Class 8 Hindi Chapter 3: एक आशीर्वाद
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आशीर्वाद क्या माँगता है
कविता सपनों से छह काम माँगती है — उतरना, चलना, मचलना, हँसना, जलना और खड़े होना। आरंभ में वे गोद में हैं, अंत में अपने पाँवों पर।
What you will be able to do
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि कवि आशीर्वाद किसे देते हैं।
- मैं समझा सकता/सकती हूँ कि भावना की गोद से उतरने का क्या अर्थ है।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि उँगली जलाने से कवि का क्या आशय है।
- मैं कविता की यात्रा — गोद से अपने पाँवों तक — अपने शब्दों में कह सकता/सकती हूँ।
- मैं पहचान सकता/सकती हूँ कि कविता में संज्ञा एक और क्रियाएँ अनेक हैं।
Key points
कविता का पहला शब्द जा है, और वही बता देता है कि कोई किसी को विदा करते हुए कुछ कह रहा है।
कवि यह नहीं कहते कि तू बड़ा हो। वे कहते हैं कि तेरे स्वप्न बड़े हों — आशीर्वाद सपनों को मिला है।
सपनों से पहली माँग है कि वे भावना की गोद से उतरकर पृथ्वी पर चलना सीखें।
जल्द शब्द बताता है कि देर होने पर उतरना कठिन हो जाएगा।
दूसरी माँग उलटी दिशा की है — चाँद-तारों जैसी दूर की चीज़ों के लिए बच्चों की तरह मचलना।
लचाना यानी खिंच जाना। उँगली जलाना कहता है कि जानने के लिए पास जाना पड़ता है, और उसमें चोट लग सकती है।
आरंभ में सपने गोद में हैं और अंत में अपने पाँवों पर — बीच की सारी पंक्तियाँ इसी यात्रा की हैं।
कविता में संज्ञा एक ही है, स्वप्न, और उसके साथ ग्यारह क्रियाएँ चलती हैं।
Full explanation
एक शब्द, जिससे कविता शुरू होती है
कविता का पहला शब्द है — जा। एक अक्षर का यह शब्द पूरी रचना का ढंग तय कर देता है। कोई किसी को विदा कर रहा है, और विदा करते समय जो कहा जाता है वही आगे आता है। बड़ा व्यक्ति छोटे को भेज रहा है, और साथ में एक कामना दे रहा है।
कामना क्या है
कामना सीधी है — तेरे स्वप्न बड़े हों। ध्यान दीजिए, कवि यह नहीं कहते कि तू बड़ा हो। वे कहते हैं कि तेरे सपने बड़े हों। आशीर्वाद व्यक्ति को नहीं, उसके सपनों को दिया जा रहा है, और यही इस कविता का सबसे अलग क़दम है।
सपने ज़मीन पर उतरें
अगली पंक्ति सपनों से एक काम माँगती है। वे भावना की गोद से उतरें और जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें। गोद में बैठा बच्चा सुरक्षित तो है, पर चलता नहीं। सपना भी जब तक भावना में बैठा है, सुंदर है और बस। कवि चाहते हैं कि वह उतरे और चले।
जल्द शब्द क्यों
इसी पंक्ति में एक छोटा शब्द है — जल्द। कवि को जल्दी है। सपना देर तक गोद में रहा तो आदत पड़ जाएगी और उतरना कठिन हो जाएगा। एक शब्द से कवि यह पूरी चेतावनी दे देते हैं, बिना कहीं समझाए।
असंभव के लिए ज़िद
आगे की माँग उलटी दिशा की लगती है। सपने चाँद और तारों जैसी दूर की सच्चाइयों के लिए रूठें और मचलें। अप्राप्य का अर्थ है जो मिल न सके। बच्चा जिस चीज़ के लिए मचलता है, वह उसे चाहिए ही होती है, और वही ज़िद कवि सपनों से माँग रहे हैं।
दो माँगें साथ-साथ
ज़मीन पर उतरना और चाँद के लिए मचलना — दोनों एक साथ कैसे? यही इस कविता का संतुलन है। कवि न तो केवल व्यावहारिक होने को कहते हैं, न केवल कल्पना में उड़ने को। पाँव ज़मीन पर, निगाह आकाश पर — दोनों एक साथ चाहिए।
तीन छोटी क्रियाएँ
फिर तीन शब्द अकेले-अकेले आते हैं — हँसें, मुसकराएँ, गाएँ। तीनों अपनी पंक्ति में अकेले खड़े हैं। पढ़ते समय हर शब्द के बाद रुकना पड़ता है, और उसी रुकावट से हल्कापन आ जाता है। सपने भारी बोझ नहीं हैं; वे आनंद भी हैं।
दीये की रोशनी
इसके बाद सबसे सुंदर चित्र आता है। सपने हर दीये की रोशनी देखकर लचाएँ और उँगली जलाएँ। लचाना यानी खिंच जाना, ललचाना। हर रोशनी की ओर खिंचना और पास जाकर उँगली जला बैठना — यह ठीक छोटे बच्चे का व्यवहार है।
जली उँगली का अर्थ
उँगली जलाना यहाँ चोट की बात नहीं है। कवि कह रहे हैं कि नया जानने के लिए पास जाना पड़ता है, और पास जाने में चोट लग सकती है। जो चोट के डर से दूर ही रहा, उसने कुछ सीखा भी नहीं। कष्ट से न घबराना — आशीर्वाद यही माँगता है।
अपने पाँवों पर
अंतिम माँग है — अपने पाँवों पर खड़े हों। कविता के आरंभ में सपने गोद में थे, अंत में वे अपने पाँवों पर हैं। बीच की सारी पंक्तियाँ इसी यात्रा की हैं, और यह वाक्य उस यात्रा का अंत है।
शुरू और अंत एक
अंत में वही दो पंक्तियाँ लौट आती हैं जिनसे कविता शुरू हुई थी। बीच में सपनों ने चलना सीखा, मचलना सीखा, हँसना सीखा और जलना भी सीखा। इसलिए अंत में वही कामना अब पहले जैसी नहीं लगती — अब पता है कि बड़ा होने का अर्थ क्या है।
आशीर्वाद किसे
कविता में किसी का नाम नहीं आता। न भेजने वाले का, न जाने वाले का। इसी कारण यह आशीर्वाद किसी एक व्यक्ति तक नहीं रुकता। जो भी पढ़े, वह उसे अपने लिए दिया हुआ मान सकता है।
पूरी कविता एक क्रिया-माला
इस छोटी रचना में संज्ञा एक ही है — स्वप्न। बाक़ी सब क्रियाएँ हैं: उतरना, चलना, सीखना, रूठना, मचलना, हँसना, मुसकराना, गाना, लचाना, जलाना, खड़े होना। एक नाम और ग्यारह काम। कवि ने सपने को काम करता हुआ दिखाया है, बैठा हुआ नहीं।
छोटी कविता, पूरा जीवन
सोलह पंक्तियों में कवि बचपन से आत्मनिर्भरता तक का रास्ता रख देते हैं। कोई उपदेश नहीं है, कोई लंबी व्याख्या नहीं। केवल कुछ क्रियाएँ, एक के बाद एक, और उनसे बनता हुआ एक पूरा जीवन। यही इस रचना का सबसे बड़ा कौशल है।
पंक्तियों की लंबाई भी बोलती है
एक और बात ध्यान देने योग्य है। कुछ पंक्तियाँ बहुत लंबी हैं और कुछ एक ही शब्द की। चाँद और तारों वाली पंक्ति सबसे लंबी है, और हँसें, मुसकराएँ, गाएँ सबसे छोटी। लंबी पंक्ति दूर की बात कहती है और छोटी पंक्ति पास की। कवि ने लंबाई से भी अर्थ निकाल लिया है, जो गद्य में संभव नहीं होता।
आशीर्वाद और आदेश का फ़र्क़
अंत में एक बात और। यह रचना आदेश नहीं देती। आदेश में कहने वाला ऊपर होता है और सुनने वाला नीचे। आशीर्वाद में कहने वाला केवल शुभ चाहता है और आगे का रास्ता सुनने वाले पर छोड़ देता है। इसीलिए यहाँ हर पंक्ति माँग की तरह है, हुक्म की तरह नहीं, और पढ़ने वाले पर कोई बोझ नहीं पड़ता।
Concepts and terms
आशीर्वाद वह शुभकामना है जो बड़े छोटों को देते हैं। इस कविता में वह किसी व्यक्ति को नहीं, उसके सपनों को दिया गया है। यही इसे साधारण शुभकामना से अलग करता है और पूरी कविता की दिशा तय कर देता है।
अ का अर्थ है नहीं और प्राप्य का अर्थ है जो मिल सके। अप्राप्य यानी जो मिल न सके। कवि चाहते हैं कि सपने ऐसी ही दूर की सच्चाइयों के लिए ज़िद करें, जैसे बच्चा चाँद के लिए मचलता है।
लचाना यानी किसी ओर खिंच जाना, ललचाना। कविता में सपने हर दीये की रोशनी देखकर उसकी ओर खिंच जाते हैं। यह छोटे बच्चे का स्वभाव है, और कवि उसे सपनों में देखना चाहते हैं।
अपने पाँवों पर खड़े होना ही आत्मनिर्भरता है। कविता के आरंभ में सपने भावना की गोद में हैं और अंत में वे बिना सहारे खड़े हैं। पूरी रचना इसी एक यात्रा को दिखाती है।
जिस रचना में नाम कम और काम अधिक हों, उसे क्रिया-बहुल कहा जा सकता है। यहाँ संज्ञा एक है और क्रियाएँ ग्यारह — उतरना, चलना, सीखना, रूठना, मचलना, हँसना, मुसकराना, गाना, लचाना, जलाना, खड़े होना।
सावधान
भ्रम और सच
मिलाकर देखो
Scenario:
आठवीं कक्षा की मीरा को विज्ञान प्रदर्शनी में एक मॉडल बनाना है। उसका विचार बड़ा है — वह सौर ऊर्जा से चलने वाला एक छोटा पंखा बनाना चाहती है। घर पर वह हफ़्तों केवल सोचती रहती है और कागज़ पर चित्र बनाती रहती है। उसकी बड़ी बहन कहती है कि अब सामान जुटाकर बनाना शुरू करो। पहली बार तार जोड़ते हुए उसे हल्का झटका लगता है और वह घबरा जाती है। बहन समझाती है कि ठीक से जोड़ना सीखना इसी का हिस्सा है। तीसरी बार में पंखा चल पड़ता है। प्रदर्शनी के दिन मीरा स्वयं उसे जोड़कर दिखाती है और किसी से सहायता नहीं लेती।
Analysis:
मीरा की कहानी कविता की तीनों माँगों से मिलती है। हफ़्तों सोचते रहना भावना की गोद में बैठना है, और सामान जुटाकर बनाना शुरू करना ज़मीन पर उतरना। हल्का झटका लगना जली उँगली है — वही चोट, जो पास जाने में लगती है। और प्रदर्शनी के दिन बिना सहायता के काम करना अपने पाँवों पर खड़ा होना है।
Activity:
अपना कोई एक सपना चुनिए और उसके लिए तीन कदम लिखिए — पहला कदम जो आज उठाया जा सकता है, दूसरा जो इस महीने, और तीसरा जो इस वर्ष। हर कदम के आगे लिखिए कि उसमें क्या कठिनाई आ सकती है।
करके देखो
Title:
एक संज्ञा, अनेक क्रियाएँ
Safety:
किसी नुकीली वस्तु की आवश्यकता नहीं है।
What You Notice:
एक ही नाम के साथ जितनी अधिक क्रियाएँ आती हैं, रचना उतनी ही चलती-फिरती लगती है। यही इस कविता का ढंग है।
Did you know
कविता का शीर्षक उसकी किसी पंक्ति में नहीं आता। आशीर्वाद शब्द पूरी रचना में एक बार भी नहीं है।
कविता में किसी का नाम नहीं आता — न भेजने वाले का, न जाने वाले का।
सोलह छोटी पंक्तियों में कवि बचपन से आत्मनिर्भरता तक का पूरा रास्ता रख देते हैं।
Memory tricks
यात्रा का सूत्र — गोद → ज़मीन → चाँद की ज़िद → हँसी → जली उँगली → अपने पाँव। छह पड़ाव, इसी क्रम में।
एक नाम, ग्यारह काम — संज्ञा एक — स्वप्न। बाक़ी सब क्रियाएँ।
Practice MCQs with answers (25)
- A आ
- B जा
- C चल
- D रुक
Show answer
Why:
पहला शब्द जा है। विदा करते समय जो कहा जाता है, वही आगे आता है।
- A जाने वाले के सपनों को
- B जाने वाले व्यक्ति को
- C जाने वाले के घर को
- D जाने वाले के काम को
Show answer
Why:
कवि यह नहीं कहते कि तू बड़ा हो। वे कहते हैं कि तेरे स्वप्न बड़े हों।
- A अपनी माँ की गोद छोड़ देना
- B भावना को भुला देना
- C केवल भावना में न रह जाना
- D गोद में बैठे रहना
Show answer
Why:
गोद में बैठा सपना सुंदर तो है, पर चलता नहीं। कवि चाहते हैं कि वह उतरे और चले।
- A कि कवि को इस काम में कोई जल्दी नहीं है
- B कि चलना सरल काम है
- C कि पृथ्वी बहुत दूर है
- D कि देर होने पर उतरना कठिन हो जाएगा
Show answer
Why:
सपना देर तक गोद में रहा तो आदत पड़ जाएगी। एक शब्द से कवि यह पूरी चेतावनी दे देते हैं।
- A जो दिख न सके
- B जो मिल न सके
- C जो सुनाई न दे
- D जो भारी हो
Show answer
Why:
अ-प्राप्य यानी जो प्राप्त न हो सके।
- A बच्चों की ज़िद से
- B बड़ों के क्रोध से
- C व्यापारी के मोल-भाव से
- D यात्री की थकान से
Show answer
Why:
बच्चा जिस चीज़ के लिए मचलता है, वह उसे चाहिए ही होती है। वही ज़िद कवि सपनों से माँगते हैं।
- A एक विरोध, जो हल नहीं होता
- B एक भूल, जो कवि से हो गई
- C एक संतुलन, पाँव ज़मीन पर और निगाह ऊपर
- D एक दोहराव, जो इससे पहले भी आ ही चुका था
Show answer
Why:
कवि न केवल व्यावहारिक होने को कहते हैं, न केवल कल्पना में उड़ने को। दोनों एक साथ चाहिए।
- A पंक्तियाँ लंबी लगने लगती हैं
- B तीनों एक जैसे लगने लगते हैं
- C अर्थ समझना कठिन हो जाता है
- D हर शब्द के बाद रुकना पड़ता है
Show answer
Why:
उसी रुकावट से हल्कापन आता है, और सपने केवल बोझ नहीं, आनंद भी लगने लगते हैं।
- A झुक जाना, टूटना
- B खिंच जाना, ललचाना
- C लेट जाना, सोना
- D रुक जाना, थमना
Show answer
Why:
सपने हर दीये की रोशनी देखकर उसकी ओर खिंच जाते हैं।
- A नई चीज़ जानने के लिए उसके पास तक जाना पड़ता है, और वहीं चोट लगने की संभावना भी रहती है
- B जलती हुई किसी भी वस्तु से हमेशा दूर ही बने रहना चाहिए, और यही सबसे अधिक सुरक्षित तरीक़ा है
- C दीपक जलता हुआ देखकर उसे तुरंत बुझा देना चाहिए, ताकि किसी को कोई चोट न लगे
- D चोट से बच निकलना ही जीवन का सबसे बड़ा काम है, बाक़ी सब बातें उसके बाद आती हैं
Show answer
Why:
पास जाने में चोट लग सकती है, पर जो डर से दूर ही रहा उसने कुछ सीखा भी नहीं।
- A एक दिन के कामों की
- B कवि की अपनी कथा की
- C इसी यात्रा की
- D किसी उत्सव की
Show answer
Why:
उतरना, चलना, मचलना, हँसना और जलना — पूरी यात्रा बीच में है।
- A उनके शब्द बदल गए हैं
- B वे दूसरे छंद में हैं
- C वे अब पहले से कहीं धीमे स्वर में लिखी हैं
- D बीच में सपनों ने बहुत कुछ सीख लिया है
Show answer
Why:
अब पढ़ने वाले को पता है कि बड़ा होने का अर्थ क्या है।
- A पृथ्वी
- B स्वप्न
- C दीया
- D उँगली
Show answer
Why:
बाक़ी सब क्रियाएँ हैं — उतरना, चलना, मचलना, हँसना, जलना।
- A पृथ्वी
- B आकाश
- C पानी
- D पर्वत
Show answer
Why:
सपनों से यही माँग है कि वे ज़मीन पर उतरकर चलें।
- A बुझाएँ
- B हँसाएँ
- C लचाएँ
- D सजाएँ
Show answer
Why:
लचाना यानी उस रोशनी की ओर खिंच जाना।
- A सही, दोनों के नाम आते हैं
- B ग़लत, केवल स्थान का नाम आता है
- C सही, केवल एक का नाम आता है
- D ग़लत, किसी का नाम नहीं आता
Show answer
Why:
नाम न होने से यह आशीर्वाद किसी एक तक रुकता नहीं; हर पढ़ने वाला उसे अपने लिए मान सकता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
अभिकथन सही है और कारण ग़लत। कवि चाहते हैं कि सपने भावना की गोद से उतरकर पृथ्वी पर चलना सीखें, वहीं बैठे न रहें।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन को नहीं समझाता। पंक्तियाँ एक जैसी इसलिए हैं कि कवि उन्हें दोहराते हैं; बीच की सीख उन्हें अलग सुनाई देने का कारण बनती है, एक जैसा होने का नहीं।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और II सही हैं। III ग़लत है — अंत में सपने अपने पाँवों पर खड़े होते हैं, गोद में नहीं लौटते।
- A कविता इस पर कुछ नहीं कहती है
- B सपने देखना ही अपने आप में एक पूरा आशीर्वाद होता है
- C सपना देखना सबसे कठिन काम है
- D सपनों को उतरकर चलना और खड़ा होना भी सीखना है
Show answer
Why:
कविता सपनों से चलना, मचलना और अपने पाँवों पर खड़े होना — सब माँगती है।
- A जा, तेरे स्वप्न बड़े हों
- B उँगली जलाएँ
- C हँसें, गाएँ
- D अपने पाँवों पर खड़े हों
Show answer
Why:
उँगली जलाना यही कहता है कि जानने के लिए पास जाना पड़ता है, और उसमें चोट लग सकती है।
- A भावना में ही न रह जाना
- B माँ से कहीं दूर चले ही जाना
- C नींद से जाग जाना
- D घर छोड़ देना
Show answer
Why:
भावना की गोद से उतरना यानी केवल भावना में न रुकना।
- A ऊँचा दिखना
- B बहुत तेज़ दौड़ लगा देना
- C आत्मनिर्भर हो जाना
- D रुक जाना
Show answer
Why:
कविता के अंत में सपने आत्मनिर्भर हो जाते हैं।
- A सही, कवि पूरा उपदेश देते हैं
- B ग़लत, कविता में कोई क्रिया नहीं है
- C सही, हर पंक्ति एक नियम है
- D ग़लत, केवल कुछ क्रियाएँ रखी गई हैं
Show answer
Why:
कोई लंबी व्याख्या नहीं है। कुछ क्रियाएँ एक के बाद एक रखी गई हैं और उनसे पूरा जीवन बन जाता है।
- A भावना की गोद में बैठना
- B अपने पाँवों पर खड़ा होना
- C चाँद तक पहुँच जाना
- D दीये में बुझ जाना
Show answer
Why:
यही पूरी यात्रा का अंतिम पड़ाव है।
Important short questions (7)
वे आशीर्वाद जाने वाले के सपनों को देते हैं, उस व्यक्ति को नहीं। यही इस कविता का सबसे अलग क़दम है।
गोद में बैठा सपना सुरक्षित तो है, पर चलता नहीं। कवि चाहते हैं कि सपना केवल भावना में न रहे, बल्कि ज़मीन पर उतरकर चले।
वह चेतावनी देता है। देर तक गोद में रहने से आदत पड़ जाएगी और उतरना कठिन हो जाएगा।
कि नया जानने के लिए पास जाना पड़ता है और पास जाने में चोट लग सकती है। जो चोट के डर से दूर रहा, उसने सीखा भी नहीं।
एक माँग ज़मीन पर उतरने की है और दूसरी चाँद जैसी दूर की चीज़ों के लिए मचलने की। कवि दोनों एक साथ चाहते हैं — पाँव ज़मीन पर और निगाह आकाश पर।
शब्द नहीं बदलते, पर बीच में सपने चलना, मचलना, हँसना और जलना सीख लेते हैं। इसलिए वही कामना अंत में अलग सुनाई देती है।
संज्ञा एक ही है — स्वप्न। उसके साथ ग्यारह क्रियाएँ चलती हैं, इसलिए सपना यहाँ बैठा हुआ नहीं, काम करता हुआ दिखता है।
Long answer questions (3)
पहली माँग है कि सपने भावना की गोद से उतरें और जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें। दूसरी माँग उलटी दिशा की है — वे चाँद और तारों जैसी दूर की सच्चाइयों के लिए रूठें और मचलें। तीसरी माँग हल्की है — वे हँसें, मुसकराएँ और गाएँ। चौथी माँग सबसे सुंदर है — वे हर दीये की रोशनी देखकर उसकी ओर खिंच जाएँ और पास जाकर उँगली जला बैठें। अंतिम माँग है कि वे अपने पाँवों पर खड़े हों। आरंभ में सपने गोद में थे और अंत में बिना सहारे खड़े हैं, इसलिए यह पूरी एक यात्रा है।
ऊपर से देखने पर यह पंक्ति चोट की बात लगती है, पर कवि का आशय दूसरा है। बच्चा जब दीया देखता है तो उसकी ओर खिंचता है और पास जाकर उँगली जला बैठता है। कवि यही स्वभाव सपनों में देखना चाहते हैं। उनका कहना है कि जो नया जानना हो, उसके पास जाना पड़ता है, और पास जाने में चोट लगने की संभावना रहती ही है। जो चोट के डर से दूर ही खड़ा रहा, उसने कुछ जाना भी नहीं। इसलिए यह पंक्ति कष्ट से न घबराने का आशीर्वाद है, और इसी कारण वह पूरी कविता की सबसे साहसी पंक्ति मानी जा सकती है।
कवि कहीं यह नहीं कहते कि ऐसा करो या वैसा मत करो। वे केवल कुछ क्रियाएँ एक के बाद एक रख देते हैं — उतरना, चलना, रूठना, मचलना, हँसना, मुसकराना, गाना, लचाना, जलाना और खड़े होना। इन क्रियाओं का क्रम ही पूरा रास्ता बन जाता है। आरंभ में सपने गोद में हैं। फिर वे ज़मीन पर चलते हैं। फिर दूर की चीज़ों के लिए ज़िद करते हैं। फिर आनंद लेते हैं। फिर पास जाकर चोट खाते हैं। और अंत में वे बिना सहारे खड़े हो जाते हैं। सोलह छोटी पंक्तियों में पूरा सफ़र आ जाता है।
Flashcards (17)
Play this topic
- यात्रा क्रम में लगाइए
- शब्द और अर्थ
- सही या भ्रम
- माँग कहाँ की है
- झटपट उत्तर
कवि, शिल्प और शब्द-संसार
कवि दुष्यंत कुमार का परिचय, रचना के चार शिल्प — मानवीकरण, एक संज्ञा और अनेक क्रियाएँ, पंक्तियों की लंबाई और बाहर से दिया गया शीर्षक — तथा पर्यायवाची शब्दों का संसार।
What you will be able to do
- मैं कवि दुष्यंत कुमार का संक्षिप्त परिचय दे सकता/सकती हूँ।
- मैं बता सकता/सकती हूँ कि मानवीकरण किसे कहते हैं।
- मैं रचना के चारों शिल्प पहचान सकता/सकती हूँ।
- मैं पृथ्वी, चाँद, तारे, रोशनी, स्वप्न और दीये के पर्यायवाची छाँट सकता/सकती हूँ।
- मैं कविता और कलाम के उद्बोधन का अंतर बता सकता/सकती हूँ।
Key points
कवि दुष्यंत कुमार उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे; उनका जीवन-काल उन्नीस सौ तैंतीस से उन्नीस सौ पचहत्तर तक रहा।
उनकी रचनाओं में विविधता बहुत है और उनकी भाषा जीवंत, यानी बोलचाल जैसी, मानी जाती है।
साये में धूप उनका सबसे चर्चित ग़ज़ल संग्रह है, और उनका पूरा लेखन चार खंडों की रचनावली में छपा है।
निर्जीव या अमूर्त वस्तु को मनुष्य की तरह दिखाना मानवीकरण कहलाता है; यहाँ सपने चलते, रूठते और हँसते हैं।
रचना में संज्ञा एक ही है और क्रियाएँ ग्यारह, इसलिए ध्यान कामों पर टिका रहता है।
पंक्तियों की लंबाई भी अर्थ कहती है — दूर की बात वाली पंक्ति सबसे लंबी, आनंद वाली सबसे छोटी।
शीर्षक का शब्द रचना में कहीं नहीं आता; वह बाहर से बताता है कि इन पंक्तियों को किस भाव से पढ़ा जाए।
पुस्तक आगे डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उद्बोधन रखती है — कविता कामना है और उद्बोधन योजना।
Full explanation
कवि कौन हैं
इस रचना के कवि दुष्यंत कुमार हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ और उनका जीवन-काल सन् उन्नीस सौ तैंतीस से उन्नीस सौ पचहत्तर तक रहा। यानी उन्हें लिखने के लिए बयालीस वर्ष ही मिले, और उसी छोटे समय में वे हिंदी के सबसे लोकप्रिय रचनाकारों में गिने जाने लगे।
थोड़े समय में बहुत कुछ
उनकी रचनाओं की दो विशेषताएँ बार-बार कही जाती हैं। पहली यह कि उनमें विविधता बहुत है, और दूसरी यह कि उनकी भाषा जीवंत है — यानी वह बोलचाल की तरह चलती है, किताबी नहीं लगती। इस कविता में भी यही दिखता है: कोई कठिन शब्द नहीं, और फिर भी बात गहरी।
साये में धूप
उनका सबसे चर्चित संग्रह ग़ज़लों का है, जिसका नाम है साये में धूप। नाम पर ध्यान दीजिए — साया ठंडक देता है और धूप तपाती है, और दोनों एक साथ रख दिए गए हैं। यही मेल उनकी इस कविता में भी है, जहाँ गोद और जलती उँगली साथ-साथ आती हैं।
रचनावली
उनका पूरा लेखन चार खंडों में छपा है, और उस संकलन को दुष्यंत कुमार रचनावली कहा जाता है। रचनावली का अर्थ है किसी लेखक की सारी रचनाओं का संग्रह। बयालीस वर्ष के जीवन में चार खंड भर जाना अपने आप में एक बात है।
शिल्प एक — सपने जीवित हो गए
अब रचना के शिल्प की ओर आइए। कवि ने सपनों को ऐसे दिखाया है जैसे वे कोई व्यक्ति हों। वे उतरते हैं, चलते हैं, रूठते हैं, मचलते हैं, हँसते हैं, गाते हैं और उँगली तक जला बैठते हैं। जब किसी निर्जीव या अमूर्त चीज़ को मनुष्य की तरह दिखाया जाए, उसे मानवीकरण कहते हैं।
मानवीकरण का लाभ
इससे होता यह है कि सपना पाठक के सामने एक बच्चे की तरह आ खड़ा होता है। बच्चे के बारे में सोचना आसान है, विचार के बारे में कठिन। कवि एक कठिन बात — सपनों का बड़ा होना — को इस तरह सरल कर देते हैं कि उसे समझाना ही नहीं पड़ता।
शिल्प दो — नाम एक, काम अनेक
दूसरा शिल्प गिनती का है। पूरी रचना में संज्ञा एक ही है, स्वप्न, और उसके चारों ओर ग्यारह क्रियाएँ घूमती हैं। यदि कवि और नाम जोड़ देते तो रचना भरी-भरी लगती और उसकी चाल धीमी पड़ जाती। एक नाम रहने से सारा ध्यान कामों पर टिका रहता है।
शिल्प तीन — पंक्तियों की लंबाई
तीसरा शिल्प आँखों से दिखता है। कुछ पंक्तियाँ लंबी हैं और कुछ एक ही शब्द की। दूर की बात कहने वाली पंक्ति सबसे लंबी है और आनंद वाली सबसे छोटी। लंबाई भी अर्थ कह रही है, जो केवल कविता में संभव है।
शिल्प चार — शीर्षक बाहर से
चौथी बात शीर्षक की है। रचना का नाम एक आशीर्वाद है, पर आशीर्वाद शब्द उसकी किसी पंक्ति में नहीं आता। शीर्षक पाठक को बताता है कि इन पंक्तियों को किस भाव से पढ़ा जाए। बिना शीर्षक के यही पंक्तियाँ केवल कुछ कामनाएँ लगतीं।
शब्दों का संसार — पृथ्वी
अब शब्दों की ओर। पृथ्वी के लिए हिंदी में कई शब्द हैं — धरा, वसुधा और अवनि। इनमें से हर एक पृथ्वी ही है, पर हर शब्द अपने साथ थोड़ा अलग रंग लाता है। सुता इनमें नहीं आता, क्योंकि उसका अर्थ पुत्री है।
चाँद और तारे
चाँद के लिए शशि, निशाकर और मयंक चलते हैं। निशाकर का अर्थ ही है रात को करने वाला। तारों के लिए नक्षत्र, तारक और उडुगण आते हैं। मधुकर इनमें नहीं है, क्योंकि उसका अर्थ भौंरा है, और सोम चंद्रमा का नाम है, तारे का नहीं।
रोशनी, सपना और दीया
रोशनी के लिए प्रकाश, उजाला और आलोक हैं; लालिमा इनमें नहीं, क्योंकि वह लाली है। स्वप्न के लिए सपना, इच्छा और कल्पना; यथार्थ इनमें नहीं, क्योंकि यथार्थ का अर्थ है जो सचमुच है — सपने का ठीक उलटा। दीये के लिए ज्योति, दीपक और प्रदीप; दीन इनमें नहीं, क्योंकि दीन का अर्थ है ग़रीब।
एक और आवाज़
पुस्तक इस कविता के आगे एक और पाठ रखती है। वह डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उद्बोधन है, जिसमें वे सपनों की बात करते हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध बात यह है कि सच्चा सपना वह है जो नींद उड़ा दे, वह नहीं जो नींद में दिखे।
कविता और उद्बोधन का फ़र्क़
दोनों एक ही विषय पर हैं, पर ढंग अलग है। कविता सपनों से कुछ माँगती है और रास्ता नहीं बताती। कलाम सपने पूरे करने की योजना बताते हैं — कि समय या तो बढ़ाया जाए, या उसी समय में किया जाने वाला काम बढ़ाया जाए। एक कामना है, दूसरा हिसाब।
दोनों साथ पढ़ने पर
इसीलिए दोनों को साथ पढ़ना सबसे अच्छा है। कविता मन में इच्छा जगाती है और उद्बोधन उसे करने का ढंग देता है। अकेली कामना अधूरी रह जाती है, और अकेली योजना के पीछे कोई चाह नहीं होती। दोनों मिलकर पूरी बात बनाते हैं।
Concepts and terms
जब किसी निर्जीव या अमूर्त वस्तु को मनुष्य की तरह काम करता हुआ दिखाया जाए, उसे मानवीकरण कहते हैं। इस रचना में सपने उतरते, चलते, रूठते, मचलते, हँसते और उँगली जलाते हैं — यानी वे एक बच्चे की तरह बरतते हैं।
एक ही अर्थ देने वाले अलग-अलग शब्द पर्यायवाची कहलाते हैं। पृथ्वी के लिए धरा, वसुधा और अवनि; चाँद के लिए शशि, निशाकर और मयंक; दीये के लिए ज्योति, दीपक और प्रदीप।
किसी लेखक की सारी रचनाओं को एक साथ छापने पर जो संग्रह बनता है, उसे रचनावली कहते हैं। इस कवि का समूचा लेखन चार खंडों के ऐसे ही एक संकलन में आ जाता है।
ग़ज़ल एक काव्य-रूप है जिसमें दो-दो पंक्तियों के शेर होते हैं और हर शेर अपने आप में पूरा होता है। कवि का सबसे चर्चित संग्रह साये में धूप ग़ज़लों का ही है।
उद्बोधन वह भाषण या संबोधन है जो किसी को जगाने या प्रेरित करने के लिए दिया जाए। पुस्तक में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उद्बोधन इस बात पर है कि सपने देखें और उन्हें पूरा करने की योजना बनाएं।
सावधान
भ्रम और सच
मिलाकर देखो
Scenario:
आठवीं कक्षा में भाषा-दिवस पर दो समूह बनते हैं। पहला समूह इस कविता को मंच पर पढ़ता है और दूसरा समूह कलाम के उद्बोधन का अंश पढ़ता है। पढ़ने के बाद कक्षा में प्रश्न उठता है कि दोनों में से किसने सपनों के बारे में अधिक काम की बात कही। कुछ बच्चे कहते हैं कि कविता सुंदर तो है पर उसमें कोई रास्ता नहीं बताया गया। कुछ कहते हैं कि उद्बोधन में हिसाब तो है, पर वह मन को छूता नहीं। शिक्षिका दोनों पक्षों को सुनकर कहती हैं कि यही दोनों को साथ रखने का कारण है।
Analysis:
दोनों पक्ष अपनी-अपनी जगह ठीक हैं। कविता का काम इच्छा जगाना है, और वह काम वह बहुत थोड़े शब्दों में कर देती है। उद्बोधन का काम रास्ता बताना है, और वह दो स्पष्ट रास्ते रखता है। किसी एक को पूरा मान लेना ही भूल होगी, क्योंकि चाह के बिना योजना चलती नहीं और योजना के बिना चाह पूरी नहीं होती।
Activity:
अपनी पसंद की कोई एक कविता चुनिए और उसके नीचे चार पंक्तियों में लिखिए कि उसमें कही गई बात को सचमुच करने के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा।
करके देखो
Title:
पर्यायवाची की छँटाई
Safety:
किसी नुकीली वस्तु की आवश्यकता नहीं है।
What You Notice:
कुछ शब्द केवल सुनने में मिलते-जुलते होते हैं और अर्थ में बिलकुल अलग। इसीलिए पर्यायवाची याद करते समय अर्थ भी साथ याद रखना पड़ता है।
Did you know
कवि को लिखने के लिए केवल बयालीस वर्ष मिले, और उसी समय में उनका लेखन चार खंडों में भर गया।
साये में धूप नाम में ही दो उलटी चीज़ें साथ रखी गई हैं — ठंडक देने वाला साया और तपाने वाली धूप।
निशाकर का अर्थ ही है रात करने वाला, इसलिए वह चाँद का नाम बन गया।
Memory tricks
चार शिल्प याद रखने का सूत्र — मानवीकरण → एक नाम अनेक काम → पंक्ति की लंबाई → बाहर का शीर्षक।
Practice MCQs with answers (25)
- A मैथिलीशरण गुप्त
- B सोहनलाल द्विवेदी
- C गयाप्रसाद शुक्ल
- D दुष्यंत कुमार
Show answer
Why:
यह रचना दुष्यंत कुमार की है।
- A मथुरा
- B उन्नाव
- C बिजनौर
- D वाराणसी
Show answer
Why:
वे उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे।
- A कहानी संग्रह, धूप और साया
- B ग़ज़ल संग्रह, साये में धूप
- C निबंध संग्रह, धूप के साये
- D नाटक संग्रह, साये की धूप
Show answer
Why:
साये में धूप उनका सबसे चर्चित ग़ज़ल संग्रह है।
- A गोद और जलती उँगली में
- B चाँद और तारे में
- C हँसी और गीत में
- D पृथ्वी और आकाश दोनों में
Show answer
Why:
गोद सुरक्षा है और जलती उँगली चोट — दोनों एक ही रचना में साथ आती हैं।
- A किसी रचना की समीक्षा
- B किसी एक रचना का दूसरी भाषा में अनुवाद
- C किसी पुस्तक की भूमिका
- D किसी लेखक की सारी रचनाओं का संग्रह
Show answer
Why:
दुष्यंत कुमार रचनावली चार खंडों में छपी है।
- A तुक
- B अनुप्रास
- C मानवीकरण
- D पुनरावृत्ति
Show answer
Why:
यहाँ सपने उतरते, चलते, रूठते और हँसते हैं — यही मानवीकरण है।
- A रचना की लंबाई कम हो जाती है और कवि को कम पंक्तियाँ लिखनी पड़ती हैं, यही बड़ा लाभ है
- B एक कठिन बात बच्चे की तरह सामने आ खड़ी होती है और उसे अलग से समझाना ही नहीं पड़ता
- C शब्दों की संख्या घट जाती है, इसलिए पढ़ने वाले का समय बचता है और पाठ जल्दी समाप्त होता है
- D पंक्तियों के अंत की ध्वनि आपस में मिलाना सरल हो जाता है और कविता गाई जा सकती है
Show answer
Why:
बच्चे के बारे में सोचना आसान है, विचार के बारे में कठिन।
- A सारा ध्यान कामों पर टिका रहा
- B रचना छोटी रह गई
- C तुक ठीक बैठ गई
- D उसका शीर्षक पहले से सरल हो गया
Show answer
Why:
और नाम जुड़ते तो रचना भरी-भरी लगती और उसकी चाल धीमी पड़ जाती।
- A पढ़ना कठिन हो जाता है
- B अर्थ बदल जाता है
- C तुक बिगड़ जाती है
- D लंबाई भी अर्थ कहने लगती है
Show answer
Why:
दूर की बात कहने वाली पंक्ति सबसे लंबी है और आनंद वाली सबसे छोटी।
- A शीर्षक बेकार हो जाता है
- B कविता अधूरी लगती है
- C शीर्षक बताता है कि किस भाव से पढ़ा जाए
- D पूरी कविता पढ़ने में और भी कठिन हो जाती है
Show answer
Why:
शीर्षक के बिना यही पंक्तियाँ केवल कुछ कामनाएँ लगतीं।
- A धरा हटेगा, क्योंकि वह शब्द केवल कविता में चलता है और बोलचाल में कभी नहीं आता
- B सुता हटेगा, क्योंकि उसका अर्थ पुत्री है और उसका पृथ्वी से कोई संबंध नहीं है
- C वसुधा हटेगा, क्योंकि वह बहुत पुराना शब्द है और अब उसका प्रयोग नहीं किया जाता
- D अवनि हटेगा, क्योंकि वह सुनने में कठिन है और बच्चों को याद नहीं रह पाता
Show answer
Why:
धरा, वसुधा और अवनि — तीनों पृथ्वी के नाम हैं; सुता पुत्री है।
- A मधुकर बाहर का है, क्योंकि उसका अर्थ भौंरा होता है और भौंरे का चाँद से कोई नाता नहीं
- B शशि बाहर का है, क्योंकि वह शब्द केवल संस्कृत में चलता है और हिंदी में नहीं आता
- C निशाकर बाहर का है, क्योंकि वह बहुत लंबा शब्द है और कविता में कभी नहीं बैठता
- D मयंक बाहर का है, क्योंकि वह आजकल किसी एक व्यक्ति के नाम के रूप में ही अधिक सुनाई देता है
Show answer
Why:
शशि, निशाकर और मयंक — तीनों चाँद के नाम हैं।
- A सोम का प्रयोग अब बहुत कम होता है, इसलिए उसे सूची से बाहर रखा जाता है
- B सोम शब्द बहुत छोटा है, इसलिए वह लंबी सूची में अच्छा नहीं लगता
- C सोम सप्ताह के एक दिन का नाम है, इसलिए वह आकाश से जुड़ा नहीं माना जाता
- D सोम चंद्रमा का एक नाम है, इसलिए वह तारों की सूची में नहीं बैठ सकता
Show answer
Why:
नक्षत्र, तारक और उडुगण — तीनों तारों के नाम हैं।
- A सपना
- B इच्छा
- C यथार्थ
- D कल्पना
Show answer
Why:
यथार्थ का अर्थ है जो सचमुच है — सपने का ठीक उलटा।
- A ज्योति
- B दीन
- C प्रदीप
- D दीपक
Show answer
Why:
दीन का अर्थ ग़रीब है।
- A क्योंकि निशा यानी रात, और वह रात करता है
- B क्योंकि वह ठंडा होता है
- C क्योंकि वह रात के आकाश में गोल ही दिखाई देता है
- D क्योंकि वह दूर रहता है
Show answer
Why:
निशा का अर्थ रात है। निशाकर यानी रात करने वाला।
- A अवनि
- B लालिमा
- C ज्योतिष
- D आलोक
Show answer
Why:
आलोक भी प्रकाश का ही अर्थ देता है।
- A साये की छाँव
- B कृषक क्रंदन
- C साये में धूप
- D धूप का साया
Show answer
Why:
यही उनका सबसे चर्चित संग्रह है।
- A ग़लत, वहाँ कोई गद्य नहीं है
- B सही, और वह सपनों के विषय में है
- C सही, पर वह विज्ञान के विषय में है
- D ग़लत, वहाँ दूसरी कविता दी गई है
Show answer
Why:
उद्बोधन इस बात पर है कि सपने देखें और उन्हें पूरा करने की योजना बनाएं।
- A एक कामना है, दूसरा योजना
- B एक हिंदी में है, दूसरा अंग्रेज़ी में
- C एक छोटा है, दूसरा बड़ा
- D एक पुराना है, दूसरा नया
Show answer
Why:
कविता सपनों से माँगती है पर रास्ता नहीं बताती; उद्बोधन रास्ता बताता है।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
दोनों सही हैं और कारण अभिकथन को समझाता है। विचार के बारे में सोचना कठिन है, बच्चे के बारे में आसान।
- A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
- B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
- C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
- D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Why:
अभिकथन ग़लत है और कारण सही। शीर्षक बाहर से दिया गया है, क्योंकि वह शब्द कविता में है ही नहीं।
- A केवल I और II
- B केवल II और III
- C केवल I और III
- D I, II और III
Show answer
Why:
I और II सही हैं। III ग़लत है — उनका सबसे चर्चित संग्रह ग़ज़लों का है।
- A तुक मिलाना
- B योजक चिह्न का सीधा-सा प्रयोग
- C मानवीकरण जैसा क्रिया-प्रयोग
- D पुनरावृत्ति
Show answer
Why:
एक नाम के साथ कई क्रियाएँ जोड़ना — यही इस कविता का भी ढंग है।
- A दोनों सचमुच एक ही हैं
- B देखना कामना है, पूरा करना योजना माँगता है
- C सपना पूरा करना असंभव है
- D सपना देखना भी अपने आप में सबसे कठिन काम हुआ
Show answer
Why:
कविता इच्छा जगाती है और उद्बोधन उसे करने का ढंग देता है।
Important short questions (7)
वे उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे। उनका जीवन-काल उन्नीस सौ तैंतीस से उन्नीस सौ पचहत्तर तक रहा। साये में धूप उनका सबसे चर्चित ग़ज़ल संग्रह है।
निर्जीव या अमूर्त वस्तु को मनुष्य की तरह दिखाना मानवीकरण है। यहाँ सपने चलते, रूठते, मचलते, हँसते और उँगली जलाते हैं।
सारा ध्यान कामों पर टिका रहा। और नाम जुड़ते तो रचना भरी-भरी लगती और उसकी चाल धीमी पड़ जाती।
वह पाठक को बताता है कि इन पंक्तियों को किस भाव से पढ़ा जाए। उसके बिना यही पंक्तियाँ केवल कुछ कामनाएँ लगतीं।
सुता का अर्थ पुत्री है, पृथ्वी नहीं। मधुकर का अर्थ भौंरा है, चाँद नहीं।
क्योंकि यथार्थ का अर्थ है जो सचमुच है, और स्वप्न उसका ठीक उलटा है।
कविता मन में इच्छा जगाती है और उद्बोधन उसे पूरा करने का ढंग देता है। अकेली कामना अधूरी रहती है और अकेली योजना के पीछे कोई चाह नहीं होती।
Long answer questions (3)
पहला शिल्प मानवीकरण है। सपने यहाँ उतरते, चलते, रूठते, मचलते, हँसते और उँगली जलाते हैं, यानी वे एक बच्चे की तरह बरतते हैं। दूसरा शिल्प गिनती का है — पूरी रचना में संज्ञा एक ही है और क्रियाएँ ग्यारह, इसलिए ध्यान कामों पर टिका रहता है। तीसरा शिल्प पंक्तियों की लंबाई है। दूर की बात कहने वाली पंक्ति सबसे लंबी है और आनंद वाली सबसे छोटी, इसलिए लंबाई भी अर्थ कहती है। चौथा शिल्प शीर्षक का है, जो रचना की किसी पंक्ति में नहीं आता और बाहर से बताता है कि इन पंक्तियों को किस भाव से पढ़ा जाए।
पृथ्वी की पंक्ति से सुता हटेगा, क्योंकि उसका अर्थ पुत्री है। चाँद की पंक्ति से मधुकर हटेगा, क्योंकि उसका अर्थ भौंरा है। तारों की पंक्ति से सोम हटेगा, क्योंकि वह चंद्रमा का नाम है। रोशनी की पंक्ति से लालिमा हटेगी, क्योंकि उसका अर्थ लाली है। स्वप्न की पंक्ति से यथार्थ हटेगा, क्योंकि वह सपने का ठीक उलटा है। और दीये की पंक्ति से दीन हटेगा, क्योंकि उसका अर्थ ग़रीब है। शेष सभी शब्द अपनी-अपनी पंक्ति के सही पर्यायवाची हैं।
दोनों का विषय एक ही है, पर उनका ढंग अलग है। कविता सपनों से कुछ माँगती है — कि वे उतरें, चलें, मचलें और अपने पाँवों पर खड़े हों। पर वह यह नहीं बताती कि ऐसा होगा कैसे। उद्बोधन ठीक वहीं से शुरू होता है। उसमें सपने पूरे करने की योजना की बात है, और दो रास्ते बताए जाते हैं — या तो उपलब्ध समय बढ़ाया जाए, या उसी समय में किया जाने वाला काम बढ़ाया जाए। इस तरह कविता मन में इच्छा जगाती है और उद्बोधन उसे करने का ढंग देता है। अकेली कामना अधूरी रह जाती है, और अकेली योजना के पीछे कोई चाह नहीं होती।
Flashcards (17)
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- कवि का परिचय क्रम में
- शब्द और उसका सही अर्थ
- सही या भ्रम
- किसका पर्यायवाची
- झटपट उत्तर
Class 8 Hindi Chapter 3 — frequently asked questions
वे आशीर्वाद जाने वाले के सपनों को देते हैं, उस व्यक्ति को नहीं। यही इस कविता का सबसे अलग क़दम है।
गोद में बैठा सपना सुरक्षित तो है, पर चलता नहीं। कवि चाहते हैं कि सपना केवल भावना में न रहे, बल्कि ज़मीन पर उतरकर चले।
वह चेतावनी देता है। देर तक गोद में रहने से आदत पड़ जाएगी और उतरना कठिन हो जाएगा।
वे उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे। उनका जीवन-काल उन्नीस सौ तैंतीस से उन्नीस सौ पचहत्तर तक रहा। साये में धूप उनका सबसे चर्चित ग़ज़ल संग्रह है।
निर्जीव या अमूर्त वस्तु को मनुष्य की तरह दिखाना मानवीकरण है। यहाँ सपने चलते, रूठते, मचलते, हँसते और उँगली जलाते हैं।
सारा ध्यान कामों पर टिका रहा। और नाम जुड़ते तो रचना भरी-भरी लगती और उसकी चाल धीमी पड़ जाती।
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