Class 6 Hindi Chapter 9: मैया मैं नहिं माखन खायो

मैया मैं नहिं माखन खायो is Chapter 9 of NCERT / CBSE Class 6 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 3 topics , 60 practice MCQs with answers and explanations , 27 important short and long questions and 45 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

पद का अर्थ और बालक के तर्क

एक बच्चा माखन चुराने से इनकार करता है और अपने बचाव में एक के बाद एक तर्क रखता है — और अंत में माँ हँस पड़ती है।

What you will be able to do

  • पद की हर पंक्ति का भाव अपने शब्दों में बताना
  • बालक के तर्कों को क्रम से गिनाना
  • यह समझाना कि उसकी सबसे बड़ी शिकायत क्या है
  • पद के अंत का अर्थ बताना

Key points

  • पद की पहली पंक्ति में ही बालक साफ़ इनकार कर देता है कि उसने माखन खाया।

  • उसका पहला तर्क समय का है — भोर होते ही उसे गायों के साथ मधुबन भेज दिया गया था।

  • वह चार पहर बंसीवट के आसपास घूमता रहा और साँझ ढले ही घर लौटा।

  • दूसरा तर्क उसके शरीर का है — वह छोटा बालक है और उसकी बाँहें भी छोटी हैं।

  • छीका ऊँचाई पर लटकता है, इसलिए वह कहता है कि उस तक उसका पहुँचना संभव ही नहीं था।

  • तीसरा तर्क साथियों पर है — ग्वाल-बाल उससे बैर रखते हैं और उन्होंने ही मुँह पर माखन पोत दिया।

  • वह माँ से कहता है कि वे मन की सीधी हैं, इसलिए दूसरों की बात सच मान बैठीं।

  • अंत में वह रूठकर लाठी-कंबल लौटाना चाहता है, और यशोदा हँसकर उसे गले लगा लेती हैं।

Full explanation

पद कहाँ से शुरू होता है

पद बीच से शुरू होता है। माँ ने शिकायत सुन ली है और बालक से पूछ लिया है। हमें वह पूछना नहीं दिखता, केवल बालक का उत्तर मिलता है। इसी से पद पढ़ते ही लगता है कि हम किसी दृश्य के बीच आ पहुँचे हैं। बालक जानता है कि उस पर आरोप लग चुका है, इसलिए वह सीधे बचाव पर उतर आता है। पहली ही पंक्ति में वह साफ़ इनकार कर देता है — “मैया मैं नहिं माखन खायो।”

पहला तर्क — मैं घर पर था ही नहीं

“भोर भयो गैयन के पाछे, मधुबन मोहि पठायो। चार पहर बंसीवट भटक्यो, साँझ परे घर आयो॥”

उसका भाव

भोर होते ही मुझे गायों के साथ मधुबन की ओर रवाना कर दिया गया। बंसीवट के आसपास मैं बारह घंटे घूमता रहा और अँधेरा होने पर लौटा। यानी जिस समय माखन गया, उस समय मैं घर पर था ही नहीं। यह तर्क सबसे पहले आता है, क्योंकि इससे पूरा आरोप एक बार में ही हट जाता है।

दूसरा तर्क — मेरा हाथ पहुँचता ही नहीं

“मैं बालक बहियन को छोटो, छीको केहि बिधि पायो।”

उसका भाव

मैं ठहरा छोटा-सा बच्चा, और हाथ भी नाटे। छीका छत से लटकाया जाता है, इसलिए उतनी ऊँचाई तक मेरा पहुँचना कैसे हो सकता था। यह तर्क सबसे मज़बूत है, क्योंकि इसमें कोई गवाह नहीं चाहिए — बात केवल ऊँचाई की है। ऊँचाई कोई भी नाप सकता है, और उसमें किसी की गवाही जोड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

तीसरा तर्क — यह साथियों की चाल है

“ग्वाल-बाल सब बैर परे हैं, बरबस मुख लपटायो॥”

उसका भाव

ये साथी मुझसे जलते हैं। इन्होंने ज़बरदस्ती मेरे मुँह पर माखन पोत दिया, ताकि देखने वाले को लगे कि चोरी मैंने ही की है। यहाँ बालक यह भी समझा देता है कि मुँह पर माखन होने से चोरी सिद्ध नहीं होती। यानी जो सबूत माँ के सामने रखा गया था, उसी को वह पलट देता है। मुँह पर माखन होना यह तो बताता है कि माखन लगा, पर यह नहीं कि लगाया किसने।

चौथा तर्क — तुम बहुत सीधी हो

“तू माता मन की अति भोरी, इनके कहे पतियायो।”

उसका भाव

माँ, तुम्हारा मन बहुत सीधा है, इसीलिए इनकी बात सच मान बैठीं। ध्यान देने लायक बात यह है कि वह माँ पर दोष नहीं डालता, उनके भोलेपन को कारण बताता है। इससे उसकी शिकायत भी बनी रहती है और माँ भी बुरी नहीं ठहरतीं।

सबसे बड़ी शिकायत

“जिय तेरे कछु भेद उपजि हैं, जानि परायो जायो॥”

यहाँ बात बदल जाती है

लगता है तुम्हारे मन में कोई दूरी आ गई है, तभी मुझे अपना नहीं समझा। यहीं से झगड़ा माखन का नहीं रह जाता। अब बात भरोसे की हो गई है, और यही पद की सबसे भारी पंक्ति है। एक बच्चे के लिए माखन का आरोप सहा जा सकता है, पर अपना न समझा जाना नहीं।

रूठना

“ये ले अपनी लकुटि कमरिया, बहुतहिं नाच नचायो।”

उसका भाव

यह लो अपनी लाठी और कंबल, मुझे बहुत नचाया जा चुका। यानी वह गाय चराने का काम ही छोड़ देना चाहता है। इतनी बात कह देने के बाद उसके पास कुछ और कहने को बचता भी नहीं। बच्चे का रूठना इससे अधिक बड़ा नहीं हो सकता। वह वही चीज़ें लौटा रहा है जो उसे रोज़ का काम करने के लिए दी गई थीं।

अंत

“सूरदास तब बिहँसि जसोदा, लै उर कंठ लगायो॥”

एक हँसी से सब खत्म

यह सुनकर यशोदा हँस पड़ीं और उसे गले से लगा लिया। वे न तो उसे झूठा ठहरातीं, न कोई दंड देती हैं। उनकी हँसी बता देती है कि बालक की चतुराई उन्हें समझ आ गई। और गले लगाना उसकी सबसे बड़ी शिकायत का उत्तर दे देता है — कि उसे पराया कभी माना ही नहीं गया।

Concepts and terms

छीका

रस्सियों का बुना हुआ गोल जाल, जिसे छत या किसी ऊँची जगह से लटकाया जाता है। उसमें दूध-दही रखे जाते हैं, ताकि कुत्ते-बिल्ली उन तक न पहुँच सकें। पूरे पद का सबसे मज़बूत तर्क इसी की ऊँचाई पर टिका है।

मधुबन

यमुना के किनारे बसा एक वन, जो मथुरा से दूर नहीं है। बालक कहता है कि भोर होते ही उसे गायों के साथ वहीं भेज दिया गया था, यानी वह घर पर था ही नहीं।

बंसीवट

एक वट वृक्ष। माना जाता है कि गाय चराते समय श्रीकृष्ण इसी पर चढ़कर वंशी बजाते और उसी ध्वनि से बिखरी गायों को एक जगह बुला लेते थे।

ग्वाल-बाल

गाय पालने वालों के बच्चे, जो श्रीकृष्ण के संगी-साथी थे। पद में बालक उन्हीं पर आरोप लगाता है कि उन्होंने ज़बरदस्ती उसके मुँह पर माखन लगा दिया।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा ने बालक के सारे तर्क क्रम से लिखे। पहले उसने कहा कि उसने माखन खाया ही नहीं। फिर कहा कि वह इतना छोटा है कि मटकी तक पहुँच ही नहीं सकता। फिर कहा कि ग्वाल-बालों ने ज़बरदस्ती उसके मुँह में डाल दिया। बच्चों ने देखा कि तर्क एक-दूसरे को काट रहे हैं। यदि उसने खाया ही नहीं, तो ज़बरदस्ती वाली बात कहाँ से आई। सना ने कहा कि इसीलिए माँ हँस पड़ती है। अध्यापिका ने कहा कि बहुत सारे बहाने मिलकर सच बता देते हैं। एक भी बहाना अकेला होता तो शायद चल जाता।

Analysis:

हर तर्क अपने आप में ठीक लगता है। एक साथ रखते ही वे आपस में टकरा जाते हैं, और वही टकराव माँ का उत्तर बन जाता है।

Activity:

कोई छोटा-सा बहाना चुनो। उसके तीन कारण लिखो और जाँचो कि वे आपस में टकराते हैं या नहीं।

घर पर करके देखो

Title:

अपनी सफ़ाई के तर्क

Safety:

यह काम केवल लिखने का है; किसी पर नया आरोप मत लगाओ।

What You Notice:

अच्छे तर्क प्रायः वही होते हैं जिनमें किसी गवाह की ज़रूरत न पड़े। पद में भी छीके वाला तर्क इसीलिए सबसे मज़बूत है।

Did you know

छीका सैकड़ों वर्षों से भारत के घरों में काम आता रहा है, और आज भी कहीं-कहीं दिख जाता है।

बालक अपनी सफ़ाई में केवल इनकार नहीं करता; वह समय, शरीर और गवाह — तीनों का सहारा लेता है।

पूरे झगड़े का अंत किसी दंड से नहीं, एक हँसी से होता है।

Memory tricks

चार तर्क, एक शिकायत — समय-बाँहें-साथी-भोलापन — चार तर्क इसी क्रम में, और अंत में पराया समझे जाने की शिकायत।

पद का ढाँचा — इनकार-सफ़ाई-रूठना-गले लगना — शुरू में इनकार, बीच में तर्क, फिर रूठना, और अंत में माँ का गले लगाना।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 पद की शुरुआत किस बात से होती है? beginner
  • A माँ की शिकायत से
  • B बालक के इनकार से
  • C ग्वालों की बात से
  • D कवि के परिचय से
Show answer
Answer: बालक के इनकार से
Why:

माँ का पूछना पद में दिखता ही नहीं।

Q2 भोर होते ही बालक को गायों के साथ घर से बाहर भेज दिया गया था। बालक को भोर में कहाँ भेज दिया गया था? intermediate
  • A बाज़ार
  • B नदी के घाट
  • C पड़ोस के घर
  • D मधुबन
Show answer
Answer: मधुबन
Why:

वह गायों के साथ गया था।

Q3 ‘मधुबन’ किस नदी के किनारे है? advanced
  • A यमुना
  • B गंगा
  • C सरयू
  • D नर्मदा
Show answer
Answer: यमुना
Why:

वह मथुरा के पास पड़ता है।

Q4 बालक सुबह से साँझ तक घर के बाहर ही रहा, यह वह स्वयं बताता है। बालक कितने पहर बाहर रहा? beginner
  • A एक पहर
  • B दो पहर
  • C चार पहर
  • D आठ पहर
Show answer
Answer: चार पहर
Why:

यानी पूरे बारह घंटे।

Q5 वह किस पेड़ के आसपास घूमता रहा? intermediate
  • A गाँव के बाहर खड़ा एक पुराना पीपल
  • B बरगद के एक विशेष वृक्ष बंसीवट
  • C आम
  • D नीम
Show answer
Answer: बरगद के एक विशेष वृक्ष बंसीवट
Why:

उसी पर चढ़कर वे वंशी बजाते थे।

Q6 बंसीवट पर चढ़कर बालक जो करता था, उसी से गायें लौट आती थीं। बंसीवट पर चढ़कर वे क्या करते थे? advanced
  • A फल तोड़ते थे
  • B वंशी बजाकर गायों को बुलाते थे
  • C सो जाते थे
  • D चढ़कर दूर-दूर तक देखते रहते थे
Show answer
Answer: वंशी बजाकर गायों को बुलाते थे
Why:

उसी ध्वनि से बिखरी गायें इकट्ठी हो जातीं।

Q7 बालक घर कब लौटा? beginner
  • A दोपहर में
  • B आधी रात को
  • C भोर में
  • D साँझ ढले
Show answer
Answer: साँझ ढले
Why:

इसीलिए वह कहता है कि दिन भर घर पर था ही नहीं।

Q8 घरों में दूध-दही की मटकी ऊँचाई पर रखी जाती थी, जहाँ बच्चे न पहुँच सकें। ‘छीका’ कहाँ लटकाया जाता है? intermediate
  • A छत या किसी ऊँची जगह से
  • B दरवाज़े के पास
  • C ज़मीन पर
  • D किसी पेड़ की जड़ के पास
Show answer
Answer: छत या किसी ऊँची जगह से
Why:

ताकि कुत्ते-बिल्ली वहाँ तक न पहुँच सकें।

Q9 छीके वाला तर्क किस बात पर टिका है? advanced
  • A उसकी ऊँचाई पर
  • B उसके रंग पर
  • C उसके आकार पर
  • D उसकी रस्सी पर
Show answer
Answer: उसकी ऊँचाई पर
Why:

छोटी बाँहों से वहाँ तक पहुँचा नहीं जा सकता।

Q10 छीके तक न पहुँच पाने का कारण बालक अपने शरीर में बताता है। बालक अपने बारे में क्या कहता है? beginner
  • A कि वह बहुत बलवान है
  • B कि वह सबसे तेज़ दौड़ लेता है और थकता नहीं
  • C कि वह छोटा है और उसकी बाँहें छोटी हैं
  • D कि वह बहुत भूखा है
Show answer
Answer: कि वह छोटा है और उसकी बाँहें छोटी हैं
Why:

यही उसका सबसे मज़बूत तर्क है।

Q11 ‘बरबस मुख लपटायो’ का भाव क्या है? intermediate
  • A उसने अपने ही हाथों से सारा माखन खा लिया था
  • B ज़बरदस्ती उसके मुँह पर माखन लगाया गया
  • C उसका मुँह गंदा था
  • D उसने मुँह धो लिया
Show answer
Answer: ज़बरदस्ती उसके मुँह पर माखन लगाया गया
Why:

यह आरोप वह ग्वाल-बालों पर लगाता है।

Q12 बालक अपने साथियों पर जान-बूझकर फँसाने का आरोप लगाता है। ग्वाल-बालों के बारे में वह क्या कहता है? advanced
  • A वे उससे डरते हैं
  • B वे उसके साथ नहीं खेलते
  • C वे बहुत छोटे हैं
  • D वे उससे बैर रखते हैं
Show answer
Answer: वे उससे बैर रखते हैं
Why:

इसीलिए उन्होंने यह चाल चली।

Q13 ‘भोरी’ कहकर वह माँ के बारे में क्या कहता है? beginner
  • A कि वे मन की बहुत सीधी हैं
  • B कि वे बहुत कठोर हैं
  • C कि वे बहुत थकी हैं
  • D कि वे हर समय बहुत व्यस्त हैं
Show answer
Answer: कि वे मन की बहुत सीधी हैं
Why:

इसीलिए वे दूसरों की बात मान गईं।

Q14 बालक के तर्कों पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. बालक कहता है कि छीका उसकी पहुँच से बहुत ऊँचा है। II. अपने तर्क में वह सारा दोष अपनी माँ पर डाल देता है। III. वह ग्वाल-बालों पर बैर रखने का आरोप लगाता है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: वह माँ को ‘भोरी’ कहकर सीधी बताता है और दोष दूसरों पर रखता है।

Q15 पद की एक पंक्ति में बालक की शिकायत माखन से हटकर भरोसे पर आ जाती है। ‘जानि परायो जायो’ से वह क्या कहना चाहता है? advanced
  • A कि उसे बहुत दूर भेजा गया
  • B कि उसे खाना नहीं मिला
  • C कि माँ ने उसे अपना नहीं समझा
  • D कि उसे खेलने नहीं दिया गया
Show answer
Answer: कि माँ ने उसे अपना नहीं समझा
Why:

यही पद की सबसे भारी पंक्ति है।

Q16 इस पंक्ति के बाद झगड़ा किस बात का रह जाता है? beginner
  • A गायों का
  • B माखन का
  • C भरोसे का
  • D समय का
Show answer
Answer: भरोसे का
Why:

चोरी की बहस पीछे छूट जाती है।

Q17 रूठकर बालक अपने काम के दोनों साधन माँ को लौटा देना चाहता है। रूठकर बालक क्या लौटाना चाहता है? intermediate
  • A अपनी वंशी
  • B लाठी और कंबल
  • C अपना माखन
  • D अपनी गायें
Show answer
Answer: लाठी और कंबल
Why:

ये उसे गाय चराने के लिए दी गई थीं।

Q18 लाठी और कंबल लौटाने की बात का असली अर्थ क्या है? advanced
  • A कि वह अपने साथियों के साथ खेलने जाना चाहता है
  • B कि वह अपना घर छोड़कर कहीं चला जाना चाहता है
  • C कि वह अब थककर चुपचाप सो जाना चाहता है
  • D कि वह गाय चराने का काम ही छोड़ देना चाहता है
Show answer
Answer: कि वह गाय चराने का काम ही छोड़ देना चाहता है
Why:

लाठी और कंबल ग्वाले के काम के साधन हैं। उन्हें लौटाना उस काम से इनकार है, घर से नहीं।

Q19 सारी शिकायत सुनकर यशोदा क्रोध नहीं करतीं, उनका भाव कुछ और होता है। ‘बिहँसि’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A डाँटा
  • B चौंक गई
  • C चली गई
  • D मुसकाई
Show answer
Answer: मुसकाई
Why:

यही शब्द पद का अंत सुखद बना देता है।

Q20 अभिकथन: यशोदा बालक को गले लगा लेती हैं। कारण: उन्होंने उसे कभी पराया नहीं माना था। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही पद का अंत खोल देता है। बालक की शिकायत भरोसे की थी, और माँ ने उसी का उत्तर दिया।

Important short questions (6)

बालक का पहला तर्क क्या है?

वह समय की बात करता है। भोर होते ही उसे गायों के साथ मधुबन भेज दिया गया था। वह चार पहर बाहर रहा और साँझ ढले ही लौटा, इसलिए घर पर था ही नहीं।

छीके वाला तर्क सबसे मज़बूत क्यों माना जाता है?

इसमें किसी गवाह की ज़रूरत नहीं पड़ती। छीका ऊँचाई पर लटकता है और बालक छोटा है, जिसकी बाँहें भी छोटी हैं। बात केवल ऊँचाई की है, जिसे कोई भी देखकर समझ सकता है।

मुँह पर लगे माखन की सफ़ाई वह कैसे देता है?

वह कहता है कि ग्वाल-बाल उससे बैर रखते हैं। उन्हीं ने ज़बरदस्ती उसके मुँह पर माखन पोत दिया, ताकि देखने वाले को लगे कि चोरी उसी ने की है।

माँ के बारे में बालक क्या कहता है?

वह कहता है कि उनका मन बहुत सीधा है। इसीलिए वे दूसरों की बात सच मान बैठीं। ध्यान देने लायक बात यह है कि वह माँ पर दोष नहीं डालता। वह केवल उनके भोलेपन को कारण बताता है।

पद की सबसे भारी पंक्ति कौन-सी है और क्यों?

वह पंक्ति, जिसमें वह कहता है कि माँ ने उसे अपना नहीं समझा। यहीं से झगड़ा माखन का नहीं रह जाता, बल्कि भरोसे का बन जाता है, और यही बच्चे को सबसे अधिक चुभता है।

पद का अंत किस तरह होता है?

बालक रूठकर लाठी और कंबल लौटाना चाहता है और कहता है कि उसे बहुत नचाया जा चुका। यह सुनकर यशोदा हँस पड़ती हैं और उसे गले से लगा लेती हैं।

Long answer questions (3)

बालक के चारों तर्क क्रम से लिखिए।

पहला तर्क समय का है। वह कहता है कि भोर होते ही उसे गायों के साथ मधुबन भेज दिया गया, वह चार पहर बाहर रहा और साँझ ढले ही लौटा। दूसरा तर्क उसके अपने शरीर का है। वह छोटा बालक है और उसकी बाँहें भी छोटी हैं, जबकि छीका ऊँचाई पर लटकता है, इसलिए वहाँ तक उसका पहुँचना ही संभव नहीं था। तीसरा तर्क उसके साथियों पर है। वह कहता है कि ग्वाल-बाल उससे बैर रखते हैं और उन्होंने ज़बरदस्ती उसके मुँह पर माखन पोत दिया। चौथा तर्क माँ के भोलेपन का है, कि उनका मन सीधा है इसलिए वे दूसरों की बात मान गईं।

इस पद में झगड़ा माखन से हटकर कहाँ पहुँच जाता है? समझाइए।

पद की शुरुआत एक साधारण शिकायत से होती है कि बालक ने माखन चुरा लिया। वह इनकार करता है और तीन तर्क देता है। पहला यह कि वह घर पर था ही नहीं। दूसरा यह कि उसका हाथ छीके तक पहुँच ही नहीं सकता। तीसरा यह कि माखन उसके साथियों ने लगाया। यहाँ तक बात चोरी की ही है। फिर वह कहता है कि माँ ने उसे अपना नहीं समझा। इसी पंक्ति पर बात बदल जाती है। अब सवाल यह नहीं रह जाता कि माखन किसने खाया। सवाल यह हो जाता है कि माँ उसे अपना मानती हैं या नहीं। इसीलिए अंत में उत्तर भी शब्दों से नहीं, गले लगाने से मिलता है।

पद के अंतिम दृश्य का महत्व लिखिए।

अंत में बालक रूठ जाता है और कहता है कि यह लो अपनी लाठी और कंबल, मुझे बहुत नचाया जा चुका। इसका अर्थ यह है कि वह गाय चराने का अपना रोज़ का काम ही छोड़ देना चाहता है, और एक बच्चे के लिए इससे बड़ा रूठना नहीं हो सकता। इसके तुरंत बाद यशोदा हँस पड़ती हैं और उसे गले से लगा लेती हैं। इस एक क्रिया में तीन बातें आ जाती हैं। पहली यह कि उन्होंने उसे झूठा नहीं ठहराया। दूसरी यह कि उन्होंने कोई दंड नहीं दिया। तीसरी और सबसे बड़ी यह कि गले लगाकर उन्होंने उसकी सबसे बड़ी शिकायत का उत्तर दे दिया, कि उसे पराया कभी माना ही नहीं गया।

Flashcards (15)

पहली पंक्ति में बालक क्या कहता है?
कि उसने माखन खाया ही नहीं।
उसे भोर में कहाँ भेजा गया था?
गायों के साथ मधुबन।
वह कितने पहर बाहर रहा?
चार पहर।
वह किस पेड़ के आसपास घूमता रहा?
बंसीवट।
वह घर कब लौटा?
साँझ ढले।
‘छीका’ क्या है?
रस्सियों का जाल, जो ऊँचाई से लटकाया जाता है।
छीके वाला तर्क क्या है?
कि छोटी बाँहों से वहाँ तक पहुँचा ही नहीं जा सकता।
‘ग्वाल-बाल’ कौन हैं?
गाय पालने वालों के बच्चे, उसके साथी।
साथियों पर वह क्या आरोप लगाता है?
कि उन्होंने ज़बरदस्ती मुँह पर माखन पोत दिया।
माँ के बारे में वह क्या कहता है?
कि वे मन की बहुत सीधी हैं।
उसकी सबसे बड़ी शिकायत क्या है?
कि माँ ने उसे अपना नहीं समझा।
रूठकर वह क्या लौटाना चाहता है?
लाठी और कंबल।
उसका अर्थ क्या निकलता है?
कि वह गाय चराने का काम ही छोड़ देना चाहता है।
अंत में यशोदा क्या करती हैं?
हँसकर उसे गले लगा लेती हैं।
उनके गले लगाने का अर्थ?
कि उन्होंने उसे कभी पराया माना ही नहीं।

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  • तर्कों का क्रम जमाओ
  • शब्द और अर्थ
  • बालक का तर्क या उसकी शिकायत?
  • सच या भ्रम
  • झटपट उत्तर

ब्रज के शब्द, वर्ण-परिवर्तन और तुक

पद के पुराने शब्दों के आज के रूप, दो वर्णों की अदला-बदली, और वह तुक जिससे पूरा पद गाया जा सकता है।

What you will be able to do

  • पद में आए ब्रजभाषा के शब्दों के अर्थ बताना
  • उन शब्दों के आज के रूप लिखना
  • वर्ण-परिवर्तन पहचानना और उदाहरण देना
  • तुक की पहचान करना और पद की रचना की विशेषताएँ बताना

Key points

  • यह पद ब्रजभाषा में है, इसलिए इसके कई शब्दों का आज का रूप अलग दिखता है।

  • पाछे का आज का रूप पीछे है, छोटो का छोटा, कछु का कुछ, और नहिं का नहीं।

  • बिधि का आज का रूप विधि है, भोरी का भोली, लै का ले, और परे का पड़े।

  • जब किसी शब्द में एक वर्ण की जगह दूसरा आ जाए और अर्थ वही रहे, उसे वर्ण-परिवर्तन कहते हैं।

  • भोरी और भोली में र तथा ल आपस में बदले हैं, और परे तथा पड़े में ड़ तथा र।

  • पद के कठिन शब्दों में उपजि यानी उत्पन्न होना, जिय यानी मन, बहियन यानी बाँहें, और बिहँसि यानी मुसकाना आते हैं।

  • पंक्तियों के अंतिम शब्दों की अंतिम ध्वनि एक जैसी होने को तुक कहते हैं।

  • इस पद की हर पंक्ति तुक में बँधी है, और कवि ने अपना नाम अंतिम पंक्ति में रखा है।

Full explanation

भाषा पुरानी है

यह पद ब्रजभाषा में रचा गया है। इसीलिए पढ़ते समय कुछ शब्द अनजाने लगते हैं। पर ध्यान से देखने पर पता चलता है कि अधिकतर शब्द आज के शब्दों से बहुत दूर नहीं हैं, बस एक-दो वर्ण इधर-उधर हैं। इसीलिए पद पहली बार में कठिन लगता है और दूसरी बार में खुलने लगता है।

आज के रूप — पहला जोड़ा

‘पाछे’ को आज हम ‘पीछे’ लिखते हैं और ‘छोटो’ को ‘छोटा’। दोनों में अर्थ बिलकुल वही है, केवल स्वर बदल गया है।

दूसरा जोड़ा

‘कछु’ का आज का रूप ‘कुछ’ है और ‘नहिं’ का ‘नहीं’। पद की पहली ही पंक्ति में ‘नहिं’ आता है, इसलिए यह जोड़ा सबसे पहले सामने पड़ता है।

तीसरा जोड़ा

‘बिधि’ को आज ‘विधि’ लिखा जाता है और ‘लै’ को ‘ले’। ‘केहि बिधि’ का अर्थ हुआ किस प्रकार, यानी बालक पूछ रहा है कि वह छीके तक पहुँचता किस तरह।

वर्ण-परिवर्तन क्या है

कुछ शब्दों में एक वर्ण की जगह दूसरा वर्ण आ जाता है, पर अर्थ वही बना रहता है। इसी को वर्ण-परिवर्तन कहते हैं, और यह किसी भी भाषा में समय के साथ होता रहता है। आज की बोलचाल में भी ऐसे बदलाव सुनने को मिल जाते हैं।

पहला उदाहरण

पद में ‘भोरी’ आया है, जिसका अर्थ है भोली। यहाँ ‘र’ और ‘ल’ आपस में बदल गए हैं। यही इस पाठ का सबसे साफ़ उदाहरण है। दोनों शब्दों का अर्थ एक ही रहता है, केवल एक वर्ण की जगह दूसरा आ गया है।

दूसरा उदाहरण

‘परे’ का आज का रूप ‘पड़े’ है। यहाँ ‘ड़’ और ‘र’ आपस में बदले हैं। इस तरह पद में दो अलग-अलग जोड़े के वर्ण बदलते दिखते हैं। एक ही पद में दो तरह का बदलाव मिल जाना उसे और दिलचस्प बना देता है।

एक चेतावनी

ध्यान रखने की बात यह है कि ‘भोर’ और ‘भोरी’ एक चीज़ नहीं हैं। ‘भोर’ का अर्थ सुबह है और ‘भोरी’ का भोली। दोनों इसी पद में आते हैं, इसलिए जल्दबाज़ी में इन्हें मिला देना आसान है। पढ़ते समय यह देख लेना चाहिए कि शब्द किस पंक्ति में और किसके लिए आया है।

कठिन शब्द — पहला समूह

अब कुछ ऐसे शब्द जिनका आज का रूप बिलकुल अलग है। ‘उपजि’ का अर्थ है उत्पन्न होना, ‘जिय’ का मन, ‘बहियन’ का बाँहें, और ‘जायो’ का जन्मा।

दूसरा समूह

‘पठायो’ का अर्थ है भेज दिया, ‘पतियायो’ का विश्वास किया, ‘भटक्यो’ का इधर-उधर घूमा, और ‘लपटायो’ का मल देना या पोत देना।

तीसरा समूह

‘बिहँसि’ का अर्थ है मुसकाई, ‘जानि’ का जानकर या समझकर, और ‘बिधि’ का प्रकार या रीति। इन्हें जान लेने पर पूरा पद खुल जाता है। यही कारण है कि पुरानी कविता पढ़ते समय सबसे पहले शब्दार्थ देख लेना चाहिए।

तुक क्या होता है

अब रचना की बात। पद की पहली दो पंक्तियों के अंतिम शब्द देखिए — पठायो और आयो। दोनों की अंतिम ध्वनि एक जैसी है। इसी विशेषता को तुक कहते हैं।

पूरे पद में तुक

यह केवल दो पंक्तियों की बात नहीं है। खायो, पठायो, आयो, पायो, लपटायो, पतियायो, जायो, नचायो और लगायो — पद का हर अंतिम शब्द एक ही ध्वनि पर खत्म होता है।

तुक से क्या मिलता है

कवि तुक का सहारा यूँ ही नहीं लेते, इससे रचना का असर बढ़ जाता है। उससे पद गाया जा सकता है और सुनने वाले को जल्दी याद भी हो जाता है। अगली पंक्ति की ध्वनि पहले से मन में बैठी होती है, इसलिए वह अपने आप लौट आती है। यही कारण है कि ये पद सैकड़ों साल बाद भी गाए जाते हैं।

कवि का नाम भीतर ही

पद की एक और विशेषता यह है कि कवि ने अपना नाम अंतिम पंक्ति में ही रख दिया है — ‘सूरदास तब बिहँसि जसोदा’। उस समय की कविता में यह आम बात थी, और इसी से रचयिता का पता चल जाता है। तब रचनाएँ लिखकर कम और गाकर अधिक फैलती थीं, इसलिए नाम भीतर ही रख देना उपयोगी था।

Concepts and terms

ब्रजभाषा

ब्रज क्षेत्र की भाषा, जिसमें उस समय बहुत कविता रची गई। सूरदास की सारी रचनाएँ इसी में मिलती हैं, इसलिए पद पढ़ते समय कुछ शब्द अनजाने लगते हैं, पर अर्थ पकड़ में आ जाता है।

तुक

पंक्तियों के अंतिम शब्दों की अंतिम ध्वनि का एक जैसा होना। इसी के कारण पद गाया जा सकता है और जल्दी याद भी हो जाता है, इसलिए कवि इसका प्रयोग जान-बूझकर करते हैं।

वर्ण-परिवर्तन

किसी शब्द में एक वर्ण की जगह दूसरे वर्ण का आ जाना, जबकि अर्थ वही बना रहे। भोरी और भोली में यही हुआ है, जहाँ र और ल आपस में बदल गए हैं।

भणिता

पद की अंतिम पंक्ति में कवि का अपना नाम रख देने की परंपरा। इसी कारण ‘सूरदास’ शब्द अंतिम पंक्ति में आता है, और उससे रचयिता का पता चल जाता है।

सावधान!

सच या भ्रम?

असल जीवन: दादी की बोली

Scenario:

कक्षा छह के बच्चों को एक काम मिला कि वे घर के सबसे बुज़ुर्ग सदस्य से दस मिनट बातचीत करें और उनकी बोली के शब्द लिखें। मीरा ने अपनी दादी से बात की। दादी ने कहा कि वे बचपन में ‘कछु’ बोलती थीं, ‘दूध’ को ‘दूद’ और ‘पड़ा’ को ‘परा’ कहती थीं। मीरा को पहले लगा कि दादी गलत बोलती हैं। शिक्षिका ने कक्षा में सबकी सूचियाँ बोर्ड पर लिखवाईं। तब दिखा कि अलग-अलग घरों की सूचियों में एक ही तरह के बदलाव बार-बार लौट रहे हैं।

Analysis:

बोर्ड पर लिखते ही एक बात साफ़ हो गई। बदलाव कहीं भी मनमाने नहीं थे। कई शब्दों में ‘ड़’ की जगह ‘र’ आ गया था, और कुछ में ‘ल’ की जगह ‘र’। शिक्षिका ने तब पाठ का पद खोला, जहाँ ‘परे’ का आज का रूप ‘पड़े’ है और ‘भोरी’ का ‘भोली’। बच्चों को समझ आया कि उनकी दादी-नानी की बोली गलत नहीं है, बल्कि उसमें वही बदलाव दिख रहे हैं जो सैकड़ों साल पुरानी कविता में भी मिलते हैं। अंत में सबने मिलकर एक सूची बनाई, जिसमें हर शब्द के दो रूप साथ-साथ लिखे गए।

Activity:

अपने घर के किसी बुज़ुर्ग से पाँच ऐसे शब्द पूछिए जो वे आपसे अलग बोलते हैं। हर शब्द के दो रूप साथ-साथ लिखिए और उनके नीचे लिखिए कि कौन-सा वर्ण बदला है।

घर पर करके देखो

Title:

तुक मिलाओ

Safety:

यह काम केवल लिखने का है।

What You Notice:

एक ही ध्वनि पर खत्म होने वाले शब्द ढूँढ़ना आसान है, पर उनसे अर्थ वाली पंक्ति बनाना कठिन। कवि यही कठिन काम करता है।

Did you know

पद की सभी नौ पंक्तियाँ एक ही ध्वनि पर खत्म होती हैं, इसलिए उसे गाना बहुत आसान है।

कवि का नाम अंतिम पंक्ति में रख देना उस समय की कविता की एक आम पहचान थी।

‘भोरी’ का अर्थ भोली है, पर ‘भोर’ का अर्थ सुबह — दोनों शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं और इसी पद में साथ-साथ आते हैं।

Memory tricks

दो वर्ण-परिवर्तन — भोरी से भोली, परे से पड़े — पहले में र और ल बदले, दूसरे में ड़ और र।

तुक की पहचान — सब कुछ -आयो पर — खायो, पठायो, आयो, पायो, लगायो — सबकी अंतिम ध्वनि एक।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 पद की भाषा आज की हिंदी से अलग है और वह ब्रज क्षेत्र की बोली है। यह पद किस भाषा में रचा गया है? beginner
  • A अवधी में
  • B मैथिली में
  • C ब्रजभाषा में
  • D संस्कृत में
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Answer: ब्रजभाषा में
Why:

सूरदास की सारी रचनाएँ इसी में मिलती हैं।

Q2 ‘पाछे’ का आज का रूप क्या है? intermediate
  • A पीछे
  • B पाछा
  • C पास
  • D पाँच
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Answer: पीछे
Why:

अर्थ दोनों में वही रहता है।

Q3 पद के कुछ शब्दों का रूप आज की हिंदी में थोड़ा बदल गया है। ‘छोटो’ का आज का रूप क्या है? advanced
  • A छोटी
  • B छूटा
  • C छोटे
  • D छोटा
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Answer: छोटा
Why:

यह बालक ने अपने लिए कहा है।

Q4 ‘नहिं’ का आज का रूप क्या है? beginner
  • A नहा
  • B नहीं
  • C नई
  • D नहर
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Answer: नहीं
Why:

यह पद की पहली ही पंक्ति में आता है।

Q5 पद में ‘बिधि’ शब्द आया है, जिसका आज का रूप कुछ और है। ‘बिधि’ का आज का रूप क्या है? intermediate
  • A बिंदी
  • B बीज
  • C बिजली
  • D विधि
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Answer: विधि
Why:

‘केहि बिधि’ यानी किस प्रकार।

Q6 ‘लै’ का आज का रूप क्या है? advanced
  • A लाई
  • B लय
  • C ले
  • D लो
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Answer: ले
Why:

यह अंतिम पंक्ति में आता है।

Q7 पद की भाषा पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. यह पद ब्रजभाषा में रचा गया है। II. ‘भोर’ और ‘भोरी’ का अर्थ एक ही है। III. ‘भोरी’ और ‘भोली’ में र और ल वर्ण बदले हैं। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
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Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: ‘भोर’ सुबह है और ‘भोरी’ भोली; एक वर्ण बदलने से अर्थ बदल जाता है।

Q8 ‘भोरी’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A सुबह
  • B भोली
  • C भारी
  • D भूली
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Answer: भोली
Why:

यह माँ के लिए कहा गया है।

Q9 ‘भोरी’ और ‘भोली’ में कौन-से वर्ण बदले हैं? advanced
  • A ब और भ
  • B र और ल
  • C ई और ी
  • D भ और म
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Answer: र और ल
Why:

यही पाठ का सबसे साफ़ उदाहरण है।

Q10 कक्षा में पद के शब्दों के आज के रूप मिलाए जा रहे हैं। ‘परे’ का आज का रूप क्या है? beginner
  • A परा
  • B पार
  • C पर
  • D पड़े
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Answer: पड़े
Why:

यहाँ ड़ और र बदले हैं।

Q11 ‘भोर’ और ‘भोरी’ के बारे में क्या सही है? intermediate
  • A दोनों के अर्थ अलग हैं
  • B दोनों का अर्थ एक है
  • C दोनों एक ही शब्द हैं
  • D दोनों पद में नहीं आते
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Answer: दोनों के अर्थ अलग हैं
Why:

भोर यानी सुबह, भोरी यानी भोली।

Q12 मन में कोई भाव जन्म लेने के लिए पद में एक शब्द आया है। ‘उपजि’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A उत्पन्न होना
  • B उठ जाना
  • C उड़ जाना
  • D उतर जाना
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Answer: उत्पन्न होना
Why:

‘भेद उपजि है’ में यही भाव है।

Q13 पद में मन के लिए एक छोटा-सा पुराना शब्द प्रयोग हुआ है। ‘जिय’ शब्द किसके लिए आया है? beginner
  • A शरीर
  • B घर
  • C मन
  • D समय
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Answer: मन
Why:

‘जिय तेरे’ यानी तुम्हारे मन में।

Q14 ‘बहियन’ का अर्थ क्या है? intermediate
  • A पैर
  • B बाँहें
  • C आँखें
  • D कंधे
Show answer
Answer: बाँहें
Why:

इसी से छोटी बाँहों वाला तर्क बनता है।

Q15 बालक माँ से कहता है कि उन्होंने दूसरों की बात मान ली। ‘पतियायो’ का अर्थ क्या है? advanced
  • A पछताकर चुप रह गया
  • B पुकारा
  • C पहचाना
  • D विश्वास किया
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Answer: विश्वास किया
Why:

माँ ने दूसरों की बात सच मान ली।

Q16 बालक कहता है कि ग्वाल-बालों ने ज़बरदस्ती उसके मुँह पर माखन पोत दिया था। ‘लपटायो’ का अर्थ क्या है? beginner
  • A मल देना या पोत देना
  • B उठा लेना
  • C कहीं छिपाकर रख देना या दबा देना
  • D फेंक देना
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Answer: मल देना या पोत देना
Why:

ग्वालों ने मुँह पर यही किया।

Q17 ‘तुक’ किसे कहते हैं? advanced
  • A किसी पंक्ति में शब्दों का उलटा-पुलटा हुआ क्रम
  • B पंक्तियों के अंतिम शब्दों की आवाज़ का मिलना
  • C किसी एक पंक्ति की कुल लंबाई का माप
  • D रचना के अंत में आया कवि का अपना नाम
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Answer: पंक्तियों के अंतिम शब्दों की आवाज़ का मिलना
Why:

खायो, जायो, लपटायो, पतियायो - अंत की आवाज़ एक है। यही मिलान तुक कहलाता है।

Q18 इस पद की कितनी पंक्तियों में तुक मिलती है? advanced
  • A केवल पहली दो में
  • B केवल अंतिम दो में
  • C आधी पंक्तियों में
  • D हर पंक्ति में
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Answer: हर पंक्ति में
Why:

सबका अंतिम शब्द एक ही ध्वनि पर खत्म होता है।

Q19 अभिकथन: इस पद की हर पंक्ति में तुक मिलती है। कारण: तुक मिलने से रचना गाई जा सकती है और जल्दी याद रह जाती है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही तुक का काम है। सूरदास के पद गाए जाने के लिए ही रचे गए थे।

Q20 सूरदास अपने पदों में अपना नाम एक निश्चित जगह रखते हैं। कवि ने अपना नाम कहाँ रखा है? intermediate
  • A शीर्षक में
  • B पहली पंक्ति में
  • C अंतिम पंक्ति में
  • D किसी पंक्ति में नहीं
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Answer: अंतिम पंक्ति में
Why:

उस समय की कविता में यह आम बात थी।

Important short questions (6)

पद के चार शब्दों के आज के रूप लिखिए।

‘पाछे’ का आज का रूप ‘पीछे’ है और ‘छोटो’ का ‘छोटा’। ‘कछु’ का रूप ‘कुछ’ है और ‘नहिं’ का ‘नहीं’। इन सबका अर्थ वही रहता है, केवल लिखने-बोलने का ढंग बदल गया है।

वर्ण-परिवर्तन किसे कहते हैं? पद से एक उदाहरण दीजिए।

जब किसी शब्द में एक वर्ण की जगह दूसरा वर्ण आ जाए और अर्थ वही बना रहे, उसे वर्ण-परिवर्तन कहते हैं। पद में ‘भोरी’ आया है, जिसका अर्थ भोली है। यहाँ ‘र’ तथा ‘ल’ आपस में बदले हैं।

पद में वर्ण-परिवर्तन के दो अलग जोड़े कौन-से हैं?

पहला जोड़ा र और ल का है, जो ‘भोरी’ तथा ‘भोली’ में दिखता है। दूसरा जोड़ा ड़ और र का है, जो ‘परे’ तथा ‘पड़े’ में दिखता है।

‘भोर’ और ‘भोरी’ में क्या अंतर है?

‘भोर’ का अर्थ सुबह है और ‘भोरी’ का अर्थ भोली। दोनों शब्द इसी पद में आते हैं और देखने में मिलते-जुलते हैं, इसलिए इन्हें मिला देना आसान है।

तुक किसे कहते हैं? इस पद से समझाइए।

जब पंक्तियों के अंतिम शब्दों की अंतिम ध्वनि एक जैसी हो, उसे तुक कहते हैं। इस पद में पठायो, आयो, पायो और लगायो जैसे शब्द हर पंक्ति के अंत में आते हैं। इन सबकी ध्वनि आपस में मिलती है।

कवि ने अपना नाम पद में कहाँ और क्यों रखा है?

उन्होंने अपना नाम अंतिम पंक्ति में रखा है। उस समय की कविता में यह आम परंपरा थी, और इसी से यह पता चल जाता है कि रचना किसकी है।

Long answer questions (3)

इस पद के दस शब्दों के अर्थ लिखिए।

‘उपजि’ का अर्थ है उत्पन्न होना और ‘जिय’ का अर्थ मन। ‘बहियन’ का अर्थ बाँहें है और ‘जायो’ का जन्मा। ‘पठायो’ का अर्थ भेज दिया है और ‘पतियायो’ का विश्वास किया। ‘भटक्यो’ का अर्थ इधर-उधर घूमा है और ‘लपटायो’ का मल देना या पोत देना। ‘बिहँसि’ का अर्थ मुसकाई है और ‘बिधि’ का प्रकार या रीति। ये सब शब्द ब्रजभाषा के हैं, और इन्हें जान लेने पर पूरा पद अपने आप खुल जाता है।

इस पद की भाषा की विशेषताएँ लिखिए।

पहली विशेषता यह है कि पद ब्रजभाषा में रचा गया है। इसलिए उसके कई शब्दों का आज का रूप अलग दिखता है, जैसे पाछे का पीछे और कछु का कुछ। दूसरी विशेषता वर्ण-परिवर्तन है। ‘भोरी’ का आज का रूप ‘भोली’ है, जहाँ र और ल बदले हैं। ‘परे’ का रूप ‘पड़े’ है, जहाँ ड़ और र बदले हैं। तीसरी विशेषता यह है कि भाषा कठिन होते हुए भी भाव सरल है, क्योंकि बात एक बच्चे की सफ़ाई की है। चौथी विशेषता कुछ ऐसे शब्द हैं जिनका रूप आज बिलकुल अलग है, जैसे बहियन, पतियायो और बिहँसि।

इस पद की रचना संबंधी विशेषताएँ उदाहरण देकर लिखिए।

सबसे बड़ी विशेषता तुक है। पद की हर पंक्ति का अंतिम शब्द एक ही ध्वनि पर खत्म होता है — खायो, पठायो, आयो, पायो, लपटायो, पतियायो, जायो, नचायो और लगायो। इसी कारण पद गाया जा सकता है और सुनने वाले को जल्दी याद हो जाता है। यही कारण है कि ये पद सैकड़ों साल बाद भी गाए जाते हैं। दूसरी विशेषता यह है कि कवि ने अपना नाम अंतिम पंक्ति में ही रख दिया है। उस समय की कविता में यह एक आम पहचान थी। तीसरी विशेषता इसका नाटकीय ढाँचा है, क्योंकि पूरा पद एक ही बालक की बात है और अंत में दृश्य पलट जाता है।

Flashcards (15)

यह पद किस भाषा में है?
ब्रजभाषा में।
‘पाछे’ का आज का रूप?
पीछे।
‘छोटो’ का आज का रूप?
छोटा।
‘कछु’ और ‘नहिं’ के आज के रूप?
कुछ और नहीं।
‘बिधि’ और ‘लै’ के आज के रूप?
विधि और ले।
वर्ण-परिवर्तन किसे कहते हैं?
जब एक वर्ण की जगह दूसरा आए और अर्थ वही रहे।
‘भोरी’ में कौन-से वर्ण बदले हैं?
र और ल।
‘परे’ में कौन-से वर्ण बदले हैं?
ड़ और र।
‘भोर’ और ‘भोरी’ में अंतर?
भोर यानी सुबह, भोरी यानी भोली।
‘उपजि’ और ‘जिय’ के अर्थ?
उत्पन्न होना, और मन।
‘बहियन’ और ‘जायो’ के अर्थ?
बाँहें, और जन्मा।
‘पतियायो’ और ‘भटक्यो’ के अर्थ?
विश्वास किया, और इधर-उधर घूमा।
‘बिहँसि’ का अर्थ?
मुसकाई।
तुक किसे कहते हैं?
पंक्तियों के अंतिम शब्दों की अंतिम ध्वनि का एक जैसा होना।
कवि ने अपना नाम कहाँ रखा है?
पद की अंतिम पंक्ति में।

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  • पुराना रूप और आज का रूप
  • वर्ण-परिवर्तन या सामान्य शब्द?
  • सच या भ्रम
  • तुक तक पहुँचने का क्रम
  • झटपट उत्तर

पहर का हिसाब, सूरदास और सबकी अपनी विशेषता

पुराने समय में घंटे कैसे गिने जाते थे, दूध से घी तक का रास्ता, कवि का परिचय, और यह बात कि हर किसी में कुछ न कुछ खास होता है।

What you will be able to do

  • पहर के हिसाब से समय निकालना
  • समय बताने वाले शब्दों की पहचान करना
  • महाकवि सूरदास का परिचय देना
  • यह समझाना कि हर व्यक्ति में कोई न कोई विशेष क्षमता होती है

Key points

  • एक पहर तीन घंटे का होता है, और एक दिन में कुल आठ पहर होते हैं।

  • बालक चार पहर बाहर रहा, यानी पूरे बारह घंटे।

  • यदि वे साँझ छह बजे लौटे, तो घर से सुबह छह बजे निकले होंगे।

  • ‘दोपहर’ शब्द ‘दो पहर’ से बना है, यानी दूसरे पहर के खत्म होने और तीसरे के शुरू होने का समय।

  • इसी हिसाब से दिन के पहले पहर का प्रारंभ लगभग छह बजे होता है।

  • समय बताने वाले और शब्द भी हैं — कल, ऋतु, वर्ष, पखवाड़ा, दशक, वेला और अवधि।

  • दूध से दही, दही से मक्खन, और मक्खन से घी बनता है।

  • महाकवि सूरदास दृष्टिबाधित थे, और उनकी विशेष क्षमता उनकी कल्पना शक्ति तथा कविता रचने की कुशलता थी।

Full explanation

घड़ी के बिना समय

पद में कहीं घंटे नहीं गिनाए जाते। फिर भी पूरा दिन साफ़ दिख जाता है, क्योंकि उसमें तीन शब्द आते हैं — भोर, चार पहर और साँझ। यही पुराने समय की गिनती का ढंग था। घड़ी न होने पर भी लोग जानते थे कि दिन कितना बीत चुका है।

पहर क्या है

पहर समय मापने की एक इकाई है। एक पहर तीन घंटे का होता है, और एक दिन में कुल आठ पहर होते हैं। तीन को आठ से गुणा कीजिए तो चौबीस घंटे बन जाते हैं, यानी पूरा दिन।

चार पहर कितने हुए

बालक कहता है कि वह चार पहर बाहर रहा। हर पहर तीन घंटे का है, इसलिए चार पहर हुए बारह घंटे। यानी उसने आधा दिन घर से बाहर बिताया। यही उसका सबसे पहला तर्क भी बनता है।

निकलने का समय

मान लीजिए वह साँझ छह बजे लौटा। बारह घंटे पीछे गिनिए तो सुबह के छह बजते हैं। इसका अर्थ यह कि वह भोर होते ही निकल गया था, ठीक वैसे ही जैसे पद कहता है।

‘दोपहर’ में छिपा पहर

हम रोज़ ‘दोपहर’ बोलते हैं। यह शब्द ‘दो पहर’ से बना है। यह वह समय है जब दूसरा पहर खत्म होता है और तीसरा शुरू होता है।

वह कितने बजे होता है

दोपहर तब मानी जाती है जब सूरज ठीक सिर के ऊपर चढ़ आता है, यानी लगभग बारह बजे। अब पीछे गिनिए — दो पहर यानी छह घंटे। इसका अर्थ यह कि दिन के पहले पहर का प्रारंभ लगभग छह बजे होता है।

समय के और शब्द

समय बताने के लिए हमारे पास और भी शब्द हैं। कल, ऋतु, वर्ष, पखवाड़ा, दशक, वेला और अवधि — ये सब किसी न किसी लंबाई का समय बताते हैं। पखवाड़ा पंद्रह दिन का होता है और दशक दस वर्ष का। इनमें से कुछ शब्द आज भी रोज़ बोले जाते हैं और कुछ केवल किताबों में मिलते हैं।

माखन कहाँ से आता है

पद पूरा माखन के इर्द-गिर्द घूमता है, इसलिए यह जान लेना ठीक रहेगा कि वह बनता कैसे है। पहले दूध जमकर दही बनता है। फिर दही मथने पर मक्खन ऊपर आ जाता है, और उसी मक्खन को गरम करके घी तैयार होता है।

क्रम याद रखिए

यह क्रम बदलता नहीं — दूध, दही, मक्खन, घी। इसी कारण छीके में दूध और दही रखे जाते थे, और उन्हीं तक पहुँचने का आरोप बालक पर लगा। यानी पद की पूरी घटना इसी घरेलू व्यवस्था पर टिकी है।

कवि कौन थे

अब रचयिता की बात। महाकवि सूरदास का जन्म पंद्रहवीं शताब्दी में हुआ माना जाता है और मृत्यु सोलहवीं शताब्दी में।

उनका जीवन

उन्होंने अपना अधिकांश जीवन मथुरा और गोवर्धन सहित ब्रज के क्षेत्रों में बिताया, और वहीं श्रीकृष्ण के गुणगान में भजन गाते रहे। उनकी रचनाएँ ब्रजभाषा में मिलती हैं।

उनकी कविता

उनके पदों में सबसे अधिक जगह श्रीकृष्ण के बचपन को मिली है। वे उन दृश्यों को इतने सजीव ढंग से रखते हैं कि पढ़ने वाला उन्हें अपने सामने देखने लगता है। यही कारण है कि सैकड़ों साल बाद भी ये पद घर-घर गाए जाते हैं, और इसी ऊँचाई के कारण उन्हें महाकवि कहा जाता है।

हम सब विशेष हैं

पाठ अंत में एक बड़ी बात कहता है। सूरदास दृष्टिबाधित थे, फिर भी वे मन से देख लेते थे। उसी देखे हुए को वे शब्दों में उतार देते थे, इसलिए उनके पद पूरे दृश्य की तरह खुलते हैं। यही उनकी विशेष क्षमता थी। जो आँखों से नहीं देखा जा सकता था, वह उन्होंने मन से देखकर लिख दिया।

सबके पास एक क्षमता

पाठ कहता है कि हर किसी के भीतर कोई न कोई ऐसी बात रहती है जो उसे बाकी सबसे अलग कर देती है। और एक क्षमता तो सबके पास है — सबकी सहायता करना और सबके भले के लिए सोचना। इसी के सहारे किसी साथी को पाठ समझाया जा सकता है, किसी को पढ़कर सुनाया जा सकता है, और किसी के साथ चलकर उसका साथ दिया जा सकता है।

Concepts and terms

पहर

समय मापने की एक पुरानी इकाई, जो तीन घंटे की होती है। एक दिन में आठ पहर होते हैं, इसलिए घड़ी न होने पर भी लोग दिन को आठ हिस्सों में बाँटकर काम तय कर लेते थे।

दोपहर

‘दो पहर’ से बना शब्द। यह वह समय है जब दूसरा पहर खत्म होता है और तीसरा शुरू होता है, यानी लगभग बारह बजे, जब सूर्य सिर पर आ जाता है।

दृष्टिबाधित

वह व्यक्ति जिसे देखने में बाधा हो। सूरदास दृष्टिबाधित थे, फिर भी उन्होंने शब्दों से ऐसे चित्र खींचे कि पढ़ने वाले को पूरा दृश्य दिखाई देने लगता है।

विशेष क्षमता

वह बात जो किसी व्यक्ति को दूसरों से अलग बनाती है। पाठ कहता है कि यह हर किसी में होती है, और एक क्षमता तो सबके पास है — दूसरों की सहायता करना।

सावधान!

सच या भ्रम?

Case Study

Scenario:

कक्षा ने पहर का हिसाब लगाया। एक दिन-रात में आठ पहर होते हैं। बच्चों ने चौबीस को आठ से भाग दिया और तीन घंटे निकले। फिर उन्होंने दूध से घी तक का रास्ता लिखा। दूध जमकर दही बना, दही बिलोने पर मक्खन आया, और मक्खन तपाने पर घी बना। हर पड़ाव में समय लगता है। सना ने कहा कि माखन बीच का पड़ाव है। इसीलिए वह ताज़ा और मीठा होता है। अध्यापिका ने कहा कि हर चीज़ अपने पड़ाव पर सबसे अच्छी लगती है।

Analysis:

आठ पहर और चार पड़ाव, दोनों गिनती की बात हैं। बालक जिस माखन के पीछे है, वह बीच का पड़ाव है, न दूध और न घी।

Activity:

घर में दही जमने में लगने वाला समय पता करो। दूध से घी तक के चारों पड़ाव और उनका समय लिखो।

घर पर करके देखो

Title:

अपना दिन पहरों में

Safety:

यह काम केवल लिखने का है।

What You Notice:

दिन को पहरों में बाँटते ही वह गिनने लायक हो जाता है। पद का बालक भी अपना दिन इसी तरह गिनाकर अपनी बात सिद्ध करता है।

Did you know

घड़ी के बिना भी लोग दिन को आठ बराबर हिस्सों में बाँटकर अपना काम तय कर लेते थे।

‘दोपहर’ शब्द आज भी रोज़ बोला जाता है, और उसमें वही पुराना ‘पहर’ छिपा हुआ है।

पखवाड़ा पंद्रह दिन का होता है और दशक दस वर्ष का — दोनों समय बताने वाले शब्द हैं।

Memory tricks

पहर का हिसाब — एक पहर तीन, दिन में आठ — तीन घंटे का एक पहर, और आठ पहर का पूरा दिन।

दूध से घी तक — दूध-दही-मक्खन-घी — इसी क्रम में एक से दूसरा बनता है।

Practice MCQs with answers (20)

Q1 पद में समय की गिनती पहरों में दी गई है, घंटों में नहीं। एक पहर कितने समय का होता है? beginner
  • A तीन घंटे
  • B एक घंटा
  • C छह घंटे
  • D बारह घंटे
Show answer
Answer: तीन घंटे
Why:

यह समय मापने की एक पुरानी इकाई है।

Q2 एक दिन में कुल कितने पहर होते हैं? intermediate
  • A चार
  • B छह
  • C आठ
  • D बारह
Show answer
Answer: आठ
Why:

तीन को आठ से गुणा करने पर चौबीस घंटे बनते हैं।

Q3 बालक चार पहर घर के बाहर रहा, और यह समय घंटों में भी निकाला जा सकता है। वह कितने घंटे बाहर रहा? advanced
  • A छह घंटे
  • B बारह घंटे
  • C आठ घंटे
  • D चौबीस घंटे
Show answer
Answer: बारह घंटे
Why:

यानी उसने आधा दिन बाहर बिताया।

Q4 अभिकथन: बालक साँझ छह बजे लौटा हो, तो वह सुबह छह बजे निकला होगा। कारण: चार पहर बारह घंटे के होते हैं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण ही गिनती पूरी कर देता है। एक पहर तीन घंटे का है, इसलिए चार पहर बारह घंटे के।

Q5 दिन के मध्य के समय का नाम ही उसकी गिनती बता देता है। ‘दोपहर’ शब्द का असली अर्थ क्या है? intermediate
  • A दो घड़ी का समय
  • B दो पहर का समय
  • C दिन का अंत
  • D दो दिन का समय
Show answer
Answer: दो पहर का समय
Why:

तब दूसरा पहर खत्म और तीसरा शुरू होता है।

Q6 दोपहर लगभग कितने बजे का समय होता है? advanced
  • A बारह बजे
  • B दो बजे
  • C चार बजे
  • D दस बजे
Show answer
Answer: बारह बजे
Why:

तब सूर्य सिर पर आ जाता है।

Q7 दिन के पहले पहर का प्रारंभ लगभग कब होता है? beginner
  • A चार बजे
  • B आठ बजे
  • C छह बजे
  • D दस बजे
Show answer
Answer: छह बजे
Why:

दोपहर से छह घंटे पीछे गिनने पर यही आता है।

Q8 समय बताने वाले शब्दों पर इन कथनों पर विचार कीजिए। I. एक पहर तीन घंटे का होता है। II. एक पखवाड़ा सात दिन का होता है। III. एक दशक दस वर्ष का होता है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II सही नहीं है: पखवाड़ा पंद्रह दिन का होता है, यानी महीने का आधा भाग।

Q9 महीने के आधे भाग के लिए हिंदी में एक अलग शब्द चलता है। पखवाड़ा कितने दिन का होता है? advanced
  • A सात दिन
  • B पंद्रह दिन
  • C तीस दिन
  • D साठ दिन
Show answer
Answer: पंद्रह दिन
Why:

यानी लगभग आधा महीना।

Q10 दशक कितने वर्ष का होता है? beginner
  • A पाँच वर्ष
  • B बीस वर्ष
  • C सौ वर्ष
  • D दस वर्ष
Show answer
Answer: दस वर्ष
Why:

यह भी समय बताने वाला शब्द है।

Q11 दही किससे जमाया जाता है? intermediate
  • A दूध से
  • B मक्खन से
  • C घी से
  • D पानी से
Show answer
Answer: दूध से
Why:

उसके बाद दही से मक्खन निकलता है।

Q12 दूध से दही, दही से मक्खन और मक्खन से आगे एक और वस्तु बनती है। घी किससे बनाया जाता है? advanced
  • A दूध से सीधे
  • B दही से सीधे
  • C मक्खन से
  • D पानी से
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Answer: मक्खन से
Why:

क्रम है दूध, दही, मक्खन, घी।

Q13 सूरदास का जन्म किस शताब्दी में माना जाता है? beginner
  • A चौदहवीं
  • B सोलहवीं
  • C पंद्रहवीं
  • D सत्रहवीं
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Answer: पंद्रहवीं
Why:

उनकी मृत्यु सोलहवीं शताब्दी में हुई।

Q14 सूरदास ने अपना अधिकांश जीवन उसी क्षेत्र में बिताया जिसकी वे बात करते हैं। उन्होंने अपना अधिकांश जीवन कहाँ बिताया? intermediate
  • A काशी के पुराने घाटों के आसपास
  • B ब्रज के क्षेत्रों में
  • C अवध में
  • D मिथिला में
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Answer: ब्रज के क्षेत्रों में
Why:

मथुरा और गोवर्धन इसी क्षेत्र में हैं।

Q15 वहाँ वे क्या करते रहे? advanced
  • A व्यापार
  • B खेती
  • C बच्चों को शिक्षा देते रहना
  • D श्रीकृष्ण के भजन गाना
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Answer: श्रीकृष्ण के भजन गाना
Why:

उनकी रचनाएँ ब्रजभाषा में मिलती हैं।

Q16 सूरदास की रचनाओं में श्रीकृष्ण के बचपन के चित्र भरे हुए हैं। उनकी अधिकतर कविताओं में किसका वर्णन है? beginner
  • A बड़े-बड़े युद्धों और वीरों का
  • B श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का
  • C ऋतुओं का
  • D नगरों का
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Answer: श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का
Why:

इसीलिए वे आज भी प्रेम से गाई जाती हैं।

Q17 सूरदास के नाम के साथ ‘महाकवि’ की उपाधि किस आधार पर जोड़ी जाती है? advanced
  • A उनकी रचनाओं की उत्कृष्टता के ही कारण
  • B उनकी बहुत लंबी आयु हो जाने के कारण
  • C उनके किसी राजदरबार में रहने के कारण
  • D उनके अनेक भाषाएँ जानने और बोलने के कारण
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Answer: उनकी रचनाओं की उत्कृष्टता के ही कारण
Why:

महाकवि की उपाधि रचना से मिलती है, आयु या पद से नहीं। सूरदास के पद आज भी गाए जाते हैं।

Q18 पाठ में सूरदास की दो विशेष शक्तियों का नाम लिया गया है। सूरदास की विशेष क्षमता क्या बताई गई है? advanced
  • A चित्र बनाने की कला
  • B सबसे तेज़ चलने और दौड़ने की अपनी क्षमता
  • C गिनती की कुशलता
  • D कल्पना शक्ति और कविता रचने की कुशलता
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Answer: कल्पना शक्ति और कविता रचने की कुशलता
Why:

वे दृष्टिबाधित थे, फिर भी शब्दों से दृश्य खींच दिए।

Q19 पाठ के अनुसार विशेष क्षमता किसमें होती है? beginner
  • A केवल कवियों में
  • B केवल बड़ों में
  • C केवल विद्वानों में
  • D हर व्यक्ति में
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Answer: हर व्यक्ति में
Why:

हर किसी में कुछ न कुछ अलग होता है।

Q20 पाठ के अंत में एक ऐसी क्षमता की बात है जो हर व्यक्ति के पास होती है। वह एक क्षमता कौन-सी है? intermediate
  • A ऊँचा गाना
  • B बहुत सुंदर अक्षरों में लिखना
  • C तेज़ दौड़ना
  • D दूसरों की सहायता करना
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Answer: दूसरों की सहायता करना
Why:

पाठ इसी बात पर समाप्त होता है।

Important short questions (6)

पहर के हिसाब से बालक कितने घंटे बाहर रहा?

एक पहर तीन घंटे का होता है। बालक चार पहर बाहर रहा, इसलिए तीन को चार से गुणा करने पर बारह घंटे निकलते हैं, यानी उसने आधा दिन घर से बाहर बिताया।

‘दोपहर’ शब्द का अर्थ कैसे बनता है?

यह ‘दो पहर’ से बना है। यह वह समय है जब दूसरा पहर खत्म होता है और तीसरा शुरू होता है, यानी लगभग बारह बजे, जब सूर्य सिर पर आ जाता है।

दिन का पहला पहर कब शुरू होता होगा? हिसाब लगाकर बताइए।

दोपहर लगभग बारह बजे होती है और उस समय तक दो पहर बीत चुके होते हैं। दो पहर यानी छह घंटे, इसलिए छह घंटे पीछे गिनने पर पहले पहर का प्रारंभ लगभग छह बजे निकलता है।

दूध से घी बनने की प्रक्रिया लिखिए।

सबसे पहले दूध से दही जमाया जाता है। फिर उस दही से मक्खन निकाला जाता है। अंत में उसी मक्खन से घी बनाया जाता है, इसलिए क्रम रहता है दूध, दही, मक्खन और घी।

महाकवि सूरदास का परिचय दीजिए।

उनका जन्म पंद्रहवीं शताब्दी में और मृत्यु सोलहवीं शताब्दी में मानी जाती है। उन्होंने अपना अधिकांश जीवन मथुरा तथा गोवर्धन सहित ब्रज के क्षेत्रों में बिताया और वहीं भजन गाते रहे। उनकी रचनाएँ ब्रजभाषा में मिलती हैं।

‘हम सब विशेष हैं’ से पाठ क्या कहना चाहता है?

पाठ यह कहना चाहता है कि हर किसी के भीतर कोई खूबी छिपी रहती है। सूरदास देख नहीं सकते थे, फिर भी मन से दृश्य गढ़ लेना ही उनकी अपनी खूबी थी।

Long answer questions (3)

पहर के हिसाब से पद का पूरा दिन निकालिए।

सबसे पहले यह जान लेना ज़रूरी है कि एक पहर तीन घंटे का होता है। पूरे दिन में आठ पहर होते हैं। पद कहता है कि बालक चार पहर बाहर रहा, इसलिए तीन को चार से गुणा करने पर बारह घंटे निकलते हैं। अब मान लीजिए वह साँझ छह बजे लौटा। बारह घंटे पीछे गिनने पर सुबह के छह बजते हैं। यानी वह भोर होते ही निकल गया था, ठीक वैसे ही जैसे पद की दूसरी पंक्ति कहती है। इसी हिसाब से यह भी निकलता है कि दिन का पहला पहर लगभग छह बजे शुरू होता है, क्योंकि दो पहर बीतने पर दोपहर के बारह बज जाते हैं।

महाकवि सूरदास का परिचय देकर बताइए कि उनकी रचनाएँ आज भी क्यों गाई जाती हैं।

उनका जन्म पंद्रहवीं शताब्दी में हुआ माना जाता है और मृत्यु सोलहवीं में। जीवन का बड़ा हिस्सा उन्होंने मथुरा और आसपास के ब्रज इलाकों में बिताया। वहीं वे श्रीकृष्ण के भजन गाते रहे, और उनकी सारी रचनाएँ ब्रजभाषा में मिलती हैं। उनके पदों में सबसे अधिक जगह श्रीकृष्ण के बचपन को मिली है। ये पद आज भी दो कारणों से गाए जाते हैं। पहला यह कि इनमें तुक है, इसलिए वे गाने लायक हैं। दूसरा यह कि इनका भाव इतना सरल है कि हर उम्र का व्यक्ति उससे जुड़ जाता है। इसी ऊँचाई के कारण उन्हें महाकवि कहा जाता है।

‘हम सब विशेष हैं’ — इस बात को पाठ के आधार पर समझाइए।

पाठ कहता है कि हर व्यक्ति के भीतर कोई न कोई ऐसी खूबी छिपी रहती है जो उसे दूसरों से अलग कर देती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण स्वयं सूरदास हैं। वे दृष्टिबाधित थे, यानी देखने में उन्हें बाधा थी। फिर भी उनकी कल्पना शक्ति ऐसी थी कि उन्होंने शब्दों से ऐसे दृश्य खींच दिए जो पढ़ने वाले को दिखाई देने लगते हैं। पाठ यहीं नहीं रुकता। वह यह भी कहता है कि एक क्षमता सबके पास होती है, और वह है दूसरों की सहायता करना। इसी के सहारे किसी साथी को पाठ समझाया जा सकता है, किसी को पढ़कर सुनाया जा सकता है, और किसी के साथ चलकर उसका साथ दिया जा सकता है।

Flashcards (15)

एक पहर कितने घंटे का होता है?
तीन घंटे।
एक दिन में कितने पहर होते हैं?
आठ।
चार पहर कितने घंटे हुए?
बारह घंटे।
साँझ छह बजे लौटे तो निकले कब?
सुबह छह बजे।
‘दोपहर’ किन दो शब्दों से बना है?
‘दो’ और ‘पहर’ से।
दोपहर लगभग कितने बजे होती है?
बारह बजे।
पहले पहर का प्रारंभ कब?
लगभग छह बजे।
समय बताने वाले चार शब्द बताइए।
पखवाड़ा, दशक, वेला और अवधि।
पखवाड़ा कितने दिन का होता है?
पंद्रह दिन का।
दशक कितने वर्ष का होता है?
दस वर्ष का।
दूध से घी तक का क्रम क्या है?
दूध, दही, मक्खन, घी।
सूरदास का जन्म और मृत्यु कब मानी जाती है?
जन्म पंद्रहवीं, मृत्यु सोलहवीं शताब्दी में।
उन्होंने जीवन कहाँ बिताया?
मथुरा और गोवर्धन सहित ब्रज के क्षेत्रों में।
उनकी विशेष क्षमता क्या थी?
कल्पना शक्ति और कविता रचने की कुशलता।
पाठ के अनुसार सबके पास कौन-सी क्षमता है?
दूसरों की सहायता करना और सबके भले के लिए सोचना।

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  • दूध से घी तक का क्रम
  • शब्द और समय की लंबाई
  • समय का शब्द या वस्तु का?
  • सच या भ्रम
  • झटपट उत्तर

Class 6 Hindi Chapter 9 — frequently asked questions

बालक का पहला तर्क क्या है?

वह समय की बात करता है। भोर होते ही उसे गायों के साथ मधुबन भेज दिया गया था। वह चार पहर बाहर रहा और साँझ ढले ही लौटा, इसलिए घर पर था ही नहीं।

छीके वाला तर्क सबसे मज़बूत क्यों माना जाता है?

इसमें किसी गवाह की ज़रूरत नहीं पड़ती। छीका ऊँचाई पर लटकता है और बालक छोटा है, जिसकी बाँहें भी छोटी हैं। बात केवल ऊँचाई की है, जिसे कोई भी देखकर समझ सकता है।

मुँह पर लगे माखन की सफ़ाई वह कैसे देता है?

वह कहता है कि ग्वाल-बाल उससे बैर रखते हैं। उन्हीं ने ज़बरदस्ती उसके मुँह पर माखन पोत दिया, ताकि देखने वाले को लगे कि चोरी उसी ने की है।

पद के चार शब्दों के आज के रूप लिखिए।

‘पाछे’ का आज का रूप ‘पीछे’ है और ‘छोटो’ का ‘छोटा’। ‘कछु’ का रूप ‘कुछ’ है और ‘नहिं’ का ‘नहीं’। इन सबका अर्थ वही रहता है, केवल लिखने-बोलने का ढंग बदल गया है।

वर्ण-परिवर्तन किसे कहते हैं? पद से एक उदाहरण दीजिए।

जब किसी शब्द में एक वर्ण की जगह दूसरा वर्ण आ जाए और अर्थ वही बना रहे, उसे वर्ण-परिवर्तन कहते हैं। पद में ‘भोरी’ आया है, जिसका अर्थ भोली है। यहाँ ‘र’ तथा ‘ल’ आपस में बदले हैं।

पद में वर्ण-परिवर्तन के दो अलग जोड़े कौन-से हैं?

पहला जोड़ा र और ल का है, जो ‘भोरी’ तथा ‘भोली’ में दिखता है। दूसरा जोड़ा ड़ और र का है, जो ‘परे’ तथा ‘पड़े’ में दिखता है।

पहर के हिसाब से बालक कितने घंटे बाहर रहा?

एक पहर तीन घंटे का होता है। बालक चार पहर बाहर रहा, इसलिए तीन को चार से गुणा करने पर बारह घंटे निकलते हैं, यानी उसने आधा दिन घर से बाहर बिताया।

‘दोपहर’ शब्द का अर्थ कैसे बनता है?

यह ‘दो पहर’ से बना है। यह वह समय है जब दूसरा पहर खत्म होता है और तीसरा शुरू होता है, यानी लगभग बारह बजे, जब सूर्य सिर पर आ जाता है।

दिन का पहला पहर कब शुरू होता होगा? हिसाब लगाकर बताइए।

दोपहर लगभग बारह बजे होती है और उस समय तक दो पहर बीत चुके होते हैं। दो पहर यानी छह घंटे, इसलिए छह घंटे पीछे गिनने पर पहले पहर का प्रारंभ लगभग छह बजे निकलता है।

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