Class 7 Hindi Chapter 3: फूल और काँटा

फूल और काँटा is Chapter 3 of NCERT / CBSE Class 7 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 2 topics , 50 practice MCQs with answers and explanations , 20 important short and long questions and 34 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

एक ही पौधा, दो स्वभाव

कविता पहले बताती है कि फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं और उन्हें चाँदनी, मेह तथा हवा सब कुछ एक-सा मिलता है। फिर वह दिखाती है कि दोनों का ढंग एक जैसा नहीं है। काँटा चुभता है और फूल सबको कुछ देता है।

What you will be able to do

  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि फूल और काँटे को कौन-सी चीज़ें समान रूप से मिलती हैं।
  • मैं काँटे के तीन कामों को कविता की पंक्तियों से बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं फूल के तीन कामों को कविता की पंक्तियों से बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं समानता और भिन्नता को अलग-अलग करके लिख सकता/सकती हूँ।
  • मैं कविता के कठिन शब्दों का अर्थ प्रसंग से समझ सकता/सकती हूँ।

Key points

  • फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं और एक ही पौधा उन्हें पालता है।

  • रात में चाँद दोनों पर एक-सी चाँदनी डालता है।

  • मेह यानी वर्षा दोनों पर एक समान बरसती है।

  • हवा भी दोनों पर एक जैसी ही बहती है।

  • इतना सब समान मिलने पर भी दोनों का ढंग एक जैसा नहीं होता।

  • काँटा उँगलियाँ छेदता है और किसी का अच्छा वस्त्र फाड़ देता है।

  • वह तितलियों के पर काटता है और भौंरे का काला शरीर बेध देता है।

  • फूल तितलियों को गोद में लेता है और भौंरे को अपना रस पिलाता है।

  • वह अपनी सुगंध और निराले रंग से सबका जी खिला देता है।

Full explanation

एक ही जगह, एक ही पौधा

कविता पहली ही पंक्ति में दोनों को साथ खड़ा कर देती है। फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं। उन्हें पालने वाला पौधा भी एक ही है। कवि यह बात सबसे पहले इसलिए रखते हैं, जिससे आगे का अंतर और साफ़ दिखाई दे।

चाँदनी भी एक-सी

रात में चाँद दोनों पर चमकता है। वह किसी एक के लिए अधिक और दूसरे के लिए कम नहीं चमकता। कवि कहते हैं कि वह एक ही सी चाँदनी डालता है। प्रकृति यहाँ किसी के साथ भेद नहीं करती।

मेह और हवा

मेह का अर्थ है वर्षा। वह भी दोनों पर एक-सी बरसती है। हवा भी दोनों पर एक जैसी ही बहती है। अब तक कवि ने पाँच बातें गिना दी हैं, जो दोनों को बराबर मिली हैं। जगह, पौधा, चाँदनी, मेह और हवा।

फिर भी ढंग अलग

इसके तुरंत बाद कविता मुड़ जाती है। कवि कहते हैं कि यह सदा दिखाता है कि उनके ढंग एक-से नहीं होते। ढंग यानी बर्ताव। सब कुछ समान मिलने पर भी दोनों अलग-अलग काम करते हैं। यही इस कविता का असली प्रश्न है।

काँटे का पहला काम

अब काँटे के काम गिनाए जाते हैं। वह किसी की उँगलियाँ छेद देता है। जो हाथ उसे छूने आता है, उसे चोट मिलती है। यह चोट छोटी है, पर अचानक लगती है और इसीलिए याद रह जाती है।

काँटे का दूसरा काम

वह किसी का वर बसन फाड़ देता है। बसन का अर्थ है वस्त्र और वर का अर्थ है अच्छा। यानी अच्छा कपड़ा भी उसके पास से बचकर नहीं निकल पाता। यहाँ नुकसान चोट का नहीं, किसी की चीज़ के बिगड़ने का है।

काँटे का तीसरा काम

तीसरा काम सबसे कठोर है। वह प्यार में डूबी तितलियों के पर कतर देता है और भौंरे का श्याम तन बेध देता है। कतरना यानी काटना, बेधना यानी छेदना। जो जीव फूल के पास आते हैं, वही काँटे से घायल होते हैं।

फूल का पहला काम

अब वही दो जीव फूल के पास आते हैं और वहाँ दृश्य बदल जाता है। फूल तितलियों को अपनी गोद में ले लेता है। गोद शब्द माँ की याद दिलाता है, और इसी एक शब्द से फूल का स्वभाव खुल जाता है।

फूल का दूसरा काम

वह भौंरे को अपना अनूठा रस पिलाता है। अनूठा यानी जैसा और कहीं न मिले। ध्यान दीजिए कि यह रस फूल का अपना है। वह अपनी ही चीज़ देता है, किसी और से लेकर नहीं देता।

फूल का तीसरा काम

तीसरा काम सबके लिए है। वह अपनी सुगंध और निराले रंग से सबका जी खिला देता है। निज का अर्थ है अपना और निराला का अर्थ है अनोखा। जो उसके पास से गुज़रता है, वह भी कुछ पाकर जाता है।

तीन के सामने तीन

यहाँ एक बात ध्यान देने योग्य है। काँटे के तीन काम गिनाए गए और फूल के भी तीन। दोनों को बराबर जगह दी गई है। कवि किसी एक पर अधिक नहीं बोलते। वे केवल दोनों के काम सामने रख देते हैं।

आँख में खटकना

इसके बाद परिणाम आता है। एक सबकी आँख में खटकता है। खटकना यानी बुरा लगना। किसी ने काँटे को दंड नहीं दिया, फिर भी लोग उससे दूर रहते हैं। उसके काम ही उसकी पहचान बन गए हैं।

शीश पर सोहना

दूसरा सुर शीश पर सोहता है। सोहना यानी शोभा देना और सुर का अर्थ देवता है। फूल देवता के सिर पर चढ़कर शोभा पाता है। उसे भी किसी ने यह स्थान दिया नहीं, वह उसके अपने स्वभाव से मिला है।

कविता का ढाँचा

अंत में पीछे मुड़कर देखिए तो रचना का ढाँचा साफ़ दिखता है। पहले समानता, फिर भिन्नता, फिर दोनों के काम, और अंत में दोनों का परिणाम। यही क्रम कविता को एक तर्क की तरह आगे बढ़ाता है।

कविता की भाषा पुरानी क्यों लगती है

पढ़ते समय कुछ शब्द आज के बोलचाल से अलग लगते हैं। जनम, हवायें, सुगंधों और औ जैसे रूप आज कम दिखाई देते हैं। यह कविता खड़ी बोली के आरंभिक दौर की है, जब लिखने का ढंग अभी बन ही रहा था। इन शब्दों से घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि इनका अर्थ आसपास की पंक्तियों से खुल जाता है।

एक ही शब्द, दो काम

कुछ शब्द कविता में दोहरा काम करते हैं। खिलना इसका अच्छा उदाहरण है। फूल स्वयं भी खिलता है और वह देखने वाले का मन भी खिला देता है। इसी तरह काँटे के साथ आया छेदना केवल उँगली तक सीमित नहीं रहता, वह भौंरे के तन तक पहुँच जाता है। ऐसे शब्द कविता को थोड़े में बहुत कह देने की शक्ति देते हैं।

तितली और भौंरा दोनों ओर

एक छोटी बात ध्यान देने योग्य है। तितली और भौंरा, ये दोनों जीव कविता में दो बार आते हैं। पहले वे काँटे के सामने आते हैं और घायल होते हैं। फिर वही दोनों फूल के सामने आते हैं और कुछ पाकर लौटते हैं। कवि ने जान-बूझकर एक ही जोड़ी चुनी है, जिससे अंतर किसी और बात से नहीं, केवल व्यवहार से दिखे।

कविता पढ़ते समय क्या देखें

इस कविता को पढ़ते समय दो बातों पर ध्यान रखिए। पहली यह कि कहाँ-कहाँ एक शब्द आया है, क्योंकि वही समानता बनाता है। दूसरी यह कि क्रियाएँ क्या हैं, क्योंकि छेदना, फाड़ना, कतरना, देना और पिलाना जैसी क्रियाएँ ही दोनों का अंतर खड़ा करती हैं। इन्हीं दो सूत्रों से पूरी कविता खुल जाती है।

Concepts and terms

समानता और भिन्नता

कविता दो चीज़ों को पहले एक जैसा दिखाती है, फिर उनका अंतर खोलती है। जगह, पौधा, चाँदनी, मेह और हवा सब समान हैं। इसके बाद भी ढंग अलग निकलता है। यही रचना का ढाँचा है और यही उसका तर्क भी।

ढंग

ढंग का अर्थ है किसी का बर्ताव या स्वभाव। कवि कहते हैं कि दोनों का ढंग एक-सा नहीं होता। वे यह नहीं कहते कि एक को कम मिला। वे कहते हैं कि मिलने के बाद कौन क्या करता है, अंतर वहीं बनता है।

बसन

बसन का अर्थ है वस्त्र या कपड़ा। कविता में वर बसन आया है, यानी अच्छा कपड़ा। काँटा उसे फाड़ देता है। यह शब्द आज कम बोला जाता है, पर कविता की पुरानी खड़ी बोली में सहज रूप से आता है।

कतरना और बेधना

कतरना यानी काट देना और बेधना यानी छेद देना। काँटा तितलियों के पर कतरता है और भौंरे का तन बेधता है। दोनों शब्द चोट पहुँचाने के हैं, पर एक काटने का है और दूसरा भीतर घुस जाने का।

जी खिलाना

जी खिलाना का अर्थ है मन प्रसन्न कर देना। फूल अपनी सुगंध और रंग से यही करता है। यहाँ खिलना शब्द दो तरह काम करता है, क्योंकि फूल स्वयं भी खिलता है और देखने वाले का मन भी खिला देता है।

यहाँ ध्यान रखिए

आम भ्रम

एक छोटा प्रसंग

Scenario:

एक ही कक्षा में दो विद्यार्थी हैं, अमन और रेहाना। दोनों को एक ही शिक्षक पढ़ाते हैं, एक ही पुस्तक मिली है और बैठने की जगह भी साथ-साथ है। खेल का समय भी दोनों को बराबर मिलता है। फिर भी कक्षा में दोनों का बर्ताव अलग दिखाई देता है। अमन दूसरों की कॉपी छिपा देता है और किसी के पूछने पर चिढ़कर उत्तर देता है। रेहाना अपनी पेंसिल बाँट देती है और जिसे कुछ समझ न आए उसे रुककर समझाती है। महीने भर बाद कक्षा के बच्चे रेहाना के पास जाकर बैठना चाहते हैं और अमन के पास कोई नहीं जाता, जबकि किसी शिक्षक ने ऐसा कुछ कहा नहीं था।

Analysis:

यह प्रसंग कविता के ढाँचे को ज्यों का त्यों दोहराता है। पहले समानता है, क्योंकि दोनों को शिक्षक, पुस्तक, जगह और समय एक जैसा मिला है, ठीक वैसे ही जैसे फूल और काँटे को चाँदनी, मेह और हवा मिली थी। इसके बाद भिन्नता आती है, जो मिलने में नहीं बल्कि करने में है। अंत में परिणाम वैसा ही है, क्योंकि किसी ने कोई घोषणा नहीं की, फिर भी एक के पास लोग जाते हैं और दूसरे के पास नहीं। कविता की पंक्ति यहाँ सीधे लागू होती है कि एक खटकता है और दूसरा शोभा पाता है।

Activity:

कक्षा को दो दलों में बाँटिए। एक दल ऐसे पाँच काम लिखे जो किसी को कुछ देते हैं और दूसरा दल ऐसे पाँच काम जो किसी से कुछ छीनते हैं। फिर दोनों सूचियाँ पढ़कर तय कीजिए कि कौन-सी सूची कक्षा को बेहतर बनाएगी।

समानता और भिन्नता खोजिए

Title:

समानता और भिन्नता खोजिए

Safety:

यह गतिविधि केवल पढ़ने और लिखने की है, इसलिए किसी सावधानी की आवश्यकता नहीं है।

What You Notice:

आप देखेंगे कि समान वाली बातें कविता के शुरू में इकट्ठी मिलती हैं और भिन्न वाली बातें बाद में आती हैं। यह भी दिखेगा कि भिन्नता वाली बातें हमेशा किसी काम से जुड़ी हैं, किसी को मिली चीज़ से नहीं।

Did you know

कविता में काँटे को बुरा कहकर नहीं छोड़ा गया। कवि केवल उसके काम गिनाते हैं और निर्णय पढ़ने वाले पर छोड़ देते हैं।

हवायें और सुगंधों जैसे रूप आज के हिंदी गद्य में कम दिखते हैं, पर पुरानी कविता में ये सामान्य थे।

भौंरे का रंग काला होता है, इसीलिए कवि ने उसके लिए श्याम तन कहा है।

Memory tricks

समान क्या-क्या मिला — जगह, पौधा, चाँदनी, मेह, हवा। पाँच चीज़ें, दोनों को बराबर।

काँटा बनाम फूल — काँटा छेदे, फाड़े, कतरे। फूल गोद दे, रस दे, रंग दे।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 कविता के आरंभ में कवि यह बताते हैं कि दोनों एक ही जगह जन्म लेते हैं और उन्हें पालने वाला भी एक ही है। वह पौधा है — beginner
  • A दोनों के लिए एक ही
  • B फूल के लिए अलग
  • C काँटे के लिए अलग, फूल के लिए अलग
  • D हर ऋतु में बदलता रहने वाला
Show answer
Answer: दोनों के लिए एक ही
Why:

कविता कहती है कि एक ही पौधा उन्हें पालता है।

Q2 रात के समय चाँदनी किसी एक को चुनकर नहीं गिरती, बल्कि दोनों पर एक समान फैल जाती है। रात में चाँद दोनों के साथ करता है — beginner
  • A वह केवल फूल पर चमकता है
  • B वह दोनों पर एक-सी चाँदनी डालता है
  • C वह काँटे से दूर रहता है
  • D वह बारी-बारी से उन दोनों पर चमकता है
Show answer
Answer: वह दोनों पर एक-सी चाँदनी डालता है
Why:

चाँद किसी के साथ भेद नहीं करता, दोनों पर एक ही सी चाँदनी पड़ती है।

Q3 कविता में वर्षा के लिए एक छोटा और पुराना शब्द आया है, जो दोनों पर एक समान बरसती बताई गई है। मेह शब्द का अर्थ है — beginner
  • A हवा
  • B धूप
  • C वर्षा
  • D कुहरा
Show answer
Answer: वर्षा
Why:

मेह उन पर है बरसता एक सा, यानी वर्षा दोनों पर बराबर बरसती है।

Q4 कविता का पहला भाग वे चीज़ें गिनाता है जो दोनों को एक समान मिलती हैं, और उनमें पौधा, चाँदनी, वर्षा और हवा आते हैं। उनकी गिनती है — advanced
  • A दो
  • B तीन
  • C चार
  • D पाँच
Show answer
Answer: पाँच
Why:

जगह, पौधा, चाँदनी, मेह और हवा, कुल पाँच चीज़ें समान बताई गई हैं।

Q5 अभिकथन: कवि ने दोनों की समानताएँ पहले गिनाई हैं। कारण: इससे आगे आने वाला अंतर और साफ़ दिखाई देता है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं और कारण अभिकथन को समझाता है। एक-सी धूप, वर्षा और हवा गिनाने के बाद ढंग का अंतर और गहरा लगता है।

Q6 सब कुछ एक समान मिलने पर भी दोनों का बर्ताव एक जैसा नहीं रहता, और उसी के लिए कविता में ढंग शब्द आया है। ढंग यहाँ आया है — intermediate
  • A आकार के भाव में
  • B रंग के भाव में
  • C गंध के भाव में
  • D बर्ताव के भाव में
Show answer
Answer: बर्ताव के भाव में
Why:

ढंग उनके एक से होते नहीं, यानी दोनों का बर्ताव एक जैसा नहीं है।

Q7 रिक्त स्थान भरिए — छेद कर काँटा किसी की ______। beginner
  • A टोकरियाँ
  • B उँगलियाँ
  • C पंखुड़ियाँ
  • D डालियाँ
Show answer
Answer: उँगलियाँ
Why:

काँटे का पहला काम यही बताया गया है।

Q8 काँटा किसी के पहने हुए अच्छे कपड़े को फाड़ देता है, और कविता में उसके लिए वर बसन शब्द आया है। वर बसन का अर्थ है — intermediate
  • A नया घर
  • B सुंदर फूल
  • C अच्छा वस्त्र
  • D ऊँचा पेड़
Show answer
Answer: अच्छा वस्त्र
Why:

बसन यानी कपड़ा और वर यानी अच्छा। काँटा उसे फाड़ देता है।

Q9 काँटा तितलियों के साथ क्या करता है? beginner
  • A उन्हें अपने पास बुला लेता है
  • B उन्हें रस पिलाता है
  • C उनसे दूर हट जाता है
  • D उनके पर कतर देता है
Show answer
Answer: उनके पर कतर देता है
Why:

कतरना यानी काट देना। प्यार में डूबी तितलियों के पर वह काट देता है।

Q10 फूल और काँटे, दोनों के पास भौंरा आता है, और कविता में उसके लिए श्याम तन शब्द आया है। श्याम तन प्रयुक्त हुआ है — intermediate
  • A भौंरे के लिए
  • B तितली के लिए
  • C काँटे के लिए
  • D पौधे के लिए
Show answer
Answer: भौंरे के लिए
Why:

भौंरे का शरीर काला होता है, इसीलिए कवि ने उसे श्याम तन कहा।

Q11 कतरना और बेधना में क्या अंतर है, यह कविता से कैसे पता चलता है? advanced
  • A कतरना यानी काट देना और बेधना यानी आर-पार छेद देना
  • B कतरना यानी जोड़ देना और बेधना यानी तोड़कर अलग कर देना
  • C कतरना यानी छिपा देना और बेधना यानी सबके सामने दिखा देना
  • D कतरना और बेधना, दोनों शब्दों का एक ही अर्थ होता है
Show answer
Answer: कतरना यानी काट देना और बेधना यानी आर-पार छेद देना
Why:

काँटा तितली के पर कतरता है, यानी काटता है, और भौंरे का तन बेधता है, यानी छेदता है। दोनों चोटें एक-सी नहीं हैं।

Q12 फूल तितलियों के लिए क्या करता है? beginner
  • A उन्हें दूर उड़ा देता है
  • B उन्हें गोद में ले लेता है
  • C उनसे अपना रस माँगता है
  • D उन्हें रंग देता है
Show answer
Answer: उन्हें गोद में ले लेता है
Why:

गोद शब्द माँ की याद दिलाता है और इसी से फूल का स्वभाव खुलता है।

Q13 फूल भौंरे को क्या देता है? beginner
  • A अपनी पंखुड़ी
  • B अपनी जड़
  • C अपना रस
  • D अपनी छाया
Show answer
Answer: अपना रस
Why:

वह अपना ही रस देता है, किसी और से लेकर नहीं देता।

Q14 फूल अपने रंगों से सबका जी खिला देता है, और कविता उन रंगों के लिए अनूठा जैसा शब्द काम में लाती है। अनूठा का निकटतम अर्थ है — intermediate
  • A साधारण
  • B पुराना
  • C कड़वा
  • D अनोखा
Show answer
Answer: अनोखा
Why:

अनूठा यानी जैसा और कहीं न मिले।

Q15 फूल किन दो चीज़ों से सबका जी खिलाता है? intermediate
  • A सुगंध और निराले रंग से
  • B अपने काँटों और पत्तों से
  • C जड़ और तने से
  • D अपनी छाया और शीतलता से
Show answer
Answer: सुगंध और निराले रंग से
Why:

एक नाक तक पहुँचती है और दूसरा आँख तक, दोनों मिलकर मन प्रसन्न कर देते हैं।

Q16 काँटे और फूल के कामों को लेकर तीन कथन नीचे दिए गए हैं। I. काँटा उँगलियाँ छेदता है और अच्छा वस्त्र फाड़ देता है। II. वह तितलियों के पर कतरता है और भौंरे का तन बेधता है। III. फूल भी तितलियों के पर कतर देता है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और II
Why:

I और II सही हैं। तीसरा कथन ग़लत है, क्योंकि फूल तितलियों को गोद में लेता है और भौंरे को रस पिलाता है।

Q17 कविता के अंत में दो शब्द आमने-सामने रखे गए हैं, और उनमें एक बुरा लगने के अर्थ में आया है। खटकना शब्द का अर्थ है — intermediate
  • A शोभा देना
  • B हँसाना
  • C बुरा लगना
  • D चमकना
Show answer
Answer: बुरा लगना
Why:

है खटकता एक सब की आँख में, यानी काँटा सबको बुरा लगता है।

Q18 सोहना शब्द का अर्थ है — intermediate
  • A शोभा देना
  • B सो जाना
  • C गिर पड़ना
  • D सूख जाना
Show answer
Answer: शोभा देना
Why:

दूसरा है सोहता सुर शीश पर, यानी फूल देवता के सिर पर शोभा देता है।

Q19 सुर शीश से क्या आशय है? advanced
  • A किसी पर्वत की चोटी
  • B किसी गीत का स्वर
  • C किसी देवता का सिर
  • D किसी राजा का मुकुट
Show answer
Answer: किसी देवता का सिर
Why:

सुर का अर्थ देवता है, इसलिए फूल देवता के सिर पर चढ़कर शोभा पाता है।

Q20 एक ही पौधे के दो स्वभावों के बारे में सही कथन कौन-सा है? advanced
  • A कविता में काँटे को सीधे बुरा कहा गया है
  • B कविता में फूल को सीधे अच्छा कहा गया है
  • C कविता दोनों के केवल काम गिनाती है
  • D कविता केवल फूल की बात करती है
Show answer
Answer: कविता दोनों के केवल काम गिनाती है
Why:

कवि निर्णय नहीं सुनाते, वे काम सामने रखकर निष्कर्ष पढ़ने वाले पर छोड़ देते हैं।

Q21 काँटे और फूल को अलग स्थान किस कारण मिलता है? advanced
  • A आकार के कारण
  • B रंग के कारण
  • C आयु के कारण
  • D काम के कारण
Show answer
Answer: काम के कारण
Why:

किसी ने उन्हें यह स्थान दिया नहीं, वह उनके अपने स्वभाव से बना है।

Q22 कल्पना कीजिए कि आप उस पौधे के पास खड़े हैं और एक तितली उड़ती हुई आती है। कविता के अनुसार आगे क्या हो सकता है? intermediate
  • A वह तुरंत वापस लौट जाएगी
  • B वह फूल की गोद में बैठ सकती है
  • C वह पौधे की जड़ के पास छिप जाएगी
  • D वह पत्तों को खाने लगेगी
Show answer
Answer: वह फूल की गोद में बैठ सकती है
Why:

कविता में फूल तितलियों को अपनी गोद में लेता है।

Q23 रिक्त स्थान भरिए — निज सुगंधों औ ______ रंग से। intermediate
  • A निराले
  • B गहरे
  • C हलके
  • D सुनहरे
Show answer
Answer: निराले
Why:

निराला यानी अनोखा। फूल अपने अनोखे रंग से सबका मन खींच लेता है।

Q24 इस भाग की रचना किस क्रम से आगे बढ़ती है? advanced
  • A पहले भिन्नता, उसके बाद समानता
  • B पहले समानता, फिर भिन्नता और काम
  • C केवल समानता, उसके बाद कोई भिन्नता नहीं
  • D पहले दोनों के काम, फिर जन्म की बात
Show answer
Answer: पहले समानता, फिर भिन्नता और काम
Why:

समानता, भिन्नता, दोनों के काम और अंत में परिणाम, यही क्रम है।

Q25 जोड़ी मिलाइए — निज शब्द का अर्थ क्या है? beginner
  • A पराया
  • B अपना
  • C नया
  • D दूर का
Show answer
Answer: अपना
Why:

निज सुगंधों, यानी फूल की अपनी सुगंध।

Important short questions (7)

फूल और काँटे को कौन-कौन सी चीज़ें समान रूप से मिलती हैं?

जन्म की जगह, पालने वाला पौधा, चाँद की चाँदनी, बरसता मेह और बहती हवा। ये पाँचों दोनों को बराबर मिलते हैं।

सब कुछ समान मिलने पर भी दोनों में क्या अलग है?

उनका ढंग अलग है, यानी उनका बर्ताव। कवि कहते हैं कि यह बात सदा दिखाई देती है।

काँटे के तीन काम लिखिए।

वह उँगलियाँ छेदता है, अच्छा वस्त्र फाड़ देता है, और तितलियों के पर कतरकर भौंरे का तन बेध देता है।

फूल के तीन काम लिखिए।

वह तितलियों को गोद में लेता है, भौंरे को अपना अनूठा रस पिलाता है। सुगंध तथा निराले रंग से सबका जी खिला देता है।

दोनों के कामों को बराबर संख्या में गिनाने से क्या पता चलता है?

इससे पता चलता है कि कवि किसी एक का पक्ष नहीं ले रहे। वे दोनों को बराबर जगह देकर निर्णय पढ़ने वाले पर छोड़ देते हैं।

खटकना और सोहना का अंतर समझाइए।

खटकना का अर्थ है आँख में चुभना या बुरा लगना। सोहना का अर्थ है शोभा देना। कविता में एक काँटे के लिए है और दूसरा फूल के लिए।

फूल और काँटे को उनका स्थान किस आधार पर मिला?

अपने-अपने कामों के आधार पर। किसी ने उन्हें यह स्थान दिया नहीं, वह उनके स्वभाव से अपने आप बन गया।

Long answer questions (3)

कविता के पहले भाग में कवि किन बातों को समान बताते हैं? विस्तार से लिखिए।

कवि पहले भाग में पाँच बातें गिनाते हैं। सबसे पहले वे कहते हैं कि फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं, इसलिए उनका आरंभ एक जैसा है। दूसरी बात यह कि उन्हें पालने वाला पौधा भी एक ही है, यानी भोजन और सहारा दोनों को एक ही स्रोत से मिलता है। तीसरी बात रात की है, जब चाँद दोनों पर चमकता है और एक ही सी चाँदनी डालता है। चौथी बात वर्षा की है, क्योंकि मेह भी दोनों पर एक समान बरसता है। पाँचवीं बात हवा की है, जो दोनों पर एक जैसी ही बहती है। इन पाँचों को गिनाकर कवि यह स्थापित कर देते हैं कि प्रकृति ने किसी के साथ कोई भेद नहीं किया।

काँटे और फूल के कामों की तुलना कीजिए और बताइए कि दोनों में मूल अंतर क्या है।

काँटे के तीन काम गिनाए गए हैं। वह किसी की उँगलियाँ छेद देता है, किसी का अच्छा वस्त्र फाड़ देता है, और प्यार में डूबी तितलियों के पर कतरकर भौंरे का काला शरीर बेध देता है। फूल के भी तीन काम हैं। वह तितलियों को अपनी गोद में ले लेता है, भौंरे को अपना अनूठा रस पिलाता है, और अपनी सुगंध तथा निराले रंग से सबका जी खिला देता है। ध्यान देने की बात यह है कि दोनों के सामने वही जीव आते हैं, यानी तितली और भौंरा। मूल अंतर यह है कि काँटा पास आने वाले से कुछ छीन लेता है, जबकि फूल पास आने वाले को कुछ देता है। एक का काम घटाने का है और दूसरे का बढ़ाने का।

कवि काँटे को सीधे बुरा नहीं कहते, फिर भी पढ़ने वाला समझ जाता है। यह कैसे होता है?

कवि पूरी कविता में कहीं भी काँटे को बुरा और फूल को अच्छा नहीं कहते। वे केवल दोनों के काम गिनाते हैं और वह भी बराबर संख्या में, तीन के सामने तीन। काँटे के काम ऐसे हैं जिनमें किसी को चोट पहुँचती है या किसी की चीज़ बिगड़ती है। फूल के काम ऐसे हैं जिनमें किसी को आश्रय, भोजन या प्रसन्नता मिलती है। इन्हें आमने-सामने रखने भर से अंतर अपने आप दिखाई देने लगता है। अंत में कवि केवल परिणाम बताते हैं कि एक सबकी आँख में खटकता है और दूसरा देवता के सिर पर शोभा पाता है। निर्णय वे स्वयं नहीं सुनाते, पर सामग्री ऐसी रखते हैं कि पढ़ने वाला उस तक पहुँच जाए।

Flashcards (17)

फूल और काँटा कहाँ जन्म लेते हैं?
एक ही जगह, और एक ही पौधा उन्हें पालता है।
रात में चाँद दोनों पर क्या डालता है?
एक ही सी चाँदनी, बिना किसी भेद के।
मेह शब्द का अर्थ क्या है?
वर्षा या बारिश। कविता में वह दोनों पर एक-सी बरसती है।
कविता के अनुसार दोनों में क्या एक जैसा नहीं है?
उनका ढंग, यानी उनका बर्ताव और स्वभाव।
ढंग शब्द का अर्थ क्या है?
बर्ताव या स्वभाव, यानी कोई किस तरह पेश आता है।
काँटा उँगलियों के साथ क्या करता है?
वह उन्हें छेद देता है।
बसन शब्द का अर्थ क्या है?
वस्त्र या कपड़ा। वर बसन यानी अच्छा कपड़ा।
काँटा तितलियों के साथ क्या करता है?
वह उनके पर कतर देता है, यानी काट देता है।
भौंरे के लिए कविता में कौन-सा शब्द आया है?
श्याम तन, क्योंकि भौंरे का शरीर काला होता है।
बेधना का अर्थ क्या है?
छेद देना या भीतर तक घुस जाना।
फूल तितलियों के साथ क्या करता है?
वह उन्हें अपनी गोद में ले लेता है।
फूल भौंरे को क्या देता है?
अपना अनूठा रस, जो और कहीं नहीं मिलता।
अनूठा शब्द का अर्थ क्या है?
जैसा और कहीं न मिले, यानी बिलकुल अलग।
फूल किन दो चीज़ों से सबका जी खिलाता है?
अपनी सुगंध से और अपने निराले रंग से।
खटकना का अर्थ क्या है?
बुरा लगना या आँख में चुभना।
सोहना का अर्थ क्या है?
शोभा देना या सुंदर लगना।
फूल को कहाँ स्थान मिलता है?
सुर शीश पर, यानी देवता के सिर पर।

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  • झटपट उत्तर

बड़प्पन कुल से नहीं, कर्म से

कविता की अंतिम दो पंक्तियाँ पूरी बात खोल देती हैं। कवि पूछते हैं कि कुल की बड़ाई किस काम आएगी, यदि किसी में बड़प्पन की कसर हो। फूल और काँटा यहाँ दो स्वभावों के प्रतीक बन जाते हैं। कवि हरिऔध की पहचान भी इसी पाठ में दी गई है।

What you will be able to do

  • मैं अंतिम दो पंक्तियों का अर्थ अपने शब्दों में बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं कुल और बड़प्पन का अंतर उदाहरण देकर समझा सकता/सकती हूँ।
  • मैं बता सकता/सकती हूँ कि फूल और काँटा किसके प्रतीक बनकर आए हैं।
  • मैं कवि हरिऔध के बारे में चार बातें बता सकता/सकती हूँ।
  • मैं इस कविता की सीख को अपने जीवन के किसी उदाहरण से जोड़ सकता/सकती हूँ।

Key points

  • कविता की अंतिम दो पंक्तियाँ ही उसका मूल संदेश कहती हैं।

  • कवि पूछते हैं कि कुल की बड़ाई किस काम आएगी।

  • यह प्रश्न तब उठता है, जब किसी में बड़प्पन की कसर हो।

  • कुल का अर्थ है वंश या परिवार, जिसमें कोई जन्म लेता है।

  • बड़प्पन का अर्थ है व्यक्ति के अपने गुण और अच्छे कर्म।

  • कसर का अर्थ है कमी, यानी जो पूरा न हो।

  • फूल और काँटा यहाँ दो अलग स्वभावों के प्रतीक बनकर आते हैं।

  • कवि का नाम अयोध्यासिंह उपाध्याय है और उपनाम हरिऔध है।

  • उनकी कृति प्रियप्रवास खड़ी बोली का पहला महाकाव्य मानी जाती है।

Full explanation

अंतिम दो पंक्तियाँ ही कुंजी हैं

कविता की सबसे महत्वपूर्ण बात अंत में आती है। कवि पूछते हैं कि कुल की बड़ाई किस तरह काम दे, जो किसी में बड़प्पन की कसर हो। यह एक प्रश्न है, पर उत्तर उसी में छिपा है। इससे पहले की सारी पंक्तियाँ इसी बात की तैयारी थीं।

कुल का अर्थ

कुल का अर्थ है वह वंश या परिवार, जिसमें कोई जन्म लेता है। इसमें किसी का अपना चुनाव नहीं होता, क्योंकि जन्म किसी के हाथ में नहीं है। कविता में फूल और काँटे का कुल एक ही है, क्योंकि दोनों एक ही पौधे से निकले हैं।

बड़प्पन का अर्थ

बड़प्पन इससे अलग चीज़ है। वह व्यक्ति के अपने गुणों, स्वभाव और कर्मों से बनता है। यह जन्म से नहीं मिलता, करने से बनता है। फूल का बड़प्पन उसके देने वाले कामों से बना है, और काँटे में यही चीज़ कम रह जाती है।

कसर शब्द का चुनाव

कवि कसर शब्द चुनते हैं, जिसका अर्थ है कमी या अधूरापन। ध्यान दीजिए कि वे यह नहीं कहते कि कोई बुरा है। वे केवल इतना कहते हैं कि कुछ अधूरा रह गया। यह शब्द निर्णय सुनाने के बजाय एक संकेत देता है, और इसी से कविता कठोर नहीं लगती।

प्रश्न के रूप में कहने का असर

कवि सीधा वाक्य भी लिख सकते थे कि कुल की बड़ाई काम नहीं आती। पर उन्होंने प्रश्न चुना। प्रश्न सुनने वाले को सोचने पर मजबूर करता है, जबकि सीधा कथन केवल सुना जाता है। इसी कारण अंतिम पंक्ति देर तक मन में रहती है।

फूल और काँटा प्रतीक बन जाते हैं

अब पूरी कविता दोबारा देखिए। फूल और काँटा केवल पौधे के अंग नहीं रह जाते। वे दो तरह के लोगों की ओर संकेत करने लगते हैं। जब कोई वस्तु अपने अलावा किसी और बात की ओर संकेत करे, तो उसे प्रतीक कहते हैं।

एक ही कुल, दो नतीजे

इस प्रतीक को खोलकर देखिए तो बात साफ़ हो जाती है। एक ही परिवार में जन्मे दो लोगों को वही घर, वही शिक्षा और वही अवसर मिल सकते हैं। फिर भी उनका बर्ताव अलग हो सकता है। कविता ठीक यही स्थिति फूल और काँटे के सहारे दिखाती है।

कवि का नाम और उपनाम

इस कविता के रचयिता अयोध्यासिंह उपाध्याय हैं। हरिऔध उनका उपनाम है, और इसी नाम से वे अधिक जाने जाते हैं। कई कवि अपने नाम के साथ ऐसा उपनाम जोड़ते रहे हैं, जो आगे चलकर उनकी असली पहचान बन जाता है।

जन्म और स्थान

उनका जन्म आजमगढ़ में हुआ था, जो उत्तर प्रदेश में है। उनका जीवनकाल 1865 से 1947 तक रहा। यह वही समय है जब हिंदी कविता ब्रज भाषा से निकलकर खड़ी बोली की ओर बढ़ रही थी।

प्रियप्रवास का महत्व

उनकी सबसे चर्चित काव्य-कृति प्रियप्रवास है। उसे खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है। महाकाव्य बहुत लंबी और गंभीर रचना होती है, इसलिए खड़ी बोली में ऐसा पहला प्रयास अपने आप में बड़ी बात थी।

बच्चों के लिए लेखन

हरिऔध ने बच्चों के लिए अनेक रोचक कविताएँ लिखीं। उनके कई कविता-संकलन प्रकाशित हुए, जिनमें चंद्र-खिलौना तथा खेल-तमाशा विशेष रूप से जाने जाते हैं। यही कारण है कि उनकी भाषा सरल रहती है और बात आसानी से पहुँच जाती है।

एक परिचित कविता

‘उठो लाल, अब आँखें खोलो’ वाली कविता बहुत से बच्चों ने छोटी कक्षाओं में पढ़ी होगी। ये भी हरिऔध की ही लिखी हुई हैं। इससे पता चलता है कि वे बड़ी और छोटी, दोनों तरह की रचनाएँ लिखते थे।

कविता का कुल ढाँचा

पूरी रचना चार चरणों में चलती है। पहले समानता, फिर भिन्नता, फिर दोनों के काम और उनका परिणाम, और अंत में मनुष्य के लिए निष्कर्ष। हर चरण अगले के लिए ज़मीन तैयार करता है, इसलिए अंतिम पंक्ति अचानक नहीं लगती।

सीख कहाँ लागू होती है

यह सीख केवल पढ़ने की बात नहीं है। कक्षा, घर और खेल के मैदान, हर जगह यह दिखाई देती है। किसी के बारे में यह पूछने के बजाय कि वह किस घर से आया है, यह देखना अधिक काम का है कि वह करता क्या है। कविता इसी एक बदलाव की ओर ले जाती है।

कविता का शीर्षक और उसका अर्थ

शीर्षक में दो ही शब्द हैं, फूल और काँटा। दोनों के बीच और लगा है, और से दोनों साथ खड़े हो जाते हैं। शीर्षक यह नहीं बताता कि कौन अच्छा है। वह केवल दोनों को आमने-सामने रख देता है, और यही पूरी कविता का ढंग भी है।

एक सावधानी

इस कविता को पढ़कर किसी साथी को काँटा कह देना उचित नहीं होगा। कवि व्यक्ति की बात नहीं कर रहे, वे गुणों की बात कर रहे हैं। एक ही व्यक्ति में कुछ गुण फूल जैसे और कुछ काँटे जैसे हो सकते हैं। कविता का काम किसी पर चिपकाना नहीं, अपने कर्मों की ओर ध्यान खींचना है।

Concepts and terms

कुल

कुल का अर्थ है वह वंश या परिवार, जिसमें कोई जन्म लेता है। इसमें व्यक्ति का अपना कोई चुनाव नहीं होता, क्योंकि जन्म किसी के हाथ में नहीं। कविता में फूल और काँटे का कुल एक ही है, क्योंकि दोनों एक ही पौधे से निकले हैं।

बड़प्पन

बड़प्पन का अर्थ है व्यक्ति के अपने गुण, स्वभाव और कर्म। यह जन्म से नहीं मिलता, बल्कि करने से बनता है। कविता में फूल का बड़प्पन उसके देने वाले कामों से बना है, और काँटे में वही कसर रह जाती है।

कसर

कसर का अर्थ है कमी या अधूरापन। कवि कहते हैं कि जिसमें बड़प्पन की कसर हो। वे यह नहीं कहते कि वह व्यक्ति बुरा है, केवल इतना कहते हैं कि कुछ अधूरा रह गया है। यह शब्द निर्णय से अधिक एक संकेत देता है।

प्रतीक

जब कोई वस्तु अपने अलावा किसी और बात की ओर संकेत करे, तो उसे प्रतीक कहते हैं। यहाँ फूल और काँटा केवल पौधे के अंग नहीं रह जाते। वे दो तरह के मनुष्यों की ओर संकेत करने लगते हैं, एक देने वाले और एक चोट पहुँचाने वाले।

खड़ी बोली

खड़ी बोली आज की हिंदी का वह रूप है जिसमें हम सामान्यत: लिखते हैं। हरिऔध के समय कविता अधिकतर ब्रज भाषा में लिखी जाती थी। उनकी कृति प्रियप्रवास को खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है, इसीलिए उसका महत्व है।

यहाँ ध्यान रखिए

आम भ्रम

एक छोटा प्रसंग

Scenario:

एक विद्यालय में अंतर-कक्षा प्रतियोगिता हो रही है। दो विद्यार्थी, कार्तिक और सलमा, एक ही मोहल्ले से आते हैं और दोनों के परिवार वहाँ बहुत जाने-माने हैं। अभ्यास के दिनों में कार्तिक अपने परिवार का नाम लेकर कहता है कि उसका चुना जाना तय है, इसलिए वह अभ्यास में कम आता है। सलमा रोज़ आती है, अपने साथियों को भी तैयारी कराती है और जो पीछे रह जाता है उसके साथ रुककर दोहराती है। प्रतियोगिता के दिन दोनों मंच पर जाते हैं। निर्णायक किसी का परिवार नहीं जानते, वे केवल प्रस्तुति देखते हैं। परिणाम आने पर पूरी कक्षा सलमा के पास इकट्ठी हो जाती है।

Analysis:

यह प्रसंग कविता की अंतिम दो पंक्तियों को सीधे दिखाता है। कार्तिक अपने कुल की बड़ाई पर भरोसा करता है, जो उसे जन्म से मिली है और जिसमें उसका अपना कोई योगदान नहीं। सलमा अपने कर्मों से बड़प्पन बनाती है, और वह उसका अपना चुनाव है। दोनों का मोहल्ला और परिवार की पहचान एक जैसी है, ठीक वैसे ही जैसे फूल और काँटे का पौधा एक था। अंत में अंतर वहीं से आता है जहाँ से कविता में आया था, यानी किसने क्या किया।

Activity:

अपनी कॉपी में दो सूचियाँ बनाइए। पहली में वे बातें लिखिए जो आपको जन्म से मिलीं, और दूसरी में वे जो आपने स्वयं सीखीं या बनाईं। फिर देखिए कि दूसरी सूची को बढ़ाना आपके अपने हाथ में है या नहीं।

प्रतीक पहचानिए

Title:

प्रतीक पहचानिए

Safety:

किसी साथी का नाम लेकर उसे काँटा या फूल मत कहिए। बात केवल गुणों की कीजिए, व्यक्तियों की नहीं।

What You Notice:

आप देखेंगे कि एक ही व्यक्ति में कुछ गुण फूल जैसे और कुछ काँटे जैसे हो सकते हैं। इससे यह भी समझ आता है कि कविता किसी को पूरी तरह अच्छा या बुरा नहीं कह रही, वह केवल कर्मों की ओर ध्यान खींच रही है।

Did you know

‘उठो लाल, अब आँखें खोलो’ से आरंभ होने वाली वह प्रसिद्ध बाल-कविता भी हरिऔध की ही लिखी हुई है।

कवि का असली नाम अयोध्यासिंह उपाध्याय था और हरिऔध उनका उपनाम था।

उन्होंने बच्चों के लिए अनेक रोचक कविताएँ लिखीं, जिनके संकलन अलग से प्रकाशित हुए।

Memory tricks

कुल बनाम बड़प्पन — कुल मिलता है, बड़प्पन बनता है। एक जन्म से, दूसरा कर्म से।

हरिऔध की पहचान — आजमगढ़, प्रियप्रवास, चंद्र-खिलौना, खेल-तमाशा।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 कविता की पूरी बात एक ही जगह खुलकर सामने आती है, और वह जगह कविता के आरंभ में नहीं है। मूल संदेश दिया गया है — beginner
  • A सबसे पहली दो पंक्तियों में
  • B बीच की दोनों पंक्तियों में
  • C अंतिम दो पंक्तियों में
  • D शीर्षक में
Show answer
Answer: अंतिम दो पंक्तियों में
Why:

कुल और बड़प्पन वाला प्रश्न ही पूरी कविता का निचोड़ है।

Q2 कविता के अंतिम प्रश्न में एक शब्द उस परिवार के लिए आया है जिसमें कोई जन्म लेता है। कुल शब्द का अर्थ है — beginner
  • A कुल मिलाकर
  • B कोई वंश
  • C कोई काम
  • D कोई स्थान
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Answer: कोई वंश
Why:

कुल यानी वह परिवार जिसमें कोई जन्म लेता है।

Q3 कविता के अनुसार किसी का बड़ा होना उसके जन्म से तय नहीं होता, बल्कि किसी और बात से बनता है। बड़प्पन बनता है — intermediate
  • A जन्म से
  • B धन से
  • C आयु से
  • D कर्म से
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Answer: कर्म से
Why:

यह मिलता नहीं, बनाना पड़ता है, और इसी बात पर कविता टिकी है।

Q4 कवि पूछते हैं कि किसी में बड़प्पन की कसर हो तो कुल किस काम आएगा, और यहाँ कसर का अर्थ पूरा न होना है। कसर शब्द का अर्थ है — beginner
  • A कमी
  • B अधिकता
  • C कठोरता
  • D कोमलता
Show answer
Answer: कमी
Why:

जो किसी में हो बड़प्पन की कसर, यानी जिसमें बड़प्पन की कमी हो।

Q5 कवि ने बुरा कहने के बजाय कसर शब्द क्यों चुना होगा? advanced
  • A क्योंकि यह निर्णय के बजाय संकेत देता है
  • B क्योंकि यह शब्द बहुत ही छोटा पड़ जाता है
  • C क्योंकि इससे पंक्ति में तुक अपने आप मिल जाती है
  • D क्योंकि यह शब्द कठिन है
Show answer
Answer: क्योंकि यह निर्णय के बजाय संकेत देता है
Why:

कसर कहने से कविता कठोर नहीं लगती और बात फिर भी पहुँच जाती है।

Q6 अभिकथन: कुल और बड़प्पन एक ही चीज़ नहीं हैं। कारण: हरिऔध की प्रियप्रवास खड़ी बोली का पहला महाकाव्य मानी जाती है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
Why:

दोनों सही हैं; परंतु कारण अभिकथन को नहीं समझाता। अंतर इसलिए है कि एक जन्म से मिलता है और दूसरा कर्म से बनता है।

Q7 कवि अपनी बात आदेश देकर नहीं कहते, बल्कि पढ़ने वाले के सामने एक बात रख देते हैं। उन्होंने अपनी बात रखी है — intermediate
  • A आदेश के रूप में
  • B प्रश्न के रूप में
  • C कहानी के रूप में
  • D सूची के रूप में
Show answer
Answer: प्रश्न के रूप में
Why:

किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, यह एक प्रश्न है।

Q8 प्रश्न के रूप में कहने से क्या लाभ होता है? advanced
  • A कविता पढ़ने में छोटी हो जाती है
  • B कविता की तुक ठीक बैठ जाती है
  • C कविता के शब्द आसान हो जाते हैं
  • D पढ़ने वाला स्वयं सोचने लगता है
Show answer
Answer: पढ़ने वाला स्वयं सोचने लगता है
Why:

सीधा कथन केवल सुना जाता है, जबकि प्रश्न मन में ठहर जाता है।

Q9 प्रतीक किसे कहते हैं? intermediate
  • A किसी वस्तु के रंग को, जो देखने वाले की आँखों से तुरंत ही दिख जाता है
  • B किसी वस्तु के आकार और बनावट को, जो हाथ से छूकर ही समझ में आती है
  • C किसी वस्तु के नाम को, जो लोग उसे पुकारने के लिए आपस में तय कर लेते हैं
  • D अपने अलावा किसी और बात की ओर संकेत कर देने वाली किसी वस्तु को
Show answer
Answer: अपने अलावा किसी और बात की ओर संकेत कर देने वाली किसी वस्तु को
Why:

यहाँ फूल और काँटा पौधे के अंग होकर भी दो स्वभावों की ओर संकेत करते हैं।

Q10 इस कविता में फूल किस स्वभाव का प्रतीक है? beginner
  • A देने वाले स्वभाव का
  • B चुप रहने वाले स्वभाव का
  • C डरने वाले स्वभाव का कोई
  • D क्रोधी स्वभाव का
Show answer
Answer: देने वाले स्वभाव का
Why:

वह गोद, रस, सुगंध और रंग, सब कुछ देता ही है।

Q11 काँटा किस स्वभाव का प्रतीक बनकर आता है? beginner
  • A सहायता करने वाले का
  • B चोट पहुँचाने वाले का
  • C चुपचाप रहने वाले का
  • D दूर भागने वाले का
Show answer
Answer: चोट पहुँचाने वाले का
Why:

जो उसके पास आता है, उसे वह किसी न किसी रूप में हानि पहुँचाता है।

Q12 फूल और काँटे का कुल एक ही क्यों कहा जा सकता है? advanced
  • A दोनों का रंग एक है
  • B दोनों की आयु एक है
  • C दोनों एक ही पौधे से निकले हैं
  • D दोनों का नाम मिलता-जुलता है
Show answer
Answer: दोनों एक ही पौधे से निकले हैं
Why:

कविता की पहली पंक्ति यही कहती है, और इसी से अंतिम प्रश्न खड़ा होता है।

Q13 इस कविता के कवि हरिऔध नाम से जाने जाते हैं, परंतु वह उनका उपनाम है और असली नाम दूसरा है। उनका असली नाम है — beginner
  • A हरिऔध, जो उनका उपनाम है
  • B अयोध्यासिंह उपाध्याय
  • C मैथिलीशरण गुप्त
  • D सोहनलाल द्विवेदी
Show answer
Answer: अयोध्यासिंह उपाध्याय
Why:

हरिऔध उनका उपनाम है, जिससे वे अधिक जाने जाते हैं।

Q14 कवि का जन्म उत्तर प्रदेश के एक नगर में हुआ था, जो झाँसी या वाराणसी नहीं है। उनका जन्म हुआ था — intermediate
  • A आजमगढ़ में
  • B झाँसी में
  • C कानपुर में
  • D वाराणसी में
Show answer
Answer: आजमगढ़ में
Why:

आजमगढ़ उत्तर प्रदेश में है।

Q15 कवि का जीवन उन्नीसवीं सदी में आरंभ होकर सन 1947 तक चला, और उस आरंभ का वर्ष रिक्त स्थान में आएगा। वह वर्ष है — intermediate
  • A 1850
  • B 1860
  • C 1865
  • D 1875
Show answer
Answer: 1865
Why:

पाठ के साथ दिया गया परिचय यही वर्ष बताता है।

Q16 प्रियप्रवास को किस कारण महत्वपूर्ण माना जाता है? advanced
  • A वह सबसे छोटी रचना है
  • B वह केवल बच्चों के लिए ही लिखी गई कोई रचना है
  • C वह ब्रज भाषा में लिखी अंतिम बड़ी रचना मानी जाती है
  • D वह खड़ी बोली का पहला महाकाव्य मानी जाती है
Show answer
Answer: वह खड़ी बोली का पहला महाकाव्य मानी जाती है
Why:

उस समय तक लंबी काव्य-रचनाएँ अधिकतर ब्रज भाषा में होती थीं।

Q17 महाकाव्य की पहचान क्या है? intermediate
  • A वह बहुत छोटी-सी रचना होती है
  • B वह बहुत लंबी और गंभीर रचना होती है
  • C वह केवल गद्य में ही लिखी जाती है
  • D वह केवल बच्चों के लिए ही होती है
Show answer
Answer: वह बहुत लंबी और गंभीर रचना होती है
Why:

इसी कारण खड़ी बोली में ऐसा पहला प्रयास बड़ी बात मानी गई।

Q18 जोड़ी मिलाइए — चंद्र-खिलौना क्या है? intermediate
  • A एक नाटक
  • B कोई बहुत लंबी-सी कहानी
  • C बच्चों का कविता-संकलन
  • D एक पत्रिका, जो हर महीने छपती थी
Show answer
Answer: बच्चों का कविता-संकलन
Why:

चंद्र-खिलौना और खेल-तमाशा, दोनों बच्चों के लिए उनके संकलन हैं।

Q19 उठो लाल, अब आँखें खोलो किसकी पंक्तियाँ हैं? beginner
  • A हरिऔध की
  • B मैथिलीशरण गुप्त की
  • C सूरदास की
  • D मीरा की
Show answer
Answer: हरिऔध की
Why:

यह प्रसिद्ध बाल-कविता भी इसी पाठ के कवि की लिखी हुई है।

Q20 हरिऔध की प्रियप्रवास उस भाषा में लिखी गई है जो आज हिंदी के लिखने का रूप मानी जाती है। खड़ी बोली से आशय है — advanced
  • A खड़े होकर बोली जाने वाली भाषा
  • B केवल गाँवों में बोली जाने वाली भाषा
  • C एक बहुत पुरानी लुप्त भाषा
  • D आज की हिंदी का लिखित रूप
Show answer
Answer: आज की हिंदी का लिखित रूप
Why:

हरिऔध के समय कविता अधिकतर ब्रज भाषा में लिखी जाती थी।

Q21 कुल और कर्म के बारे में सही कथन कौन-सा है? advanced
  • A कविता में मनुष्य का नाम बार-बार आता है
  • B कविता में कहीं मनुष्य का नाम नहीं आता
  • C कविता केवल पौधों के बारे में है
  • D कविता में कवि अपना नाम लेते हैं
Show answer
Answer: कविता में कहीं मनुष्य का नाम नहीं आता
Why:

बात मनुष्यों की है, पर कही फूल और काँटे के सहारे गई है।

Q22 कल्पना कीजिए कि कक्षा में दो बच्चों को एक ही शिक्षक और एक ही पुस्तक मिली है, फिर भी उनका बर्ताव अलग है। यह कविता की किस बात से मिलता है? intermediate
  • A एक ही कुल, अलग बड़प्पन
  • B अलग कुल, एक ही बड़प्पन
  • C कुल और बड़प्पन दोनों एक
  • D कुल और बड़प्पन दोनों अलग
Show answer
Answer: एक ही कुल, अलग बड़प्पन
Why:

जैसे एक ही पौधे से निकले फूल और काँटे का ढंग अलग निकलता है।

Q23 किसी को परखने के बारे में कविता की तीन बातें पढ़िए। I. कुल और बड़प्पन, दोनों जन्म से ही मिल जाते हैं। II. कवि पूछते हैं कि बड़प्पन की कसर हो तो कुल किस काम आएगा। III. इसलिए किसी को परखने का बेहतर तरीक़ा उसके काम देखना है। कौन-से कथन सही हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल II और III
Why:

II और III सही हैं। पहला कथन ग़लत है, क्योंकि कुल जन्म से मिलता है और बड़प्पन कर्म से बनता है।

Q24 पूरी कविता का ढाँचा किस क्रम में चलता है? advanced
  • A निष्कर्ष, फिर समानता, फिर भिन्नता, और सबसे अंत में कोई काम
  • B भिन्नता, फिर निष्कर्ष, फिर समानता, और सबसे अंत में कोई परिणाम
  • C समानता, फिर भिन्नता, फिर काम और परिणाम, फिर निष्कर्ष
  • D केवल काम और परिणाम, कविता में इसके सिवा और कुछ नहीं आता है
Show answer
Answer: समानता, फिर भिन्नता, फिर काम और परिणाम, फिर निष्कर्ष
Why:

हर चरण अगले के लिए ज़मीन तैयार करता है, इसलिए अंत अचानक नहीं लगता।

Q25 जोड़ी मिलाइए — उपनाम किसे कहते हैं? intermediate
  • A असली नाम को
  • B पिता के नाम को, जो आगे जुड़ जाता है
  • C लेखक का अपनाया हुआ दूसरा नाम
  • D अपने गाँव या किसी नगर के नाम को
Show answer
Answer: लेखक का अपनाया हुआ दूसरा नाम
Why:

अयोध्यासिंह उपाध्याय ने हरिऔध नाम अपनाया, और वही उनकी पहचान बन गया।

Important short questions (7)

कविता की अंतिम दो पंक्तियों का अर्थ अपने शब्दों में लिखिए।

कवि पूछते हैं कि किसी के कुल की बड़ाई किस काम आएगी, यदि उस व्यक्ति में बड़प्पन की ही कमी हो। यानी परिवार का नाम गुणों की कमी नहीं ढक सकता।

कुल और बड़प्पन में क्या अंतर है?

कुल जन्म से मिलता है और उस पर किसी का वश नहीं होता। बड़प्पन अपने गुणों और कर्मों से बनाना पड़ता है।

इस कविता में फूल और काँटा किसके प्रतीक हैं?

वे दो अलग स्वभावों के प्रतीक हैं। फूल उस स्वभाव का, जो दूसरों को कुछ देता है, और काँटा उसका, जो पास आने वालों को चोट पहुँचाता है।

कवि ने कसर शब्द चुनकर क्या किया?

उन्होंने किसी को बुरा कहने के बजाय केवल कमी की ओर संकेत किया। इससे बात पहुँच भी जाती है और कविता कठोर भी नहीं लगती।

हरिऔध के बारे में तीन बातें लिखिए।

उनका असली नाम अयोध्यासिंह उपाध्याय था। उनका जन्म आजमगढ़ में हुआ। उनकी कृति प्रियप्रवास खड़ी बोली का पहला महाकाव्य मानी जाती है।

प्रियप्रवास का क्या महत्व है?

उसे खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है। उस समय तक लंबी काव्य-रचनाएँ अधिकतर ब्रज भाषा में होती थीं।

हरिऔध ने बच्चों के लिए क्या लिखा?

उन्होंने अनेक रोचक कविताएँ लिखीं और उनके संकलन भी छपे, जिनमें चंद्र-खिलौना तथा खेल-तमाशा उल्लेखनीय हैं।

Long answer questions (3)

कविता की अंतिम दो पंक्तियों को समझाइए और बताइए कि पूरी कविता उन तक कैसे पहुँचती है।

अंतिम दो पंक्तियों में कवि पूछते हैं कि कुल की बड़ाई किस तरह काम दे, जो किसी में बड़प्पन की कसर हो। इसका अर्थ है कि परिवार का नाम किसी की अपनी कमी को नहीं ढक सकता। पूरी कविता इसी बात की तैयारी करती है। पहले कवि बताते हैं कि फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं और एक ही पौधा उन्हें पालता है, यानी उनका कुल एक है। फिर वे दिखाते हैं कि चाँदनी, मेह और हवा भी दोनों को बराबर मिलती है। इसके बाद दोनों के काम सामने रखे जाते हैं, जो बिलकुल अलग हैं। अंत में परिणाम बताया जाता है कि एक आँख में खटकता है और दूसरा देवता के सिर पर शोभा पाता है। जब यह सब पढ़ा जा चुका होता है, तब अंतिम प्रश्न अपने आप सही लगने लगता है।

कवि अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔध का परिचय अपने शब्दों में लिखिए।

अयोध्यासिंह उपाध्याय हिंदी के प्रसिद्ध कवि थे और हरिऔध उनका उपनाम था, जिससे वे अधिक जाने जाते हैं। उनका जन्म आजमगढ़ में हुआ, जो उत्तर प्रदेश में है, और उनका जीवनकाल सन् 1865 से 1947 तक रहा। उनकी सबसे चर्चित काव्य-कृति प्रियप्रवास है, जिसे खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है। यह बड़ी बात इसलिए है, क्योंकि उस समय तक लंबी और गंभीर काव्य-रचनाएँ अधिकतर ब्रज भाषा में ही होती थीं। उन्होंने बच्चों के लिए भी अनेक रोचक कविताएँ लिखीं और उनके कई संकलन प्रकाशित हुए, जिनमें चंद्र-खिलौना तथा खेल-तमाशा उल्लेखनीय हैं। उठो लाल, अब आँखें खोलो जैसी परिचित बाल-कविता भी उन्हीं की लिखी हुई है।

इस कविता की सीख को अपने आसपास के किसी उदाहरण से जोड़कर लिखिए।

कविता कहती है कि व्यक्ति की पहचान उसके कुल से नहीं, उसके कर्मों से बनती है। यह बात मुझे अपनी कक्षा में सीधे दिखाई देती है। हमारी कक्षा में सब बच्चों को एक ही शिक्षक पढ़ाते हैं, एक ही पुस्तक मिलती है और बैठने तथा खेलने का अवसर भी बराबर मिलता है। इतना सब समान होने पर भी सबका बर्ताव एक जैसा नहीं होता। कुछ बच्चे अपनी चीज़ें बाँटते हैं और किसी को कुछ समझ न आए तो रुककर समझाते हैं। कुछ दूसरे चिढ़कर उत्तर देते हैं या दूसरों का सामान छिपा देते हैं। कुछ समय बाद सब जान जाते हैं कि किसके पास बैठना अच्छा लगता है। किसी ने इसकी घोषणा नहीं की होती, फिर भी यह बात बन जाती है, ठीक वैसे ही जैसे कविता में काँटा खटकने लगता है और फूल शोभा पाता है।

Flashcards (17)

कविता की अंतिम दो पंक्तियों में कवि क्या पूछते हैं?
कि कुल की बड़ाई किस काम आएगी, यदि किसी में बड़प्पन की कसर हो।
कुल शब्द का अर्थ क्या है?
वह वंश या परिवार, जिसमें कोई जन्म लेता है।
बड़प्पन का अर्थ क्या है?
व्यक्ति के अपने गुण, स्वभाव और अच्छे कर्म।
कसर शब्द का अर्थ क्या है?
कमी या अधूरापन।
कुल और बड़प्पन में मूल अंतर क्या है?
कुल जन्म से मिलता है, जबकि बड़प्पन अपने कर्मों से बनाना पड़ता है।
प्रतीक किसे कहते हैं?
जब कोई वस्तु अपने अलावा किसी और बात की ओर संकेत करे।
इस कविता में फूल किसका प्रतीक है?
उस स्वभाव का, जो दूसरों को कुछ देता है।
इस कविता में काँटा किसका प्रतीक है?
उस स्वभाव का, जो पास आने वालों को चोट पहुँचाता है।
कवि का पूरा नाम क्या है?
अयोध्यासिंह उपाध्याय, और उनका उपनाम हरिऔध है।
हरिऔध का जन्म कहाँ हुआ था?
आजमगढ़ में, जो उत्तर प्रदेश में है।
उनका जीवनकाल क्या रहा?
सन् 1865 से 1947 तक।
प्रियप्रवास क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है?
उसे खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है।
महाकाव्य किसे कहते हैं?
बहुत लंबी और गंभीर काव्य-रचना को महाकाव्य कहते हैं।
बच्चों के लिए उनके कौन-से दो संकलन उल्लेखनीय हैं?
चंद्र-खिलौना और खेल-तमाशा।
उठो लाल, अब आँखें खोलो किसकी रचना है?
यह प्रसिद्ध बाल-कविता भी हरिऔध की ही लिखी हुई है।
खड़ी बोली क्या है?
आज की हिंदी का वह रूप, जिसमें हम सामान्यत: लिखते हैं।
कवि ने अपनी बात प्रश्न के रूप में क्यों रखी?
क्योंकि प्रश्न पढ़ने वाले को सोचने पर मजबूर करता है, जबकि सीधा कथन केवल सुना जाता है।

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  • कुल या बड़प्पन
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  • कविता का तर्क क्रम में
  • झटपट उत्तर

Class 7 Hindi Chapter 3 — frequently asked questions

फूल और काँटे को कौन-कौन सी चीज़ें समान रूप से मिलती हैं?

जन्म की जगह, पालने वाला पौधा, चाँद की चाँदनी, बरसता मेह और बहती हवा। ये पाँचों दोनों को बराबर मिलते हैं।

सब कुछ समान मिलने पर भी दोनों में क्या अलग है?

उनका ढंग अलग है, यानी उनका बर्ताव। कवि कहते हैं कि यह बात सदा दिखाई देती है।

काँटे के तीन काम लिखिए।

वह उँगलियाँ छेदता है, अच्छा वस्त्र फाड़ देता है, और तितलियों के पर कतरकर भौंरे का तन बेध देता है।

कविता की अंतिम दो पंक्तियों का अर्थ अपने शब्दों में लिखिए।

कवि पूछते हैं कि किसी के कुल की बड़ाई किस काम आएगी, यदि उस व्यक्ति में बड़प्पन की ही कमी हो। यानी परिवार का नाम गुणों की कमी नहीं ढक सकता।

कुल और बड़प्पन में क्या अंतर है?

कुल जन्म से मिलता है और उस पर किसी का वश नहीं होता। बड़प्पन अपने गुणों और कर्मों से बनाना पड़ता है।

इस कविता में फूल और काँटा किसके प्रतीक हैं?

वे दो अलग स्वभावों के प्रतीक हैं। फूल उस स्वभाव का, जो दूसरों को कुछ देता है, और काँटा उसका, जो पास आने वालों को चोट पहुँचाता है।

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