Class 7 Hindi Chapter 10: मीरा के पद

मीरा के पद is Chapter 10 of NCERT / CBSE Class 7 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 2 topics , 50 practice MCQs with answers and explanations , 20 important short and long questions and 34 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

बसो मेरे नैनन में नंदलाल

पहले पद में मीरा श्रीकृष्ण से विनती करती हैं कि वे उनकी आँखों में बस जाएँ। वे उनकी मोहनी मूरत, साँवली सूरत और विशाल नैनों का वर्णन करती हैं, और होंठों की मुरली, वैजयंती माला, कमर की घंटियाँ तथा पैरों के नूपुर तक गिनाती हैं।

What you will be able to do

  • मैं पहले पद का भाव अपने शब्दों में बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं श्रीकृष्ण के शरीर और शृंगार का वर्णन गिना सकता/सकती हूँ।
  • मैं नंदलाल, गिरधर और गोपाल जैसे नामों का अर्थ बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं आँखों से जुड़े तीन मुहावरों का अर्थ समझा सकता/सकती हूँ।
  • मैं मीरा के जीवन के बारे में तीन बातें बता सकता/सकती हूँ।

Key points

  • मीरा श्रीकृष्ण से विनती करती हैं कि वे उनकी आँखों में बस जाएँ।

  • वे उनकी मूरत को मोहनी और सूरत को साँवली बताती हैं।

  • उनके नैनों को वे विशाल, यानी बड़े कहती हैं।

  • श्रीकृष्ण के होंठों पर सुरीली धुनों वाली मुरली सजी है।

  • उनके सीने पर वैजयंती माला शोभा पा रही है।

  • उनकी कमर पर नन्हीं-नन्हीं घंटियाँ सजी हुई हैं।

  • उनके पैरों के नूपुर मीठी आवाज़ में बोल रहे हैं।

  • वे श्रीकृष्ण को संतों को सुख देने वाला कहती हैं।

  • अंत में वे उन्हें भक्तों से स्नेह करने वाला गोपाल कहती हैं।

Full explanation

पद की पहली विनती

पद एक विनती से शुरू होता है। मीरा कहती हैं कि नंदलाल मेरी आँखों में बस जाएँ। नंदलाल का अर्थ है नंद के पुत्र, यानी श्रीकृष्ण। ध्यान दीजिए, वे कुछ माँगती नहीं। वे केवल यह चाहती हैं कि उनका ध्यान हर समय बना रहे।

आँखों में बसना

आँखों में बस जाना एक मुहावरा ही है। जब कोई व्यक्ति या वस्तु इतनी प्रिय लगने लगे कि उसका ध्यान हर समय मन में रहे, तब यह मुहावरा चलता है। इसी अर्थ का एक और मुहावरा है, आँखों में घर करना।

मोहनी मूरत

इसके बाद वर्णन शुरू होता है। वे कहती हैं कि उनकी मूरत मोहनी है, यानी मन मोह लेने वाली। मूरत का अर्थ है रूप या छवि। मोहनी शब्द से पता चलता है कि वह रूप देखने वाले को अपनी ओर खींच लेता है।

साँवली सूरत

साथ ही वे सूरत को साँवरि कहती हैं। साँवरि वही शब्द है, जिसे आज हम साँवली कहते हैं। श्रीकृष्ण का रंग साँवला माना जाता है, और मीरा उसे छिपाती नहीं, वे उसी को सुंदरता के रूप में गिनाती हैं।

विशाल नैना

उसी पंक्ति का तीसरा वर्णन आँखों का है। वे कहती हैं कि उनके नैना विशाल बने हैं। विशाल का अर्थ है बड़ा और फैला हुआ। इस तरह पहली पंक्ति में ही तीन बातें आ जाती हैं, रूप, रंग और आँखें।

अधर और मुरली

अगली पंक्ति होंठों पर आती है। अधर का अर्थ होंठ है। वे कहती हैं कि अधर पर सुधा-रस वाली मुरली सजी है। सुधा का अर्थ अमृत है, इसलिए यह मुरली ऐसी है जिसकी धुन अमृत जैसी मीठी हो।

वैजयंती माला

उसी पंक्ति में सीने का वर्णन है। उर का अर्थ सीना या छाती है, और वहाँ वैजयंती माला सजी है। यह माला वैजयंती पौधे के बीजों से बनती है। वह श्रीकृष्ण की पहचान का एक चिह्न मानी जाती है।

कमर की घंटियाँ

तीसरी पंक्ति कमर पर आती है। कटितट का अर्थ है कमर का भाग। वहाँ क्षुद्र घंटिका, यानी छोटी-छोटी घंटियाँ सजी हुई हैं। क्षुद्र का अर्थ बहुत छोटा होता है।

नूपुर की आवाज़

उसी पंक्ति के अंत में पैरों की बात आती है। नूपुर पैरों में बाँधा जाने वाला गहना है, जिससे चलने पर आवाज़ निकलती है। मीरा उस आवाज़ को रसाल कहती हैं, यानी रसभरी और मीठी।

वर्णन का क्रम

यदि इन सब वर्णनों को क्रम से देखें, तो एक सीढ़ी बन जाती है। पहले नैना, फिर अधर, फिर उर, फिर कटितट और अंत में चरण। मीरा ऊपर से नीचे उतरती हैं, मानो वे आँखों से पूरी छवि को धीरे-धीरे देख रही हों।

छोटी बातों का बड़ा काम

एक बात ध्यान देने योग्य है। मीरा केवल बड़ी-बड़ी बातें नहीं कहतीं। वे घंटियों और नूपुर जैसी छोटी चीज़ें भी गिनाती हैं। इसी से वर्णन जीवित हो जाता है, क्योंकि छोटी-छोटी बातें ही किसी छवि को अपनी-सी बनाती हैं।

आवाज़ भी, रूप भी

वर्णन में केवल दिखने वाली बातें नहीं हैं। मुरली, घंटियाँ और नूपुर, तीनों से मधुर ध्वनियाँ निकलती हैं। यानी पद में रूप के साथ आवाज़ भी आ जाती है, और पढ़ने वाले को वह छवि सुनाई भी देती है।

संतन सुखदाई

अंतिम पंक्ति में भाव बदल जाता है। अब तक रूप की बात थी, अब गुण की बात आती है। मीरा कहती हैं कि उनके प्रभु संतों को सुख देने वाले हैं। यानी उनका बड़प्पन उनके रूप में नहीं, उनके स्वभाव में है।

भक्त वछल गोपाल

उसी पंक्ति में वे उन्हें भक्त वछल गोपाल कहती हैं। भक्त वछल का अर्थ है भक्तों से स्नेह करने वाला। गोपाल का अर्थ है गायों का पालन करने वाला, जो श्रीकृष्ण का एक और नाम है।

अपना नाम पद में

मीरा अंतिम पंक्ति में अपना नाम भी रख देती हैं। उनके समय के अनेक कवि अपनी रचना के आख़िर में अपना नाम जोड़ देते थे। आज भी कुछ कवि ऐसा करते हैं, और इससे रचना पर उनकी मुहर जैसी लग जाती है।

पद और कविता

मीरा की ये रचनाएँ पद कहलाती हैं। पद छोटी-छोटी पंक्तियों वाली वह रचना है, जिसे गाया जा सके। इसी कारण उसमें लय बहुत ज़रूरी होती है। यही वजह है कि मीरा के पद आज भी गाए जाते हैं, केवल पढ़े नहीं जाते। गाने योग्य होने से वे लोगों की ज़ुबान पर चढ़ गए और पीढ़ियों तक चलते रहे।

कृष्ण के कई नाम

पाठ में श्रीकृष्ण के लिए एक नाम नहीं, कई नाम आते हैं। नंदलाल, गोपाल, गिरधर और हरि, सब उन्हीं के नाम हैं। हर नाम एक अलग बात बताता है। नंदलाल से उनका नाता पता चलता है, गोपाल से उनका पालने वाला रूप, और गिरधर से उनकी शक्ति। इस तरह एक ही व्यक्ति के कई रूप सामने आ जाते हैं।

कवयित्री का परिचय

यह रचना आज से लगभग पाँच सौ वर्ष पहले रची गई थी। इसे हिंदी की महान कवयित्री और कृष्ण भक्त मीरा ने रचा था। कहा जाता है कि बचपन से ही उनका मन कृष्ण की भक्ति में डूबा रहता था। राजकुमारी होकर भी उन्होंने संतों जैसा जीवन अपनाया। महल पीछे छोड़े और वे तीर्थों की राह पर निकल पड़ीं।

Concepts and terms

नंदलाल

नंद के पुत्र, यानी श्रीकृष्ण। मीरा उन्हें इसी नाम से पुकारती हैं, और इससे पद के आरंभ में ही पता चल जाता है कि विनती किससे की जा रही है।

वैजयंती माल

वैजयंती पौधे के बीजों से तैयार होने वाली माला। वह श्रीकृष्ण के सीने पर सजी रहती है और उनकी पहचान का एक चिह्न मानी जाती है।

क्षुद्र घंटिका

छोटी-छोटी घंटियाँ। क्षुद्र का अर्थ है बहुत छोटा। ये घंटियाँ कटितट, यानी कमर के भाग पर सजी रहती हैं।

नूपुर

पैरों में बाँधा जाने वाला गहना, जिससे चलने पर आवाज़ होती है। मीरा उसकी आवाज़ को रसाल, यानी रसभरी और मीठी कहती हैं।

मुहावरा

ऐसा वाक्यांश, जिसका अर्थ उसके शब्दों से सीधे नहीं निकलता। आँखों में बस जाना एक मुहावरा है, जिसका अर्थ है किसी का ध्यान हर समय मन में बना रहना।

यहाँ ध्यान रखिए

आम भ्रम

एक छोटा प्रसंग

Scenario:

सातवीं कक्षा की आरुषि को अपनी दादी पर एक अनुच्छेद लिखना था। पहली बार उसने लिखा कि दादी बहुत अच्छी हैं, बहुत प्रेम करती हैं और सबका ध्यान रखती हैं। शिक्षिका ने पढ़कर कहा कि बात सच्ची है, पर तस्वीर नहीं बनी। उन्होंने आरुषि से कहा कि वह मीरा का पहला पद दोबारा पढ़े और देखे कि वहाँ क्या-क्या गिनाया गया है। आरुषि ने दूसरी बार लिखा कि दादी के चश्मे की एक कमानी टेढ़ी है, उनकी चूड़ियाँ चलते समय खनकती रहती हैं, और वे हर सुबह सबसे पहले तुलसी में पानी डालती हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि दादी किसी को ख़ाली हाथ नहीं जाने देतीं। इस बार पूरी कक्षा ने कहा कि दादी आँखों के सामने दिख गईं।

Analysis:

यह प्रसंग मीरा के ढंग को एक कक्षा के काम में रख देता है। पहली बार आरुषि ने केवल बड़ी बातें लिखी थीं, और वैसी बातें किसी के बारे में भी लिखी जा सकती हैं। दूसरी बार उसने छोटी-छोटी बातें गिनाईं, ठीक जैसे मीरा कमर की घंटियाँ और पैरों के नूपुर तक गिनाती हैं। चूड़ियों की खनक भी पद की ध्वनि वाली बात से मिलती है, क्योंकि वहाँ भी मुरली, घंटियाँ और नूपुर आवाज़ देते हैं। सबसे ज़रूरी बात अंतिम वाक्य है। ख़ाली हाथ न जाने देना एक गुण है, और पद भी अंत में रूप छोड़कर गुण पर आ जाता है। इसी क्रम से वर्णन सूची नहीं रहता, वह एक जीवित छवि बन जाता है।

Activity:

अपने किसी प्रिय व्यक्ति पर पाँच वाक्य लिखिए। उनमें चार वाक्य छोटी-छोटी बातों के रखिए और अंतिम वाक्य उनके किसी गुण का।

आँखों के मुहावरे

Title:

आँखों के मुहावरे

Safety:

किसी साथी के लिए बुरे भाव वाला मुहावरा मत बोलिए, वाक्य काल्पनिक ही रखिए।

What You Notice:

आप देखेंगे कि एक ही अंग से बने मुहावरे अलग-अलग भाव देते हैं। आँखों का तारा प्रेम बताता है, आँख का काँटा बैर बताता है, और आँख भर आना भावुक होना बताता है।

Did you know

यह रचना आज से लगभग पाँच सौ वर्ष पहले रची गई थी।

मीरा एक राजकुमारी थीं, फिर भी उन्होंने संतों का जीवन चुना।

उनके गाए भजन आज भी लोग श्रद्धा और प्रेम से गाते-सुनाते हैं।

Memory tricks

ऊपर से नीचे — नैना, अधर, उर, कटितट, चरण।

कृष्ण के चार नाम — नंदलाल, गोपाल, गिरधर, हरि।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 पहला पद किसी उपदेश या शिकायत का नहीं है, उसमें एक विनती है कि वे आँखों में आकर बस जाएँ। वह विनती की गई है — beginner
  • A संतों से
  • B श्रीकृष्ण से
  • C घरवालों से
  • D भक्तों से
Show answer
Answer: श्रीकृष्ण से
Why:

वे उन्हें नंदलाल कहकर पुकारती हैं।

Q2 पद में श्रीकृष्ण के लिए एक नाम आया है जो उनके पालक पिता के नाम से बना है। नंदलाल का अर्थ है — intermediate
  • A आनंद देने वाला कोई संत
  • B नंद के पुत्र, यानी श्रीकृष्ण
  • C कोई बड़ा राजा और शासक
  • D पर्वत को धारण करने वाला कोई जन
Show answer
Answer: नंद के पुत्र, यानी श्रीकृष्ण
Why:

पद के आरंभ में ही पता चल जाता है कि विनती किससे है।

Q3 पहले पद का मुख्य विषय क्या है? intermediate
  • A युद्ध और शांति की बात
  • B ज्ञान और शिक्षा की बात
  • C प्रेम और भक्ति की बात
  • D प्रकृति की सुंदरता का वर्णन
Show answer
Answer: प्रेम और भक्ति की बात
Why:

पूरा पद एक विनती और एक वर्णन से बना है।

Q4 आँखों में बस जाना मुहावरे का अर्थ क्या है? advanced
  • A आँखों में कुछ गिर जाना
  • B किसी को बहुत ही ध्यान से देखते रहना
  • C आँखें बंद कर लेना
  • D किसी का ध्यान हर समय मन में रहना
Show answer
Answer: किसी का ध्यान हर समय मन में रहना
Why:

आँखों में घर करना भी इसी अर्थ का मुहावरा है।

Q5 मीरा विनती में कुछ माँगती नहीं, केवल बसने को कहती हैं। इससे उनके भाव के बारे में क्या पता चलता है? advanced
  • A कि वे कुछ पाना नहीं चाहतीं, केवल ध्यान बना रहने देना चाहती हैं
  • B कि उन्हें कुछ भी चाहिए ही नहीं था, और इसीलिए वे चुप ही रह गई थीं
  • C कि वे कोई प्रश्न पूछ रही हैं और उसका कोई उत्तर भी तुरंत ही चाहती हैं
  • D कि वे किसी से नाराज़ हैं
Show answer
Answer: कि वे कुछ पाना नहीं चाहतीं, केवल ध्यान बना रहने देना चाहती हैं
Why:

यही भक्ति को माँग से अलग कर देता है।

Q6 मीरा श्रीकृष्ण की मूरत के लिए एक शब्द काम में लाती हैं, जो मन खींच लेने के अर्थ में है। मोहनि शब्द का अर्थ है — intermediate
  • A बहुत बड़ी और फैली हुई
  • B मन मोह लेने वाली
  • C बहुत पुरानी और प्रसिद्ध
  • D बहुत दूर दिखाई देने वाली
Show answer
Answer: मन मोह लेने वाली
Why:

मूरत का अर्थ रूप या छवि है।

Q7 साँवरि शब्द आज किस रूप में बोला जाता है? intermediate
  • A सुंदर
  • B सँवारी
  • C साँवली
  • D सवेरा
Show answer
Answer: साँवली
Why:

पुराने पदों में शब्दों के रूप आज से थोड़े अलग मिलते हैं।

Q8 साँवले रंग को सुंदरता के रूप में गिनाने से मीरा के भाव के बारे में क्या पता चलता है? advanced
  • A कि उन्हें रंगों के बारे में कुछ पता ही नहीं था
  • B कि वे किसी और ही व्यक्ति की बात कर रही होंगी
  • C कि वे रंग को छिपाने की चीज़ नहीं मानतीं
  • D कि वे केवल पंक्ति की तुक ही मिला रही हैं
Show answer
Answer: कि वे रंग को छिपाने की चीज़ नहीं मानतीं
Why:

श्रीकृष्ण का रंग साँवला माना जाता है, और वही उनकी पहचान है।

Q9 पहली पंक्ति में श्रीकृष्ण की कौन-सी तीन बातें आती हैं? advanced
  • A मुरली, माला और घंटियाँ
  • B नूपुर, कमर और चरण
  • C रूप, रंग और आँखें
  • D स्वभाव, नाम और गुण
Show answer
Answer: रूप, रंग और आँखें
Why:

मोहनी मूरत, साँवली सूरत और विशाल नैना, तीनों एक ही पंक्ति में हैं।

Q10 पद में मुरली जिस अंग पर सजी बताई गई है, उसके लिए अधर शब्द आया है। अधर का अर्थ है — intermediate
  • A आधा हिस्सा
  • B कोई आधार
  • C अँधेरा
  • D होंठ
Show answer
Answer: होंठ
Why:

अधर पर ही मुरली सजी हुई है।

Q11 सुधा-रस वाली मुरली कहने से क्या भाव निकलता है? advanced
  • A कि उसकी धुन अमृत जैसी मीठी है
  • B कि वह बहुत पुरानी और टूटी हुई है
  • C कि वह बहुत बड़ी है
  • D कि वह शुद्ध सोने की ही बनी हुई है
Show answer
Answer: कि उसकी धुन अमृत जैसी मीठी है
Why:

सुधा का अर्थ अमृत होता है।

Q12 उर शब्द का अर्थ क्या है? intermediate
  • A कोई ऊपर का भाग
  • B सीना या छाती
  • C कोई उड़ान
  • D कोई आवाज़
Show answer
Answer: सीना या छाती
Why:

वहीं वैजयंती माला शोभा पा रही है।

Q13 वैजयंती माला किससे बनती है? intermediate
  • A सोने के छोटे मनकों से
  • B फूलों की पंखुड़ियों से
  • C किसी नदी के पत्थरों से
  • D वैजयंती पौधे के बीजों से
Show answer
Answer: वैजयंती पौधे के बीजों से
Why:

वह श्रीकृष्ण की पहचान का एक चिह्न मानी जाती है।

Q14 पद में छोटी-छोटी घंटियाँ जिस भाग पर सजी हैं, उसके लिए कटितट शब्द आया है। कटितट का अर्थ है — advanced
  • A कमर का भाग
  • B किसी नदी का किनारा
  • C कोई कटा हुआ हिस्सा
  • D कोई ऊँचा टीला
Show answer
Answer: कमर का भाग
Why:

वहाँ छोटी-छोटी घंटियाँ सजी हुई हैं।

Q15 क्षुद्र शब्द का अर्थ क्या है? intermediate
  • A बहुत भारी और बड़ा
  • B बहुत ही छोटा-सा
  • C बहुत कीमती और सुंदर
  • D बहुत तेज़ आवाज़ वाला
Show answer
Answer: बहुत ही छोटा-सा
Why:

क्षुद्र घंटिका का अर्थ है छोटी-छोटी घंटियाँ।

Q16 नूपुर किस अंग में पहना जाता है? beginner
  • A गले में
  • B हाथ में
  • C पैरों में
  • D कमर में
Show answer
Answer: पैरों में
Why:

चलने पर उससे मीठी आवाज़ निकलती है।

Q17 अभिकथन: पद में रसाल शब्द वैजयंती माला के लिए आया है। कारण: पद में नूपुर की आवाज़ मीठी बताई गई है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Why:

अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है। रसाल उसी मीठी आवाज़ के लिए आया है, माला के लिए नहीं।

Q18 पहले पद के वर्णन-क्रम पर तीन कथन नीचे दिए गए हैं। I. मीरा श्रीकृष्ण के नैनों को विशाल कहती हैं। II. उनके अधरों पर सुधा-रस वाली मुरली सजी है। III. उनके चरणों के नूपुर मीठी आवाज़ में बोल रहे हैं। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: I, II और III
Why:

तीनों कथन पद में हैं, और उनका क्रम ही उत्तर है: वर्णन ऊपर नैनों से आरंभ होकर नीचे चरणों तक उतरता है।

Q19 घंटियों और नूपुर जैसी छोटी चीज़ों का वर्णन करने से क्या होता है? advanced
  • A वर्णन बहुत लंबा और दूर तक फैला हो जाता है
  • B वर्णन जीवित और अपना-सा लगने लगता है
  • C अर्थ कठिन हो जाता है और समझ में नहीं आता
  • D भाव बदल जाता है और बात कुछ और हो जाती है
Show answer
Answer: वर्णन जीवित और अपना-सा लगने लगता है
Why:

छोटी-छोटी बातें ही किसी छवि को अपनी-सी बनाती हैं।

Q20 पद में कौन-सी तीन चीज़ें मधुर ध्वनि देने वाली हैं? intermediate
  • A माला, मूरत और सूरत
  • B नैना, अधर और उर
  • C मूरत, कटितट और चरण
  • D मुरली, घंटियाँ और नूपुर
Show answer
Answer: मुरली, घंटियाँ और नूपुर
Why:

इसी से पद में रूप के साथ आवाज़ भी आ जाती है।

Q21 अंतिम पंक्ति में पद का भाव किस तरह बदल जाता है? advanced
  • A रूप की बात से गुण की बात पर आ जाता है
  • B गुण की बात से रूप की बात पर आ जाता है
  • C विनती से प्रश्न पर आ जाता है
  • D वर्णन से किसी कथा पर आ जाता है
Show answer
Answer: रूप की बात से गुण की बात पर आ जाता है
Why:

अब तक शरीर और शृंगार की बात थी।

Q22 मीरा श्रीकृष्ण को संतन सुखदाई क्यों कहती हैं? intermediate
  • A क्योंकि वे संतों को सुख देने वाले हैं
  • B क्योंकि वे संतों के साथ ही रहा करते हैं
  • C क्योंकि संत उन्हें हर समय सुख देते रहते हैं
  • D क्योंकि वे स्वयं भी एक संत बन गए थे
Show answer
Answer: क्योंकि वे संतों को सुख देने वाले हैं
Why:

यहाँ उनका बड़प्पन रूप में नहीं, स्वभाव में दिखता है।

Q23 भक्त वछल का अर्थ क्या है? advanced
  • A भक्तों से दूर रहने वाला
  • B भक्तों की परीक्षा लेने वाला
  • C भक्तों से स्नेह करने वाला
  • D भक्तों को उपदेश देने वाला
Show answer
Answer: भक्तों से स्नेह करने वाला
Why:

गोपाल का अर्थ गायों का पालन करने वाला होता है।

Q24 रिक्त स्थान भरिए — बसो मेरे ______ में नंदलाल। beginner
  • A मनवा
  • B आँगन
  • C घर
  • D नैनन
Show answer
Answer: नैनन
Why:

आँखों में बस जाना एक मुहावरा है।

Q25 मान लीजिए आपको अपने किसी प्रिय व्यक्ति का वर्णन लिखना है। मीरा के ढंग से आप क्या करेंगे? advanced
  • A उनसे जुड़ी छोटी-छोटी बातें भी गिनाएँगे
  • B केवल उनकी बड़ी-बड़ी बातें ही लिखते रहेंगे
  • C कोई कहानी सुनाएँगे
  • D केवल उनका नाम लिखेंगे
Show answer
Answer: उनसे जुड़ी छोटी-छोटी बातें भी गिनाएँगे
Why:

मीरा भी घंटियों और नूपुर जैसी छोटी चीज़ें गिनाती हैं।

Important short questions (7)

मीरा पहले पद में क्या विनती करती हैं?

वे श्रीकृष्ण से कहती हैं कि वे उनकी आँखों में बस जाएँ। यानी वे कुछ माँगती नहीं, केवल यह चाहती हैं कि उनका ध्यान हर समय बना रहे।

पहले पद में श्रीकृष्ण के शरीर के विषय में कौन-कौन सी बातें बताई गई हैं?

उनकी मूरत मोहनी है, सूरत साँवली है और नैना विशाल हैं। उनके अधर पर मुरली सजी है और उर पर वैजयंती माला।

उनके शृंगार में कौन-सी दो चीज़ें और बताई गई हैं?

कमर पर नन्हीं घंटियाँ सजी हैं, और पैरों में नूपुर बाँधे हुए हैं, जिनकी आवाज़ मीठी बताई गई है।

वर्णन का क्रम किस तरह चलता है और इसका क्या लाभ है?

वह नैनों से शुरू होकर अधर, उर, कटितट और अंत में चरणों तक जाता है। इससे लगता है मानो मीरा पूरी छवि को धीरे-धीरे आँखों से देख रही हों।

पद में रूप के साथ आवाज़ भी किस तरह आ जाती है?

मुरली, कमर की घंटियाँ और पैरों के नूपुर, तीनों से मधुर ध्वनियाँ निकलती हैं। इसी से वह छवि दिखाई भी देती है और सुनाई भी।

अंतिम पंक्ति में मीरा श्रीकृष्ण के कौन-से दो गुण बताती हैं?

कि वे संतों को सुख देने वाले हैं और भक्तों से स्नेह करने वाले हैं। यहाँ बात रूप से हटकर स्वभाव पर आ जाती है।

मीरा के जीवन के बारे में तीन बातें लिखिए।

वे एक राजकुमारी थीं, फिर भी उन्होंने संतों का जीवन चुना। उन्होंने महल छोड़कर तीर्थों की यात्राएँ कीं और मंदिरों में भजन गाना तथा सत्संग करना शुरू किया।

Long answer questions (3)

पहले पद का भाव अपने शब्दों में लिखिए।

मीरा श्रीकृष्ण से विनती करती हैं कि वे उनकी आँखों में बस जाएँ। इसके बाद वे उनका वर्णन करने लगती हैं। उनकी मूरत मन मोह लेने वाली है, सूरत साँवली है और नैना बड़े हैं। उनके होंठों पर ऐसी मुरली सजी है, जिसकी धुन अमृत जैसी मीठी है, और सीने पर वैजयंती माला शोभा पा रही है। उनकी कमर पर छोटी-छोटी घंटियाँ सजी हैं और पैरों के नूपुर मीठी आवाज़ में बोल रहे हैं। अंत में वे कहती हैं कि उनके प्रभु संतों को सुख देने वाले और भक्तों से स्नेह करने वाले गोपाल हैं।

इस पद में मीरा ने वर्णन को जीवित बनाने के लिए कौन-कौन से उपाय किए हैं?

पहला उपाय क्रम का है। वे ऊपर नैनों से शुरू करती हैं और नीचे चरणों तक उतरती हैं, इसलिए छवि एक-एक हिस्से में बनती चलती है। दूसरा उपाय छोटी बातों का है। वे केवल रूप और रंग नहीं कहतीं, वे कमर की छोटी घंटियाँ और पैरों के नूपुर तक गिनाती हैं। तीसरा उपाय ध्वनि का है। मुरली, घंटियाँ और नूपुर, तीनों से आवाज़ निकलती है, इसलिए वह छवि सुनाई भी देती है। चौथा उपाय अंत का है, जहाँ वे रूप छोड़कर गुण पर आ जाती हैं और उन्हें संतों का सुखदाई तथा भक्तों से स्नेह करने वाला कहती हैं। इन सबसे वर्णन केवल सूची नहीं रहता, वह एक जीवित छवि बन जाता है।

यदि आपको मीरा से बातचीत का अवसर मिले, तो आप उनसे क्या पूछेंगे और क्या कहेंगे?

सबसे पहले मैं पूछता कि महल छोड़ना कितना कठिन लगा था। वे एक राजकुमारी थीं, इसलिए यह निर्णय आसान नहीं हो सकता। दूसरा प्रश्न यात्राओं का होता। मैं पूछता कि तीर्थों में उन्हें कौन-सी बात सबसे अधिक याद रह गई। तीसरा प्रश्न उनके भजनों के बारे में होता। मैं पूछता कि वे उन्हें पहले लिखती थीं या गाते-गाते बन जाते थे। इसके बाद मैं एक बात कहता भी। मैं बताता कि उनके पद आज भी गाए जाते हैं। यह सुनकर उन्हें अच्छा लगता। अंत में मैं एक सलाह माँगता। मैं पूछता कि किसी काम में मन लगाने का सीधा रास्ता क्या है। यही बात उनके जीवन में सबसे साफ़ दिखती है।

Flashcards (17)

मीरा पहले पद में किससे विनती कर रही हैं?
श्रीकृष्ण से, जिन्हें वे नंदलाल कहकर पुकारती हैं।
नंदलाल का अर्थ क्या है?
नंद के पुत्र, यानी श्रीकृष्ण।
आँखों में बस जाना मुहावरे का अर्थ क्या है?
किसी का ध्यान हर समय मन में बना रहना।
इसी अर्थ का एक और मुहावरा कौन-सा है?
आँखों में घर करना।
मूरत और सूरत के लिए मीरा कौन-से शब्द चुनती हैं?
मूरत को मोहनी और सूरत को साँवरि, यानी साँवली।
साँवरि शब्द आज किस रूप में बोला जाता है?
साँवली।
विशाल शब्द किसके लिए आया है?
श्रीकृष्ण के नैनों के लिए, यानी उनकी बड़ी आँखों के लिए।
अधर शब्द का अर्थ क्या है?
होंठ।
सुधा शब्द का अर्थ क्या है?
अमृत। इसलिए मुरली की धुन अमृत जैसी मीठी बताई गई है।
उर शब्द का अर्थ क्या है?
सीना या छाती। वहाँ वैजयंती माला सजी है।
वैजयंती माला किससे बनती है?
वैजयंती पौधे के बीजों से।
कटितट शब्द का अर्थ क्या है?
कमर का भाग।
क्षुद्र घंटिका का अर्थ क्या है?
छोटी-छोटी घंटियाँ। क्षुद्र का अर्थ बहुत छोटा होता है।
नूपुर क्या होता है?
पैरों में बाँधा जाने वाला गहना, जिससे चलने पर आवाज़ निकलती है।
रसाल शब्द का अर्थ क्या है?
रसभरा और मीठा। मीरा नूपुर की आवाज़ को यही कहती हैं।
भक्त वछल का अर्थ क्या है?
भक्तों से स्नेह करने वाला।
मीरा के जीवन की दो बातें लिखिए।
वे एक राजकुमारी थीं, पर उन्होंने संतों का जीवन चुना। उन्होंने महल छोड़कर तीर्थों की यात्राएँ कीं।

Play this topic

  • वर्णन क्रम में लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • रूप या गुण
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

बरसे बदरिया सावन की

दूसरे पद में सावन के बादल बरस रहे हैं और मीरा का मन उमंग से भर गया है, क्योंकि उन्होंने हरि के आने की भनक सुनी है। चारों दिशाओं से बादल उमड़-घुमड़कर आते हैं, बिजली चमकती है, नन्हीं बूँदें गिरती हैं और शीतल पवन बहती है।

What you will be able to do

  • मैं दूसरे पद का भाव अपने शब्दों में बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि सावन के बारे में क्या-क्या कहा गया है।
  • मैं बदरिया, दामिन और मेहा जैसे शब्दों के आज के रूप लिख सकता/सकती हूँ।
  • मैं पद में एक ही वर्ण की आवृत्ति पहचान सकता/सकती हूँ।
  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि कवि अपना नाम पद में क्यों रखते थे।

Key points

  • सावन की बदरिया बरस रही है और वह मन को भाने वाली है।

  • सावन में मीरा का मन उमंग से भर उठा है।

  • उनके मन में उमंग का कारण हरि के आने की भनक है।

  • बादल चारों दिशाओं से उमड़-घुमड़कर आ गए हैं।

  • बिजली चमक रही है और वर्षा की झड़ी लग गई है।

  • नन्हीं-नन्हीं बूँदों वाला मेह बरस रहा है।

  • उसके साथ शीतल और सुहावनी पवन बह रही है।

  • मीरा अपने प्रभु को गिरधरनागर कहकर पुकारती हैं।

  • पद का अंत आनंद और मंगल गाने की बात पर होता है।

Full explanation

पद की पहली पंक्ति

पद एक दृश्य से शुरू होता है। सावन की बदरिया बरस रही है और मीरा उसे मन भावन कहती हैं, यानी मन को भाने वाली। बदरिया बादल का एक प्यार वाला रूप है। छोटे रूप में कहने से उसमें अपनापन आ जाता है।

दोहराव की लय

पहली पंक्ति में सावन की शब्द दो बार आता है। एक बार बदरिया के साथ और एक बार मन भावन के साथ। इसी दोहराव से पंक्ति में गीत जैसी लय बन जाती है, और पढ़ते समय वह अपने आप गुनगुनाने लगती है।

मन की उमंग

दूसरी पंक्ति भीतर की बात कहती है। सावन में मीरा का मन उमग गया, यानी उमंग से भर उठा। उमग्यो वही शब्द है, जिसे आज हम उमगा या उमंग से भरा कहते हैं। मनवा भी मन का ही प्यार वाला रूप है।

उमंग का कारण

उसी पंक्ति में कारण भी आ जाता है। उन्होंने हरि के आने की भनक सुनी है। भनक का अर्थ है हल्की-सी ख़बर या आहट। ध्यान दीजिए, उन्हें पूरी ख़बर नहीं मिली। केवल एक आहट से ही उनका मन भर गया, और यही भक्ति का भाव है।

चारों दिशाओं से

अब दृश्य बड़ा होता है। बादल चारों दिशाओं से उमड़-घुमड़कर आ गए हैं। उमड़ना और घुमड़ना, दोनों शब्द मिलकर एक हलचल बना देते हैं। बादल सीधे नहीं आते, वे चढ़ते और घूमते हुए आते हैं।

बिजली और झड़ी

उसी पंक्ति में दामिन, यानी बिजली आती है। उसे आज दामिनी भी कहा जाता है। वह दमककर झड़ी ले आती है। झड़ी का अर्थ है लगातार होती वर्षा, यानी वह बारिश जो रुकती नहीं।

नन्हीं बूँदें

अगली पंक्ति में बारिश का रूप बदल जाता है। अब नन्हीं-नन्हीं बूँदों वाला मेह बरसता है। मेहा का अर्थ मेह या वर्षा है। नन्हीं कहने से पता चलता है कि यह तेज़ बौछार नहीं, एक कोमल बारिश है।

शीतल पवन

उसी पंक्ति के अंत में हवा आती है। पवन शीतल और सोहावन, यानी ठंडी और सुहावनी है। बारिश के साथ हवा का आना ही मौसम को पूरा करता है, और यहीं पद का सबसे सुखद क्षण बनता है।

दृश्य का क्रम

यदि इन्हें क्रम से देखें, तो एक सीढ़ी बनती है। पहले बरसती बदरिया, फिर मन की उमंग, फिर चारों दिशाओं के बादल, फिर बिजली और झड़ी, फिर नन्हीं बूँदें और अंत में शीतल पवन। मीरा बड़े दृश्य से शुरू करके कोमल दृश्य पर आती हैं।

भीतर और बाहर

पद में दो चीज़ें साथ-साथ चलती हैं। एक बाहर का मौसम है, जिसमें बादल, बिजली और बूँदें हैं। दूसरा भीतर का मन है, जिसमें उमंग है। दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं, क्योंकि बाहर की बरसात भीतर की उमंग का कारण बन जाती है।

गिरधरनागर

अंतिम पंक्ति में मीरा अपने प्रभु को गिरधरनागर कहती हैं। गिरधर का अर्थ है पर्वत को धारण करने वाला, जो श्रीकृष्ण का एक नाम है। इस तरह दोनों पदों में वे उन्हें अलग-अलग नामों से पुकारती हैं।

आनंद और मंगल

पद का अंत आनंद और मंगल गाने की बात पर होता है। मंगल का अर्थ है शुभ। यानी यह पद किसी माँग पर नहीं, एक गीत पर समाप्त होता है। पहला पद विनती पर शुरू होकर गुण पर समाप्त हुआ था, और यह पद दृश्य पर शुरू होकर गीत पर।

नाम रखने की परंपरा

दोनों पदों की अंतिम पंक्ति में मीरा अपना नाम रखती हैं। उनके समय के अनेक कवि ऐसा करते थे, और आज भी कुछ कवि अपना नाम अपनी कविता में जोड़ देते हैं। इससे रचना पर उनकी मुहर जैसी लग जाती है और पढ़ने वाले को रचनाकार का पता चल जाता है।

ब वर्ण की आवृत्ति

पहली पंक्ति में बरसे और बदरिया, दोनों शब्द साथ आते हैं और दोनों ब वर्ण से शुरू होते हैं। इसी को वर्ण की आवृत्ति कहते हैं, यानी एक ही वर्ण का बार-बार आना। इससे पंक्ति बोलने में और भी सुंदर बन जाती है।

और भी उदाहरण

पद में ऐसे और उदाहरण मिलते हैं। उमड़ और घुमड़ में ड़ की ध्वनि दोहराई जाती है। मन भावन और मनवा में म वर्ण लौटता है। नन्हीं नन्हीं में तो पूरा शब्द ही दोहरा दिया गया है, जिससे बूँदों का छोटा आकार और साफ़ दिखने लगता है।

दोनों पद साथ

पाठ के दोनों पद एक ही कवयित्री के हैं, पर उनका ढंग अलग है। पहला पद एक विनती से शुरू होता है और श्रीकृष्ण के रूप तथा गुण पर टिका रहता है। दूसरा पद एक दृश्य से शुरू होता है और मौसम के साथ मन की बात कहता है। दोनों में एक बात समान है, कि अंतिम पंक्ति में मीरा अपना नाम रख देती हैं।

शब्द तब और अब

इस पद के कई शब्द आज बदले हुए रूप में बोले जाते हैं। बदरिया को हम बादल कहते हैं और दामिन को बिजली। मेहा के लिए आज वर्षा या बारिश चलता है, मनवा के लिए मन, आवन के लिए आना, और दिश के लिए दिशा। सोभित आज शोभित लिखा जाता है और नैनन के लिए नयनों।

Concepts and terms

बदरिया

बादल का एक प्यार वाला रूप, जिसे आज हम बादल कहते हैं। छोटे रूप में कहने से उसमें अपनापन आ जाता है, जैसे कोई अपनी बात किसी मित्र से कह रहा हो।

भनक

किसी बात की हल्की-सी ख़बर या आहट। मीरा कहती हैं कि उन्होंने हरि के आने की भनक सुनी है, यानी पूरी ख़बर नहीं, केवल एक आहट।

दामिन

बिजली। उसे आज दामिनी भी कहा जाता है। पद में वह झड़ी लाने वाली बिजली के रूप में आती है।

मेहा

मेह या वर्षा। पद में नन्हीं-नन्हीं बूँदों वाला मेह बरसता है, इसलिए वह तेज़ बौछार नहीं, कोमल बारिश है।

आवृत्ति

किसी वर्ण का बार-बार आना। बरसे और बदरिया, दोनों ब वर्ण से शुरू होते हैं, और इसी आवृत्ति से पंक्ति सुंदर बन जाती है।

यहाँ ध्यान रखिए

आम भ्रम

एक छोटा प्रसंग

Scenario:

कक्षा सात के बच्चों को सावन पर चार पंक्तियाँ लिखने को कहा गया। हर्ष ने लिखा कि बादल काले हैं, बिजली चमकती है, बारिश होती है और सड़क गीली हो जाती है। शिक्षिका ने कहा कि सब ठीक है, पर इसमें हर्ष कहीं नहीं है। उन्होंने मीरा का दूसरा पद दोबारा पढ़वाया और पूछा कि उसमें मौसम के साथ और क्या है। बच्चों ने बताया कि उसमें मीरा का मन भी है। हर्ष ने दूसरी बार तीन बातें लिखीं। पहली बूँद गिरते ही उसे दादी के घर की याद आ जाती है। भीगी मिट्टी की गंध से उसका मन हल्का हो जाता है। छत से गिरती धार देखकर उसे काग़ज़ की नाव बनाने का मन करता है। इस बार कक्षा ने कहा कि अब पंक्तियाँ उसकी अपनी लगती हैं।

Analysis:

यह प्रसंग इस पद की सबसे बड़ी बात को एक कक्षा के काम में रख देता है। हर्ष की पहली कोशिश में केवल बाहर का मौसम था, और वैसा मौसम किसी भी जगह का हो सकता है। दूसरी कोशिश में उसने भीतर का भाव जोड़ दिया, ठीक जैसे मीरा बादल और बिजली के साथ अपने मन की उमंग रखती हैं। एक बात और ध्यान देने योग्य है। हर्ष ने पहली बूँद से याद आने की बात कही, यानी उसे भी पूरी बारिश की ज़रूरत नहीं पड़ी। यह मीरा की भनक वाली बात से मिलता है, जहाँ हल्की-सी आहट से ही मन भर जाता है। इसीलिए दूसरी कोशिश अपनी लगती है।

Activity:

सावन पर चार पंक्तियाँ लिखिए। दो पंक्तियाँ बाहर के दृश्य की रखिए और दो अपने मन के भाव की।

आवृत्ति ढूँढ़िए

Title:

आवृत्ति ढूँढ़िए

Safety:

बोलकर पढ़ते समय आवाज़ बहुत ऊँची न रखिए, वरना बग़ल की कक्षा को असुविधा होगी।

What You Notice:

आप देखेंगे कि एक ही वर्ण लौटने से पंक्ति बोलने में आसान और सुनने में सुंदर लगती है। बरसे बदरिया में ब लौटता है, और उमड़ घुमड़ में ड़ की ध्वनि लौटती है।

Did you know

सावन श्रावण का महीना है, जो आषाढ़ के बाद और भाद्रपद से पहले आता है।

उस समय के बहुत से कवि अंतिम पंक्ति में अपना नाम रख देते थे।

गिरधर का अर्थ पर्वत को धारण करने वाला होता है।

Memory tricks

सावन के पाँच दृश्य — बदरिया, बिजली, झड़ी, बूँदें, पवन।

शब्द तब और अब — बदरिया यानी बादल, दामिन यानी बिजली, मेहा यानी वर्षा।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 दूसरा पद किसी एक ऋतु के आने पर लिखा गया है, जिसमें बादल, बिजली और झड़ी, सब आते हैं। उस पद में वर्णन है — beginner
  • A सर्दी
  • B वर्षा
  • C गर्मी
  • D वसंत
Show answer
Answer: वर्षा
Why:

सावन उसी ऋतु का महीना है।

Q2 पद में बादल के लिए एक छोटा और अपनापन भरा रूप आया है, जो बरसता हुआ बताया गया है। बदरिया शब्द का अर्थ है — intermediate
  • A कोई धारा
  • B कोई बादल
  • C कोई चादर
  • D कोई बदलाव
Show answer
Answer: कोई बादल
Why:

यह बादल का एक प्यार वाला छोटा रूप है।

Q3 बदरिया जैसे छोटे रूप में कहने से क्या होता है? advanced
  • A शब्द कठिन हो जाता है
  • B अर्थ बदल जाता है
  • C उसमें अपनापन आ जाता है
  • D तुक टूट जाती है
Show answer
Answer: उसमें अपनापन आ जाता है
Why:

लगता है मानो कोई अपनी बात किसी मित्र से कह रहा हो।

Q4 पद में जिस महीने का नाम सावन कहकर आया है, वह पंचांग में दूसरे नाम से जाना जाता है। सावन नाम है — intermediate
  • A आषाढ़ का
  • B भाद्रपद का
  • C कार्तिक का
  • D श्रावण का
Show answer
Answer: श्रावण का
Why:

वह आषाढ़ के बाद और भाद्रपद से पहले आता है।

Q5 पहली पंक्ति में सावन की शब्द दो बार आने का क्या असर पड़ता है? advanced
  • A पंक्ति में गीत जैसी लय बन जाती है
  • B पंक्ति लंबी हो जाती है और धीमी पड़ जाती है
  • C अर्थ दोहरा हो जाता है
  • D पंक्ति बहुत ही कठिन और उलझी हो जाती है
Show answer
Answer: पंक्ति में गीत जैसी लय बन जाती है
Why:

पढ़ते समय वह अपने आप गुनगुनाने लगती है।

Q6 मीरा बरसती बदरिया को अपने मन को अच्छी लगने वाली बताती हैं, और उसके लिए मन भावन आया है। उसका अर्थ है — intermediate
  • A मन में बसी हुई कोई याद
  • B मन को भा जाने वाली
  • C मन की कोई गहरी इच्छा
  • D मन में उठने वाला कोई भाव
Show answer
Answer: मन को भा जाने वाली
Why:

मीरा सावन की बदरिया को यही कहती हैं।

Q7 यह पद पढ़कर मीरा के भाव के बारे में क्या लगता है? beginner
  • A कि वे उदास हैं
  • B कि वे चिंतित हैं
  • C कि वे प्रसन्न हैं
  • D कि वे दुखी हैं
Show answer
Answer: कि वे प्रसन्न हैं
Why:

पद का अंत आनंद और मंगल गाने की बात पर होता है।

Q8 सावन आते ही मीरा का मन भर उठता है, और उसके लिए पद में उमग्यो शब्द आया है। उमग्यो का अर्थ है — intermediate
  • A उमंग से भर उठा
  • B थक गया
  • C घूमकर वापस आ गया
  • D चुप हो गया, थम गया
Show answer
Answer: उमंग से भर उठा
Why:

सावन में मीरा के मन की यही हालत हुई।

Q9 मीरा के मन में उमंग का कारण क्या है? intermediate
  • A कि सावन का महीना आ गया है, वर्षा का
  • B कि बादल चारों दिशाओं से उठकर आ गए हैं
  • C कि उन्होंने हरि के आने की भनक सुनी
  • D कि शीतल पवन बह रही है
Show answer
Answer: कि उन्होंने हरि के आने की भनक सुनी
Why:

भनक का अर्थ है हल्की-सी ख़बर या आहट।

Q10 भनक से ही मन भर जाने में कौन-सा भाव दिखता है? advanced
  • A कि भक्ति में पूरी ख़बर की ज़रूरत नहीं पड़ती
  • B कि उन्हें पहले से ही बहुत कम सुनाई पड़ता था
  • C कि वे उस समय किसी बहुत ही बड़ी जल्दी में थीं
  • D कि उन्हें किसी ने आकर पहले ही सब बता दिया था
Show answer
Answer: कि भक्ति में पूरी ख़बर की ज़रूरत नहीं पड़ती
Why:

केवल एक आहट से ही उनका मन भर गया।

Q11 पद में बादल किसी एक दिशा से नहीं, बल्कि हर ओर से उठकर आते बताए गए हैं। पद के अनुसार बादल आए हैं — beginner
  • A केवल पूर्व दिशा से
  • B केवल पश्चिम दिशा से
  • C किसी एक पर्वत की ओर से
  • D चारों दिशाओं से
Show answer
Answer: चारों दिशाओं से
Why:

वे उमड़-घुमड़कर आते हैं।

Q12 अभिकथन: उमड़-घुमड़ से पता चलता है कि बादल सीधे नहीं आते। कारण: वे चढ़ते और घूमते हुए चारों दिशाओं से आते हैं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं और कारण अभिकथन को समझाता है। उमड़ना ऊपर चढ़ना है और घुमड़ना घूमना, इसलिए शब्द ही उनकी चाल बता देते हैं।

Q13 बरसते बादलों के बीच जो चमक दिखाई देती है, उसके लिए पद में दामिन शब्द आया है। दामिन का अर्थ है — advanced
  • A बिजली
  • B दामन या आँचल
  • C किसी तरह का दाम
  • D कोई दिशा
Show answer
Answer: बिजली
Why:

उसे आज दामिनी भी कहा जाता है।

Q14 पद में लगातार होती वर्षा के लिए एक शब्द आया है, जो किसी झाड़ी से जुड़ा नहीं है। झड़ी शब्द का अर्थ है — intermediate
  • A कोई पुरानी झाड़ी
  • B किसी तरह का झाड़ू
  • C लगातार होती वर्षा
  • D कोई झड़ा हुआ पत्ता
Show answer
Answer: लगातार होती वर्षा
Why:

यानी वह बारिश, जो रुकती नहीं।

Q15 नन्हीं-नन्हीं बूँदों के साथ पद में वर्षा के लिए एक और शब्द आया है, जो मेहनत या मेले से नहीं जुड़ा। मेहा शब्द का अर्थ है — intermediate
  • A कोई मेहराब
  • B किसी तरह की मेहनत
  • C कोई मेला
  • D मेह या वर्षा
Show answer
Answer: मेह या वर्षा
Why:

पद में नन्हीं-नन्हीं बूँदों वाला मेह बरसता है।

Q16 नन्हीं-नन्हीं कहने से बारिश के बारे में क्या पता चलता है? advanced
  • A कि वह कोमल बारिश है, तेज़ बौछार नहीं
  • B कि वह बहुत देर तक लगातार होती रहती है
  • C कि वह रुक-रुककर होती है
  • D कि वह रात में होती है
Show answer
Answer: कि वह कोमल बारिश है, तेज़ बौछार नहीं
Why:

पूरा शब्द दोहराने से बूँदों का छोटा आकार साफ़ दिखने लगता है।

Q17 पद में पवन के लिए कौन-से दो शब्द आए हैं? intermediate
  • A तेज़ और भारी
  • B शीतल और सोहावन
  • C गरम और सूखी
  • D धीमी और ठहरी
Show answer
Answer: शीतल और सोहावन
Why:

यानी ठंडी और सुहावनी हवा।

Q18 पद में दृश्य किस दिशा में बढ़ता है? advanced
  • A कोमल दृश्य से बड़े दृश्य की ओर
  • B किसी क्रम में नहीं
  • C बड़े दृश्य से कोमल दृश्य की ओर
  • D भीतर से बाहर की ओर ही
Show answer
Answer: बड़े दृश्य से कोमल दृश्य की ओर
Why:

पहले बादल और बिजली, फिर नन्हीं बूँदें और शीतल पवन।

Q19 सावन वाले दूसरे पद पर तीन बातें पढ़िए। I. सावन की बदरिया बरस रही है और वह मन को भाने वाली है। II. उसके साथ शीतल और सुहावनी पवन बह रही है। III. मीरा का मन हरि के आने की भनक से उमंग में भर उठा है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: I, II और III
Why:

तीनों कथन पद में हैं, और तीसरा ही बताता है कि बाहर का मौसम और भीतर का मन साथ-साथ चलते हैं।

Q20 मीरा अपने प्रभु को गिरधर कहकर पुकारती हैं, और वह नाम पर्वत उठाने की कथा से बना है। गिरधर का अर्थ है — intermediate
  • A गीत धारण करने वाला
  • B पर्वत को धारण करने वाला
  • C गायों को चराने वाला
  • D गाँव की रक्षा करने वाला
Show answer
Answer: पर्वत को धारण करने वाला
Why:

यह श्रीकृष्ण का एक नाम है।

Q21 यह पद किसी माँग या शिकायत पर नहीं, बल्कि एक प्रसन्न भाव पर समाप्त होता है। यह पद समाप्त होता है — intermediate
  • A किसी माँग पर
  • B किसी प्रश्न या किसी बड़ी-सी शंका पर
  • C आनंद और मंगल गाने की बात पर
  • D किसी शिकायत या किसी बड़ी उलझन पर
Show answer
Answer: आनंद और मंगल गाने की बात पर
Why:

मंगल का अर्थ शुभ होता है।

Q22 मीरा के समय के कवि अपनी रचना के अंत में अपना नाम क्यों रखते थे? advanced
  • A रचना पर अपनी मुहर लगाने के लिए
  • B रचना को और भी अधिक लंबी करने के लिए
  • C केवल पंक्ति की तुक मिलाने के लिए ही
  • D किसी नियम के कारण
Show answer
Answer: रचना पर अपनी मुहर लगाने के लिए
Why:

इससे पढ़ने वाले को रचनाकार का पता चल जाता है।

Q23 बरसे और बदरिया, इन दोनों शब्दों में कौन-सी बात समान है? intermediate
  • A दोनों के अर्थ एक हैं
  • B दोनों ब वर्ण से शुरू होते हैं
  • C दोनों क्रिया हैं
  • D दोनों पंक्ति के अंत में आते हैं
Show answer
Answer: दोनों ब वर्ण से शुरू होते हैं
Why:

इसी को वर्ण की आवृत्ति कहते हैं।

Q24 रिक्त स्थान भरिए — नन्हीं नन्हीं बूँदन मेहा बरसे, ______ पवन सोहावन की। beginner
  • A भारी
  • B तेज़
  • C गरम
  • D शीतल
Show answer
Answer: शीतल
Why:

यहीं पद का सबसे सुखद क्षण बनता है।

Q25 मान लीजिए आपको सावन पर चार पंक्तियाँ लिखनी हैं। इस पद के ढंग से आप क्या करेंगे? advanced
  • A केवल बादलों के रंग लिखेंगे
  • B केवल अपने मन की बात लिखेंगे, बाहर की कोई नहीं
  • C कोई कहानी सुनाएँगे
  • D बाहर का दृश्य और भीतर का भाव, दोनों रखेंगे
Show answer
Answer: बाहर का दृश्य और भीतर का भाव, दोनों रखेंगे
Why:

इस पद में भी मौसम और मन, दोनों साथ चलते हैं।

Important short questions (7)

सावन का कौन-कौन सा रूप इस पद में आया है?

सावन की बदरिया बरस रही है और वह मन को भाने वाली है। उसमें बादल चारों दिशाओं से उमड़-घुमड़कर आते हैं, बिजली चमकती है, नन्हीं बूँदें गिरती हैं और शीतल पवन बहती है।

मीरा के मन में उमंग किस कारण उठी है?

क्योंकि उन्होंने हरि के आने की भनक सुनी है। भनक का अर्थ हल्की-सी ख़बर है, यानी पूरी ख़बर मिली भी नहीं थी।

पद में बारिश का रूप कोमल किस तरह दिखाया गया है?

मीरा कहती हैं कि नन्हीं-नन्हीं बूँदों वाला मेह बरस रहा है। साथ ही पवन शीतल और सुहावनी बताई गई है, इसलिए दृश्य डरावना नहीं, सुखद बनता है।

पद में बाहर और भीतर, दोनों की बात किस तरह चलती है?

बाहर बादल, बिजली और बूँदें हैं, और भीतर मन की उमंग है। दोनों जुड़े हुए हैं, क्योंकि बाहर की बरसात ही भीतर की उमंग का कारण बनती है।

वर्ण की आवृत्ति किसे कहते हैं? पद से एक उदाहरण दीजिए।

किसी एक वर्ण के बार-बार आने को आवृत्ति कहते हैं। बरसे और बदरिया, दोनों ब वर्ण से शुरू होते हैं, और इसी से पंक्ति सुंदर बन जाती है।

पद के चार शब्दों के आज के रूप लिखिए।

बदरिया का बादल, दामिन का बिजली, मेहा का वर्षा और मनवा का मन। सोभित को आज शोभित लिखा जाता है।

दोनों पदों का अंत किस तरह अलग-अलग होता है?

पहला पद श्रीकृष्ण के गुण पर समाप्त होता है, जहाँ उन्हें संतों का सुखदाई कहा गया है। दूसरा पद आनंद और मंगल गाने की बात पर समाप्त होता है।

Long answer questions (3)

दूसरे पद का भाव अपने शब्दों में लिखिए।

मीरा कहती हैं कि सावन की बदरिया बरस रही है और वह मन को भाने वाली है। इस महीने में उनका मन उमंग से भर उठा है। कारण यह है कि उन्होंने हरि के आने की हल्की-सी ख़बर सुन ली है। आगे वे दृश्य बताती हैं। बादल चारों दिशाओं से उमड़-घुमड़कर आ गए हैं और बिजली दमककर वर्षा की झड़ी ले आई है। उसके बाद नन्हीं-नन्हीं बूँदों वाला मेह बरसने लगता है और शीतल, सुहावनी पवन बहने लगती है। अंत में वे अपने प्रभु गिरधर को याद करके आनंद और मंगल गाने की बात कहती हैं।

सोचिए कि बादल मीरा तक हरि के आने की ख़बर पहुँचा देते हैं। वे क्या और कैसे कहते?

मुझे लगता है कि बादल कोई लंबी बात नहीं कहते। वे पहले दूर से धीमी गरज में बोलते, मानो कोई आहट दे रहे हों। फिर बिजली एक बार चमककर उजाला कर देती, जैसे किसी के आने का रास्ता दिखाया जाता है। उसके बाद वे चारों दिशाओं से इकट्ठा होकर आते और कहते कि तैयार रहो, वह आ रहा है। बूँदें गिरते समय वे धीरे-धीरे बोलते, क्योंकि बड़ी ख़बर ऊँची आवाज़ में नहीं कही जाती। अंत में शीतल पवन उनका संदेश पूरा कर देती। यही कारण है कि मीरा को पूरी ख़बर नहीं, केवल भनक मिलती है, और उतने से ही उनका मन भर जाता है।

आपके गाँव या नगर में सावन आने पर मौसम में क्या परिवर्तन आते हैं?

सबसे पहले आकाश बदल जाता है, क्योंकि उस पर घने बादल छा जाते हैं। दोपहर में भी हल्का अँधेरा जैसा लगने लगता है। गर्मी की तपन उतर जाती है और हवा ठंडी हो जाती है, ठीक जैसे पद में शीतल पवन की बात है। गली-मोहल्ले की ख़ाली ज़मीन पर हरी घास उग आती है और पेड़ धुलकर साफ़ दिखने लगते हैं। नालियों और गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे कहीं-कहीं आना-जाना कठिन हो जाता है। शाम को मेंढकों और कीड़ों की आवाज़ें बढ़ जाती हैं। इन सबके बीच मन अपने आप हल्का लगने लगता है, और यही बात इस पद में भी कही गई है।

Flashcards (17)

बदरिया शब्द का अर्थ क्या है?
बादल। यह उसका एक प्यार वाला छोटा रूप है।
सावन किस महीने का नाम है?
श्रावण का। वह आषाढ़ के बाद और भाद्रपद से पहले आता है।
मन भावन का अर्थ क्या है?
मन को भाने वाली।
उमग्यो शब्द का अर्थ क्या है?
उमंग से भर उठा।
मनवा शब्द का आज का रूप क्या है?
मन।
भनक शब्द का अर्थ क्या है?
किसी बात की हल्की-सी ख़बर या आहट।
मीरा के मन में उमंग का कारण क्या है?
हरि के आने की भनक सुनना।
बादल किस तरह और कहाँ से आए हैं?
चारों दिशाओं से उमड़-घुमड़कर।
दामिन शब्द का अर्थ क्या है?
बिजली। उसे दामिनी भी कहा जाता है।
झर या झड़ी का अर्थ क्या है?
लगातार होती वर्षा, जो रुकती नहीं।
मेहा शब्द का अर्थ क्या है?
मेह या वर्षा।
पद में बारिश का रूप कैसा बताया गया है?
नन्हीं-नन्हीं बूँदों वाला, यानी कोमल बारिश।
पवन के लिए कौन-से दो शब्द आए हैं?
शीतल और सोहावन, यानी ठंडी और सुहावनी।
गिरधर का अर्थ क्या है?
पर्वत को धारण करने वाला, यानी श्रीकृष्ण।
यह पद किस बात पर समाप्त होता है?
आनंद और मंगल गाने की बात पर।
वर्ण की आवृत्ति किसे कहते हैं?
किसी एक वर्ण के बार-बार आने को। जैसे बरसे और बदरिया में ब की आवृत्ति है।
मीरा अपना नाम पद में कहाँ रखती हैं?
अंतिम पंक्ति में। उनके समय के अनेक कवि ऐसा करते थे।

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  • पद क्रम में लगाइए
  • शब्द और आज का रूप
  • बाहर या भीतर
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

Class 7 Hindi Chapter 10 — frequently asked questions

मीरा पहले पद में क्या विनती करती हैं?

वे श्रीकृष्ण से कहती हैं कि वे उनकी आँखों में बस जाएँ। यानी वे कुछ माँगती नहीं, केवल यह चाहती हैं कि उनका ध्यान हर समय बना रहे।

पहले पद में श्रीकृष्ण के शरीर के विषय में कौन-कौन सी बातें बताई गई हैं?

उनकी मूरत मोहनी है, सूरत साँवली है और नैना विशाल हैं। उनके अधर पर मुरली सजी है और उर पर वैजयंती माला।

उनके शृंगार में कौन-सी दो चीज़ें और बताई गई हैं?

कमर पर नन्हीं घंटियाँ सजी हैं, और पैरों में नूपुर बाँधे हुए हैं, जिनकी आवाज़ मीठी बताई गई है।

सावन का कौन-कौन सा रूप इस पद में आया है?

सावन की बदरिया बरस रही है और वह मन को भाने वाली है। उसमें बादल चारों दिशाओं से उमड़-घुमड़कर आते हैं, बिजली चमकती है, नन्हीं बूँदें गिरती हैं और शीतल पवन बहती है।

मीरा के मन में उमंग किस कारण उठी है?

क्योंकि उन्होंने हरि के आने की भनक सुनी है। भनक का अर्थ हल्की-सी ख़बर है, यानी पूरी ख़बर मिली भी नहीं थी।

पद में बारिश का रूप कोमल किस तरह दिखाया गया है?

मीरा कहती हैं कि नन्हीं-नन्हीं बूँदों वाला मेह बरस रहा है। साथ ही पवन शीतल और सुहावनी बताई गई है, इसलिए दृश्य डरावना नहीं, सुखद बनता है।

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