Class 7 Hindi Chapter 7: वर्षा-बहार
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- Hindi
वर्षा का आता दृश्य
कविता की पहली आठ पंक्तियाँ वर्षा के आने का दृश्य खींचती हैं। आकाश में घनघोर छटा, चमकती बिजली, गरजते बादल, बरसता पानी और बहते झरने। ठंडी हवा से डालियाँ हिलती हैं, मालिनें गीत गाती हैं और ताल के जीव प्रसन्न हो जाते हैं।
What you will be able to do
- मैं कविता की पहली आठ पंक्तियों का भाव बता सकता/सकती हूँ।
- मैं वर्षा के पाँच दृश्य क्रम से गिना सकता/सकती हूँ।
- मैं छटा, घनघोर और जलचर जैसे शब्दों का अर्थ समझा सकता/सकती हूँ।
- मैं नभ, जल और बादल के पर्यायवाची शब्द बता सकता/सकती हूँ।
- मैं मुकुटधर पाण्डेय के बारे में तीन बातें बता सकता/सकती हूँ।
Key points
कविता का आरंभ इस बात से होता है कि वर्षा सबके मन को लुभा रही है।
आकाश में अनूठी छटा है और घनघोर छाया हुआ है।
बिजली चमक रही है और बादल गरज रहे हैं।
पानी बरस रहा है और झरने बह निकले हैं।
ठंडी हवा चलने से पेड़ों की सभी डालियाँ हिल रही हैं।
बागों में मालिनें सुंदर गीत गा रही हैं।
तालाबों के जलचर जीव बहुत प्रसन्न हैं।
पपीहे घूम रहे हैं और गर्मी का ताप खो रहे हैं।
कवि मुकुटधर पाण्डेय का जन्म छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुआ था।
Full explanation
कविता का पहला शब्द-जोड़ा
कविता का आरंभ ही एक जोड़े से होता है, वर्षा और बहार। वर्षा एक ऋतु का नाम है। बहार वसंत का दूसरा नाम है। कवि इन दोनों को साथ रख देते हैं। इससे पहली ही पंक्ति में यह तय हो जाता है कि आगे वर्षा का सुंदर रूप आने वाला है, डरावना रूप नहीं।
सबके मन को लुभाना
कवि कहते हैं कि यह बहार सबके मन को लुभा रही है। ध्यान देने की बात यह है कि उन्होंने सबके कहा। आगे पूरी कविता में यही बात निभती है, क्योंकि उसमें मनुष्य, पशु-पक्षी, जलचर और फूल, सब आते हैं।
आकाश की छटा
दूसरी पंक्ति आकाश की है। नभ में अनूठी छटा है और घनघोर छाया हुआ है। छटा का अर्थ सुंदर दृश्य है। घनघोर का अर्थ घने बादलों से भरा हुआ। यह बादलों के घिर आने का दृश्य है, इसलिए इसमें डर नहीं, प्रतीक्षा का भाव है।
बिजली और बादल
इसके बाद बिजली चमकने और बादल गरजने की बात आती है। यह दृश्य के साथ आवाज़ भी ले आती है। बिजली आँखों की बात है और गरज कानों की। दोनों एक साथ रखकर कवि पूरा मौसम सामने खड़ा कर देते हैं।
पानी और झरने
अब वर्षा शुरू होती है। पानी बरसता है और झरने बह निकलते हैं। यहाँ एक क्रम है। पहले आकाश की बात थी, फिर बादल की, और अब धरती पर उतरा पानी। कवि ऊपर से नीचे की ओर आते हैं।
ठंडी हवा
हवा ठंडी चलने लगती है और डालियाँ हिलने लगती हैं। गर्मी में वही हवा गरम थी। इसी एक शब्द से कवि बता देते हैं कि मौसम बदल गया है। हिलती डालियाँ उस हवा का दिखने वाला सबूत हैं।
मालिनों के गीत
अब पहला मनुष्य कविता में आता है। बागों में मालिनें सुंदर गीत गा रही हैं। मालिन बाग़-बग़ीचे की देखभाल करने वाली स्त्री होती है। वर्षा उसके काम के लिए अच्छी ख़बर है, इसलिए उसका गीत स्वाभाविक है।
तालों के जीव
इसके बाद कवि तालाबों की ओर जाते हैं। वहाँ के जलचर जीव अति प्रसन्न हैं। जलचर का अर्थ है पानी में रहने वाले जीव। गर्मी में तालाब सूखने लगते हैं, इसलिए पानी भर जाना उनके लिए जीवन की बात है।
पपीहे और ताप
पहली आठ पंक्तियाँ पपीहों पर समाप्त होती हैं। वे घूम रहे हैं और ग्रीष्म का ताप खो रहे हैं। ताप यानी गर्मी। खोना यहाँ बुरा नहीं है, क्योंकि जो चीज़ कष्ट देती थी, वही छूट रही है।
दृश्य का क्रम
यदि इन आठ पंक्तियों को क्रम से देखें, तो एक सीढ़ी बनती है। पहले आकाश, फिर बादल, फिर बरसता पानी, फिर बहती हवा, फिर मनुष्य, फिर जल के जीव और अंत में पक्षी। कवि ऊँचाई से उतरते हुए धरती के जीवन तक पहुँचते हैं।
दो तरह के दृश्य
इन पंक्तियों में दो तरह के दृश्य हैं। एक में प्रकृति की ताक़त है, जैसे चमकती बिजली और गरजते बादल। दूसरे में उसका सुख है, जैसे प्रसन्न जलचर। दोनों अलग दिखते हैं, पर उनमें संबंध है। पहली तरह के दृश्य के कारण ही दूसरी तरह का सुख संभव होता है।
नभ के पर्यायवाची
कविता के शब्दों के कई पर्यायवाची मिलते हैं। नभ के लिए गगन, अंबर और व्योम चलते हैं। पर्यायवाची का अर्थ है एक ही अर्थ देने वाले अलग-अलग शब्द। कवि इनमें से वही शब्द चुनते हैं जो पंक्ति की लय में बैठ जाए।
बादल और पानी के नाम
बादल के लिए मेघ, घन, जलद और जलधर मिलते हैं। पानी के लिए जल, नीर, सलिल और तोय। इतने नाम होने का लाभ यह है कि कवि को हर पंक्ति के लिए सही माप का शब्द मिल जाता है।
पंक्ति के बीच का विराम
इस कविता की लगभग हर पंक्ति के बीच में एक अल्पविराम है। इससे पढ़ते समय एक जगह रुकना पड़ता है। उसी रुकने से पंक्ति दो हिस्सों में बँट जाती है, और हर हिस्सा अपनी एक छोटी तस्वीर बना देता है। बोलकर पढ़ने पर यह बात साफ़ सुनाई देती है, क्योंकि साँस वहीं लेनी पड़ती है।
सरल और कठिन वाक्य
कविता की कुछ पंक्तियाँ सीधे वाक्य की तरह बनी हैं, जैसे पानी बरसने और बादल गरजने की बात। कुछ पंक्तियों में शब्दों का क्रम उलटा-पुलटा है, इसलिए उनका अर्थ ठहरकर निकालना पड़ता है। दोनों तरह की पंक्तियाँ साथ होने से कविता में एकरसता नहीं आती।
कवि का परिचय
इस कविता के रचनाकार मुकुटधर पाण्डेय हैं। उनका जन्म छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुआ था। उनके जीवन-काल के वर्ष 1895 से 1989 बताए जाते हैं। प्रकृति के सौंदर्य की कई छवियाँ उनकी रचनाओं में मिलती हैं।
कवि की पहचान
उन्होंने किशोरावस्था में ही कविता और लेख लिखना आरंभ कर दिया था। उस समय की सरस्वती और माधुरी पत्रिकाओं में उनकी रचनाएँ प्रमुखता से छपती थीं। हिंदी साहित्य में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान दिया था।
Concepts and terms
बहार वसंत का दूसरा नाम है। कवि वर्षा के साथ यह शब्द जोड़ देते हैं, जिससे वर्षा ऋतु वसंत जैसी सुंदर लगने लगती है। पहले ही शब्द-जोड़े से कविता का भाव तय हो जाता है।
सुंदर दृश्य या शोभा। नभ में छटा अनूठी कहकर कवि बताते हैं कि आकाश का रंग-रूप इन दिनों कुछ अलग ही दिखता है।
घने बादलों से भरा और गहरा। यह शब्द बादलों के घिर आने का दृश्य बनाता है, इसलिए इसे किसी डर का सूचक मानना ठीक नहीं।
पानी में रहने वाले जीव, जैसे मछली और मेंढक। वर्षा से तालाब भर जाते हैं, इसलिए कवि उन्हें अति प्रसन्न बताते हैं।
एक ही अर्थ देने वाले अलग-अलग शब्द। नभ के लिए गगन, अंबर और व्योम चलते हैं। बादल के लिए मेघ, घन, जलद और जलधर मिलते हैं।
यहाँ ध्यान रखिए
आम भ्रम
एक छोटा प्रसंग
Scenario:
सातवीं कक्षा के बच्चों को शिक्षक ने एक काम दिया। उन्हें अपने मोहल्ले में वर्षा से आए बदलाव पाँच दिन तक नोट करने थे। मीना ने लिखा कि गली के किनारे की घास अब हरी दिखती है और सुबह चिड़ियों की आवाज़ बढ़ गई है। अजय ने लिखा कि मोहल्ले का पुराना तालाब, जो मई में तलहटी तक सूख गया था, अब आधे से अधिक भर गया है और उसमें मेंढक सुनाई देते हैं। सलमा ने लिखा कि उसकी नानी की क्यारियों में गेंदे की कलियाँ आ गई हैं और नानी काम करते हुए गुनगुनाती रहती हैं। रोहित ने लिखा कि दो दिन तेज़ बिजली चमकी और एक दिन स्कूल जल्दी बंद हो गया।
Analysis:
चारों बच्चों ने जो लिखा, वह कविता के ही दृश्य हैं, बस आज की भाषा में। मीना की हरी घास और चिड़ियाँ उसी आनंद की ओर जाती हैं जिसे कवि सबके मन को लुभाना कहते हैं। अजय का भरता तालाब और उसमें सुनाई देते मेंढक सीधे जलचरों की प्रसन्नता वाली पंक्ति से मिलते हैं। सलमा की नानी का गुनगुनाना मालिनों के गीत जैसा है, क्योंकि वहाँ भी ख़ुशी बाग़ के काम से आई है। रोहित की बात ज़रूरी है, क्योंकि वह दिखाती है कि वर्षा केवल सुख नहीं देती। कविता भी बिजली और गरज को छिपाती नहीं, वह उन्हें पानी के कारण के रूप में रखती है।
Activity:
पाँच दिन अपने आसपास के बदलाव नोट कीजिए। हर बदलाव के सामने कविता का वह शब्द लिखिए जो उससे मिलता है, जैसे छटा, झरना, डालियाँ या जलचर।
आवाज़ और दृश्य छाँटिए
Title:
आवाज़ और दृश्य छाँटिए
Safety:
रंगीन पेंसिल की छीलन कक्षा में न फैलाइए, उसे कूड़ेदान में डालिए।
What You Notice:
आप देखेंगे कि कवि दोनों खानों का उपयोग करते हैं। बिजली और छटा आँखों की बात हैं, गरज और गीत कानों की। कुछ बातें दोनों में बैठती हैं, जैसे बरसता पानी, और यही कविता को जीवित दृश्य बना देता है।
Did you know
कवि को उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान दिया था।
उनकी रचनाएँ उस समय की सरस्वती और माधुरी पत्रिकाओं में प्रमुखता से छपती थीं।
उन्होंने किशोरावस्था में ही कविता और लेख लिखना शुरू कर दिया था।
Memory tricks
पाँच दृश्य — छटा, बिजली, पानी, हवा और ताल।
नभ के चार नाम — गगन, अंबर, व्योम और आकाश।
Practice MCQs with answers (25)
- A वसंत
- B शरद
- C हेमंत
- D शिशिर
Show answer
Why:
इसी से वर्षा के साथ जुड़कर सुंदरता का भाव बनता है।
- A कविता लंबी हो जाती है
- B वर्षा ऋतु वसंत जैसी सुंदर लगने लगती है
- C वर्षा का डरावना रूप ही सामने आने लगता है
- D ऋतु का नाम ही बदलकर कुछ और हो जाता है
Show answer
Why:
पहली ही पंक्ति में कविता का भाव तय हो जाता है।
- A भय और चिंता
- B क्रोध और विरोध
- C आनंद और प्रसन्नता
- D दुख और निराशा
Show answer
Why:
गीत, नृत्य और प्रसन्नता, सब इसी भाव की ओर जाते हैं।
- A छाया
- B छत
- C छुट्टी और आराम
- D सुंदर दृश्य
Show answer
Why:
नभ में छटा अनूठी कहकर कवि आकाश का रंग-रूप बताते हैं।
- A बादलों के घिरने का
- B बिजली के गिरने का
- C ठंडी हवा के बहने का
- D आमोद छा जाने का
Show answer
Why:
घनघोर का अर्थ घने बादलों से भरा और गहरा है।
- A अधूरी
- B अनोखी
- C ऊँची
- D अँधेरी
Show answer
Why:
आकाश का रंग-रूप इन दिनों कुछ अलग ही दिखता है।
- A उसमें कोई तुक नहीं है
- B उसमें केवल रंग की बात है
- C वह दृश्य के साथ आवाज़ भी ले आती है
- D वह कविता के सबसे अंतिम भाग में आती है
Show answer
Why:
बिजली आँखों की बात है और गरज कानों की।
- A ठंडी हवा के कारण
- B गरजते बादलों के कारण
- C हिलती डालियों के कारण
- D बरसे हुए पानी के कारण
Show answer
Why:
पानी बरसने के बाद ही झरनों का बहना संभव होता है।
- A ऊपर आकाश से नीचे धरती की ओर
- B नीचे धरती से ऊपर आकाश की ओर
- C बाएँ से दाएँ की ओर
- D किसी क्रम में नहीं
Show answer
Why:
पहले नभ, फिर बादल, फिर बरसा पानी और अंत में धरती के जीव।
- A तालाब के पानी पर
- B पेड़ों की डालियों पर
- C आकाश की छटा पर
- D बहते झरनों की धारा पर
Show answer
Why:
हिलती डालियाँ उस हवा का दिखने वाला सबूत हैं।
- A कि रात हो गई है
- B कि पहाड़ पास है
- C कि मौसम बदल गया है
- D कि पानी जम गया है
Show answer
Why:
गर्मी में वही हवा गरम थी, और अब वह ठंडी हो गई है।
- A खेत में काम करने वाली कोई मेहनती स्त्री
- B गीत सिखाने और गाने वाली कोई स्त्री
- C नाव चलाने और खेने वाली कोई स्त्री
- D बाग़ की देखभाल करने वाली स्त्री
Show answer
Why:
इसीलिए वर्षा उसके काम के लिए अच्छी ख़बर है।
- A मालिनें
- B किसान
- C मेंढक
- D हंस
Show answer
Why:
कविता में पहला मनुष्य इसी पंक्ति में आता है।
- A जल से बनी हुई कोई वस्तु
- B पानी में रहने वाले जीव
- C पानी भरने का बरतन
- D पानी का रंग
Show answer
Why:
मछली और मेंढक जैसे जीव इसी में आते हैं।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और II सही हैं। तीसरा कथन ग़लत है, क्योंकि कविता में पपीहे घूम रहे हैं और ग्रीष्म का ताप खो रहे हैं।
- A अपना घोंसला
- B अपनी आवाज़
- C ग्रीष्म का ताप
- D अपना रास्ता
Show answer
Why:
ताप यानी गर्मी, और उसका छूटना सुख की बात है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं और कारण अभिकथन को समझाता है। खोना शब्द बुरा तब होता है जब कोई अच्छी चीज़ छूटे, और यहाँ गर्मी छूट रही है।
- A ताल
- B बाग़
- C वन
- D नभ
Show answer
Why:
नभ का अर्थ आकाश है।
- A गगन
- B अंबर
- C सलिल
- D व्योम
Show answer
Why:
सलिल पानी का पर्यायवाची है।
- A जलद
- B नीर
- C तोय
- D व्योम
Show answer
Why:
मेघ, घन और जलधर भी बादल के नाम हैं।
- A हर पंक्ति के लिए सही माप और ध्वनि का शब्द मिल जाता है
- B कविता पहले से लंबी हो जाती है और देर तक चलती रहती है
- C पंक्ति की तुक टूट जाती है और छंद ढीला पड़ जाता है
- D शब्दों का अर्थ जब चाहे तब बदला जा सकता है, इसलिए
Show answer
Why:
नभ, गगन, अंबर और व्योम का अर्थ एक है, परंतु उनकी लंबाई और ध्वनि अलग है। कवि पंक्ति के माप के अनुसार उनमें से चुन लेते हैं।
- A मध्य प्रदेश के भोपाल में
- B छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में
- C उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में
- D बिहार के पटना में
Show answer
Why:
प्रकृति-सौंदर्य की छवियाँ उनकी रचनाओं में मिलती हैं।
- A भारत रत्न
- B पद्मश्री
- C ज्ञानपीठ
- D साहित्य अकादमी
Show answer
Why:
हिंदी साहित्य में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान मिला।
- A सही, क्योंकि बादल गरजते हैं
- B सही, क्योंकि बिजली चमकती है
- C ग़लत, कविता में इस शब्द की कोई भूमिका नहीं है
- D ग़लत, वह बादलों के घिरने का दृश्य बनाता है
Show answer
Why:
पूरी कविता का भाव आनंद का है, भय का नहीं।
- A उनकी संख्या बढ़ जाएगी
- B उन्हें ठंडी और सुहावनी हवा लगातार मिलती ही रहेगी
- C उनके तालाब सूखने लगेंगे और जीवन कठिन हो जाएगा
- D वे अधिक गीत गाएँगे
Show answer
Why:
इसीलिए कवि उनकी प्रसन्नता को इतना महत्त्व देते हैं।
Important short questions (7)
बहार वसंत का दूसरा नाम है। उसे वर्षा के साथ रखने से वर्षा ऋतु वसंत जैसी सुंदर लगने लगती है, और पहली ही पंक्ति में आनंद का भाव तय हो जाता है।
आकाश की छटा, चमकती बिजली और गरजते बादल। बरसता पानी और बहते झरने, ठंडी हवा में हिलती डालियाँ, तथा प्रसन्न जलचर जीव।
कवि पहले आकाश की बात करते हैं, फिर बादल, फिर बरसा पानी और बहती हवा। इसके बाद मनुष्य, जल के जीव और पक्षी आते हैं, यानी वे ऊपर से नीचे उतरते हैं।
दोनों की ख़ुशी वर्षा से आई है। मालिनों के बाग़ के लिए पानी ज़रूरी है और जलचरों के तालाब पानी से भरते हैं।
पहला दृश्य प्रकृति की ताक़त दिखाता है और दूसरा उसका सुख। ताक़त वाले दृश्य के कारण ही पानी बरसता है, जिससे वह सुख संभव होता है।
एक ही अर्थ देने वाले अलग-अलग शब्दों को पर्यायवाची कहते हैं। नभ के लिए गगन और व्योम, तथा पानी के लिए नीर और सलिल चलते हैं।
उनका जन्म छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने किशोरावस्था में ही लिखना शुरू कर दिया था। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान दिया था।
Long answer questions (3)
कवि कहते हैं कि वर्षा की बहार सबके मन को लुभा रही है। आकाश में अनूठी छटा है और घने बादल छा गए हैं। बिजली चमक रही है और बादल गरज रहे हैं। साथ ही पानी बरस रहा है, जिससे झरने भी बह निकले हैं। ठंडी हवा चल रही है और उससे पेड़ों की सब डालियाँ हिल रही हैं। बागों में मालिनें सुंदर गीत गा रही हैं। तालाबों के जलचर जीव बहुत प्रसन्न हैं, क्योंकि उनका पानी लौट आया है। पपीहे घूमते हुए गर्मी का ताप खो रहे हैं।
कविता में दो तरह के दृश्य हैं। पहली तरह में प्रकृति की ताक़त दिखती है। बिजली चमकना, बादल गरजना और घनघोर छा जाना, ये सब बड़े और तेज़ दृश्य हैं। दूसरी तरह में उसका सुख दिखता है। ठंडी हवा, हिलती डालियाँ, मालिनों के गीत और प्रसन्न जलचर, ये सब कोमल दृश्य हैं। देखने में ये दोनों अलग लगते हैं। पर उनमें गहरा संबंध है, क्योंकि गरजते बादलों से ही पानी बरसता है। उसी पानी से झरने बहते हैं और तालाब भरते हैं। इसलिए कवि किसी एक को छोड़ते नहीं, वे दोनों को एक ही कविता में साथ रख देते हैं।
वर्षा न हो, तो सबसे पहले पीने के पानी की कमी हो जाती है। खेतों की फ़सल सूख जाती है, इसलिए किसान का गीत कहीं नहीं सुनाई देगा। मालिनों के बाग़ भी मुरझा जाएँगे और फूल नहीं खिलेंगे। तालाब सूखने लगते हैं, जिससे मछली और मेंढक जैसे जलचरों का जीवन कठिन हो जाता है। पक्षियों को पानी ढूँढ़ने के लिए दूर जाना पड़ता है और कई बार वे अपना घर छोड़ देते हैं। गर्मी का ताप बना रहता है, इसलिए पपीहों को भी राहत नहीं मिलती। इसी कारण कवि कहते हैं कि सारे जगत की शोभा वर्षा पर निर्भर है।
Flashcards (17)
Play this topic
- दृश्य क्रम में लगाइए
- शब्द और अर्थ
- किसका पर्यायवाची
- सही या भ्रम
- झटपट उत्तर
आनंद और जगत की शोभा
कविता की अंतिम आठ पंक्तियाँ आनंद दिखाती हैं। वन में मोर नाचते हैं, मेंढक सुगीत गाते हैं, गुलाब खिलकर सौरभ उड़ाता है और बागों में आमोद छा जाता है। हंस कतार बाँधकर चलते हैं, किसान गीत गाते हैं, और अंत में कवि कहते हैं कि सारे जगत की शोभा इसी वर्षा पर निर्भर है।
What you will be able to do
- मैं कविता की अंतिम आठ पंक्तियों का भाव बता सकता/सकती हूँ।
- मैं कविता की सकारात्मक गतिविधियाँ छाँट सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि शीर्षक वर्षा-बहार क्यों रखा गया है।
- मैं किसी पंक्ति में विशेषण और विशेष्य पहचान सकता/सकती हूँ।
- मैं छह ऋतुओं के नाम और उनसे जुड़े शब्द बता सकता/सकती हूँ।
Key points
वन में सारे मोर नृत्य कर रहे हैं।
मेंढक प्यारे सुगीत गाकर मन लुभा रहे हैं।
गुलाब खिलकर चारों ओर सौरभ उड़ा रहा है।
बागों में खूब सुख से आमोद छा गया है।
हंस कहीं सुंदर कतार बाँधकर चल रहे हैं।
किसान मनहर गीत गा रहे हैं।
कवि इस वर्षा-बहार को धरती पर अनोखी बताते हैं।
अंतिम पंक्ति कहती है कि सारे जगत की शोभा इसी पर निर्भर है।
कविता की लगभग हर पंक्ति में कोई गतिविधि चल रही है, जैसे नाचना, गाना या फैलाना।
Full explanation
वन में मोर
अंतिम आठ पंक्तियों की शुरुआत वन से होती है। कवि कहते हैं कि देखो, ये सारे मोर नृत्य कर रहे हैं। ध्यान दीजिए, वे एक मोर की बात नहीं करते। सारे कहकर वे पूरे वन को एक साथ दिखा देते हैं।
मेंढकों का सुगीत
इसके बाद मेंढक आते हैं। वे गाकर मन लुभा रहे हैं और कवि उनके स्वर को सुगीत तथा प्यारे कहते हैं। आम बोलचाल में मेंढक की आवाज़ को शोर कहा जाता है। कवि उसी आवाज़ को गीत मान लेते हैं, और यहीं उनका दृष्टिकोण दिखता है।
गुलाब और सौरभ
अब फूल की बात आती है। गुलाब खिल रहा है और सौरभ उड़ा रहा है। सौरभ का अर्थ सुगंध है। यहाँ उड़ाना शब्द सुंदर है, क्योंकि महक हवा के साथ दूर-दूर तक चली जाती है। इस पंक्ति से आँखों के साथ नाक की बात भी कविता में जुड़ जाती है।
गुलाब का दूसरा अर्थ
यह पंक्ति केवल गुलाब की सुंदरता नहीं बताती। उसमें एक और बात छिपी है। जिस तरह गुलाब अपनी महक अपने पास नहीं रखता, उसी तरह ख़ुशी भी बाँटने से फैलती है। इसीलिए अगली पंक्ति में बागों में आमोद छा जाता है।
बागों में आमोद
आमोद का अर्थ आनंद है। कवि कहते हैं कि बागों में खूब सुख से आमोद छा गया है। यहाँ किसी एक जीव की ख़ुशी नहीं है। पूरा वातावरण ही प्रसन्न हो गया है, और यही इस कविता की सबसे बड़ी बात है।
हंसों की कतार
इसके बाद हंस आते हैं, जो सुंदर कतार बाँधकर चल रहे हैं। कतार का अर्थ पंक्ति या क़तार है। यह दृश्य केवल सुंदर नहीं, व्यवस्थित भी है। हंसों की कतारें प्रकृति की सुंदरता के साथ उसका अनुशासन भी दिखाती हैं।
किसान का गीत
अब कविता का सबसे ज़रूरी मनुष्य आता है, किसान। वह मनहर गीत गा रहा है, यानी मन हर लेने वाला गीत। किसान की ख़ुशी का कारण सीधा है, क्योंकि उसकी पूरी फ़सल वर्षा पर टिकी है। जो वर्षा मोर के लिए नृत्य का कारण है, वही किसान के लिए रोटी का।
अनोखी बहार
अंतिम दो पंक्तियों में कवि निष्कर्ष देते हैं। वे कहते हैं कि इस भाँति धरती पर यह वर्षा-बहार अनोखी है। अनोखी कहने के कई कारण हैं। इसमें सब जीव सक्रिय हो जाते हैं, यह सबके लिए सुख लाती है, और यह अपने आप में एक अद्भुत प्राकृतिक घटना है।
सारे जगत की शोभा
कविता की अंतिम पंक्ति सबसे बड़ी बात कहती है, कि सारे जगत की शोभा इसी पर निर्भर है। इसका अर्थ है कि धरती पर हरियाली और जीवन का मुख्य स्रोत वर्षा ही है। कवि यहाँ सुंदरता से आगे बढ़कर ज़रूरत की बात करने लगते हैं।
शीर्षक का कारण
अब समझ आता है कि शीर्षक वर्षा-बहार क्यों रखा गया। कविता की लगभग हर पंक्ति में कोई सुखद गतिविधि चल रही है। कोई नाच रहा है, कोई गा रहा है, कोई सुगंध फैला रहा है और कोई कतार बाँधकर चल रहा है। इतनी गतिविधि केवल बहार में दिखती है, इसलिए वर्षा को बहार कहना ठीक बैठता है।
चार गाने वाले
इस कविता में गाने की बात चार बार आती है, और हर बार गाने वाला बदल जाता है। पहले मालिनें बागों में गाती हैं। फिर मेंढक सुगीत सुनाते हैं। आगे किसान मनहर गीत गाते हैं। इनके साथ पपीहों की बोली भी इसी सूची में रख सकते हैं। एक ही ऋतु में इतने अलग-अलग स्वर मिल जाएँ, यही कवि की सबसे बड़ी बात है।
हलचल और ठहराव
कविता के दृश्यों में एक और जोड़ी छिपी है। मोर का नाचना, मेंढकों का गाना और बहते झरने, ये सब हलचल के दृश्य हैं। हंसों की कतार और खिलता गुलाब, ये ठहराव के दृश्य हैं। कवि दोनों को बारी-बारी रखते हैं, इसलिए पढ़ते समय आँख कहीं थकती नहीं।
विशेषण और विशेष्य
कविता में विशेषण बहुत हैं। जो शब्द किसी की विशेषता बताता है, वह विशेषण होता है। जिसकी विशेषता बताई जाती है, वह विशेष्य होता है। गीत सुंदर में सुंदर विशेषण है और गीत विशेष्य। छटा अनूठी में अनूठी विशेषण है और छटा विशेष्य।
और कुछ जोड़े
कुछ और जोड़े देखिए। कतार सुंदर में सुंदर विशेषण है और कतार विशेष्य। सुगीत प्यारे में प्यारे विशेषण है और सुगीत विशेष्य। हवा ठंडी में ठंडी विशेषण है और हवा विशेष्य। इनसे पता चलता है कि कवि विशेषण को अक्सर संज्ञा के बाद रखते हैं।
भारत की छह ऋतुएँ
भारत में छह ऋतुएँ क्रम से आती-जाती हैं। वसंत सामान्यतः मार्च-अप्रैल में, ग्रीष्म मई-जून में और वर्षा जुलाई-अगस्त में आती है। इसके बाद शरद सितंबर-अक्तूबर में, हेमंत नवंबर-दिसंबर में और शिशिर जनवरी-फरवरी में आती है।
ऋतु से जुड़े शब्द
हर ऋतु के साथ कुछ शब्द जुड़े रहते हैं। ग्रीष्म के साथ ताप, लू, तपन और उमस आते हैं। वर्षा के साथ झड़ी, रिमझिम, सावन और हरियाली आते हैं। शिशिर के साथ पाला, ठिठुरन, कोहरा और कड़ाके की ठंड आते हैं। इन शब्दों से ही पता चल जाता है कि बात किस मौसम की है।
Concepts and terms
सुगंध या महक। खिलता गुलाब सौरभ उड़ा रहा है, यानी उसकी महक हवा के साथ दूर-दूर तक फैल रही है।
आनंद या प्रसन्नता। बागों में आमोद छा जाने का अर्थ है कि वहाँ का पूरा वातावरण ही ख़ुशी से भर गया है।
मन को हर लेने वाला, यानी बहुत सुंदर। किसान के गीत को मनहर कहकर कवि उसकी ख़ुशी का भार बढ़ा देते हैं।
जो शब्द किसी की विशेषता बताता है, वह विशेषण है। जिसकी विशेषता बताई जाती है, वह विशेष्य है। गीत सुंदर में सुंदर विशेषण है और गीत विशेष्य।
भारत में वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर, ये छह ऋतुएँ क्रम से आती-जाती हैं। हर ऋतु के साथ कुछ ख़ास शब्द जुड़े रहते हैं।
यहाँ ध्यान रखिए
आम भ्रम
एक छोटा प्रसंग
Scenario:
विद्यालय की पत्रिका के लिए सातवीं कक्षा की अनन्या ने पास के गाँव के एक किसान, रामप्रसाद जी से बात की। उन्होंने बताया कि जून के अंत तक उनका कुआँ लगभग सूख चुका था और बोवाई रुकी पड़ी थी। पहली अच्छी बारिश के तीसरे दिन उन्होंने धान की रोपाई शुरू की। रामप्रसाद जी ने हँसकर कहा कि उस दिन खेत में काम करते हुए वे पुराना सावन का गीत गुनगुनाने लगे थे, जो उनकी दादी गाती थीं। उन्होंने यह भी बताया कि उसी हफ़्ते खेत के किनारे मेंढक लौट आए और शाम को मोर की आवाज़ सुनाई देने लगी। अंत में उन्होंने कहा कि बारिश दो हफ़्ते और टल जाती, तो इस साल का हिसाब बिगड़ जाता।
Analysis:
यह साक्षात्कार कविता की अंतिम आठ पंक्तियों को आज के खेत में रख देता है। रामप्रसाद जी का गुनगुनाना ठीक वही दृश्य है जिसे कवि किसान का मनहर गीत कहते हैं, और उसका कारण भी वही है, यानी फ़सल का वर्षा पर टिका होना। मेंढकों का लौटना और मोर की आवाज़ कविता के दो सबसे पहचाने दृश्य हैं। सबसे ज़रूरी बात उनका अंतिम वाक्य है। बारिश टल जाने पर हिसाब बिगड़ जाता, और यही कविता की अंतिम पंक्ति का अर्थ है, कि सारे जगत की शोभा इसी पर निर्भर है। कवि इसे शोभा कहते हैं, किसान इसे हिसाब कहते हैं, पर बात एक ही है।
Activity:
अपने आसपास किसी बड़े व्यक्ति से बारिश के बारे में तीन प्रश्न पूछिए। उनके उत्तरों के सामने कविता की वह पंक्ति लिखिए जो उससे मिलती है।
विशेषण ढूँढ़िए
Title:
विशेषण ढूँढ़िए
Safety:
स्केल की धार से काग़ज़ न खुरचिए, उससे कॉपी फट सकती है।
What You Notice:
आप देखेंगे कि इस कविता में विशेषण अक्सर संज्ञा के बाद आता है, जैसे गीत सुंदर और कतार सुंदर। आम बातचीत में हम उलटा क्रम बोलते हैं, और यही उलटाव कविता को अपनी लय देता है।
Did you know
कविता में कुल चार बार गाने की बात आती है, और हर बार गानेवाला अलग है।
हंस का कतार बाँधकर उड़ना प्रकृति के अनुशासन का उदाहरण माना जाता है।
शरद ऋतु सामान्यतः सितंबर और अक्तूबर में आती है, वर्षा के ठीक बाद।
Memory tricks
छह ऋतुएँ क्रम से — वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत, शिशिर।
कविता की गतिविधियाँ — नाचना, गाना, सौरभ उड़ाना और कतार बाँधना।
Practice MCQs with answers (25)
- A सारे मोर
- B सारे हंस
- C सारे मेंढक
- D सारे पपीहे
Show answer
Why:
सारे कहकर कवि पूरे वन को एक साथ दिखा देते हैं।
- A कि उन्हें संगीत की अच्छी जानकारी रही होगी, पहले से
- B कि वे प्रकृति की हर आवाज़ में सुंदरता देखते हैं
- C कि उन्हें मेंढक बहुत पसंद थे, और वे उन्हें देखते रहे
- D कि वे वन में रहते थे
Show answer
Why:
आम बोलचाल में उसी आवाज़ को शोर कहा जाता है।
- A सूरज की किरण
- B सुबह का समय
- C सुगंध
- D सुंदर रूप
Show answer
Why:
खिलता गुलाब वही महक चारों ओर फैला रहा है।
- A क्योंकि गुलाब बहुत ऊँचाई पर जाकर ही खिलता है
- B क्योंकि उस पंक्ति में तुक मिलाना ज़रूरी हो गया था
- C क्योंकि पक्षी उड़ते हैं
- D क्योंकि महक हवा के साथ दूर तक चली जाती है
Show answer
Why:
इसी से आँखों के साथ नाक की बात भी कविता में जुड़ जाती है।
- A कि ख़ुशी बाँटने से फैलती है
- B कि फूल जल्दी मुरझा जाते हैं
- C कि बाग़ की देखभाल कठिन है
- D कि वर्षा में फूल नहीं खिलते
Show answer
Why:
गुलाब अपनी महक अपने पास नहीं रखता।
- A कोई आवाज़
- B आनंद
- C कोई आदेश
- D आकार
Show answer
Why:
बागों में आमोद छा जाने का अर्थ है पूरा वातावरण प्रसन्न हो जाना।
- A केवल मालिनों की
- B केवल गुलाब की
- C पूरे वातावरण की
- D केवल मोरों की
Show answer
Why:
यही इस कविता की सबसे बड़ी बात है।
- A अलग-अलग दिशाओं में
- B पानी के भीतर तैरते हुए
- C पेड़ों पर बैठते हुए
- D सुंदर कतार बाँधकर
Show answer
Why:
कतार का अर्थ पंक्ति है।
- A सुंदरता और अनुशासन
- B शक्ति, भय और कठोरता
- C शोर, हलचल और भागदौड़
- D ठंड, नमी और थोड़ी सीलन
Show answer
Why:
यह दृश्य केवल सुंदर नहीं, व्यवस्थित भी है।
- A मन में बसा हुआ
- B मन को हर लेने वाला
- C मन से किया गया
- D मन का भारी होना
Show answer
Why:
किसान के गीत को मनहर कहकर कवि उसकी ख़ुशी का भार बढ़ा देते हैं।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं; परंतु कारण अभिकथन को नहीं समझाता। किसान की ख़ुशी इसलिए अलग है कि उसकी पूरी फ़सल वर्षा पर टिकी है।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
II और III सही हैं। पहला कथन ग़लत है, क्योंकि कविता में वन के सारे मोर नृत्य कर रहे हैं।
- A कि बादलों की सुंदरता से ही सारी धरती सुंदर लगने लगती है
- B कि सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर हैं
- C कि हमें जगत की भलाई करने की प्रेरणा इससे लेनी चाहिए
- D कि वर्षा धरती पर हरियाली तथा जीवन का सबसे बड़ा स्रोत है
Show answer
Why:
यहाँ कवि सुंदरता से आगे बढ़कर ज़रूरत की बात करने लगते हैं।
- A वे सुंदरता से आगे बढ़कर ज़रूरत की बात करते हैं
- B वे अचानक उदास हो जाते हैं
- C वे किसी से कोई न कोई प्रश्न पूछने लगते रहते हैं
- D वे अपना परिचय देने लगते हैं
Show answer
Why:
शोभा की बात अब जीवन के स्रोत की बात बन जाती है।
- A कविता में बाग़, वन और ताल, तीनों के नाम आते हैं, एक साथ
- B कविता में कोई भी मनुष्य कहीं दिखाई ही नहीं देता, केवल पक्षी हैं
- C कविता बहुत छोटी है
- D कविता की लगभग हर पंक्ति में कोई सुखद गतिविधि चल रही है
Show answer
Why:
नाचना, गाना, सुगंध फैलाना और कतार बाँधना, सब इसी के उदाहरण हैं।
- A मालिनें
- B मेंढक
- C किसान
- D हंस
Show answer
Why:
हंस केवल कतार बाँधकर चलते दिखते हैं।
- A जो किसी की विशेषता बताता है
- B जिसकी विशेषता बताई जाती है
- C जो काम का बोध कराता है
- D जो संज्ञा के बदले आता है
Show answer
Why:
गीत सुंदर में सुंदर विशेषण है।
- A अनूठी
- B छटा
- C दोनों
- D कोई नहीं
Show answer
Why:
छटा संज्ञा है, जिसकी विशेषता अनूठी बताती है।
- A सुगीत
- B मेंढक
- C प्यारे
- D गाकर
Show answer
Why:
सुगीत विशेष्य है और प्यारे उसकी विशेषता बताता है।
- A संज्ञा से पहले
- B पंक्ति के आरंभ में
- C संज्ञा के बाद
- D कविता के अंत में
Show answer
Why:
कतार सुंदर, हवा ठंडी और छटा अनूठी, सब में यही क्रम है।
- A चार
- B पाँच
- C छह
- D तीन
Show answer
Why:
वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर।
- A शरद
- B वसंत
- C ग्रीष्म
- D शिशिर
Show answer
Why:
वह सामान्यतः सितंबर और अक्तूबर में आती है।
- A वर्षा
- B ग्रीष्म
- C हेमंत
- D शिशिर
Show answer
Why:
ताप और उमस भी इसी ऋतु के शब्द हैं।
- A आमोद
- B सौरभ
- C सुगीत
- D कतार
Show answer
Why:
सौरभ का अर्थ सुगंध है।
- A आपका गाँव यहाँ से कितना बड़ा है और कितनी दूर पड़ता है?
- B आप कितने बजे उठते हैं?
- C वर्षा आने पर आपके खेत और मन में क्या बदलता है?
- D आपको वर्षा के दिनों का कौन-सा गीत सबसे अधिक याद है?
Show answer
Why:
किसान के गीत का कारण उसकी फ़सल और वर्षा का संबंध ही है।
Important short questions (7)
वन के सारे मोर, गाते हुए मेंढक, खिलता गुलाब। बाग़ का पूरा वातावरण, कतार में चलते हंस और गीत गाते किसान।
कि वे प्रकृति की हर आवाज़ में सुंदरता देखते हैं। आम बोलचाल में उसी आवाज़ को शोर कहा जाता है।
मालिनें बागों में, मेंढक तालों के पास और किसान खेतों में गा रहे हैं। तीनों की ख़ुशी वर्षा से आई है, क्योंकि उनके काम और जीवन, दोनों इसी पर टिके हैं।
वह प्रकृति की सुंदरता के साथ उसका अनुशासन भी दिखाता है। बाक़ी दृश्य हलचल के हैं, और यह दृश्य व्यवस्था का है।
इसका अर्थ है कि धरती पर हरियाली और जीवन का मुख्य स्रोत वर्षा ही है। उसके बिना यह सारी शोभा बनी नहीं रह सकती।
विशेषण किसी की विशेषता बताता है और विशेष्य वह संज्ञा है जिसकी विशेषता बताई जाती है। हवा ठंडी में ठंडी विशेषण है और हवा विशेष्य।
वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर। ये सामान्यतः मार्च से शुरू होकर फरवरी तक चलती हैं।
Long answer questions (3)
कवि कहते हैं कि देखो, वन में सारे मोर नृत्य कर रहे हैं। मेंढक प्यारे गीत गाकर मन लुभा रहे हैं। गुलाब खिल रहा है और चारों ओर अपनी सुगंध फैला रहा है। बागों में खूब सुख से आनंद छा गया है। कहीं हंस सुंदर कतार बाँधकर चल रहे हैं। किसान मन हर लेने वाले गीत गा रहे हैं। इसी प्रकार धरती पर यह वर्षा-बहार अनोखी है। अंत में कवि कहते हैं कि सारे संसार की शोभा इसी वर्षा पर निर्भर है।
कविता में कई सुखद गतिविधियाँ चल रही हैं। मालिनें बागों में गीत गा रही हैं और मेंढक सुगीत सुना रहे हैं। मोर वन में नृत्य कर रहे हैं और गुलाब सुगंध फैला रहा है। हंस कतार बाँधकर चल रहे हैं और किसान गीत गा रहे हैं। तालों के जलचर प्रसन्न हैं और पपीहे गर्मी का ताप छोड़ रहे हैं। इतनी गतिविधि और इतनी ख़ुशी सामान्यतः बहार में, यानी वसंत में दिखाई देती है। कवि यही सब वर्षा में देखते हैं, इसलिए वे इस ऋतु को बहार कहते हैं। शीर्षक इसी कारण पूरी कविता को ठीक-ठीक बाँध देता है।
वर्षा आने पर जीव-जंतु अपनी ख़ुशी अलग-अलग ढंग से दिखाते हैं। मोर अपने पंख फैलाकर नृत्य करते हैं, और यही उनका सबसे पहचाना संकेत है। मेंढक रात भर टर्र-टर्र करते रहते हैं, जिसे कवि सुगीत कहते हैं। पपीहे पेड़ों पर घूमते हुए बोलते हैं, क्योंकि उनका ताप अब छूट गया है। तालाब के जलचर, जैसे मछली और मेंढक, भरे पानी में फिर तैरने लगते हैं। हंस कतार बाँधकर उड़ते या चलते दिखाई देते हैं। चिड़ियाँ सुबह-सुबह अधिक चहचहाने लगती हैं, क्योंकि उन्हें पानी और कीड़े, दोनों आसानी से मिल जाते हैं। इन सबका कारण एक ही है, कि वर्षा उनके लिए जीवन का आधार लौटा देती है।
Flashcards (17)
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- अंतिम आठ पंक्तियाँ क्रम में
- शब्द और अर्थ
- कौन-सी ऋतु
- सही या भ्रम
- झटपट उत्तर
Class 7 Hindi Chapter 7 — frequently asked questions
बहार वसंत का दूसरा नाम है। उसे वर्षा के साथ रखने से वर्षा ऋतु वसंत जैसी सुंदर लगने लगती है, और पहली ही पंक्ति में आनंद का भाव तय हो जाता है।
आकाश की छटा, चमकती बिजली और गरजते बादल। बरसता पानी और बहते झरने, ठंडी हवा में हिलती डालियाँ, तथा प्रसन्न जलचर जीव।
कवि पहले आकाश की बात करते हैं, फिर बादल, फिर बरसा पानी और बहती हवा। इसके बाद मनुष्य, जल के जीव और पक्षी आते हैं, यानी वे ऊपर से नीचे उतरते हैं।
वन के सारे मोर, गाते हुए मेंढक, खिलता गुलाब। बाग़ का पूरा वातावरण, कतार में चलते हंस और गीत गाते किसान।
कि वे प्रकृति की हर आवाज़ में सुंदरता देखते हैं। आम बोलचाल में उसी आवाज़ को शोर कहा जाता है।
मालिनें बागों में, मेंढक तालों के पास और किसान खेतों में गा रहे हैं। तीनों की ख़ुशी वर्षा से आई है, क्योंकि उनके काम और जीवन, दोनों इसी पर टिके हैं।
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