़ी अच्छाई को निशाना बनाया।

बाबा भारती की वह एक प्रार्थना और उसका कारण विस्तार से समझाइए।

घोड़ा छिन जाने पर उन्होंने पूरे बल से पुकारकर डाकू को रोका। पर घोड़ा उन्होंने माँगा नहीं। उन्होंने कहा कि घोड़ा अब उसका हो चुका है। वे उसे लौटाने के लिए नहीं कहेंगे। उनकी केवल एक विनती थी कि यह घटना किसी के सामने प्रकट न हो। डाकू यह सुनकर चकित रह गया। उसने पूछा कि इसमें उन्हें क्या डर है। उत्तर में उन्होंने कहा कि यह बात फैली तो लोग किसी निर्धन पर भरोसा करना छोड़ देंगे। संसार से विश्वास ही मिट जाएगा। इसका अर्थ है कि अपनी हानि से बड़ी चिंता उन्हें यह थी कि आगे कोई दुखी की सहायता से डरने लगेगा।

कहानी का अंत किस प्रकार दोनों पात्रों को एक-सा बना देता है?

प्रार्थना सुनने के बाद बाबा भारती के शब्द डाकू के कानों में गूँजते रहे। उसे अपनी करनी पर पछतावा हुआ। रात के अँधेरे में वह सुलतान को लेकर पहुँचा। उसने उसे उसके स्थान पर बाँध दिया। लौटते समय उसकी आँखें पछतावे से भीगी थीं। दूसरी ओर चौथे पहर बाबा भारती स्नान करके अस्तबल की ओर बढ़े। फाटक पर निराशा से उनके पाँव रुक गए। तभी घोड़े ने पाँवों की चाप पहचानकर हिनहिनाया। वे भीतर दौड़े और घोड़े के गले लगकर रो पड़े। वे कहते रहे कि अब कोई किसी निर्धन की सहायता से पीठ न फेरेगा। बाहर निकलते समय उनके आँसू ठीक उसी जगह गिरे जहाँ डाकू रोया था। इस तरह साधु और डाकू का अंतर मिट गया।

Flashcards (15)

घटना किस समय शुरू हुई?
संध्या को, घूमने जाते समय।
बाबा भारती ने घोड़ा क्यों रोका?
क्योंकि आवाज़ में करुणा थी।
अपाहिज कहाँ पड़ा था?
एक वृक्ष की छाया में।
उसे कहाँ जाना था?
रामावाला, तीन मील दूर।
उसने स्वयं को किसका भाई बताया?
दुर्गादत्त वैद्य का सौतेला भाई।
बाबा भारती ने उसकी सहायता कैसे की?
घोड़े पर बैठाकर, स्वयं लगाम पकड़कर।
छल का पता कैसे चला?
एक झटके से लगाम छूट गई।
बाबा भारती ने रोकने के लिए क्या किया?
पूरे बल से चिल्लाकर पुकारा।
उनके देखने के ढंग की उपमा?
जैसे बकरा कसाई की ओर देखता है।
उनकी एक प्रार्थना क्या थी?
कि यह घटना किसी के सामने प्रकट न हो।
उन्होंने यह विनती क्यों की?
कि लोग निर्धनों पर भरोसा करना न छोड़ दें।
प्रार्थना सुनकर डाकू की दशा?
उसका मुँह आश्चर्य से खुला रह गया।
अस्तबल का फाटक कैसा मिला?
खुला पड़ा था, कोई पहरा नहीं था।
बाबा भारती को वापसी का पता कैसे चला?
घोड़े ने चाप पहचानकर हिनहिनाया।
अंत में मिट्टी पर क्या हुआ?
दोनों के आँसुओं का परस्पर मेल हो गया।

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  • छल और वापसी का क्रम
  • शब्द और अर्थ
  • छल का हिस्सा या पश्चाताप का?
  • सच या भ्रम
  • झटपट उत्तर

शीर्षक, संवाद, मुहावरे और विशेषण

यह कहानी किस तरह बनी है — शीर्षक का अर्थ, तीन पात्रों के गुण, छोटे-छोटे संवाद, छह मुहावरे और विशेषण की पहचान।

What you will be able to do

  • शीर्षक ‘हार की जीत’ का अर्थ कारण देकर समझाना
  • तीनों पात्रों के गुण बताने वाले शब्द चुनना और उन्हें विशेषण के रूप में पहचानना
  • कहानी के छह मुहावरों के अर्थ बताकर नए वाक्य बनाना
  • संवादों और उपमाओं से कहानी की रचना की खूबियाँ बताना

Key points

  • शीर्षक में हार भी है और जीत भी — घोड़ा खो देना हार थी, पर उसी से डाकू का हृदय जीत लिया गया।

  • कहानी के तीन मुख्य पात्र हैं — बाबा भारती, डाकू खड्गसिंह और घोड़ा सुलतान।

  • किसी के गुण, विशेषता या प्रकृति बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं, जैसे दयालु, बाहुबली और सुंदर।

  • कहानी में छह मुहावरे आए हैं, और हर एक का अर्थ उसके शब्दों के सीधे अर्थ से अलग है।

  • संवाद बहुत छोटे-छोटे हैं और एक-एक पंक्ति में चलते हैं, इसलिए पहली भेंट का दृश्य तेज़ी से आगे बढ़ता है।

  • कहानी में पाँच उपमाएँ मुख्य हैं — माँ और किसान, नाचता मोर, बकरा और कसाई, खिलता फूल, तथा बिछड़े पुत्र से मिलता पिता।

  • कहानी में छह भाव बार-बार आते हैं — चकित, अधीर, डर, प्रसन्नता, करुणा और निराशा।

  • लेखक सुदर्शन का असली नाम बदरीनाथ भट्ट था और उनका समय 1896 से 1983 तक रहा।

Full explanation

शीर्षक में दो उलटे शब्द

‘हार’ और ‘जीत’ आपस में उलटे शब्द हैं। इन्हें एक साथ रख देने से नाम पढ़ते ही प्रश्न उठता है कि हार की जीत कैसे हो सकती है। कहानी पूरी पढ़ने पर ही यह गुत्थी खुलती है।

हार किसकी हुई

बाबा भारती का सबसे प्रिय घोड़ा उनसे छिन गया। वे साधु थे, उनके पास बल भी नहीं था, और डाकू के पास आदमी भी थे। इसलिए ऊपर से देखने पर यह उनकी सीधी हार थी।

जीत कैसे हुई

पर उन्होंने घोड़ा माँगा ही नहीं। उन्होंने केवल दूसरों के भरोसे की चिंता की, और इसी बात ने डाकू का हृदय बदल दिया। घोड़ा भी लौट आया। इसलिए उनकी हार अंत में जीत बन गई।

दूसरा नाम क्या हो सकता था

कहानी को ‘एक प्रार्थना’, ‘लौटा हुआ घोड़ा’ या ‘मिट्टी पर मिले आँसू’ भी कहा जा सकता था। हर नाम किसी एक बात पर ज़ोर डालता है, इसलिए नाम चुनते समय यह सोचना पड़ता है कि सबसे बड़ी बात कौन-सी है।

तीन मुख्य पात्र

कहानी में तीन ही पात्र मुख्य हैं — बाबा भारती, डाकू खड्गसिंह और घोड़ा सुलतान। बाकी जो नाम आते हैं, जैसे दुर्गादत्त वैद्य, वे केवल बातचीत में आते हैं।

बाबा भारती के गुण

वे त्यागी हैं, दयालु हैं, सरल हैं और दूरदृष्टि वाले हैं। साथ ही कहानीकार उन्हें दोषरहित नहीं बनाते — प्रशंसा सुनने की चाह उनमें भी थी, और यही बात उन्हें सच्चा पात्र बना देती है।

खड्गसिंह के गुण

वह बाहुबली है, चतुर है और आरंभ में निर्दय भी। पर वह पत्थर नहीं है। उसके भीतर आदर भी है, इसलिए वह नमस्कार करके बैठता है, और अंत में पश्चाताप भी कर लेता है।

सुलतान के गुण

वह सुंदर है, बलवान है और स्वामी से जुड़ा हुआ है। उसकी सबसे बड़ी खूबी अंत में दिखती है, जब वह पाँवों की चाप से ही अपने स्वामी को पहचान लेता है।

विशेषण क्या होता है

दयालु, बाहुबली और सुंदर — ये सब किसी की विशेषता बता रहे हैं। ऐसे शब्दों को विशेषण कहते हैं। पात्र-चित्र भरते समय हम असल में विशेषण ही ढूँढ़ते हैं।

कहानी के छह भाव

चकित, अधीर, डर, प्रसन्नता, करुणा और निराशा — ये छहों भाव कहानी में किसी न किसी पात्र के हिस्से आते हैं। जैसे अस्तबल में डाकू चकित है, चेतावनी के बाद बाबा भारती डरे हुए हैं, और फाटक पर निराशा है।

पहला मुहावरा

‘लट्टू होना’ का अर्थ है किसी पर मुग्ध हो जाना। बाबा भारती घोड़े की चाल पर लट्टू थे। नया वाक्य ऐसे बन सकता है कि छोटा भाई अपनी नई साइकिल पर लट्टू है।

दूसरा और तीसरा मुहावरा

‘हृदय पर साँप लोटना’ का अर्थ तेज़ जलन होना है, और ‘फूले न समाना’ का अर्थ बहुत प्रसन्न होना। कहानी में पहला डाकू के लिए आया है और दूसरा बाबा भारती के लिए।

बाकी तीन मुहावरे

‘मुँह मोड़ लेना’ का अर्थ है ध्यान या संबंध हटा लेना। ‘मुख खिल जाना’ का अर्थ है चेहरे पर प्रसन्नता आ जाना। ‘न्योछावर कर देना’ का अर्थ है सब कुछ अर्पित कर देना। पहला प्रार्थना के समय आया, दूसरा घोड़े को देखने पर, और तीसरा उनके समय के लिए।

पाँच उपमाएँ

माँ और किसान का सुख, नाचता मोर, बकरा और कसाई, खिलता फूल, और बिछड़े पुत्र से मिलता पिता। इन पाँच उपमाओं से कहानीकार भाव सीधे शब्दों में नहीं, चित्रों में बताते हैं।

संवाद की खूबी

पहली भेंट में दोनों की बातें एक-एक पंक्ति की हैं। इससे दृश्य तेज़ चलता है और पाठक को लगता है कि वह वहीं बैठा सुन रहा है। साथ ही हर पंक्ति पात्र के बारे में कुछ बता भी देती है।

लेखक का परिचय

कहानी के लेखक सुदर्शन का असली नाम बदरीनाथ भट्ट था और उनका समय 1896 से 1983 तक रहा। उन्होंने पहली कहानी छठी कक्षा में लिखी। कहानियों के साथ उन्होंने कविताएँ, लेख, नाटक और उपन्यास भी लिखे, तथा फ़िल्मों की पटकथा और गीत भी लिखे।

Concepts and terms

विशेषण

वह शब्द जो किसी की विशेषता, गुण या प्रकृति बताए। इस कहानी के पात्र-चित्रों में दयालु, बाहुबली और सुंदर जैसे शब्द भरे जाते हैं, और ये तीनों विशेषण हैं।

मुहावरा

ऐसा बँधा हुआ वाक्यांश जिसका अर्थ उसके शब्दों के सीधे अर्थ से अलग होता है। ‘हृदय पर साँप लोटना’ में कोई साँप नहीं होता, केवल तेज़ जलन का भाव होता है।

संवाद

कहानी में पात्रों की आपसी बातचीत। यहाँ संवाद बहुत छोटे हैं, इसलिए पढ़ते समय लगता है कि दोनों आमने-सामने बैठे बोल रहे हैं और दृश्य तेज़ चल रहा है।

शीर्षक

कहानी का नाम, जो उसके सबसे बड़े भाव को एक-दो शब्दों में पकड़ लेता है। यहाँ दो उलटे शब्द जोड़ दिए गए हैं, इसलिए नाम पढ़कर ही जिज्ञासा जाग जाती है।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा ने कहानी के शीर्षक पर बहस की। हार की जीत में दो उलटे शब्द साथ रखे गए हैं। सना ने पूछा कि हार भला जीत कैसे बन सकती है। बच्चों ने देखा कि बाबा ने घोड़ा खो दिया, और यह उनकी हार थी। पर उन्होंने अपनी बात नहीं छोड़ी, और यही उनकी जीत थी। फिर बच्चों ने ऐसे और शीर्षक सोचे जिनमें दो उलटी बातें हों। मीठा ज़हर और ख़ाली भरा उनमें आए। अध्यापिका ने कहा कि ऐसे शीर्षक पाठक को रुककर सोचने पर मजबूर कर देते हैं।

Analysis:

शीर्षक में रखे दो उलटे शब्द कहानी का पूरा ढाँचा पकड़ लेते हैं। जो खोया वह सामान था, जो बचा वह वचन था।

Activity:

दो उलटे शब्दों को जोड़कर तीन शीर्षक बनाओ। हर एक के नीचे दो वाक्य लिखो कि कहानी किस बारे में होगी।

घर पर करके देखो

Title:

मुहावरों का छोटा खेल

Safety:

पर्चियाँ छोटे भाई-बहन की पहुँच से दूर रखो, वे उन्हें मुँह में डाल सकते हैं।

What You Notice:

अर्थ याद करने से ज़्यादा आसान अपना वाक्य बनाना पड़ता है, और एक बार वाक्य बन जाए तो मुहावरा भूलता नहीं।

Did you know

सुदर्शन ने अपनी पहली कहानी उसी उम्र में लिखी थी जब वे छठी कक्षा में पढ़ते थे।

उन्होंने कहानियों के अलावा कविताएँ, लेख, नाटक और उपन्यास भी लिखे, और कई फ़िल्मों की पटकथा तथा गीत भी लिखे।

उनकी एक छोटी कविता ‘वह चली हवा’ भी इसी पाठ के साथ दी गई है, जिसमें हवा दिखती नहीं पर पत्ते उसका पता दे देते हैं।

Memory tricks

छह मुहावरे — लट्टू-साँप-फूले-मुँह-मुख-न्योछावर — लट्टू होना, साँप लोटना, फूले न समाना, मुँह मोड़ना, मुख खिलना, न्योछावर करना।

तीन पात्रों के गुण — दया-बल-सौंदर्य — बाबा भारती दयालु, खड्गसिंह बाहुबली और सुलतान सुंदर।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 कहानी का शीर्षक दो उलटी बातों को एक साथ जोड़ता है। ‘हार की जीत’ में ‘हार’ किस बात को कहा गया है? beginner
  • A डाकू के पकड़े जाने की बात को
  • B गाँव के छूट जाने को
  • C प्रिय घोड़े के छिन जाने को
  • D मंदिर के सूने होने को
Show answer
Answer: प्रिय घोड़े के छिन जाने को
Why:

ऊपर से देखने पर यही बाबा भारती की हार थी।

Q2 अभिकथन: कहानी का शीर्षक ‘हार की जीत’ अपने में उलटी बात रखता है। कारण: घोड़ा हाथ से निकल गया, पर उसी हार से डाकू का हृदय बदल गया। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही शीर्षक खोल देता है। बाबा भारती ने वस्तु खोई और मनुष्य पाया।

Q3 इस कहानी के मुख्य पात्रों की संख्या कितनी है? advanced
  • A एक
  • B दो
  • C तीन
  • D पाँच
Show answer
Answer: तीन
Why:

बाबा भारती, खड्गसिंह और सुलतान।

Q4 कहानी के पात्रों के लिए कक्षा में गुण बताने वाले शब्द चुने जा रहे हैं। ‘दयालु’ शब्द किस पात्र के लिए सबसे ठीक बैठता है? beginner
  • A डाकू खड्गसिंह के लिए
  • B बाबा भारती के लिए
  • C घोड़े सुलतान के लिए
  • D दुर्गादत्त वैद्य के लिए
Show answer
Answer: बाबा भारती के लिए
Why:

उन्होंने एक अपरिचित दुखी को घोड़े पर बैठा लिया था।

Q5 कहानी में एक पात्र अपने बल और भय के लिए जाना जाता है। ‘बाहुबली’ शब्द किसकी विशेषता बताता है? intermediate
  • A बाबा भारती की
  • B सुलतान घोड़े की
  • C गाँव के लोगों की
  • D डाकू खड्गसिंह की
Show answer
Answer: डाकू खड्गसिंह की
Why:

उसके पास बल भी था और आदमी भी।

Q6 गुण या प्रकृति बताने वाले शब्दों को क्या कहते हैं? advanced
  • A संज्ञा
  • B क्रिया
  • C विशेषण
  • D सर्वनाम
Show answer
Answer: विशेषण
Why:

दयालु, सुंदर और बाहुबली इसी के उदाहरण हैं।

Q7 गाँव के लोग सुलतान को देखकर उस पर मुग्ध हो जाते थे। ‘लट्टू होना’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A किसी पर मुग्ध हो जाना
  • B तेज़ी से गोल-गोल घूम जाना
  • C अचानक गिर पड़ना
  • D बहुत थक जाना
Show answer
Answer: किसी पर मुग्ध हो जाना
Why:

बाबा भारती घोड़े की चाल पर लट्टू थे।

Q8 ‘फूले न समाना’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A बहुत डर जाना
  • B बहुत प्रसन्न होना
  • C बहुत दुखी होना
  • D बहुत क्रोधित होना
Show answer
Answer: बहुत प्रसन्न होना
Why:

सैर के समय बाबा भारती की यही दशा थी।

Q9 ‘मुख खिल जाना’ किस भाव को बताता है? advanced
  • A निराशा को
  • B प्रसन्नता को
  • C जलन को
  • D भय को
Show answer
Answer: प्रसन्नता को
Why:

घोड़े को देखकर उनका चेहरा ऐसा ही हो जाता था।

Q10 प्रार्थना करते समय बाबा भारती ने अपने घोड़े से ध्यान हटा लिया था। ‘मुँह मोड़ लेना’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A पीछे लौट आना
  • B चेहरा धो लेना
  • C ज़ोर से बोलना
  • D ध्यान हटा लेना
Show answer
Answer: ध्यान हटा लेना
Why:

प्रार्थना करते समय उन्होंने घोड़े से यही किया।

Q11 लोग अपनी प्रिय वस्तु किसी पर अर्पित कर देते हैं, ऐसा मुहावरा कहानी में आया है। ‘न्योछावर कर देना’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A किसी को दंड देना
  • B किसी से सदा के लिए दूर हो जाना
  • C किसी पर सब अर्पित कर देना
  • D किसी को भूल जाना
Show answer
Answer: किसी पर सब अर्पित कर देना
Why:

उन्होंने अपना बचा हुआ समय घोड़े पर अर्पित कर दिया था।

Q12 ‘बकरा कसाई की ओर देखता है’ — यह उपमा क्या दिखाती है? advanced
  • A बाबा भारती की उस समय की पूरी असहायता
  • B खड्गसिंह के मन में भरा हुआ तेज़ क्रोध
  • C घोड़ा पा लेने पर डाकू का बड़ा घमंड
  • D सुलतान को देखकर उसके मन में हुई गहरी प्रसन्नता
Show answer
Answer: बाबा भारती की उस समय की पूरी असहायता
Why:

बकरा कसाई के सामने कुछ कर नहीं सकता, केवल देख सकता है। बाबा भारती की दशा उस क्षण ठीक वही थी।

Q13 अस्तबल में घोड़ा पाकर बाबा भारती उससे लिपट गए, जैसे कोई अपना खोया हुआ पा ले। इस दृश्य की उपमा किससे दी गई? beginner
  • A बिछड़े पुत्र से मिलते पिता से
  • B अपना लहराता खेत देखते किसान से
  • C घटा देखते मोर से
  • D कसाई देखते बकरे से
Show answer
Answer: बिछड़े पुत्र से मिलते पिता से
Why:

इससे उनका स्नेह पिता जैसा दिखाया गया है।

Q14 कहानी की भाषा पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. गुण या प्रकृति बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। II. इस कहानी के संवाद बहुत लंबे-लंबे हैं। III. ‘फूले न समाना’ का अर्थ बहुत प्रसन्न होना है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II उल्टा है: कहानी के संवाद छोटे और तेज़ हैं, इसी से घटनाएँ एक के बाद एक दौड़ती चलती हैं।

Q15 कहानी में कौन-सा भाव अस्तबल में डाकू के हिस्से आता है? advanced
  • A करुणा
  • B निराशा
  • C डर
  • D चकित होना
Show answer
Answer: चकित होना
Why:

ऐसा बाँका घोड़ा उसने पहले कभी नहीं देखा था।

Q16 फाटक पर पहुँचकर बाबा भारती के मन में कौन-सा भाव था? beginner
  • A प्रसन्नता
  • B घोर निराशा
  • C क्रोध
  • D घमंड
Show answer
Answer: घोर निराशा
Why:

इसी से उनके पाँव भारी हो गए थे।

Q17 पाठ के अंत में लेखक का परिचय दिया गया है और वहाँ दो नाम मिलते हैं। इस कहानी के लेखक का असली नाम क्या था? intermediate
  • A सोहनलाल द्विवेदी
  • B गोपालकृष्ण कौल
  • C दुर्गादत्त भट्ट
  • D बदरीनाथ भट्ट
Show answer
Answer: बदरीनाथ भट्ट
Why:

वे सुदर्शन नाम से लिखते थे।

Q18 लेखक ने लिखना बहुत छोटी आयु से ही आरंभ कर दिया था। सुदर्शन ने अपनी पहली कहानी कब लिखी थी? advanced
  • A कॉलेज में पढ़ाई करते समय
  • B नौकरी करते समय
  • C दसवीं कक्षा में
  • D छठी कक्षा में पढ़ते समय
Show answer
Answer: छठी कक्षा में पढ़ते समय
Why:

यह जानकारी पाठ के लेखक-परिचय में दी गई है।

Q19 कहानियों के अलावा उन्होंने क्या-क्या लिखा? beginner
  • A केवल पत्र और छोटी चिट्ठियाँ
  • B कविताएँ, नाटक और उपन्यास
  • C केवल शब्दकोश
  • D केवल समाचार
Show answer
Answer: कविताएँ, नाटक और उपन्यास
Why:

उन्होंने फ़िल्मों की पटकथा और गीत भी लिखे।

Q20 ‘वह चली हवा’ कविता में हवा का पता किससे चलता है? intermediate
  • A पत्तों की खुशी से
  • B बादलों के रंग से
  • C नदी की लहरों से
  • D पक्षियों के गीत से
Show answer
Answer: पत्तों की खुशी से
Why:

कवि कहते हैं कि हवा दिखती नहीं, पर पत्ते उसे देख लेते हैं।

Important short questions (6)

शीर्षक ‘हार की जीत’ क्यों ठीक बैठता है?

ऊपर से देखने पर बाबा भारती हार गए। उनका प्रिय घोड़ा छिन गया था। पर उसी हार ने डाकू का हृदय बदल दिया। घोड़ा भी लौट आया। इसलिए वह हार अंत में जीत बन जाती है।

आप इस कहानी को कोई दूसरा नाम क्या देंगे और क्यों?

इसे ‘एक प्रार्थना’ कहा जा सकता है। पूरी कहानी का मोड़ उसी एक विनती से आता है। उससे पहले तक यह चोरी की कहानी लगती है। उसके बाद वह मन बदलने की कहानी बन जाती है।

विशेषण किसे कहते हैं? कहानी से तीन उदाहरण दीजिए।

किसी की विशेषता, गुण या प्रकृति बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। इस कहानी के पात्रों के लिए दयालु, बाहुबली और सुंदर जैसे शब्द आते हैं, और ये तीनों विशेषण हैं।

‘हृदय पर साँप लोटना’ का अर्थ लिखकर अपना एक वाक्य बनाइए।

इसका अर्थ है तेज़ ईर्ष्या या जलन होना। वाक्य — अपने मित्र को दौड़ में पहला आते देखकर उसके हृदय पर साँप लोट गया, और वह चुपचाप एक ओर खड़ा रह गया।

कहानी के संवादों के विषय में अपने विचार लिखिए।

संवाद बहुत छोटे हैं और आमने-सामने चलते हैं। इससे दृश्य तेज़ी से आगे बढ़ता है। हर पंक्ति पात्र के बारे में कुछ बता भी देती है। डाकू का आदर और बाबा का घमंड, दोनों संवादों से ही खुलते हैं।

लेखक सुदर्शन का संक्षिप्त परिचय दीजिए।

उनका असली नाम बदरीनाथ भट्ट था और उनका समय 1896 से 1983 तक रहा। उन्होंने पहली कहानी छठी कक्षा में लिखी। कहानियों के साथ उन्होंने कविताएँ, लेख, नाटक, उपन्यास तथा फ़िल्मों की पटकथा और गीत भी लिखे।

Long answer questions (3)

कहानी के तीनों पात्रों के गुण उदाहरण देकर लिखिए।

बाबा भारती त्यागी और दयालु हैं। उन्होंने रुपया, माल और ज़मीन छोड़ दी थी, और एक अपरिचित दुखी को घोड़े पर बैठाकर स्वयं पैदल चल दिए। उनमें दूरदृष्टि भी है, क्योंकि घोड़ा छिनने पर उन्होंने अपनी हानि नहीं, दुनिया के भरोसे की बात सोची। खड्गसिंह बाहुबली और चतुर है; उसने बल के बजाय भेस बदलकर काम निकाला। पर वह पत्थर नहीं है — वह आदर से नमस्कार करके बैठता है और अंत में पश्चाताप के आँसू भी बहाता है। सुलतान सुंदर और बलवान है, सारे इलाके में बेजोड़ है, और उसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह पाँवों की चाप से ही अपने स्वामी को पहचान लेता है। इन तीनों के गुण बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं।

कहानी में आई उपमाओं का प्रयोग समझाइए।

कहानीकार भाव सीधे नहीं बताते, चित्र दिखा देते हैं। पहला ही वाक्य माँ और किसान के सुख की उपमा लाता है। इससे घोड़े का प्रेम एक साथ समझ आ जाता है। घोड़े की चाल के लिए बादल देखकर नाचते मोर की उपमा आती है। वह सुंदरता और उत्साह, दोनों बताती है। विनती करने वे डाकू के निकट जाते हैं, तब कसाई को देखते बकरे की उपमा आती है। उससे उनकी पूरी असहायता एक ही चित्र में दिख जाती है। घोड़े को देखकर उनका मुख फूल की तरह खिल जाता है। अंत में उनका रोना बिछड़े पुत्र से मिलते पिता जैसा कहा गया है।

कहानी के छह मुहावरे उनके अर्थ के साथ लिखिए और बताइए कि वे कहाँ आए हैं।

पहला है ‘लट्टू होना’, अर्थात किसी पर मुग्ध हो जाना। बाबा भारती घोड़े की चाल पर लट्टू थे। दूसरा है ‘हृदय पर साँप लोटना’, अर्थात तेज़ जलन होना। चाल देखकर डाकू के मन में यही हुआ। तीसरा है ‘फूले न समाना’, अर्थात बहुत प्रसन्न होना। सैर के समय उनकी यही दशा थी। चौथा है ‘मुँह मोड़ लेना’, अर्थात संबंध हटा लेना। प्रार्थना के समय उन्होंने घोड़े से मुँह मोड़ा। पाँचवाँ है ‘मुख खिल जाना’, अर्थात चेहरे पर खुशी आना। घोड़े को देखकर उनका चेहरा ऐसा ही होता। छठा है ‘न्योछावर कर देना’, अर्थात सब अर्पित कर देना। उन्होंने अपना समय घोड़े पर न्योछावर किया।

Flashcards (15)

शीर्षक में ‘हार’ किसकी है?
बाबा भारती की, क्योंकि घोड़ा छिन गया।
शीर्षक में ‘जीत’ क्या है?
डाकू का हृदय जीत लेना और घोड़े का लौटना।
कहानी के तीन मुख्य पात्र?
बाबा भारती, खड्गसिंह और सुलतान।
विशेषण किसे कहते हैं?
गुण, विशेषता या प्रकृति बताने वाले शब्द को।
‘लट्टू होना’ का अर्थ?
किसी पर मुग्ध हो जाना।
‘हृदय पर साँप लोटना’ का अर्थ?
तेज़ ईर्ष्या या जलन होना।
‘फूले न समाना’ का अर्थ?
बहुत अधिक प्रसन्न होना।
‘मुँह मोड़ लेना’ का अर्थ?
ध्यान हटा लेना या संबंध तोड़ लेना।
‘मुख खिल जाना’ का अर्थ?
चेहरे पर प्रसन्नता आ जाना।
‘न्योछावर कर देना’ का अर्थ?
किसी पर सब कुछ अर्पित कर देना।
कहानी की पाँच उपमाएँ कौन-सी हैं?
माँ-किसान, मोर, बकरा-कसाई, फूल, पिता-पुत्र।
संवादों की खूबी क्या है?
वे बहुत छोटे हैं, इसलिए दृश्य तेज़ चलता है।
लेखक का असली नाम?
बदरीनाथ भट्ट।
उन्होंने पहली कहानी कब लिखी?
जब वे छठी कक्षा में पढ़ते थे।
उनकी एक कविता का नाम?
वह चली हवा।

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  • मुहावरा और अर्थ
  • विशेषण किस पात्र का?
  • सच या भ्रम
  • शीर्षक तक पहुँचने का क्रम
  • झटपट उत्तर

Class 6 Hindi Chapter 4 — frequently asked questions

बाबा भारती ने क्या-क्या छोड़ दिया था और वे कहाँ रहने लगे थे?

उन्होंने रुपया, माल, असबाब और ज़मीन सब छोड़ दिया था। नगर का जीवन भी उन्हें अच्छा नहीं लगता था, इसलिए वे गाँव के बाहर एक छोटे-से मंदिर में रहकर भजन करने लगे थे।

बाबा भारती घोड़े की कौन-कौन सी सेवा अपने हाथ से करते थे?

वे अपने हाथ से उसका शरीर साफ़ करते और स्वयं उसे दाना खिलाते थे। भजन के बाद बचा हुआ पूरा समय वे उसी पर लगाते और उसे देख-देखकर प्रसन्न होते थे।

सुलतान की चाल के लिए कहानी में कौन-सी उपमा आई है?

बाबा भारती कहते थे कि वह ऐसे चलता है जैसे मोर बादल देखकर नाच उठे। इसी चाल पर वे मुग्ध थे और इसी चाल ने आगे डाकू के मन में जलन भर दी।

खड्गसिंह ने बल के बजाय छल क्यों चुना?

बाबा भारती रातों को स्वयं लाठी लेकर पहरा देते थे, इसलिए सीधे छीनना आसान नहीं था। छल में उसे कुछ करना ही नहीं पड़ा, क्योंकि दया दिखाकर बाबा भारती स्वयं घोड़े से नीचे उतर गए।

छल का भेद खुलने का दृश्य अपने शब्दों में लिखिए।

बाबा भारती लगाम पकड़कर धीरे-धीरे चल रहे थे। अचानक झटका लगा और लगाम छूट गई। उन्होंने देखा कि वही अपाहिज पीठ पर तनकर बैठा घोड़ा दौड़ा रहा है, और उनके मुँह से एक चीख निकल गई।

बाबा भारती ने घोड़ा वापस माँगने के बजाय क्या किया?

उन्होंने कह दिया कि घोड़ा अब उसका हो चुका है। वे उसे लौटाने के लिए नहीं कहेंगे। इसके बाद उन्होंने घोड़े का नाम ही छोड़ दिया। उनकी एक ही विनती थी कि यह घटना किसी के सामने प्रकट न हो।

शीर्षक ‘हार की जीत’ क्यों ठीक बैठता है?

ऊपर से देखने पर बाबा भारती हार गए। उनका प्रिय घोड़ा छिन गया था। पर उसी हार ने डाकू का हृदय बदल दिया। घोड़ा भी लौट आया। इसलिए वह हार अंत में जीत बन जाती है।

आप इस कहानी को कोई दूसरा नाम क्या देंगे और क्यों?

इसे ‘एक प्रार्थना’ कहा जा सकता है। पूरी कहानी का मोड़ उसी एक विनती से आता है। उससे पहले तक यह चोरी की कहानी लगती है। उसके बाद वह मन बदलने की कहानी बन जाती है।

विशेषण किसे कहते हैं? कहानी से तीन उदाहरण दीजिए।

किसी की विशेषता, गुण या प्रकृति बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। इस कहानी के पात्रों के लिए दयालु, बाहुबली और सुंदर जैसे शब्द आते हैं, और ये तीनों विशेषण हैं।

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