Class 8 Hindi Chapter 8: नए मेहमान

नए मेहमान is Chapter 8 of NCERT / CBSE Class 8 Hindi (Hindi medium). This page has the complete chapter notes across 4 topics , 100 practice MCQs with answers and explanations , 40 important short and long questions and 68 flashcards — all written to the NCERT / CBSE syllabus and free to read.

गरमी, घर और एक डर

एकांकी का पहला भाग रंगमंच-निर्देश से शुरू होता है और एक साधारण गृहस्थ का घर दिखाता है — गरमी, पुराना पंखा, छोटी छत और निर्दयी पड़ोसी। विश्वनाथ और रेवती की बातचीत में डर यह निकलता है कि ऐसे समय कोई मेहमान आ जाए, और उसी क्षण दरवाज़ा खटखटाता है।

What you will be able to do

  • रंगमंच-निर्देश और संवाद का अंतर उदाहरण देकर बता सकूँगा।
  • एकांकी की पहचान — एक अंक, थोड़े पात्र, एक जगह — लिख सकूँगा।
  • गरमी दिखाने वाले वाक्य और उनकी तुलनाएँ समझा सकूँगा।
  • घर की कठिनाइयाँ — छत, पड़ोसी, बीमारी, खर्च — गिना सकूँगा।
  • डर पहले और घटना बाद में रखने का लाभ बता सकूँगा।

Key points

  • एकांकी पात्र-परिचय, जगह, समय और कमरे के नक्शे से शुरू होती है; यह सब रंगमंच-निर्देश है।

  • जगह कोई बड़ा नगर है, ऋतु गरमी है और समय रात के आठ बजे।

  • पुराना पंखा बहुत कम हवा देता है, और वह हवा केवल सोए हुए बच्चे को लग रही है।

  • लेखक गरीबी शब्द नहीं लिखता; वह चीज़ें गिनाकर निर्णय पाठक पर छोड़ देता है।

  • विश्वनाथ अपने मकान को भट्ठी कहते हैं, और आगे रेवती अपने भाग्य को भाड़ में भुनने वाला चना कहती है।

  • छत छोटी है, इसलिए एक खाट पर दो-तीन बच्चे सोते हैं; पड़ोसी खाली छत पर भी खाट नहीं डालने देते।

  • विश्वनाथ दो बरस से दिन-रात एक करके मकान ढूँढ़ रहे हैं, और मकान मिलता ही नहीं।

  • सोने की जगह पर दोनों अपने लिए नहीं, दूसरे के आराम के लिए ज़िद करते हैं।

  • विश्वनाथ का अतिथि वाला विचार और रेवती की कामना के तुरंत बाद दरवाज़ा खटखटाता है।

Full explanation

पाठ शुरू होने से पहले जो लिखा है

यह पाठ एक एकांकी है, और एकांकी कहानी की तरह शुरू नहीं होती। पहले पात्रों की सूची आती है, फिर जगह और समय, और फिर कमरे का नक्शा। यह सब किसी पात्र ने नहीं कहा है। यह लेखक की ओर से मंच पर काम करने वालों के लिए लिखा गया है, और इसे रंगमंच-निर्देश कहते हैं।

रंगमंच-निर्देश क्या बताता है

यहाँ वह बहुत काम का है। जगह है भारत का कोई बड़ा नगर, ऋतु है गरमी, और समय है रात के आठ बजे। कमरे में दो दरवाज़े हैं — एक बाहर जाने के लिए और एक भीतर। एक मेज़ है जिस पर किताबें और अख़बार हैं, पास दो कुर्सियाँ, और एक पलंग। एक पुराना पंखा चल रहा है, जिससे हवा बहुत कम आ रही है।

नाम लिए बिना बताई गई बात

ध्यान दीजिए कि निर्देश कहीं नहीं कहता कि यह परिवार गरीब है। वह केवल चीज़ें गिनाता है — किराये का छोटा मकान, पुराना पंखा, एक ही पलंग। लेखक मकान को एक साधारण गृहस्थ का घर कहकर छोड़ देता है, और बाक़ी पाठक समझ लेता है। यही एकांकी का ढंग है।

पलंग पर सोया हुआ बच्चा

निर्देश में एक और बात है, और वह सबसे अधिक असर करती है। पलंग पर चार-पाँच बरस का एक बच्चा सोया हुआ है, और पंखे की थोड़ी हवा उसी को लग रही है, और वह फिर भी पसीने से तर है, बेचैन होकर उठ जाता है और फिर सो जाता है। पूरी गरमी इस एक चित्र में आ जाती है।

पहला पात्र, और पहला संवाद

अब एक व्यक्ति भीतर आता है। उसके कपड़े पसीने से भीगे हैं, वह कुरता उतारकर खूँटी पर टाँगता है, और हाथ वाले पंखे से बच्चे को हवा करने लगता है। यह विश्वनाथ है, घर का मालिक, आयु पैंतालीस बरस। उसका पहला वाक्य गरमी की शिकायत है, और उसमें वह अपने मकान को भट्ठी कह देता है।

भट्ठी वाली तुलना

यह तुलना छोटी है, पर बहुत काम करती है। भट्ठी वह जगह है जहाँ चने भूने जाते हैं। घर को भट्ठी कहने का अर्थ है कि वह रहने की जगह नहीं, भुनने की जगह बन गया है। आगे यही तुलना एक बार और लौटती है, और तब दूसरा पात्र अपने भाग्य को भाड़ में भुनने वाला चना कह देता है।

दूसरा पात्र

इसके बाद एक स्त्री भीतर आती है। वह आँचल से पसीना पोंछ रही है और कहती है कि हवा का एक पत्ता भी नहीं हिल रहा, और उसका सिर फट रहा है। यह रेवती है, विश्वनाथ की पत्नी। ध्यान दीजिए कि दोनों की पहली बात एक ही है — गरमी — पर दोनों उसे अलग ढंग से कहते हैं।

पानी, और फिर भी प्यास

आगे का संवाद पानी पर चलता है। विश्वनाथ कहते हैं कि पेट पानी से भरा जा रहा है और प्यास फिर भी नहीं बुझती। रेवती बताती है कि आँगन के घड़े का पानी भी ठंडा नहीं होता, क्योंकि ठंडा होने के लिए हवा चाहिए और हवा ही नहीं है। बरफ़ की बात उठती है और छोड़ दी जाती है, क्योंकि बरफ़ का पानी प्यास दुगुनी कर देता है।

छत, और पड़ोसी

अब कठिनाई का दूसरा हिस्सा आता है। छत इतनी छोटी है कि सब खाटें उस पर आ नहीं पातीं, और एक ही खाट पर दो-तीन बच्चे सोते हैं। पास की छत खाली पड़ी रहती है, पर पड़ोसी वहाँ एक खाट भी नहीं डालने देते। रेवती बताती है कि उन्होंने पचास रुपये नकद देकर चार खाटों की जगह ली है, और किसी को सोता देखकर उन्हें नींद नहीं आती।

दो साल की खोज

विश्वनाथ एक वाक्य में एक बड़ी बात कह देते हैं — वे दो बरस से दिन-रात एक करके मकान ढूँढ़ रहे हैं, और मकान मिलता ही नहीं। यहाँ एक मुहावरा आया है। दिन-रात एक करना का अर्थ है बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना। इससे पता चलता है कि यह कठिनाई आज की नहीं है।

बीमारी की छाया

बातचीत में बीमारी भी आ जाती है। बड़ा बेटा तीन महीने बीमार रहा था और उसे शिमला भेजना पड़ा। सामने वाले घर की लड़की को टाइफाइड हुआ और वह नहीं बची। रेवती विश्वनाथ से कुछ दिन की छुट्टी लेने को कहती है, और वे बताते हैं कि छुट्टी मिले भी तो खर्च कहाँ से आएगा।

सोने की जगह पर खींचतान

इसके बाद एक छोटा-सा झगड़ा होता है, और वह बहुत कुछ बताता है। विश्वनाथ चाहते हैं कि रेवती ऊपर छत पर सोए, क्योंकि उसका सिर पंद्रह दिन से दुख रहा है। रेवती चाहती है कि विश्वनाथ ऊपर जाएँ, क्योंकि सुबह उन्हें काम पर जाना है। दोनों अपने लिए नहीं, दूसरे के लिए ज़िद कर रहे हैं।

एक वाक्य, जो आगे का पूरा नाटक है

अब विश्वनाथ एक बात कहते हैं जो सुनने में साधारण है। वे सोचते हैं कि इस हालत में कोई अतिथि आ पड़े तो क्या होगा। रेवती तुरंत ईश्वर से कामना करती है कि इन दिनों कोई मेहमान न आए। इसके कुछ ही क्षण बाद दरवाज़ा खटखटाता है। यह एकांकी का सबसे सधा हुआ मोड़ है।

डर पहले, घटना बाद में

ध्यान देने की बात यह है कि लेखक मेहमानों को पहले नहीं लाता। वह पहले हमें गरमी दिखाता है, फिर छोटा घर, फिर बीमारी, फिर पैसे की कमी, और सबसे अंत में वह डर जो दोनों के मन में है। इसी कारण जब दस्तक होती है, तो दर्शक को उसका अर्थ पहले से मालूम है। घटना का असर तैयारी से बनता है।

एकांकी किसे कहते हैं

अब इस विधा को समझ लीजिए। एकांकी एक तरह का नाटक है जिसमें केवल एक ही अंक होता है, यानी बीच में परदा गिराकर दृश्य नहीं बदला जाता। उसमें पात्र थोड़े होते हैं, जगह अक्सर एक ही रहती है, और कहानी संवादों से आगे बढ़ती है। इस एकांकी की पूरी घटना एक ही रात में, एक ही घर में होती है।

इस भाग को आज कैसे पढ़ें

यह एकांकी लगभग अस्सी-नब्बे बरस पहले लिखी गई, और उसकी दो-तीन चीज़ें आज बदल गई हैं। तार अब नहीं चलता, आने और गज़ अब नहीं चलते, और घरों में पंखे-कूलर आ गए हैं। पर जो बात नहीं बदली वह यह है कि जगह कम हो तो शिष्टाचार महँगा पड़ जाता है। यही बात पूरी एकांकी चलाती है।

Concepts and terms

एकांकी

एक तरह का नाटक जिसमें केवल एक ही अंक होता है, यानी बीच में परदा गिराकर दृश्य नहीं बदला जाता। पात्र थोड़े होते हैं और कहानी संवादों से आगे बढ़ती है।

रंगमंच-निर्देश

लेखक की ओर से मंच पर काम करने वालों के लिए लिखी गई बात — जगह, समय, कमरे का नक्शा, पात्र की वेशभूषा और उसके हाव-भाव। यह किसी पात्र का कहा हुआ नहीं होता।

संवाद

पात्रों की आपस में कही गई बातें। एकांकी में कहानी इन्हीं से आगे बढ़ती है, क्योंकि वहाँ कोई वर्णन करने वाला लेखक बीच में नहीं बोलता।

यवनिका

मंच का परदा। एकांकी के अंत में यही शब्द लिखा मिलता है, जिसका अर्थ है कि परदा गिर गया और खेल पूरा हुआ।

दिन-रात एक करना

बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना। विश्वनाथ यह मुहावरा अपने दो साल के मकान ढूँढ़ने के लिए काम में लाते हैं।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

आठवीं कक्षा के बच्चे एक छोटा नाटक तैयार कर रहे हैं। उनके पास केवल दस मिनट का समय है। मंच पर एक मेज़, दो कुर्सियाँ और एक चटाई रखी जा सकती है। पहला समूह अपनी कथा चार अलग जगहों पर रखता है — घर, विद्यालय, बाज़ार और अस्पताल। उसे बीच-बीच में परदा गिराना पड़ता है। दूसरा समूह पूरी कथा एक ही कमरे में रखता है। वह शुरू में एक काग़ज़ पढ़कर जगह और समय बता देता है। उसके बाद सब कुछ पात्रों की बातचीत से चलता है। शिक्षक दूसरे समूह की प्रस्तुति को अधिक सधी हुई बताते हैं।

Analysis:

ध्यान देने की बात यह है कि दूसरे समूह ने कुछ नया नहीं किया। उसने केवल अपनी कथा को उसी ढाँचे में रख दिया जिसमें यह एकांकी लिखी गई है। दस मिनट और एक मेज़-दो कुर्सियों में वही ढाँचा काम करता है, और इसी कारण एकांकी विद्यालयों में सबसे अधिक खेली जाने वाली विधा है।

Activity:

अपनी कक्षा के किसी एक दिन को चुनिए और उसके लिए चार पंक्तियों का रंगमंच-निर्देश लिखिए, जिसमें जगह, समय और दो चीज़ों के नाम आ जाएँ।

करके देखो

Title:

अपने कमरे का रंगमंच-निर्देश

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं है; केवल देखना और लिखना है।

What You Notice:

अंतिम पंक्ति सबसे कठिन पड़ती है, और वही सबसे अधिक काम करती है। इस एकांकी में वह पंक्ति पुराने पंखे और सोए हुए बच्चे की है।

Did you know

हिंदी में एकांकी को एक अलग विधा के रूप में बीसवीं सदी के आरंभ में पहचान मिली, और रेडियो के आने से उसे और बल मिला, क्योंकि रेडियो पर छोटा नाटक ही चल सकता था।

मंच पर खेले जाने वाले नाटक में परदा गिरना एक संकेत है — वह दृश्य के बदलने या खेल के पूरे होने की सूचना देता है।

Memory tricks

एकांकी की पहचान याद रखने का सूत्र — एक–थो–एक–सं — एक अंक, थोड़े पात्र, एक जगह, और संवाद से चलती कहानी। चार बातें याद रहें तो विधा पहचानने में भूल नहीं होगी।

पहले भाग की चार कठिनाइयाँ — ग–छ–प–ख — गरमी, छत, पड़ोसी, खर्च। इन चारों के बाद ही दरवाज़े पर दस्तक होती है।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 यह पाठ कहानी की तरह शुरू नहीं होता, बल्कि पहले पात्रों की सूची, जगह, समय और कमरे का नक्शा दिया जाता है। इस आरंभिक लेखन को क्या कहा जाता है? beginner
  • A रंगमंच-निर्देश
  • B कोई संवाद
  • C कोई भूमिका
  • D कोई सारांश
Show answer
Answer: रंगमंच-निर्देश
Why:

यह किसी पात्र का कहा नहीं, लेखक की ओर से मंच के लिए लिखा गया है।

Q2 रंगमंच-निर्देश में जगह, ऋतु और समय — तीनों दिए गए हैं। वे क्रम से क्या हैं? beginner
  • A कोई छोटा गाँव, वर्षा, सुबह के आठ बजे
  • B कोई बड़ा नगर, गरमी, रात के आठ बजे
  • C कोई बड़ा नगर, सर्दी, रात के दस बजे
  • D कोई पहाड़ी नगर, गरमी, दोपहर के दो बजे
Show answer
Answer: कोई बड़ा नगर, गरमी, रात के आठ बजे
Why:

तीनों बातें पहले ही तय कर दी जाती हैं।

Q3 कमरे में रखा पंखा कैसा बताया गया है, और उसका असर क्या है? beginner
  • A पुराना, पर उससे बहुत तेज़ हवा आती है
  • B नया, और उससे पूरे कमरे में हवा आती है
  • C पुराना, और उससे हवा बहुत कम आती है
  • D नया, पर वह बिलकुल बंद पड़ा है
Show answer
Answer: पुराना, और उससे हवा बहुत कम आती है
Why:

यह एक छोटी चीज़ है, और पूरे घर की हालत बता देती है।

Q4 निर्देश कहीं नहीं कहता कि यह परिवार गरीब है, फिर भी पढ़ने वाले को वह बात समझ आ जाती है। ऐसा कैसे होता है? advanced
  • A वह मकान का किराया और उसका पता दोनों साफ़-साफ़ बता देता है
  • B वह अंत में एक पंक्ति में सब लिख देता है
  • C वह हर पात्र से यह बात कहलवा देता है
  • D वह केवल चीज़ें गिना देता है, और निर्णय पाठक पर छोड़ देता है
Show answer
Answer: वह केवल चीज़ें गिना देता है, और निर्णय पाठक पर छोड़ देता है
Why:

किराये का छोटा मकान, पुराना पंखा, एक ही पलंग — इतना बहुत है।

Q5 पलंग पर सोए बच्चे के बारे में कौन-सी बात पूरी गरमी एक चित्र में रख देती है? intermediate
  • A पंखे की हवा केवल उसी को लग रही है, और वह फिर भी पसीने से तर है
  • B वह पंखे की हवा में बहुत आराम से सो रहा है, और उसको गरमी नहीं लगती
  • C उसे पंखे की हवा बिलकुल नहीं लग रही है
  • D वह पलंग छोड़कर आँगन में चला जाता है
Show answer
Answer: पंखे की हवा केवल उसी को लग रही है, और वह फिर भी पसीने से तर है
Why:

इसीलिए वह बेचैन होकर उठ जाता है और फिर सो जाता है।

Q6 भीतर आने वाला पहला पात्र कुरता उतारकर खूँटी पर टाँगता है और हाथ वाले पंखे से बच्चे को हवा करने लगता है। वह कौन है? beginner
  • A नन्हेमल, एक अतिथि
  • B विश्वनाथ, घर का मालिक
  • C प्रमोद, घर का बड़ा बेटा
  • D आगंतुक, रेवती का भाई
Show answer
Answer: विश्वनाथ, घर का मालिक
Why:

उसकी आयु पैंतालीस बरस बताई गई है।

Q7 विश्वनाथ अपने मकान को भट्ठी कह देते हैं। भट्ठी किस काम की जगह होती है, और इस तुलना से क्या निकलता है? advanced
  • A अनाज रखने की, और घर भरा हुआ रहता है
  • B कपड़े धोने की, और घर गीला पड़ा रहता है
  • C चने भूनने की, और घर भुनने की जगह बन गया है
  • D पानी भरने की, और घर में पानी नहीं है
Show answer
Answer: चने भूनने की, और घर भुनने की जगह बन गया है
Why:

आगे रेवती अपने भाग्य को भाड़ में भुनने वाला चना कहती है।

Q8 आँचल से पसीना पोंछती हुई भीतर आने वाली स्त्री कहती है कि हवा का एक पत्ता भी नहीं हिल रहा। वह कौन है? beginner
  • A नन्हेमल की कोई रिश्तेदार
  • B किरण, विश्वनाथ की बेटी
  • C पड़ोस की कोई स्त्री
  • D रेवती, विश्वनाथ की पत्नी
Show answer
Answer: रेवती, विश्वनाथ की पत्नी
Why:

दोनों पति-पत्नी की पहली बात गरमी ही है।

Q9 पानी पर चलने वाले संवाद में विश्वनाथ की कठिनाई क्या है? beginner
  • A पेट पानी से भरा जा रहा है, और प्यास फिर भी नहीं बुझती
  • B घर में पीने का पानी बिलकुल नहीं बचा है
  • C पानी बहुत ठंडा है, इसलिए वह किसी से पिया ही नहीं जाता
  • D पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता है
Show answer
Answer: पेट पानी से भरा जा रहा है, और प्यास फिर भी नहीं बुझती
Why:

चार गिलास पीकर आने पर भी होंठ सूख रहे हैं।

Q10 रेवती बताती है कि आँगन के घड़े का पानी भी ठंडा नहीं होता। उसने इसका कारण क्या बताया है? intermediate
  • A घड़ा बहुत पुराना और फूटा हुआ है
  • B ठंडा होने के लिए हवा चाहिए, और हवा ही नहीं है
  • C घड़ा धूप में रखा रहता है
  • D घड़े में पानी बहुत कम भरा जाता है, वह गरम रहता है
Show answer
Answer: ठंडा होने के लिए हवा चाहिए, और हवा ही नहीं है
Why:

इसी कारण बरफ़ की बात उठकर छूट जाती है।

Q11 बरफ़ की बात उठती है और छोड़ दी जाती है। विश्वनाथ ने उसका कारण क्या बताया? beginner
  • A बरफ़ से बच्चों को बीमारी हो जाती है
  • B बरफ़ बाज़ार में मिलती ही नहीं है
  • C बरफ़ का पानी प्यास दुगुनी कर देता है
  • D बरफ़ रखने के लिए कोई जगह नहीं है
Show answer
Answer: बरफ़ का पानी प्यास दुगुनी कर देता है
Why:

इसीलिए वे उसे खरीदने का कोई लाभ नहीं मानते।

Q12 छत के बारे में रेवती क्या बताती है, और उसका परिणाम बच्चों पर क्या पड़ता है? intermediate
  • A छत टूटी हुई है, इसलिए कोई वहाँ नहीं जाता
  • B छत बहुत बड़ी है, इसलिए सब आराम से सोते हैं
  • C छत पर जाना मना है इसलिए घर के सब लोग कमरे में सोते हैं
  • D छत छोटी है, इसलिए एक खाट पर दो-तीन बच्चे सोते हैं
Show answer
Answer: छत छोटी है, इसलिए एक खाट पर दो-तीन बच्चे सोते हैं
Why:

तब भी जगह पूरी नहीं पड़ती।

Q13 पड़ोस की छत खाली पड़ी रहती है, फिर भी उस पर बच्चों की खाट नहीं डल सकती। पड़ोसियों की ओर से क्या कारण दिया जाता है? intermediate
  • A उन्होंने पचास रुपये नकद देकर चार खाटों की जगह ली है
  • B उनकी छत बहुत कमज़ोर और टूटी हुई है
  • C उनके घर में बहुत बच्चे पहले से सोते हैं
  • D उनकी छत पर जाने का कोई सीधा रास्ता ही नहीं बचा है
Show answer
Answer: उन्होंने पचास रुपये नकद देकर चार खाटों की जगह ली है
Why:

रेवती यह भी बताती है कि उन्हें किसी और को सोते देखकर उन्हें नींद नहीं आती।

Q14 रेवती पड़ोसियों के बारे में सबसे कड़ी बात क्या कहती है? advanced
  • A वे इस परिवार से कभी कोई भी बात ही नहीं करते हैं
  • B वे इस परिवार को मुसीबत में देखकर प्रसन्न होते हैं
  • C वे इस परिवार को पैसे उधार नहीं देते हैं
  • D वे इस परिवार के बच्चों को डाँटते रहते हैं
Show answer
Answer: वे इस परिवार को मुसीबत में देखकर प्रसन्न होते हैं
Why:

इसी कारण विश्वनाथ उन्हें निर्दयी कह देते हैं।

Q15 विश्वनाथ कहते हैं कि वे दो बरस से दिन-रात एक करके मकान ढूँढ़ रहे हैं। इस मुहावरे का अर्थ क्या है? beginner
  • A दिन और रात का हिसाब रखना
  • B रात में काम करके दिन में सोना
  • C बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना
  • D एक ही दिन में कोई काम कर लेना
Show answer
Answer: बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना
Why:

इससे पता चलता है कि यह कठिनाई आज की नहीं है।

Q16 बातचीत में बीमारी भी आ जाती है। बड़े बेटे के बारे में क्या बताया गया है? beginner
  • A वह उस बीमारी के कारण अपना विद्यालय ही छोड़ चुका है
  • B वह एक सप्ताह बीमार रहकर ठीक हो गया
  • C वह अभी तक बिलकुल बीमार नहीं पड़ा है
  • D वह तीन महीने बीमार रहा, और उसे शिमला भेजना पड़ा
Show answer
Answer: वह तीन महीने बीमार रहा, और उसे शिमला भेजना पड़ा
Why:

इसी प्रसंग में सामने वाले घर की लड़की की बात भी आती है।

Q17 रेवती विश्वनाथ से कुछ दिन की छुट्टी लेने को कहती है, और वे मना कर देते हैं। उनका कारण क्या है? intermediate
  • A छुट्टी मिले भी तो उसका खर्च कहाँ से आएगा
  • B उन्हें छुट्टी में घर पर रहना पसंद नहीं है
  • C छुट्टी में उन्हें और अधिक काम करना पड़ेगा
  • D छुट्टी लेने से पड़ोसी नाराज़ हो जाएँगे
Show answer
Answer: छुट्टी मिले भी तो उसका खर्च कहाँ से आएगा
Why:

पहले वे यह भी कहते हैं कि छुट्टी कोई देता ही नहीं।

Q18 सोने की जगह पर पति-पत्नी के बीच जो छोटी-सी खींचतान होती है, उसकी सबसे बारीक बात क्या है? advanced
  • A दोनों अपने ही आराम के लिए ज़िद कर रहे हैं
  • B दोनों अपने लिए नहीं, दूसरे के आराम के लिए ज़िद कर रहे हैं
  • C दोनों एक-दूसरे से नाराज़ होकर देर तक बिलकुल चुप हो जाते हैं
  • D दोनों बच्चों को ऊपर भेजने पर झगड़ रहे हैं
Show answer
Answer: दोनों अपने लिए नहीं, दूसरे के आराम के लिए ज़िद कर रहे हैं
Why:

एक सिर के दर्द का ध्यान रख रहा है, दूसरा सुबह के काम का।

Q19 विश्वनाथ का वह वाक्य कौन-सा है जो आगे की पूरी एकांकी खोल देता है? intermediate
  • A कि बच्चों को कहीं और भेज देना चाहिए
  • B कि इस छोटे मकान में अब और नहीं रहा जा सकता है
  • C कि इस हालत में कोई अतिथि आ पड़े तो क्या होगा
  • D कि पड़ोसियों से बात करना बेकार है
Show answer
Answer: कि इस हालत में कोई अतिथि आ पड़े तो क्या होगा
Why:

इसके कुछ ही क्षण बाद दरवाज़ा खटखटाता है।

Q20 उस वाक्य के तुरंत बाद रेवती क्या कामना करती है? beginner
  • A कि मकान का किराया घट जाए
  • B कि कोई मेहमान जल्दी आ जाए
  • C कि पड़ोसी कहीं और चले जाएँ
  • D कि इन दिनों कोई मेहमान न आए
Show answer
Answer: कि इन दिनों कोई मेहमान न आए
Why:

और उसी के कुछ क्षण बाद दस्तक होती है।

Q21 लेखक मेहमानों को पहले नहीं लाता। वह पहले गरमी, छोटा घर, बीमारी और पैसे की कमी दिखाता है। इसका लाभ क्या होता है? advanced
  • A दस्तक होने पर उसका अर्थ दर्शक को पहले से मालूम होता है
  • B एकांकी की लंबाई बहुत बढ़ जाती है
  • C दर्शक मेहमानों को पहचान लेता है
  • D दर्शक को कहानी समझ ही नहीं आती, और वह ऊब भी जाता है
Show answer
Answer: दस्तक होने पर उसका अर्थ दर्शक को पहले से मालूम होता है
Why:

घटना का असर तैयारी से बनता है।

Q22 एकांकी और नाटक में सबसे बड़ा अंतर किस बात का है? beginner
  • A एकांकी में कोई संवाद नहीं होता है
  • B एकांकी में केवल एक ही अंक होता है
  • C एकांकी में कोई पात्र नहीं होता है
  • D एकांकी केवल पढ़ी जाती है, खेली नहीं जाती
Show answer
Answer: एकांकी में केवल एक ही अंक होता है
Why:

यानी बीच में परदा गिराकर दृश्य नहीं बदला जाता।

Q23 इस एकांकी की घटना का समय और जगह कैसी है? beginner
  • A एक ही रात, पर तीन अलग घर
  • B कई दिन, और कई घर
  • C एक ही रात, और एक ही घर
  • D कई महीने, और एक ही घर
Show answer
Answer: एक ही रात, और एक ही घर
Why:

यही एकांकी के ढाँचे की पहचान है।

Q24 अभिकथन: लेखक गरीबी शब्द एक बार भी काम में नहीं लाता। कारण: वह चीज़ें गिनाकर निर्णय पढ़ने वाले पर छोड़ देता है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन को ठीक-ठीक समझाता है।

Q25 इस भाग के बारे में तीन बातें नीचे पढ़िए। I. रंगमंच-निर्देश किसी पात्र का कहा हुआ नहीं है। II. पंखे की हवा केवल सोए हुए बच्चे को लग रही है। III. मेहमान एकांकी के पहले ही दृश्य में आ जाते हैं। ठीक बातें कौन-सी हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और II
Why:

I और II सही हैं। III ग़लत है — दस्तक गरमी और डर दिखाने के बाद होती है।

Important short questions (7)

रंगमंच-निर्देश क्या होता है? इस एकांकी से उदाहरण देकर लिखिए।

यह लेखक की ओर से मंच पर काम करने वालों के लिए लिखी गई बात होती है। यहाँ वह जगह, ऋतु और समय बताता है। फिर वह कमरे के दरवाज़े, मेज़, कुर्सियाँ और पलंग गिनाता है। वह यह भी बताता है कि पंखा पुराना है।

लेखक गरीबी शब्द काम में नहीं लाता, फिर भी घर की हालत कैसे समझ आ जाती है?

वह केवल चीज़ें गिना देता है — किराये का छोटा मकान, एक पुराना पंखा, एक ही पलंग, और छोटी छत। निर्णय पढ़ने वाले पर छोड़ दिया जाता है। लेखक मकान को साधारण गृहस्थ का घर कहकर आगे बढ़ जाता है।

भट्ठी वाली तुलना से क्या बात निकलती है?

भट्ठी चने भूनने की जगह होती है। घर को भट्ठी कहने का अर्थ है कि वह रहने की जगह नहीं, भुनने की जगह बन गया है। आगे रेवती भी अपने भाग्य को भाड़ में भुनने वाला चना कहती है।

इस परिवार की घर से जुड़ी कठिनाइयाँ लिखिए।

मकान किराये का और बंद है, इसलिए हवा नहीं आती। पंखा पुराना है। छत इतनी छोटी है कि एक खाट पर दो-तीन बच्चे सोते हैं, और पड़ोसी अपनी खाली छत पर एक खाट भी नहीं डालने देते। दो साल की खोज के बाद भी दूसरा मकान नहीं मिला है।

सोने की जगह वाली खींचतान से दोनों पात्रों के बारे में क्या पता चलता है?

दोनों अपने लिए नहीं, दूसरे के आराम के लिए ज़िद कर रहे हैं। विश्वनाथ रेवती के पंद्रह दिन के सिरदर्द का ध्यान रख रहे हैं, और रेवती इस बात का कि सुबह उन्हें काम पर जाना है। झगड़ा छोटा है, पर वह इस घर का भाव दिखा देता है।

लेखक मेहमानों को एकदम शुरू में क्यों नहीं लाता?

क्योंकि घटना का असर तैयारी से बनता है। वह पहले गरमी, छोटा घर, बीमारी और पैसे की कमी दिखाता है, और सबसे अंत में वह डर जो दोनों के मन में है। इसलिए जब दस्तक होती है, तो उसका अर्थ देखने वाले को पहले से मालूम होता है।

एकांकी की पहचान किन बातों से होती है?

उसमें केवल एक ही अंक होता है, इसलिए बीच में परदा गिराकर दृश्य नहीं बदला जाता। पात्र थोड़े होते हैं, जगह अक्सर एक ही रहती है, और कहानी संवादों से आगे बढ़ती है। इस एकांकी की पूरी घटना एक ही रात में, एक ही घर में होती है।

Long answer questions (3)

इस एकांकी का रंगमंच-निर्देश कौन-कौन सी बातें बताता है, और वह कहानी के लिए क्यों ज़रूरी है?

पहले वह पात्रों की सूची देता है। इससे पता चल जाता है कि खेल में कौन-कौन आएगा। फिर वह जगह बताता है — भारत का कोई बड़ा नगर। ऋतु और समय भी वहीं आ जाते हैं, यानी गरमी और रात के आठ बजे। इसके बाद वह कमरे का नक्शा देता है। उसमें दो दरवाज़े, एक मेज़, दो कुर्सियाँ और एक पलंग हैं। वह यह भी लिखता है कि पंखा पुराना है। उससे हवा बहुत कम आती है, और वह थोड़ी हवा सोए हुए बच्चे को लग रही है। यह सब ज़रूरी है। एकांकी में कोई वर्णन करने वाला लेखक बीच में नहीं बोलता, इसलिए जो बात संवाद नहीं कह सकते, वह इसी निर्देश से आती है।

इस भाग में गरमी किन-किन तरीक़ों से दिखाई गई है? उदाहरण देकर लिखिए।

पहला तरीक़ा चीज़ों का है। पंखा पुराना है और हवा बहुत कम देता है, और वह थोड़ी हवा भी केवल एक बच्चे को लग रही है। दूसरा तरीक़ा शरीर का है। दोनों पात्रों के कपड़े पसीने से भीगे हैं, बच्चा बेचैन होकर उठ जाता है, और रेवती का सिर पंद्रह दिन से दुख रहा है। तीसरा तरीक़ा पानी का है। चार गिलास पीने पर भी होंठ सूख रहे हैं, घड़े का पानी ठंडा नहीं होता, और बरफ़ का पानी प्यास दुगुनी कर देता है। चौथा तरीक़ा तुलना का है — घर को भट्ठी कहा जाता है, और आगे भाग्य को भाड़ में भुनने वाला चना। चारों मिलकर गरमी को कहने की चीज़ नहीं, दिखने की चीज़ बना देते हैं।

एकांकी के इस भाग में पड़ोसी की भूमिका क्या है? समझाइए।

पड़ोसी मंच पर अभी आया नहीं है, पर वह बातचीत में पूरा मौजूद है। पहली बात छत की है। पास की छत खाली पड़ी रहती है, फिर भी वहाँ बच्चों की एक खाट नहीं डाली जा सकती, क्योंकि पड़ोसियों ने पचास रुपये नकद देकर चार खाटों की जगह ली है। दूसरी बात उनके भाव की है। रेवती कहती है कि उन्हें किसी और को सोते देखकर उन्हें नींद नहीं आती, और वे इस परिवार को मुसीबत में देखकर प्रसन्न होते हैं। इसी कारण विश्वनाथ उन्हें निर्दयी कह देते हैं। तीसरी बात आगे की है। इस भाग में पड़ोसी एक शिकायत बनकर रह जाता है, और आगे वही शिकायत मंच पर आकर खड़ी हो जाती है।

Flashcards (17)

पाठ के आरंभ में दी गई जगह, समय और नक्शे वाली बात को क्या कहते हैं?
रंगमंच-निर्देश।
एकांकी की जगह, ऋतु और समय क्या हैं?
कोई बड़ा नगर, गरमी, और रात के आठ बजे।
कमरे का पंखा कैसा है?
पुराना, और उससे हवा बहुत कम आती है।
पंखे की हवा किसे लग रही है?
पलंग पर सोए हुए बच्चे को, और वह फिर भी पसीने से तर है।
घर का मालिक कौन है और उसकी आयु क्या है?
विश्वनाथ, पैंतालीस बरस।
विश्वनाथ अपने मकान को क्या कह देते हैं?
भट्ठी।
विश्वनाथ की पत्नी का नाम क्या है?
रेवती।
घड़े का पानी ठंडा क्यों नहीं होता?
क्योंकि ठंडा होने के लिए हवा चाहिए, और हवा ही नहीं है।
बरफ़ की बात क्यों छोड़ दी जाती है?
क्योंकि बरफ़ का पानी प्यास दुगुनी कर देता है।
छत के छोटे होने का असर बच्चों पर क्या पड़ता है?
एक खाट पर दो-तीन बच्चे सोते हैं, तब भी जगह पूरी नहीं पड़ती।
पड़ोसियों ने छत के लिए क्या दिया था?
पचास रुपये नकद, चार खाटों की जगह के लिए।
रेवती पड़ोसियों के बारे में सबसे कड़ी बात क्या कहती है?
कि वे इस परिवार को मुसीबत में देखकर प्रसन्न होते हैं।
दिन-रात एक करना का अर्थ क्या है?
बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना।
बड़े बेटे की बीमारी के बारे में क्या बताया गया है?
वह तीन महीने बीमार रहा, और उसे शिमला भेजना पड़ा।
विश्वनाथ छुट्टी क्यों नहीं लेते?
छुट्टी मिले भी तो उसका खर्च कहाँ से आएगा।
विश्वनाथ का कौन-सा विचार आगे की पूरी एकांकी खोल देता है?
कि इस हालत में कोई अतिथि आ पड़े तो क्या होगा।
एकांकी में कितने अंक होते हैं?
केवल एक।

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  • पहले भाग का क्रम लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • निर्देश का या संवाद का
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

दो अनजान मेहमान

दस्तक के बाद दो अनजान लोग सामान के साथ घर में आ जाते हैं — नन्हेमल और बाबूलाल। वे गरमी की शिकायत करते हैं, दाम गिनाते हैं, पानी और खाने का प्रबंध माँग लेते हैं, और घर को अपना घर कह देते हैं। परिचय तीन बार पूछने पर भी टल जाता है।

What you will be able to do

  • मेहमानों का हुलिया, नाम और उम्र बता सकूँगा।
  • उनकी माँगों का क्रम और स्वभाव अपने शब्दों में लिख सकूँगा।
  • अंटी और जान में जान आना का अर्थ बता सकूँगा।
  • सीधे लड़के वाली तारीफ़ का असली कारण समझा सकूँगा।
  • संकोच के कारण घर में क्या-क्या हो जाता है, यह गिना सकूँगा।

Key points

  • मेहमानों के भीतर आने से पहले बच्चा गरमी से घबराकर उठ बैठता है और पानी माँगता है।

  • दोनों एक साधारण बिस्तर और एक संदूक लेकर भीतर आते हैं, यानी ठहरने के लिए आए हैं।

  • हुलिया है — कमीज़ों के ऊपर काली बंडी, सिर पर सफ़ेद पगड़ियाँ, और मैली धोतियाँ।

  • बड़े का नाम नन्हेमल और उम्र पैंतीस, छोटे का नाम बाबूलाल और उम्र चौबीस है।

  • किरण पंखा तेज़ करती है, पर निर्देश बताता है कि पंखा वैसे ही चलता रहता है।

  • मेहमानों की पहली बात गरमी की शिकायत है, और उसमें अपना परिचय नहीं होता।

  • वे अपनी धोती और मलमल के दाम गिनाते हैं, और लेमन की बोतलें तथा ठंडा पानी माँगते हैं।

  • अंटी धोती की कमर पर बनी लपेट या गाँठ है, और जान में जान आना का अर्थ है राहत मिलना।

  • विश्वनाथ तीन बार परिचय पूछते हैं; हर बार उत्तर टल जाता है और वे संकोच के कारण ज़ोर नहीं देते।

Full explanation

दस्तक, और उसके तुरंत बाद

दरवाज़ा खटखटाता है। विश्वनाथ देखने जाते हैं और रेवती मन ही मन कामना करती है कि कोई मुसीबत न आ जाए। इसी बीच बच्चा गरमी से घबराकर उठ बैठता है और पानी माँगता है। वह उसे पानी पिलाती है और पंखा करती है। ध्यान दीजिए कि लेखक मेहमानों के आने से पहले एक बार और वही गरमी दिखा देता है।

दो व्यक्ति भीतर आते हैं

अब दो लोग सामान के साथ भीतर आते हैं — एक साधारण बिस्तर और एक संदूक। विश्वनाथ उनके पीछे-पीछे आते हैं, और रेवती बच्चे को लेकर आँगन की ओर चली जाती है। रंगमंच-निर्देश दोनों का हुलिया बताता है: कमीज़ों के ऊपर काली बंडी, सिर पर सफ़ेद पगड़ियाँ, और मैली धोतियाँ।

उनके नाम और उम्र

बड़े की अवस्था पैंतीस बरस है और छोटे की चौबीस। बड़े की मूँछें मुँह को घेरे हुए हैं और माथे पर सलवट है; छोटे की मूँछें अधकटी हैं और मुख लंबा। बड़े का नाम नन्हेमल है और छोटे का बाबूलाल। इसी इसी हड़बड़ी में दोनों बच्चे नीचे उतर आते हैं और दरवाज़े के पास खड़े हो जाते हैं।

घर का पहला काम — बैठाना

विश्वनाथ अपने बड़े बेटे प्रमोद से कुर्सी खिसकाने को कहते हैं और दूसरे अतिथि को खाट पर बैठने का निवेदन करते हैं। वे बेटी किरण से पंखा तेज़ करने को कहते हैं। किरण पंखा तेज़ करती है, पर निर्देश बताता है कि पंखा वैसे ही चलता रहता है। यह एक छोटा और बहुत कड़ा मज़ाक है।

पहली ही बात शिकायत की है

नन्हेमल अपनी पगड़ी के पल्ले से पसीना पोंछते हैं और उसी से हवा करने लगते हैं। उनकी पहली बात गरमी की शिकायत है, और वे बताते हैं कि वे पैदल चलकर आ रहे हैं। बाबूलाल जोड़ते हैं कि उनके कपड़े निचोड़ने से एक लोटे से कम पसीना न निकले। ध्यान दीजिए, अभी तक किसी ने अपना परिचय नहीं दिया।

और फिर दाम की बातें

इसके बाद वे दाम गिनाने लगते हैं। बाबूलाल बताते हैं कि धोती पिछले दिनों नौ रुपये नकद में खरीदी थी। नन्हेमल कहते हैं कि वह ठगने वाली दुकान से ली गई होगी, और अपनी मलमल का भाव बताते हैं — सवा रुपया गज़, जबकि दूसरी दुकान पर साढ़े नौ आने गज़ चल रही थी। यह बातचीत उनके स्वभाव का पहला चित्र है।

माँग पर माँग

अब माँगें शुरू होती हैं। नन्हेमल का गला सूख रहा है और उनका मन लेमन की पाँच-छह बोतलें पीने का करता है। बाबूलाल कहते हैं कि कोई पिलाकर देखे तो वे दस से कम नहीं पीएँगे। दोनों ठंडा पानी माँगते हैं, और विश्वनाथ प्रमोद को बरफ़ लाने भेज देते हैं।

बीच में अपनी चीज़ें

इसी बीच वे अपना लोटा खोजते हैं, संदूक खोलकर बंडी रखते हैं, और एक चीज़ की चिंता करते हैं — अंटी में रखा माल-मसाला। अंटी धोती की कमर पर बनी लपेट या गाँठ या गाँठ होती है, जिसमें पहले पैसे रखे जाते थे। नन्हेमल बताते हैं कि वह जेब में है, और जोड़ते हैं कि अब डर की क्या बात, घर ही तो है।

'घर ही तो है' — सबसे बड़ी बात

यह आधा वाक्य पूरी एकांकी का केंद्र है। जिस घर में वे पहली बार आए हैं, जिसके मालिक को वे जानते नहीं, उसे वे अपना घर कह रहे हैं। पुस्तक की भूमिका इसी स्थिति को एक कहावत से कहती है — मान न मान मैं तेरा मेहमान। मेहमान बनने के लिए उन्होंने किसी की सहमति नहीं ली।

मकान का नाप-जोख

आगे बाबूलाल पूछते हैं कि मकान इतना ही बड़ा है। नन्हेमल उन्हें टोकते हैं और अपने आप अनुमान लगा लेते हैं कि पीछे एक कमरा होगा, नीचे आँगन होगा और ऊपर छत होगी। वे जोड़ते हैं कि शहर के मकान ऐसे ही होते हैं। मेहमान घर को नाप रहे हैं, और घर का मालिक चुप है।

खाना, और उसका ढंग

बीच-बीच में किरण आकर खाने के बारे में पूछती है, और विश्वनाथ उसे इशारे से ठहरने को कहते हैं। मेहमान खाने का ऑर्डर बता देते हैं — एक साग और पूरी, और नन्हेमल जोड़ते हैं कि वे पराँठे भी खा लेते हैं। इसके साथ वे यह भी कहते हैं कि वे किसी को तकलीफ़ नहीं देना चाहते। दोनों बातें एक ही साँस में आती हैं।

बरफ़ का पानी

प्रमोद बरफ़ का पानी लाता है। नन्हेमल डेढ़ लोटा पीने की बात करते हैं और बाबूलाल उतना ही। दोनों गट-गट पानी पीते हैं, और पीकर कहते हैं कि अब जान में जान आई। यह एक मुहावरा है, जिसका अर्थ है कि राहत मिल गई। इसी के साथ वे यह भी कह देते हैं कि गरमी में पानी ही जान है।

'सीधे लड़के' वाली बात

पानी पीने के बाद नन्हेमल बच्चों की तारीफ़ करते हैं और उन्हें सीधे लड़के कह देते हैं। बाबूलाल उसका कारण जोड़ते हैं कि वे शहर के हैं। यहाँ रुककर सोचना चाहिए। बच्चे सीधे इसलिए लगे कि उन्होंने कोई प्रश्न नहीं किया — न यह पूछा कि आप कौन हैं, न यह कि कब तक रहेंगे।

तीन बार पूछा गया एक ही प्रश्न

अब गिन लीजिए। विश्वनाथ तीन बार विनम्रता से पूछते हैं कि आप कहाँ से आए हैं और वे उन्हें पहचान नहीं पा रहे। हर बार उत्तर टल जाता है। एक बार एक रिश्तेदार का नाम आ जाता है, एक बार तारीफ़ की बात आ जाती है, और एक बार दोनों मिलकर कह देते हैं कि वे तो उनके पास के ही हैं।

संकोच, और उसकी कीमत

यहाँ एकांकी की असली बात खुलती है। विश्वनाथ के पास पूछने का पूरा अधिकार है, और वे पूछते भी हैं। पर वे उत्तर पर ज़ोर नहीं देते, क्योंकि ज़ोर देना उन्हें अशिष्ट लगता है। इसी संकोच के कारण दो अनजान लोग घर के भीतर बैठ जाते हैं, पानी पी लेते हैं, नहाने की बात तय कर लेते हैं और खाने का ऑर्डर भी दे देते हैं।

इस भाग को आज कैसे पढ़ें

यह भाग किसी की निंदा नहीं करता। मेहमान ठग नहीं हैं, और आगे पता चलता है कि वे सचमुच भूल से आ गए थे। बात यह है कि शिष्टाचार तब कठिन हो जाता है जब घर छोटा हो और जेब खाली। एकांकी यही दिखाती है, और किसी को खलनायक नहीं बनाती।

Concepts and terms

अंटी

धोती की कमर पर बनी लपेट या गाँठ या गाँठ, जिसमें पहले पैसे रखे जाते थे। मेहमान अपने माल-मसाले की चिंता इसी के बारे में करते हैं।

जान में जान आना

राहत मिल जाना। बरफ़ का पानी पीने के बाद मेहमान यही मुहावरा काम में लाते हैं, और उसी के साथ कहते हैं कि गरमी में पानी ही जान है।

खाक में मिलना

सब कुछ नष्ट हो जाना। नन्हेमल अपने एक रिश्तेदार के ठप हो चुके कारोबार के लिए यह मुहावरा काम में लाते हैं।

संकोच

वह झिझक जो किसी को साफ़-साफ़ बात कहने से रोक देती है। विश्वनाथ के पास पूछने का अधिकार है, पर संकोच के कारण वे उत्तर पर ज़ोर नहीं देते।

बंडी

बिना आस्तीन की एक छोटी कमीज़ या जाकेट, जो कुरते या कमीज़ के ऊपर पहनी जाती है। दोनों मेहमानों के हुलिये में यही आती है।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

एक छोटे कस्बे में दोपहर का समय है। एक घर की घंटी बजती है। बाहर दो लोग खड़े हैं और उनके हाथ में एक बैग है। वे कहते हैं कि वे किसी शर्मा जी के रिश्तेदार हैं और उन्हीं के यहाँ आए हैं। घर में उस समय केवल दो बच्चे हैं। बड़ा बच्चा दरवाज़ा नहीं खोलता। वह उनसे शर्मा जी का पूरा नाम और मकान की संख्या पूछता है। दोनों ठीक उत्तर नहीं दे पाते। बच्चा उनसे बाहर रुकने को कहता है और पड़ोस की चाची को बुला लेता है। चाची बताती है कि शर्मा जी अगली गली में रहते हैं।

Analysis:

ध्यान देने की बात यह है कि बच्चे ने अशिष्टता नहीं की। उसने किसी को भला-बुरा नहीं कहा और किसी को लौटाया भी नहीं। उसने केवल दो प्रश्न पूछे और उत्तर आने तक दरवाज़ा नहीं खोला। एकांकी की सीख भी यही है — विनम्रता और सावधानी एक साथ चल सकती हैं, और विश्वनाथ के पास यही एक चीज़ कम पड़ गई।

Activity:

अपने घर के लिए तीन ऐसे प्रश्न लिख लीजिए जो किसी अपरिचित व्यक्ति से दरवाज़ा खोलने से पहले पूछे जा सकते हैं, और उन्हें घर के बड़ों को दिखाइए।

करके देखो

Title:

वही दृश्य, और एक बदला हुआ उत्तर

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं है; केवल लिखना है।

What You Notice:

एक पंक्ति बदलने से पूरी एकांकी छोटी हो जाती है। इससे पता चलता है कि नाटक को आगे चलाने वाली चीज़ कोई घटना नहीं, एक स्वभाव है।

Did you know

आना भारत की पुरानी मुद्रा थी। एक रुपये में सोलह आने होते थे, इसलिए साढ़े नौ आने एक रुपये से बहुत कम हुए।

गज़ लंबाई नापने का पुराना मापक है, और एक गज़ में तीन फुट होते हैं। कपड़े की दुकानों में यह शब्द आज भी सुना जाता है।

Memory tricks

मेहमानों की माँगों का क्रम — पा–न–खा–सो — पानी, नहाना, खाना, सोना। चारों इसी क्रम में माँगे जाते हैं, और परिचय किसी क्रम में नहीं आता।

दोनों नामों का अंतर — न–बड़ा, बा–छोटा — नन्हेमल बड़ा है, पैंतीस का; बाबूलाल छोटा है, चौबीस का। नाम नन्हेमल है, पर वही बड़ा है।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 दरवाज़ा खटखटाने के बाद, मेहमानों के भीतर आने से पहले लेखक एक बार फिर गरमी दिखा देता है। वह किस तरह? beginner
  • A रेवती कमरे की खिड़कियाँ खोलने लगती है
  • B बच्चा गरमी से घबराकर उठ बैठता है और पानी माँगता है
  • C विश्वनाथ पंखा बंद करके बाहर चले जाते हैं
  • D बच्चे छत पर से नीचे उतरकर पानी पीते हैं, ऊपर चले जाते हैं
Show answer
Answer: बच्चा गरमी से घबराकर उठ बैठता है और पानी माँगता है
Why:

रेवती उसे पानी पिलाती है और पंखा करती है।

Q2 भीतर आने वाले दोनों व्यक्ति अपने साथ क्या-क्या लेकर आते हैं? beginner
  • A एक साधारण बिस्तर और एक संदूक
  • B केवल एक छोटा-सा कपड़े का थैला
  • C एक खाट और दो कुर्सियाँ
  • D कुछ भी नहीं, खाली हाथ
Show answer
Answer: एक साधारण बिस्तर और एक संदूक
Why:

सामान साथ आना ही बता देता है कि वे ठहरने के लिए आए हैं।

Q3 रंगमंच-निर्देश दोनों मेहमानों का हुलिया बताता है। उसमें क्या-क्या आता है? beginner
  • A कोट-पतलून, सिर पर कोई टोपी, और हाथ में एक छोटी छड़ी
  • B कुरता-धोती और हाथ में एक छाता
  • C कमीज़ों के ऊपर काली बंडी, सफ़ेद पगड़ियाँ और मैली धोतियाँ
  • D केवल धोती, और कंधे पर एक गमछा
Show answer
Answer: कमीज़ों के ऊपर काली बंडी, सफ़ेद पगड़ियाँ और मैली धोतियाँ
Why:

हुलिया भी एक तरह की जानकारी है।

Q4 दोनों मेहमानों की उम्र और नाम क्रम से क्या बताए गए हैं? intermediate
  • A बड़ा पचास का नन्हेमल, छोटा चालीस का बाबूलाल
  • B बड़ा चौबीस का नन्हेमल, छोटा पैंतीस का बाबूलाल
  • C बड़ा पैंतालीस का बाबूलाल, छोटा तीस का नन्हेमल
  • D बड़ा पैंतीस का नन्हेमल, छोटा चौबीस का बाबूलाल
Show answer
Answer: बड़ा पैंतीस का नन्हेमल, छोटा चौबीस का बाबूलाल
Why:

बड़े की मूँछें मुँह को घेरे हुए हैं और छोटे की अधकटी।

Q5 विश्वनाथ अपने दोनों बच्चों से क्या-क्या करवाते हैं? beginner
  • A प्रमोद से खाना बनवाते हैं और किरण से छत साफ़ करवाते हैं
  • B प्रमोद से कुर्सी खिसकवाते हैं और किरण से पंखा तेज़ करवाते हैं
  • C दोनों को ऊपर छत पर भेज देते हैं
  • D दोनों से मेहमानों का परिचय पूछवाते हैं
Show answer
Answer: प्रमोद से कुर्सी खिसकवाते हैं और किरण से पंखा तेज़ करवाते हैं
Why:

घर का पहला काम मेहमान को बैठाना ही होता है।

Q6 किरण पंखा तेज़ करती है, पर रंगमंच-निर्देश क्या बताता है, और उसका अर्थ क्या है? advanced
  • A पंखा वैसे ही चलता रहता है — घर जो दे सकता था, दे चुका है
  • B पंखा बहुत तेज़ चलने लगता है और पूरा कमरा ठंडा भी हो जाता है
  • C पंखा बंद हो जाता है और अँधेरा छा जाता है
  • D पंखा टूटकर नीचे गिर जाता है
Show answer
Answer: पंखा वैसे ही चलता रहता है — घर जो दे सकता था, दे चुका है
Why:

यह एक छोटा और बहुत कड़ा मज़ाक है।

Q7 मेहमानों के मुँह से निकली पहली बात क्या है, और उसमें क्या नहीं है? intermediate
  • A विश्वनाथ की तारीफ़, और उसमें कोई माँग नहीं है
  • B अपना पूरा परिचय, और उसमें कोई शिकायत नहीं है
  • C गरमी की शिकायत, और उसमें अपना परिचय नहीं है
  • D घर के बारे में प्रश्न, और उसमें कोई शिकायत नहीं है
Show answer
Answer: गरमी की शिकायत, और उसमें अपना परिचय नहीं है
Why:

वे यह भी बताते हैं कि वे पैदल चलकर आ रहे हैं।

Q8 अपना परिचय देने से पहले बाबूलाल अपनी धोती का दाम बता देते हैं, और नन्हेमल उस दुकान को ठगने वाली कह देते हैं। वह दाम क्या था? beginner
  • A साढ़े नौ रुपये
  • B नौ आने
  • C सवा रुपया
  • D नौ रुपये नकद
Show answer
Answer: नौ रुपये नकद
Why:

और नन्हेमल कहते हैं कि वह ठगने वाली दुकान से ली गई होगी।

Q9 नन्हेमल अपनी मलमल के भाव की तुलना किस तरह करते हैं? intermediate
  • A एक दुकान पर नौ रुपये गज़, और दूसरी पर पूरे दस रुपये का गज़
  • B एक दुकान पर सवा रुपया गज़, और दूसरी पर साढ़े नौ आने गज़
  • C दोनों दुकानों पर एक ही भाव, सवा रुपया गज़
  • D वे किसी भाव की कोई बात नहीं करते हैं
Show answer
Answer: एक दुकान पर सवा रुपया गज़, और दूसरी पर साढ़े नौ आने गज़
Why:

यह बातचीत उनके स्वभाव का पहला चित्र है।

Q10 दाम और भाव की लंबी बातचीत से मेहमानों के बारे में क्या पता चलता है? advanced
  • A वे हर चीज़ का हिसाब रखते हैं और उसे कहने में संकोच नहीं करते
  • B वे बहुत धनी हैं और पैसे की कोई चिंता नहीं करते
  • C वे किसी दुकान के मालिक हैं और यहाँ कोई बड़ा सौदा करने आए थे
  • D वे विश्वनाथ से कुछ पैसे माँगने आए हैं
Show answer
Answer: वे हर चीज़ का हिसाब रखते हैं और उसे कहने में संकोच नहीं करते
Why:

अपना परिचय देने से पहले वे अपनी धोती का दाम बता देते हैं।

Q11 पीने की चीज़ों के बारे में दोनों मेहमानों की माँग क्या है? beginner
  • A दोनों को कुछ भी नहीं चाहिए, और वे हर बात के लिए मना करते रहते हैं
  • B दोनों को केवल एक गिलास गरम पानी चाहिए
  • C एक को लेमन की पाँच-छह बोतलें चाहिए, दूसरा दस से कम नहीं पीएगा
  • D एक को चाय चाहिए और दूसरे को दूध
Show answer
Answer: एक को लेमन की पाँच-छह बोतलें चाहिए, दूसरा दस से कम नहीं पीएगा
Why:

इसके बाद विश्वनाथ प्रमोद को बरफ़ लाने भेजते हैं।

Q12 मेहमान अपने संदूक और लोटे के साथ एक और चीज़ की चिंता करते हैं, जिसमें उनका माल-मसाला रखा है। उस अंटी को क्या कहते हैं? beginner
  • A सिर पर बाँधी जाने वाली कोई पगड़ी या साफ़ा
  • B किसी घर का पिछला कमरा
  • C पानी भरने का कोई बड़ा बरतन
  • D धोती की कमर पर बनी लपेट या गाँठ या गाँठ
Show answer
Answer: धोती की कमर पर बनी लपेट या गाँठ या गाँठ
Why:

पहले पैसे इसी लपेट में रखे जाते थे।

Q13 पैसों की चिंता पर नन्हेमल जो आधा वाक्य जोड़ देते हैं, वह पूरी एकांकी का केंद्र क्यों माना जाता है? advanced
  • A उसमें वे पहली ही बार अपना पूरा परिचय खुद दे जाते हैं
  • B जिस घर को वे जानते नहीं, उसे वे अपना घर कह रहे हैं
  • C उसमें वे विश्वनाथ से क्षमा माँग लेते हैं
  • D उसमें वे अपने पैसे गिनकर दिखा देते हैं
Show answer
Answer: जिस घर को वे जानते नहीं, उसे वे अपना घर कह रहे हैं
Why:

पुस्तक इसी स्थिति को मान न मान मैं तेरा मेहमान कहकर बताती है।

Q14 मकान के बारे में नन्हेमल क्या करते हैं, और उस समय घर का मालिक क्या कर रहा होता है? advanced
  • A वे मकान का अनुमान अपने आप लगा लेते हैं, और मालिक चुप रहता है
  • B वे मकान का किराया पूछ लेते हैं, और मालिक बता देता है
  • C वे मकान की तारीफ़ करते हैं, और मालिक मना कर देता है
  • D वे मकान छोड़कर चले जाना चाहते हैं, और मालिक उन्हें ही रोकता है
Show answer
Answer: वे मकान का अनुमान अपने आप लगा लेते हैं, और मालिक चुप रहता है
Why:

वे कहते हैं कि शहर के मकान ऐसे ही होते हैं।

Q15 किरण बीच-बीच में आकर खाने के बारे में पूछती है। विश्वनाथ उसे क्या करते हैं? beginner
  • A उसे खाना बनाने भेज देते हैं
  • B ज़ोर से डाँट देते हैं
  • C इशारे से ज़रा ठहरने को कहते हैं
  • D उसे ऊपर की छत पर ही भेज देते हैं
Show answer
Answer: इशारे से ज़रा ठहरने को कहते हैं
Why:

वे अभी तक मेहमानों का परिचय ही नहीं जान पाए हैं।

Q16 खाने के बारे में मेहमानों की बातचीत में कौन-सी दो बातें एक ही साँस में आ जाती हैं? intermediate
  • A खाने का दाम, और यह कहना कि वे खुद बना लेंगे
  • B खाने से मना करना, और यह कहना कि वे भूखे हैं
  • C खाने की तारीफ़, और यह कहना कि वे अब यहाँ से चले जा रहे हैं
  • D खाने का ऑर्डर, और यह कहना कि वे तकलीफ़ नहीं देना चाहते
Show answer
Answer: खाने का ऑर्डर, और यह कहना कि वे तकलीफ़ नहीं देना चाहते
Why:

एक साग और पूरी, और नन्हेमल पराँठे भी खा लेते हैं।

Q17 बरफ़ का पानी आने पर दोनों कितना-कितना पीने की बात करते हैं? beginner
  • A आधा-आधा गिलास
  • B डेढ़-डेढ़ लोटा
  • C दो-दो घड़े
  • D एक-एक चम्मच
Show answer
Answer: डेढ़-डेढ़ लोटा
Why:

दोनों गट-गट पानी पीते हैं।

Q18 पानी पीकर मेहमान जो मुहावरा काम में लाते हैं, उसका अर्थ क्या है? beginner
  • A राहत मिल जाना
  • B भूख लग जाना
  • C नींद आ जाना
  • D डर लग जाना
Show answer
Answer: राहत मिल जाना
Why:

इसी के साथ वे कहते हैं कि गरमी में पानी ही जान है।

Q19 नन्हेमल बच्चों को सीधे लड़के कहते हैं। इस तारीफ़ का असली कारण क्या दिखता है? advanced
  • A बच्चों ने उनसे खूब बातें कीं
  • B बच्चों ने उनका बहुत सत्कार किया
  • C बच्चों ने कोई प्रश्न ही नहीं किया
  • D बच्चों ने उन्हें अपना कमरा दे दिया
Show answer
Answer: बच्चों ने कोई प्रश्न ही नहीं किया
Why:

न यह पूछा कि आप कौन हैं, न यह कि कब तक रहेंगे।

Q20 नन्हेमल की तारीफ़ के पीछे-पीछे बाबूलाल एक कारण जोड़ देते हैं, जिससे वह बात आधी टिप्पणी बन जाती है। वह कारण क्या है? beginner
  • A कि वे पढ़े-लिखे हैं
  • B कि वे बहुत छोटे हैं
  • C कि वे डर गए हैं
  • D कि वे शहर के हैं
Show answer
Answer: कि वे शहर के हैं
Why:

यह बात आधी तारीफ़ और आधी टिप्पणी है।

Q21 विश्वनाथ इस भाग में कितनी बार अपने मेहमानों का परिचय जानने की कोशिश करते हैं? beginner
  • A एक बार
  • B तीन बार
  • C छह बार
  • D एक बार भी नहीं
Show answer
Answer: तीन बार
Why:

और हर बार उत्तर टल जाता है।

Q22 हर बार परिचय का उत्तर किस-किस तरह टल जाता है? intermediate
  • A कभी किसी रिश्तेदार का नाम आ जाता है, कभी तारीफ़ की बात
  • B कभी वे चुप हो जाते हैं, और कभी उठकर बाहर की ओर निकल जाते हैं
  • C कभी वे नाराज़ हो जाते हैं, कभी रोने लगते हैं
  • D कभी वे काग़ज़ दिखाते हैं, कभी कोई चिट्ठी
Show answer
Answer: कभी किसी रिश्तेदार का नाम आ जाता है, कभी तारीफ़ की बात
Why:

और अंत में दोनों मिलकर कह देते हैं कि वे उनके पास के ही हैं।

Q23 दो अनजान लोग घर के भीतर बैठकर पानी पी लेते हैं और खाने का ऑर्डर भी दे देते हैं। इसका सबसे ठीक कारण क्या है? advanced
  • A विश्वनाथ का लालच, क्योंकि उन्हें कुछ मिलने की आशा थी
  • B विश्वनाथ का डर, क्योंकि वे दोनों बहुत बलवान थे
  • C विश्वनाथ का संकोच, जिसके कारण वे उत्तर पर ज़ोर नहीं देते
  • D विश्वनाथ की भूल, क्योंकि उन्होंने कभी पूछा ही नहीं
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Answer: विश्वनाथ का संकोच, जिसके कारण वे उत्तर पर ज़ोर नहीं देते
Why:

पूछने का अधिकार उनके पास था, और वे पूछते भी हैं।

Q24 अभिकथन: विश्वनाथ मेहमानों से उत्तर पर ज़ोर नहीं देते। कारण: उन्हें इस तरह ज़ोर देना अशिष्ट लगता है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
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Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन को ठीक-ठीक समझाता है।

Q25 इस भाग के बारे में तीन बातें नीचे दी जा रही हैं। I. मेहमान सामान लेकर भीतर आते हैं। II. वे पहले अपना पूरा परिचय देते हैं। III. वे मकान का अनुमान अपने आप लगा लेते हैं। इनमें से ठीक कौन-सी हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
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Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II ग़लत है — परिचय तीन बार पूछने पर भी टल जाता है।

Important short questions (7)

दोनों मेहमानों का परिचय — नाम, उम्र और हुलिया — लिखिए।

बड़े का नाम नन्हेमल है और उम्र पैंतीस बरस; उसकी मूँछें मुँह को घेरे हुए हैं और माथे पर सलवट है। छोटे का नाम बाबूलाल है और उम्र चौबीस; उसकी मूँछें अधकटी और मुख लंबा है। दोनों कमीज़ों के ऊपर काली बंडी, सिर पर सफ़ेद पगड़ी और मैली धोती पहने हैं।

किरण के पंखा तेज़ करने पर भी पंखा वैसा ही चलता है। इस छोटे निर्देश का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि घर जो दे सकता था, वह पहले ही दे चुका है। मेहमान के आने पर घरवाले कुछ और करना चाहते हैं, पर करने के लिए कुछ बचा नहीं है। यह एक छोटा और बहुत कड़ा मज़ाक है।

मेहमानों के स्वभाव के बारे में उनकी दाम वाली बातचीत से क्या पता चलता है?

वे हर चीज़ का हिसाब रखते हैं और उसे कहने में कोई संकोच नहीं करते। बाबूलाल अपनी धोती का दाम नौ रुपये बताते हैं, और नन्हेमल दो दुकानों के मलमल के भाव गिना देते हैं। ध्यान देने की बात यह है कि अपना परिचय देने से पहले वे अपनी धोती का दाम बता देते हैं।

मेहमानों की माँगें क्रम से लिखिए।

पहले पानी — लेमन की बोतलें और ठंडा पानी। फिर नहाने का प्रबंध। फिर खाना, जिसमें एक साग और पूरी बताई जाती है और पराँठों का नाम भी आता है। और अंत में सोना, क्योंकि नन्हेमल को नींद ज़ोर से आ रही है।

नन्हेमल का घर वाला आधा वाक्य इस एकांकी का केंद्र क्यों माना जाता है?

क्योंकि जिस घर में वे पहली बार आए हैं और जिसके मालिक को वे जानते नहीं, उसे वे अपना घर कह रहे हैं। मेहमान बनने के लिए उन्होंने किसी की सहमति नहीं ली। पुस्तक इसी स्थिति को मान न मान मैं तेरा मेहमान कहकर बताती है।

नन्हेमल बच्चों को सीधे लड़के क्यों कहते हैं?

क्योंकि बच्चों ने कोई प्रश्न ही नहीं किया। उन्होंने न यह पूछा कि आप कौन हैं और न यह कि कब तक रहेंगे। बाबूलाल उसका कारण जोड़ते हैं कि वे शहर के हैं, इसलिए यह बात आधी तारीफ़ और आधी टिप्पणी बन जाती है।

परिचय पूछने पर हर बार क्या होता है?

उत्तर टल जाता है। एक बार एक रिश्तेदार का नाम आ जाता है। एक बार विश्वनाथ की तारीफ़ की बात आ जाती है। और एक बार दोनों मिलकर कह देते हैं कि वे उनके पास के ही हैं। विश्वनाथ तीन बार पूछते हैं और तीनों बार खाली रह जाते हैं।

Long answer questions (3)

मेहमानों के भीतर आने से लेकर पानी पी लेने तक की घटनाएँ क्रम से लिखिए।

पहले दरवाज़ा खटखटाता है और विश्वनाथ देखने जाते हैं। इसी बीच बच्चा गरमी से घबराकर उठ बैठता है और रेवती उसे पानी पिलाकर आँगन की ओर चली जाती है। इसके बाद दो व्यक्ति एक बिस्तर और एक संदूक लेकर भीतर आते हैं, और दोनों बच्चे ऊपर से उतरकर दरवाज़े के पास खड़े हो जाते हैं। विश्वनाथ प्रमोद से कुर्सी खिसकवाते हैं और किरण से पंखा तेज़ करवाते हैं, पर पंखा वैसा ही चलता रहता है। मेहमान गरमी की शिकायत करते हैं और अपने कपड़ों तथा दामों की बातें करने लगते हैं। फिर पीने की माँग आती है और विश्वनाथ प्रमोद को बरफ़ लाने भेजते हैं। प्रमोद बरफ़ का पानी लाता है, दोनों डेढ़-डेढ़ लोटा पीते हैं, और पीकर कहते हैं कि अब जान में जान आई।

इस भाग में विश्वनाथ का संकोच किस-किस जगह दिखता है, और उसकी कीमत क्या पड़ती है?

पहली जगह बैठाने की है। वे परिचय जानने से पहले ही मेहमानों को कुर्सी और खाट देते हैं और पंखा तेज़ करवाते हैं। दूसरी जगह पानी की है। वे अपने बेटे को बरफ़ लाने भेज देते हैं, जबकि घर में बरफ़ का खर्च उठाना आसान नहीं है। तीसरी जगह खाने की है। किरण दो बार पूछने आती है और वे उसे इशारे से ठहरा देते हैं, पर मना नहीं करते। चौथी जगह प्रश्न की है। वे तीन बार विनम्रता से परिचय पूछते हैं और उत्तर पर ज़ोर नहीं देते, क्योंकि ज़ोर देना उन्हें अशिष्ट लगता है। इसी संकोच की कीमत यह पड़ती है कि दो अनजान लोग घर में जम जाते हैं और उनका नहाना-खाना घर के सिर आ जाता है।

मेहमानों का व्यवहार एक सामान्य अतिथि के व्यवहार से किन-किन बातों में अलग है?

पहली बात सूचना की है। सामान्य अतिथि पहले ख़बर भेजता है; ये दोनों बिना किसी सूचना के सामान लेकर आ जाते हैं। दूसरी बात परिचय की है। सामान्य अतिथि आते ही अपना परिचय दे देता है; ये तीन बार पूछने पर भी नहीं देते। तीसरी बात माँग की है। सामान्य अतिथि घर की हालत देखकर अपनी माँग छोटी कर लेता है; ये लेमन की बोतलें गिनाते हैं और खाने का ऑर्डर बता देते हैं। चौथी बात परखने की है। ये घर को नापते हैं और उसके बारे में अनुमान लगाते हैं, जो किसी भी अतिथि को शोभा नहीं देता। और पाँचवीं बात यह कि वे घर को अपना घर कहकर अपनी ही झिझक समाप्त कर लेते हैं।

Flashcards (17)

मेहमानों के आने से ठीक पहले क्या होता है?
बच्चा गरमी से घबराकर उठ बैठता है और पानी माँगता है।
दोनों मेहमान अपने साथ क्या लेकर आते हैं?
एक साधारण बिस्तर और एक संदूक।
उनका हुलिया क्या बताया गया है?
काली बंडी, सफ़ेद पगड़ियाँ और मैली धोतियाँ।
बड़े मेहमान का नाम और उम्र क्या है?
नन्हेमल, पैंतीस बरस।
छोटे मेहमान का नाम और उम्र क्या है?
बाबूलाल, चौबीस बरस।
विश्वनाथ के दोनों बच्चों के नाम क्या हैं?
प्रमोद और किरण।
किरण पंखा तेज़ करती है, तो क्या होता है?
पंखा वैसे ही चलता रहता है।
मेहमानों की पहली बात क्या होती है?
गरमी की शिकायत, और उसमें परिचय नहीं होता।
बाबूलाल अपनी धोती का दाम क्या बताते हैं?
नौ रुपये नकद।
अंटी किसे कहते हैं?
धोती की कमर पर बनी लपेट या गाँठ या गाँठ।
जान में जान आना का अर्थ क्या है?
राहत मिल जाना।
खाक में मिलना का अर्थ क्या है?
सब कुछ नष्ट हो जाना।
मकान के बारे में नन्हेमल क्या करते हैं?
अपने आप अनुमान लगा लेते हैं — पीछे कमरा, नीचे आँगन, ऊपर छत।
बरफ़ का पानी दोनों कितना पीते हैं?
डेढ़-डेढ़ लोटा।
नन्हेमल बच्चों को क्या कहते हैं?
सीधे लड़के।
विश्वनाथ कितनी बार परिचय पूछते हैं?
तीन बार, और हर बार उत्तर टल जाता है।
दो अनजान लोग घर में क्यों जम जाते हैं?
विश्वनाथ के संकोच के कारण, जो उत्तर पर ज़ोर नहीं देने देता।

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  • इस भाग का क्रम लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • किसकी ओर की बात
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

भेद खुलना, और अंत का उलटाव

रेवती की तबीयत, खाने का खर्च और पड़ोसी की शिकायत मिलकर शिष्टाचार का दाम दिखा देती हैं। फिर मेहमानों का हर दावा टूटता है और प्रमोद उनका सही पता बता देता है। उनके जाते ही रेवती का भाई आ जाता है, और उसी घर में खाना बनने लगता है।

What you will be able to do

  • खाने को लेकर पति-पत्नी के दोनों तर्क लिख सकूँगा।
  • शहर वाले आँकड़े का अर्थ अपने शब्दों में समझा सकूँगा।
  • पड़ोसी की शिकायत पर दोनों पक्ष रखकर अपनी राय दे सकूँगा।
  • भेद खुलने का पूरा क्रम क्रम से गिना सकूँगा।
  • अंत के उलटाव से निकलने वाली बात बता सकूँगा।

Key points

  • रेवती का पहला प्रश्न यही है कि ये लोग कौन हैं, और विश्वनाथ के पास कोई उत्तर नहीं है।

  • उसका सिर पंद्रह दिन से दुख रहा है, और हाथ-पैर अब बैठे-बैठे भी सुन्न हो जाते हैं।

  • नौकर नहीं टिकता, क्योंकि पानी तीन मंज़िल चढ़ाना पड़ता है और गरमी बहुत है।

  • खाने पर दो तर्क टकराते हैं — आए हुए खाएँगे ही, और पहले आत्मा फिर परमात्मा।

  • बाज़ार का सुझाव आते ही उसका दाम सामने आ जाता है — तीन-चार रुपये से कम में काम नहीं चलेगा।

  • शहर के आठ-नौ लाख लोगों में छह-सात लाख ऐसे ही मकानों में रहते हैं; इसी वाक्य से घर अकेला नहीं रह जाता।

  • प्रमोद मेहमानों की सेवा और छोटी बहन की देखभाल, दोनों एक साथ करता है।

  • पड़ोसी की सबसे चुभने वाली बात यह है कि मेहमान बुलाने हैं तो बड़ा मकान ले लो।

  • भेद का हल घर के बच्चे प्रमोद के पास निकलता है, और मेहमान ठग नहीं, भूले हुए निकलते हैं।

Full explanation

पति-पत्नी की वह बातचीत

मेहमान नहाने चले जाते हैं और रेवती भीतर आती है। उसका पहला प्रश्न यही है कि ये लोग कौन हैं, क्योंकि वे जान-पहचान के नहीं लगते। विश्वनाथ बताते हैं कि उन्हें भी नहीं मालूम, और यह भी कि दो-तीन बार पूछने पर भी ठीक-ठीक उत्तर नहीं मिला। ध्यान दीजिए, घर के दोनों बड़े अब एक ही बात पर अटके हैं।

रेवती की हालत

इसी बीच रेवती अपनी तबीयत बताती है। सिर पंद्रह दिन से दुख रहा है और पुरानी शिकायत बढ़ती जा रही है। पहले नींद में हाथ-पैर सुन्न हो जाते थे, और अब बैठे रहने पर भी वैसा हो जाता है। विश्वनाथ के पास कहने को कुछ नहीं बचता, और वे केवल इतना कहते हैं कि वे जीवन में उसे कोई सुख नहीं दे सके।

घर में नौकर भी नहीं टिकता, और उसका कारण साफ़ है — पानी तीन मंज़िल चढ़ाना पड़ता है और गरमी इतनी है कि कोई रुकना नहीं चाहता। रेवती इसी पर अपने भाग्य की तुलना करती है, और अपने को भाड़ में भुनने वाला चना कह देती है।

खाना बने या न बने

अब सबसे कठिन बात आती है। खाना बनाना है या नहीं। विश्वनाथ का तर्क सीधा है — जो आ गए हैं, वे खाना तो खाएँगे ही, इसलिए थोड़ा-सा बना लो। रेवती तुनककर मना कर देती है, क्योंकि सिर फट रहा है और वह पहले अपना शरीर ठीक रखने की बात करती है। वह कहती है कि पहले आत्मा और फिर परमात्मा।

बाज़ार का सुझाव, और उसका दाम

विश्वनाथ एक रास्ता निकालते हैं — बाज़ार से कुछ मँगा लिया जाए। रेवती उसी समय उसका दाम बता देती है कि तीन-चार रुपये से कम में इनका पेट नहीं भरेगा। यहाँ एकांकी बहुत साफ़ हो जाती है। शिष्टाचार मुफ़्त नहीं है, और इस घर में उसका दाम गिनकर रखा जाता है।

शहर का एक आँकड़ा

बाबूलाल नहाकर लौटते हैं और कहते हैं कि वे पसीने से नहा गए हैं और यह समझ नहीं पाते कि यहाँ कैसे रहा जाता है। विश्वनाथ का उत्तर पूरी एकांकी का सबसे बड़ा वाक्य है। वे बताते हैं कि इस शहर में आठ-नौ लाख लोग रहते हैं और उनमें छह-सात लाख इसी तरह के घरों में रहते हैं।

उस आँकड़े का अर्थ

इस एक वाक्य से यह घर अकेला नहीं रह जाता। जो कठिनाई अब तक एक परिवार की लग रही थी, वह लाखों लोगों की निकल आती है। लेखक कोई भाषण नहीं देता, कोई उपदेश नहीं देता। वह केवल एक गिनती रख देता है, और पाठक अपने आप समझ जाता है कि एकांकी किसी एक घर के बारे में नहीं है।

छत पर शोर

इसी समय ऊपर शोर होता है। मेहमानों ने दूसरी छत पर हाथ धो लिए, और पानी फैल गया, और पड़ोस की स्त्री चिल्ला रही है। प्रमोद आकर बताता है कि उसने सबेरे साफ़ करने की बात कह दी थी, और मेहमानों को यह मालूम नहीं था। विश्वनाथ पूछते हैं कि उसने पहले क्यों नहीं बताया।

प्रमोद का उत्तर

प्रमोद का उत्तर इस पात्र को खोल देता है। वह पानी पीने चला गया था, वहाँ छोटी बहन रोने लगी, उसने उसे चुप कराया, उसे पानी पिलाया, और फिर पंखा करता रहा। यानी इस घर का बड़ा बेटा मेहमानों की सेवा और छोटी बहन की देखभाल, दोनों एक साथ कर रहा है। बच्चे पर यह ज़िम्मेदारी घर की तंगी से आई है।

पड़ोसी मंच पर

अब पड़ोसी तेज़ी से भीतर आता है, और पहली बार वह शिकायत से बाहर निकलकर पात्र बन जाता है। उसकी बात साफ़ है — मेहमान आपके हैं, मेरे नहीं, और मैं अपनी छत पर गंदा पानी नहीं फैलने दूँगा। विश्वनाथ भूल मान लेते हैं और सबेरे सफ़ाई का वचन देते हैं।

पड़ोसी का सबसे चुभने वाला वाक्य

पड़ोसी यहाँ नहीं रुकता। वह कहता है कि भूल रोज़ ही होती है, और पिछली बार भी एक मेहमान ने पानी फैलाकर उनकी खाट पर लेट लिया था। इसके बाद वह वह बात कहता है जो सबसे गहरी चुभती है — यदि मेहमान बुलाने हैं तो बड़ा मकान ले लो। विश्वनाथ उत्तर देते हैं कि मेहमानों को वे बुलाते ही नहीं।

विश्वनाथ फिर क्षमा माँगते हैं, और पड़ोसी चलते-चलते उसी शब्द का मज़ाक बना देता है। ध्यान दीजिए कि वह पूरी तरह ग़लत भी नहीं है। उसकी छत पर सचमुच पानी फैला है, इसलिए एकांकी उसे खलनायक नहीं बनाती।

भेद खुलना शुरू होता है

पड़ोसी के जाने के बाद विश्वनाथ सीधे पूछ लेते हैं। अब उत्तर टिक नहीं पाते। मेहमान कहते हैं कि उन्होंने उन्हें कई बार देखा है, और एक शादी तथा एक यात्रा का नाम लेते हैं। विश्वनाथ बताते हैं कि वे पिछले साल एक परिचित के यहाँ मुरादाबाद ठहरे थे, और मेहमान उसी को पकड़कर उन्हें अपना रिश्तेदार बता देते हैं।

अब हर दावा टूटता है। मेहमान उस परिचित की आटे की मिल बताते हैं, और विश्वनाथ कहते हैं कि उनका तो छापाख़ाना है। चिट्ठी पूछने पर दोनों सकपका जाते हैं और कोई चिट्ठी नहीं निकलती। पता पूछने पर वे एक गली का नाम बताते हैं, और उस नाम की छह गलियाँ निकल आती हैं।

नाम और काम, दोनों याद नहीं

इसके बाद और सफ़ाई हो जाती है। जिसके यहाँ जाना था, उसका नाम उन्हें याद नहीं। बाबूलाल को इतना याद है कि कविराज या कवि कहा गया था, और विश्वनाथ बताते हैं कि वे कविराज नहीं हैं। काम पूछने पर वे वैद्य बता देते हैं, और विश्वनाथ कहते हैं कि वे वैद्य भी नहीं हैं।

हल किसके पास निकलता है

और अब वह बात जो ध्यान देने लायक है। हल किसी बड़े के पास नहीं, बच्चे के पास निकलता है। प्रमोद बता देता है कि पिछली गली में कोई कविराज वैद्य रहते हैं। विश्वनाथ उनका नाम लेते हैं, और दोनों मेहमान उछलकर वही नाम दोहरा देते हैं। भेद इस तरह खुलता है, किसी झगड़े से नहीं।

मेहमान ठग नहीं थे

जाते-जाते नन्हेमल एक बात कहते हैं जो उनके पक्ष में जाती है। वे बताते हैं कि वे भी यही सोच रहे थे, क्योंकि विश्वनाथ उनके बताए दोनों नामों को नहीं जानते थे। यानी भूल दोनों ओर से हुई। दोनों राम-राम कहकर चले जाते हैं, और रेवती राहत की सांस लेती है।

और तभी असली मेहमान

इसके ठीक बाद नीचे से आवाज़ आती है। कोई कह रहा है कि मकान ढूँढ़ते-ढूँढ़ते आधी रात हो गई। यह रेवती का भाई है, और उसका तार झाँसी से भेजा गया था, जो पहुँचा ही नहीं। वह चार घंटे से मकान खोज रहा है। रेवती उसे देखकर प्रसन्न हो जाती है।

वही घर, और उलटा उत्तर

अब सब कुछ पलट जाता है। रेवती तुरंत बरफ़ मँगाती है, प्रमोद को हलवाई की दुकान की ओर भेजती है, और खाना बनाने के लिए उठ जाती है। भाई मना करता है और कहता है कि उसे भूख नहीं है, पर वह मानती नहीं। जिस घर में कुछ देर पहले खाना बनाने से मना किया गया था, उसी घर में अब खाना बनेगा।

एकांकी की असली बात

अंत का यह उलटाव पूरी एकांकी का उत्तर है। गरमी वही है, सिर का दर्द वही है, मकान वही छोटा है और जेब वैसी ही तंग। बदला केवल यह है कि अब आने वाला अपना है। रेवती कहती है कि इसमें कष्ट कैसा, यह तो उनका कर्तव्य था। वही काम, जो अनजानों के लिए बोझ था, अपने के लिए कर्तव्य बन जाता है।

इस एकांकी में खलनायक कोई नहीं

अंत में यह देख लीजिए कि इस पूरे खेल में किसी को बुरा नहीं कहा गया। मेहमान भूल से आए थे। पड़ोसी की छत पर सचमुच पानी फैला था। रेवती सिर के दर्द में भी खाना बनाने को तैयार हो जाती है। विश्वनाथ शिष्टाचार निभाते-निभाते थक जाते हैं। एकांकी किसी व्यक्ति पर उँगली नहीं रखती; वह उस तंगी पर रखती है जिसमें शिष्टाचार महँगा पड़ जाता है।

Concepts and terms

शिष्टाचार

मिलने-जुलने और अतिथि के साथ बरतने का वह ढंग जो समाज में अच्छा माना जाता है। एकांकी दिखाती है कि वह मुफ़्त नहीं होता — उसका दाम इस घर में गिनकर रखा जाता है।

कर्तव्य

वह काम जो करना ही चाहिए। अंत में रेवती अपने भाई के लिए खाना बनाने को कष्ट नहीं, कर्तव्य कहती है, जबकि कुछ देर पहले वही काम बोझ था।

कविराज

वैद्य के लिए आदर में काम में लाया जाने वाला शब्द। मेहमानों को इतना ही याद था कि जिनके यहाँ जाना है वे कविराज हैं, और विश्वनाथ कविराज नहीं थे।

तार

बिजली के संकेतों से भेजा जाने वाला संदेश, जो पहले जल्दी पहुँचने का साधन था। रेवती के भाई का तार झाँसी से भेजा गया था और पहुँचा ही नहीं।

आगंतुक

आने वाला व्यक्ति। एकांकी की पात्र-सूची में रेवती के भाई का नाम नहीं, यही शब्द दिया गया है।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

एक मुहल्ले में दो घर आमने-सामने हैं। दोनों में एक ही दिन मेहमान आते हैं। पहले घर में पड़ोस का एक अनजान परिवार आ जाता है, जो रास्ता भटक गया है। घर के लोग उन्हें बैठाते हैं और पानी देते हैं, पर भीतर ही भीतर परेशान रहते हैं। दूसरे घर में उनकी बुआ आती हैं, जिनका फ़ोन पहले से आ चुका था। दोनों घरों की रसोई एक जैसी छोटी है। दोनों में उस दिन बिजली भी कम रही। शाम को मुहल्ले की बैठक में यह बात उठती है कि एक ही काम दो घरों में अलग-अलग क्यों लगा।

Analysis:

ध्यान देने की बात यह है कि किसी घर ने कुछ ग़लत नहीं किया। दोनों ने पानी दिया और दोनों ने बैठाया। अंतर इस बात में निकला कि एक मेहमान अपना था और दूसरा अनजान, और सूचना एक के पास थी तथा दूसरे के पास नहीं। एकांकी भी ठीक यही दिखाती है, और किसी पर दोष नहीं रखती।

Activity:

अपने घर में पिछले बार आए किसी मेहमान को याद करके तीन पंक्तियों में लिखिए कि उनके आने की सूचना किस तरह मिली थी, और उससे घर की तैयारी में क्या अंतर पड़ा।

करके देखो

Title:

दो अंक, और एक ही घर

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं है; केवल लिखना है।

What You Notice:

नीचे की सूची सबसे लंबी निकलती है, और ऊपर की दो सूचियाँ उलटी पड़ती हैं। इसी से एकांकी की बात अपने आप सामने आ जाती है।

Did you know

तार भेजने की सेवा भारत में सन् 2013 में बंद कर दी गई, यानी इस एकांकी के लिखे जाने के लगभग सत्तर साल बाद।

पुराने शहरों में एक ही नाम की कई गलियाँ होना आम था, और उन्हें पहली, दूसरी, तीसरी कहकर पहचाना जाता था — जैसे इस एकांकी की छह गलियाँ।

Memory tricks

भेद खुलने का क्रम याद रखने का सूत्र — मि–चि–ग–ना — मिल, चिट्ठी, गली, नाम। चारों दावे इसी क्रम में टूटते हैं, और पाँचवाँ काम वाला दावा भी।

अंत का उलटाव — व–व–व–अ — वही गरमी, वही दर्द, वही मकान, पर आने वाला अपना। तीन चीज़ें वही रहती हैं और एक बदल जाती है।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 मेहमान नहाने चले जाते हैं और रेवती भीतर आती है। उसका पहला प्रश्न क्या होता है? beginner
  • A कि इन्हें कहाँ सुलाया जाएगा
  • B कि इन दोनों के लिए खाने में आज क्या-क्या बनाना पड़ेगा
  • C कि ये लोग कौन हैं, क्योंकि जान-पहचान के नहीं लगते
  • D कि इनका सामान कहाँ रखा जाए
Show answer
Answer: कि ये लोग कौन हैं, क्योंकि जान-पहचान के नहीं लगते
Why:

विश्वनाथ बताते हैं कि दो-तीन बार पूछने पर भी उत्तर नहीं मिला।

Q2 रेवती अपनी पुरानी शिकायत के बढ़ने की बात किस तरह बताती है? intermediate
  • A पहले बैठे-बैठे उसके पैर सुन्न होते थे, और अब बिलकुल नहीं होते
  • B पहले सोते-सोते हाथ-पैर सुन्न होते थे, अब बैठे-बैठे होते हैं
  • C पहले सिर दुखता था, अब आँखें दुखती हैं
  • D पहले चलने में कठिनाई थी, अब नहीं है
Show answer
Answer: पहले सोते-सोते हाथ-पैर सुन्न होते थे, अब बैठे-बैठे होते हैं
Why:

इसके साथ सिर का दर्द पंद्रह दिन से बना हुआ है।

Q3 रेवती की हालत सुनकर विश्वनाथ के पास कहने को क्या बचता है? advanced
  • A कि उसे कुछ दिन आराम कर लेना चाहिए
  • B कि उसे किसी वैद्य के पास जाना चाहिए
  • C कि यह सब इस गरमी के कारण ही हो रहा है
  • D कि वे जीवन में उसे कोई सुख नहीं दे सके
Show answer
Answer: कि वे जीवन में उसे कोई सुख नहीं दे सके
Why:

इससे पता चलता है कि उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है।

Q4 घर में नौकर क्यों नहीं टिकता — एकांकी में इसका कारण क्या बताया गया है? intermediate
  • A पानी तीन मंज़िल चढ़ाना पड़ता है, और गरमी बहुत है
  • B घर के बड़े लोग उससे ठीक से कोई सीधी बात नहीं करते हैं
  • C उसे समय पर मज़दूरी नहीं दी जाती है
  • D घर में उसके रहने के लिए जगह नहीं है
Show answer
Answer: पानी तीन मंज़िल चढ़ाना पड़ता है, और गरमी बहुत है
Why:

इसी पर रेवती अपने को भाड़ में भुनने वाला चना कह देती है।

Q5 खाना बनाने के बारे में विश्वनाथ का तर्क क्या है? intermediate
  • A उन्हें किसी और घर भेज देना चाहिए
  • B उन्हें आज रात भूखा ही सो जाने देना चाहिए, और कल सबेरे देखा जाएगा
  • C जो आ गए हैं वे खाना तो खाएँगे ही, इसलिए थोड़ा-सा बना लो
  • D खाना कल सबेरे बना देना चाहिए
Show answer
Answer: जो आ गए हैं वे खाना तो खाएँगे ही, इसलिए थोड़ा-सा बना लो
Why:

रेवती इसी पर तुनककर मना कर देती है।

Q6 रेवती के मना करने में उसका तर्क क्या है, और उसे वह किस कहावत से कहती है? advanced
  • A पहले मेहमान का ध्यान रखना है — अतिथि देवो भव
  • B पहले शरीर ठीक रखना है — पहले आत्मा फिर परमात्मा
  • C पहले पैसा जोड़ना है — पैसा हाथ की मैल है
  • D पहले काम पूरा करना है — काम पहले आराम बाद में
Show answer
Answer: पहले शरीर ठीक रखना है — पहले आत्मा फिर परमात्मा
Why:

सिर फट रहा है, और वह अपनी हालत पहले रखती है।

Q7 बाज़ार से खाना मँगाने के सुझाव पर रेवती तुरंत क्या बता देती है? intermediate
  • A कि बाज़ार बहुत दूर पड़ता है
  • B कि बाज़ार इस समय बंद हो चुका होगा
  • C कि इस समय बाज़ार का बना खाना उन्हें पसंद नहीं आएगा
  • D कि तीन-चार रुपये से कम में उनका पेट नहीं भरेगा
Show answer
Answer: कि तीन-चार रुपये से कम में उनका पेट नहीं भरेगा
Why:

यहाँ एकांकी साफ़ कर देती है कि शिष्टाचार मुफ़्त नहीं है।

Q8 नहाकर लौटे बाबूलाल के प्रश्न पर विश्वनाथ जो आँकड़ा देते हैं, वह क्या है? advanced
  • A शहर में आठ-नौ लाख लोग, और उनमें छह-सात लाख ऐसे ही मकानों में
  • B शहर में आठ-नौ हज़ार लोग, और उनमें छह-सात हज़ार ऐसे मकानों में
  • C शहर में दो लाख लोग, और उनमें केवल सौ ऐसे मकानों में
  • D शहर में आठ-नौ लाख लोग, और उनमें सब बड़े मकानों में
Show answer
Answer: शहर में आठ-नौ लाख लोग, और उनमें छह-सात लाख ऐसे ही मकानों में
Why:

यह एकांकी का सबसे बड़ा वाक्य माना जाता है।

Q9 उस आँकड़े से एकांकी में क्या बदल जाता है? advanced
  • A मेहमानों की भूल साफ़ हो जाती है
  • B यह घर पहले से और भी अकेला पड़ जाता है, और फिर कोई साथ नहीं देता
  • C यह घर अकेला नहीं रह जाता, कठिनाई लाखों लोगों की निकल आती है
  • D पड़ोसी की शिकायत ठीक निकल आती है
Show answer
Answer: यह घर अकेला नहीं रह जाता, कठिनाई लाखों लोगों की निकल आती है
Why:

लेखक उपदेश नहीं देता; वह केवल एक गिनती रख देता है।

Q10 छत पर शोर किस कारण होता है? beginner
  • A मेहमानों ने दूसरी छत पर खाट बिछा ली
  • B मेहमानों ने दूसरी छत पर हाथ धो लिए और पानी फैल गया
  • C बच्चे छत पर खेलने लगे और शोर करने लगे
  • D पड़ोसी की छत का एक हिस्सा गिर गया, और शोर मच गया
Show answer
Answer: मेहमानों ने दूसरी छत पर हाथ धो लिए और पानी फैल गया
Why:

इसी पर पड़ोस की स्त्री चिल्लाने लगती है।

Q11 प्रमोद बताता है कि वह उस समय क्या-क्या कर रहा था। उसके उत्तर से इस पात्र के बारे में क्या पता चलता है? advanced
  • A वह छत पर जाकर पड़ोसियों से झगड़ रहा था
  • B वह अपने खेल में लगा हुआ था और किसी बात पर ध्यान नहीं दे रहा था
  • C वह अपने विद्यालय का काम कर रहा था
  • D वह मेहमानों की सेवा और छोटी बहन की देखभाल, दोनों कर रहा है
Show answer
Answer: वह मेहमानों की सेवा और छोटी बहन की देखभाल, दोनों कर रहा है
Why:

वह पानी पीने गया था, बहन रोने लगी, और वह पंखा झलता रहा।

Q12 इस भाग में प्रमोद पर जो ज़िम्मेदारी दिखती है, वह कहाँ से आई है? advanced
  • A घर की तंगी से, जिसमें हर हाथ को काम करना पड़ता है
  • B विद्यालय के किसी नियम से
  • C मेहमानों के किसी कहने से
  • D पड़ोसियों की पुरानी शिकायत से, जो अब तक चलती ही है
Show answer
Answer: घर की तंगी से, जिसमें हर हाथ को काम करना पड़ता है
Why:

इसी कारण वह सेवा और देखभाल, दोनों एक साथ करता है।

Q13 पड़ोसी भीतर आकर अपनी बात किस तरह रखता है? intermediate
  • A कि वह अब इस मकान में नहीं रहेगा
  • B कि मेहमानों को वह अपनी छत पर सुला देगा, और सब ठीक ही होगा
  • C कि मेहमान आपके हैं, मेरे नहीं, और छत पर गंदा पानी नहीं चलेगा
  • D कि वह मकान-मालिक से शिकायत कर देगा
Show answer
Answer: कि मेहमान आपके हैं, मेरे नहीं, और छत पर गंदा पानी नहीं चलेगा
Why:

विश्वनाथ भूल मान लेते हैं और सबेरे सफ़ाई का वचन देते हैं।

Q14 पड़ोसी पिछली बार की कौन-सी बात याद दिलाता है? beginner
  • A कि एक और मेहमान उनका लोटा ले गया था
  • B कि एक और मेहमान ने पानी फैलाकर उनकी खाट पर लेट लिया था
  • C कि एक और मेहमान उनसे झगड़ पड़ा था
  • D कि एक और मेहमान उनकी छत पर सो गया था और लौटा नहीं
Show answer
Answer: कि एक और मेहमान ने पानी फैलाकर उनकी खाट पर लेट लिया था
Why:

इससे वह दिखाता है कि यह पहली बार नहीं हो रहा।

Q15 पड़ोसी की कौन-सी बात सबसे गहरी चुभती है? advanced
  • A कि मकान का किराया बहुत कम है
  • B कि मेहमानों को सबेरे ही चला देना चाहिए
  • C कि उसकी छत पर कभी कोई न आए
  • D कि मेहमान बुलाने हैं तो बड़ा मकान ले लो
Show answer
Answer: कि मेहमान बुलाने हैं तो बड़ा मकान ले लो
Why:

विश्वनाथ उत्तर देते हैं कि मेहमानों को वे बुलाते ही नहीं।

Q16 पड़ोसी के बारे में एकांकी का रुख क्या है? advanced
  • A वह भी उसी तंगी का एक शिकार है, खलनायक नहीं
  • B वह पूरी एकांकी का खलनायक है
  • C वह मेहमानों का कोई पुराना रिश्तेदार ही निकलता है
  • D वह अंत में आकर क्षमा माँग लेता है
Show answer
Answer: वह भी उसी तंगी का एक शिकार है, खलनायक नहीं
Why:

उसकी छत पर सचमुच पानी फैला है, और उसकी शिकायत झूठी नहीं है।

Q17 भेद खुलने के समय मेहमानों के किस दावे पर विश्वनाथ उन्हें टोक देते हैं? intermediate
  • A पैदल आने वाले दावे पर, क्योंकि वे गाड़ी से आए थे
  • B गरमी वाले दावे पर, क्योंकि उस दिन शहर में गरमी बिलकुल नहीं थी
  • C आटे की मिल वाले दावे पर, क्योंकि उस परिचित का छापाख़ाना है
  • D धोती के दाम वाले दावे पर, क्योंकि वह सस्ती थी
Show answer
Answer: आटे की मिल वाले दावे पर, क्योंकि उस परिचित का छापाख़ाना है
Why:

इसके बाद वे कहते हैं कि मिल भी होगी, और बात टाल देते हैं।

Q18 जिसके घर मेहमानों को जाना था, उसके बारे में उन्हें क्या-क्या याद नहीं है? intermediate
  • A केवल उसका नाम, काम उन्हें ठीक याद है
  • B उसका नाम, और उसका काम — दोनों ठीक-ठीक याद नहीं
  • C केवल उसका काम याद नहीं आता, पर नाम उन्हें ठीक याद है
  • D दोनों बातें उन्हें ठीक-ठीक याद हैं
Show answer
Answer: उसका नाम, और उसका काम — दोनों ठीक-ठीक याद नहीं
Why:

कभी कविराज या कवि, और कभी वैद्य बताया जाता है।

Q19 इस उलझन का हल किसके पास निकलता है, और यह बात क्यों ध्यान देने लायक है? advanced
  • A नन्हेमल के पास, जिसे अंत में याद आ जाता है
  • B पड़ोसी के पास, जो लौटकर आता है
  • C रेवती के पास, जो भीतर से आती है
  • D प्रमोद के पास, यानी घर के बच्चे के पास
Show answer
Answer: प्रमोद के पास, यानी घर के बच्चे के पास
Why:

वह बता देता है कि पिछली गली में कोई कविराज वैद्य रहते हैं।

Q20 जाते-जाते नन्हेमल की कौन-सी बात मेहमानों के पक्ष में जाती है? advanced
  • A कि वे भी यही सोच रहे थे, क्योंकि उनके बताए नाम विश्वनाथ नहीं जानते थे
  • B कि वे जान-बूझकर इस घर में आए थे
  • C कि वे कल फिर इसी घर में आएँगे
  • D कि उन्हें अब किसी पते की ज़रूरत ही नहीं, क्योंकि वे खुद ही सारा शहर ढूँढ़ लेंगे
Show answer
Answer: कि वे भी यही सोच रहे थे, क्योंकि उनके बताए नाम विश्वनाथ नहीं जानते थे
Why:

यानी भूल दोनों ओर से हुई, और वे ठग नहीं थे।

Q21 मेहमानों के जाने के ठीक बाद नीचे से आने वाली आवाज़ किसकी निकलती है, और उसकी कठिनाई क्या है? intermediate
  • A नन्हेमल की, जो कुछ भूल गया है
  • B पड़ोसी की, जो फिर शिकायत करने आया है
  • C रेवती के भाई की, जिसका तार पहुँचा ही नहीं
  • D किसी वैद्य की, जो मेहमानों को खोज रहा है
Show answer
Answer: रेवती के भाई की, जिसका तार पहुँचा ही नहीं
Why:

वह चार घंटे से मकान खोज रहा है।

Q22 अपने भाई के आने पर रेवती क्या-क्या करती है, और इससे क्या साफ़ होता है? advanced
  • A उसे भी भूखा सो जाने को कहती है
  • B बरफ़ मँगाती है और खाना बनाने उठ जाती है — आने वाला अपना है
  • C उसे किसी होटल में भेज देती है
  • D उससे मकान का किराया माँगने लगती है, और वह चुपचाप रह जाता है
Show answer
Answer: बरफ़ मँगाती है और खाना बनाने उठ जाती है — आने वाला अपना है
Why:

गरमी वही है और सिर का दर्द वही, पर उत्तर उलटा है।

Q23 अंत के उलटाव से एकांकी की असली बात क्या निकलती है? advanced
  • A छोटे मकान में कोई भी मेहमान कभी नहीं आना चाहिए, और यही सबसे ठीक है
  • B मेहमान कभी भी बुलाए नहीं जाने चाहिए
  • C गरमी में कोई काम नहीं किया जा सकता
  • D वही काम जो अनजानों के लिए बोझ था, अपने के लिए कर्तव्य बन जाता है
Show answer
Answer: वही काम जो अनजानों के लिए बोझ था, अपने के लिए कर्तव्य बन जाता है
Why:

रेवती कहती है कि इसमें कष्ट कैसा, यह तो उनका कर्तव्य था।

Q24 अभिकथन: रेवती अपने भाई के लिए सिर के दर्द में भी खाना बनाने उठ जाती है। कारण: उसके आने तक घर की गरमी और तंगी, दोनों दूर हो चुकी थीं। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
Why:

अभिकथन सही है, पर कारण ग़लत — गरमी और तंगी वैसी ही बनी हुई हैं।

Q25 इस भाग के बारे में तीन बातें नीचे दी जा रही हैं। I. पड़ोसी की छत पर सचमुच गंदा पानी फैला था। II. मेहमानों का भेद एक झगड़े से खुलता है। III. सही पता घर के बड़े बेटे ने बताया। इनमें से ठीक कौन-सी हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II ग़लत है — भेद सीधे प्रश्नों से खुलता है।

Important short questions (7)

खाने के बारे में पति-पत्नी के दोनों तर्क लिखिए।

विश्वनाथ कहते हैं कि जो आ गए हैं वे खाना तो खाएँगे ही, इसलिए थोड़ा-सा बना लेना चाहिए। रेवती मना करती है, क्योंकि सिर फट रहा है, और वह अपनी हालत पहले रखती है। इसी को वह पहले आत्मा फिर परमात्मा कहकर बताती है।

इस भाग में शिष्टाचार का दाम किस-किस तरह सामने आता है?

पहले बाज़ार के सुझाव पर, जहाँ तीन-चार रुपये का हिसाब सामने आ जाता है। फिर बरफ़ के खर्च पर, जो पहले ही हो चुका है। और फिर रेवती के शरीर पर, क्योंकि सिर के दर्द में भी उसे चूल्हे पर जाना पड़ेगा।

शहर वाले आँकड़े का अर्थ समझाइए।

विश्वनाथ बताते हैं कि शहर में आठ-नौ लाख लोग रहते हैं और उनमें छह-सात लाख इसी तरह के घरों में रहते हैं। इस एक वाक्य से यह घर अकेला नहीं रह जाता। जो कठिनाई एक परिवार की लग रही थी, वह लाखों लोगों की निकल आती है।

पड़ोसी की शिकायत क्या है, और एकांकी उसे किस रूप में रखती है?

उसकी शिकायत यह है कि मेहमानों ने उसकी छत पर हाथ धोकर गंदा पानी फैला दिया, और ऐसा पहले भी हुआ है। एकांकी उसे खलनायक नहीं बनाती। उसकी छत पर सचमुच पानी फैला है, इसलिए वह भी उसी तंगी का एक और शिकार दिखता है।

प्रमोद के उत्तर से उसके बारे में क्या पता चलता है?

वह पानी पीने गया था, वहाँ छोटी बहन रोने लगी, उसने उसे चुप कराया, उसे पानी पिलाया, और फिर पंखा करता रहा। यानी वह मेहमानों की सेवा और बहन की देखभाल, दोनों एक साथ कर रहा है। यह भार उस पर घर की तंगी से आया है।

भेद खुलने का क्रम लिखिए।

पहले आटे की मिल वाला दावा टूटता है, क्योंकि उस परिचित का छापाख़ाना है। फिर चिट्ठी पूछी जाती है और कोई निकलती नहीं। फिर गली का नाम आता है और उस नाम की छह गलियाँ निकलती हैं। उस व्यक्ति का नाम और काम भी याद नहीं। अंत में प्रमोद सही पता बता देता है।

एकांकी का अंत किस बात पर जाकर रुकता है?

रेवती का भाई आ जाता है, जिसका तार पहुँचा ही नहीं था। वही गरमी है, वही सिरदर्द और वही छोटा मकान, पर अब रेवती बरफ़ मँगाती है और खाना बनाने उठ जाती है। वह कहती है कि इसमें कष्ट कैसा, यह तो उनका कर्तव्य था।

Long answer questions (3)

मेहमानों का भेद किस-किस तरह खुलता है? पूरा क्रम लिखिए।

पड़ोसी के जाने के बाद विश्वनाथ सीधे पूछ लेते हैं, और अब उत्तर टिक नहीं पाते। पहले मेहमान एक शादी और एक यात्रा का नाम लेते हैं, और विश्वनाथ के मुरादाबाद ठहरने की बात पकड़कर उस परिचित को अपना रिश्तेदार बता देते हैं। वे उसकी आटे की मिल बताते हैं, और विश्वनाथ कहते हैं कि उसका तो छापाख़ाना है। इसके बाद चिट्ठी पूछी जाती है और दोनों सकपका जाते हैं, क्योंकि कोई चिट्ठी नहीं है। पता पूछने पर वे एक गली का नाम बताते हैं, और पता चलता है कि उस नाम की छह गलियाँ हैं। जिसके यहाँ जाना था, उसका नाम उन्हें याद नहीं; कभी कविराज या कवि कहा जाता है और कभी वैद्य। विश्वनाथ दोनों नहीं हैं। अंत में हल घर के बच्चे के पास निकलता है। प्रमोद बता देता है कि पिछली गली में कोई कविराज वैद्य रहते हैं।

एकांकी का अंत उलटाव पर क्यों रखा गया है? उससे क्या बात निकलती है?

मेहमानों के जाते ही नीचे से आवाज़ आती है और रेवती का भाई आ जाता है। उसका तार झाँसी से भेजा गया था, जो पहुँचा ही नहीं, और वह चार घंटे से मकान खोज रहा है। अब सब कुछ पलट जाता है। रेवती तुरंत बरफ़ मँगाती है, प्रमोद को हलवाई की दुकान की ओर भेजती है, और खाना बनाने उठ जाती है। भाई मना करता है और कहता है कि उसे भूख नहीं है, पर वह मानती नहीं। ध्यान देने की बात यह है कि इस बीच कुछ नहीं बदला। गरमी वही है, सिर का दर्द वही, मकान वही छोटा और जेब वैसी ही तंग। बदला केवल यह है कि आने वाला अपना है। इसी से एकांकी की असली बात निकलती है — वही काम जो अनजानों के लिए बोझ था, अपने के लिए कर्तव्य बन जाता है, और रेवती उसे कष्ट कहने से मना कर देती है।

इस एकांकी में कोई खलनायक नहीं है। इस बात को उदाहरण देकर समझाइए।

पहला उदाहरण मेहमानों का है। वे ठग नहीं निकलते। जाते-जाते नन्हेमल कहते हैं कि वे भी यही सोच रहे थे, क्योंकि विश्वनाथ उनके बताए नाम नहीं जानते थे। यानी भूल दोनों ओर से हुई। दूसरा उदाहरण पड़ोसी का है। उसकी बात कड़ी है, पर उसकी छत पर सचमुच गंदा पानी फैला है, इसलिए उसकी शिकायत झूठी नहीं है। तीसरा उदाहरण रेवती का है। वह खाना बनाने से मना करती है, पर सिर के दर्द में भी अपने भाई के लिए उठ जाती है। चौथा उदाहरण विश्वनाथ का है। वे किसी को मना नहीं करते और शिष्टाचार निभाते-निभाते थक जाते हैं। इन सबको एक साथ देखने पर समझ आता है कि एकांकी किसी व्यक्ति पर उँगली नहीं रखती। वह उस तंगी पर रखती है जिसमें शिष्टाचार महँगा पड़ जाता है, और वह तंगी छह-सात लाख लोगों की है।

Flashcards (17)

रेवती का पहला प्रश्न क्या होता है?
कि ये लोग कौन हैं, क्योंकि जान-पहचान के नहीं लगते।
रेवती की पुरानी शिकायत कैसे बढ़ी है?
पहले सोते-सोते हाथ-पैर सुन्न होते थे, अब बैठे-बैठे।
घर में नौकर क्यों नहीं टिकता?
पानी तीन मंज़िल चढ़ाना पड़ता है, और गरमी बहुत है।
खाने के बारे में विश्वनाथ का तर्क क्या है?
जो आ गए हैं वे खाना तो खाएँगे ही, इसलिए थोड़ा बना लो।
रेवती किस कहावत से अपनी बात रखती है?
पहले आत्मा फिर परमात्मा।
बाज़ार से खाना मँगाने पर क्या खर्च बताया जाता है?
तीन-चार रुपये से कम में पेट नहीं भरेगा।
शहर वाला आँकड़ा क्या है?
आठ-नौ लाख लोगों में छह-सात लाख ऐसे ही मकानों में।
उस आँकड़े से क्या बदल जाता है?
यह घर अकेला नहीं रह जाता; कठिनाई लाखों की निकल आती है।
छत पर शोर क्यों होता है?
मेहमानों ने दूसरी छत पर हाथ धो लिए और पानी फैल गया।
प्रमोद उस समय क्या कर रहा था?
पानी पीने गया था, बहन रोने लगी, उसे चुप कराया और पंखा झलता रहा।
पड़ोसी की सबसे चुभने वाली बात क्या है?
कि मेहमान बुलाने हैं तो बड़ा मकान ले लो।
एकांकी पड़ोसी को क्या मानती है?
उसी तंगी का एक और शिकार, खलनायक नहीं।
मेहमानों के कौन-कौन से दावे टूटते हैं?
आटे की मिल, कोई चिट्ठी, गली का नाम, और उस व्यक्ति का नाम तथा काम।
उस नाम की कितनी गलियाँ निकलती हैं?
छह।
उलझन का हल किसके पास निकलता है?
प्रमोद के पास, यानी घर के बच्चे के पास।
असली मेहमान कौन निकलता है?
रेवती का भाई, जिसका तार पहुँचा ही नहीं।
अंत के उलटाव से क्या निकलता है?
वही काम जो अनजानों के लिए बोझ था, अपने के लिए कर्तव्य बन जाता है।

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  • इस भाग का क्रम लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • किसके लिए हुआ
  • सही या भ्रम
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विधा, भाषा और लेखक

यह भाग एकांकी की पहचान, कोष्ठक के निर्देश और नेपथ्य समझाता है, लेखक उदयशंकर भट्ट का परिचय देता है, और भाषा की तीन बातें खोलता है — असर वाले प्रयोग, चार मुहावरे, और ही तथा तो से बल देना। अंत में तार और आना इस रचना की उम्र बता देते हैं।

What you will be able to do

  • कहानी, नाटक और एकांकी का अंतर उदाहरण देकर बता सकूँगा।
  • कोष्ठक के निर्देश और नेपथ्य का अर्थ समझा सकूँगा।
  • लेखक का परिचय और उनकी दो कृतियाँ लिख सकूँगा।
  • पाठ के चार मुहावरे अर्थ सहित लिख सकूँगा।
  • ही और तो से बात पर बल देने का काम उदाहरण से दिखा सकूँगा।

Key points

  • कहानी पढ़ी जाती है, नाटक और एकांकी खेले जाते हैं; एकांकी में केवल एक ही अंक होता है।

  • इस एकांकी की पूरी घटना एक ही जगह और एक ही रात में होती है, और वह संवादों से आगे बढ़ती है।

  • कोष्ठक में आना-जाना, हाव-भाव, वेशभूषा के निर्देश और मंच की घटना — चारों मिलते हैं।

  • नेपथ्य मंच के पीछे का वह हिस्सा है जो दर्शक को नहीं दिखता।

  • लेखक उदयशंकर भट्ट हैं, जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा में, और समय 1898 से 1966।

  • उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे, अभिनय भी किया, और कविता तथा उपन्यास भी लिखे।

  • लोक-परलोक उनका उपन्यास है और पर्दे के पीछे उनका एकांकी संग्रह।

  • चार मुहावरे — दिन-रात एक करना, खाक में मिलना, जान में जान आना, और पत्ता तक न हिलना।

  • ही और तो बात पर बल देते हैं, और उनकी जगह बदलने से अर्थ बदल जाता है।

Full explanation

तीन विधाएँ, और उनका अंतर

अब विधा की बात साफ़ कर लीजिए। कहानी पढ़ी जाती है और उसमें लेखक बीच-बीच में वर्णन करता है। नाटक मंच पर खेला जाता है और उसमें कई अंक हो सकते हैं। एकांकी भी मंच पर खेली जाती है, पर उसमें केवल एक ही अंक होता है। तीनों में कहानी हो सकती है; अंतर यह है कि वह कहानी किस रास्ते से पाठक तक पहुँचती है।

एकांकी के बारे में सही और ग़लत

पुस्तक कुछ वाक्य देकर हाँ या नहीं लिखने को कहती है, और वे जाँच लायक हैं। इस एकांकी की पूरी कहानी एक ही जगह घटित होती है — हाँ। पात्रों की संख्या बहुत अधिक है — नहीं। इसमें एक कहानी छिपी है — हाँ। एकांकी और कहानी, दोनों में कोई अंतर नहीं — नहीं।

इसी सूची के तीन वाक्य और हैं। घटनाएँ कई दिनों या महीनों में फैली हुई हैं — नहीं, पूरी घटना एक ही रात की है। कहानी संवादों के सहारे आगे बढ़ती है — हाँ। पात्रों के लिए अभिनय के निर्देश भी दिए गए हैं — हाँ, और वे कोष्ठक में रखे गए हैं।

कोष्ठक में क्या-क्या मिलता है

एकांकी पढ़ते समय कोष्ठक की ओर ध्यान देना चाहिए। उसमें चार तरह की बातें आती हैं। पहली, पात्र का आना-जाना। दूसरी, उसका हाव-भाव — जैसे आँचल से पसीना पोंछना या सकपका जाना। तीसरी, वेशभूषा के निर्देश। और चौथी, मंच पर होने वाली कोई घटना, जैसे दरवाज़ा खटखटाना।

नेपथ्य किसे कहते हैं

इस एकांकी में एक और शब्द आता है — नेपथ्य। यह मंच के पीछे का वह हिस्सा है जो दर्शक को नहीं दिखता। जब कोई आवाज़ वहीं से आती है, तो निर्देश में नेपथ्य लिख दिया जाता है। यहाँ दो बार ऐसा होता है, और दोनों बार कोई नया पात्र आने से पहले उसकी आवाज़ सुनाई देती है।

लेखक का परिचय

इस एकांकी के लेखक उदयशंकर भट्ट हैं। उनका जन्म इटावा में हुआ, जो उत्तर प्रदेश में है, और समय था सन् 1898 से 1966 के बीच। उनके परिवार में साहित्य का वातावरण था, इसलिए उनकी रुचि भी उसी ओर बनी। यह बात ध्यान देने लायक है, क्योंकि रुचि अक्सर आसपास से बनती है।

उन्होंने क्या-क्या किया

उनका काम चार तरह का है। पहला, उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे। दूसरा, उन्होंने नाटकों तथा फ़िल्मों में अभिनय भी किया। तीसरा, उन्होंने कविता और उपन्यास भी लिखे। और चौथा, विशेष प्रसिद्धि उन्हें नाटक तथा एकांकी के क्षेत्र में मिली।

उनकी दो चर्चित कृतियाँ

पुस्तक दो नाम देती है। लोक-परलोक उनका उपन्यास है, और पर्दे के पीछे उनका एकांकी संग्रह। संग्रह का अर्थ है कई रचनाओं को एक साथ इकट्ठा करना, इसलिए उसमें एक से अधिक एकांकियाँ होंगी। दोनों नाम बहुत चर्चित रहे हैं।

रेडियो और एकांकी का नाता

एक बात जोड़ लेने लायक है। रेडियो पर लंबा नाटक चल नहीं सकता, क्योंकि वहाँ दृश्य बदलकर दिखाया नहीं जा सकता और सुनने वाले का धीरज भी सीमित होता है। इसलिए रेडियो के आने से छोटे नाटक की माँग बढ़ी, और एकांकी को बल मिला। लेखक का रेडियो के लिए लिखना इसी समय की बात है।

भाषा की बात — असर पैदा करने वाले शब्द

अब भाषा देख लीजिए। इस एकांकी में कुछ प्रयोग केवल जानकारी नहीं देते, असर पैदा करते हैं। शहर में आग बरसने वाली बात ऐसी ही है, और दीवारों के तपने वाली भी। भाड़ में भुनने वाली तुलना सबसे तेज़ है। तीनों का काम एक ही है — यह बताना कि तापमान अधिक है, पर गिनती से नहीं, चित्र से।

यही बात सर्दी और वर्षा के लिए

पुस्तक एक अच्छा अभ्यास देती है। गरमी वाली पंक्तियों के सामने सर्दी और वर्षा की पंक्तियाँ लिखनी हैं। जैसे भुनने की जगह जमने की बात आ जाएगी, और बरसने की जगह भीगने की। इससे यह समझ आता है कि असर शब्दों के चुनाव से बनता है, और वही चुनाव बदलकर दूसरा मौसम खड़ा किया जा सकता है।

मुहावरे, और उनका काम

इस पाठ में चार मुहावरे आसानी से मिल जाते हैं। दिन-रात एक करना का अर्थ है बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना। खाक में मिलना का अर्थ है सब कुछ नष्ट हो जाना। जान में जान आना का अर्थ है राहत मिल जाना। और पत्ता तक न हिलना का अर्थ है हवा का बिलकुल बंद हो जाना।

मुहावरा पहचानने का तरीक़ा

मुहावरा पहचानने में एक कसौटी काम आती है। उसका अर्थ उसके शब्दों से सीधे नहीं निकलता। खाक में मिलने में न कोई खाक होती है और न कोई मिलाना; जान में जान आने में कोई दूसरी जान नहीं आती। जहाँ शब्दों का सीधा अर्थ बेकार पड़ जाए, वहाँ मुहावरा समझना चाहिए।

बात पर बल देने वाले शब्द

पुस्तक एक बहुत बारीक अभ्यास देती है। एक वाक्य से ही हटाकर पढ़िए, और अंतर सुनाई देगा। ही लगाने से बात पक्की हो जाती है और उस पर ज़ोर आ जाता है; हटाने से वाक्य ढीला पड़ जाता है। ऐसे शब्दों को बल देने वाले शब्द कहते हैं।

'ही' की जगह बदलने से अर्थ बदलता है

अब इसे परख लीजिए। एक ही वाक्य में ही की जगह बदलकर तीन अलग अर्थ निकाले जा सकते हैं। किसी के अतिथि पर ज़ोर हो तो अर्थ निकलता है कि और किसी के अतिथि नहीं। जगह पर ज़ोर हो तो अर्थ निकलता है कि यहाँ के अतिरिक्त और कहीं नहीं। और क्रिया पर ज़ोर हो तो अर्थ निकलता है कि रुकना निश्चित है।

तो के साथ भी यही होता है। उसकी जगह बदलने से वाक्य का भार बदल जाता है। कहीं वह किसी एक व्यक्ति को अलग कर देता है, कहीं किसी एक काम को, और कहीं वह बात में एक हल्का-सा निवेदन जोड़ देता है। एक ही अक्षरों का शब्द वाक्य का रुख मोड़ देता है।

तार, और वह समय जो बदल गया

अंत में दो चीज़ें ऐसी हैं जो इस एकांकी को उसके समय में बाँध देती हैं। पहली तार है। किसी चीज़ को भेजे बिना केवल संदेश को दूर तक पहुँचाना टेलीग्राफी कहलाता है, और वह काम बिजली की धारा तथा पहले से तय संकेतों से होता था। आज यह तकनीक चलन से बाहर हो गई है।

दूसरी चीज़ नाप-तौल की है। आना भारत की पुरानी मुद्रा थी और एक रुपये में सोलह आने होते थे, इसलिए चार आने पच्चीस पैसे के बराबर हुए। गज़ लंबाई का पुराना मापक है और एक गज़ में तीन फुट होते हैं। कपड़े की दुकानों में यह शब्द आज भी सुनाई देता है।

इन दोनों से उम्र का अनुमान

इन दोनों से एक और काम होता है। तार का चलन और आने का हिसाब, दोनों मिलकर बता देते हैं कि यह एकांकी बहुत पुरानी है। भारत में तार की सेवा सन् 2013 में बंद हुई, और आने का हिसाब उससे बहुत पहले। इसी से पुस्तक पूछती है कि यह रचना लगभग कितने बरस पहले लिखी गई होगी।

मंचन की तैयारी

पुस्तक अंत में इस एकांकी को खेलने के लिए कहती है, और उसकी तैयारी में चार बातें आती हैं। पहली, कौन किस पात्र का अभिनय करेगा। दूसरी, वेशभूषा क्या रहेगी। तीसरी, आसपास की कौन-सी चीज़ें मंच पर रखी जा सकती हैं, जैसे मेज़ और कुर्सी। और चौथी, समय — दस या पंद्रह मिनट में पूरी एकांकी दिखानी है।

यह विधा विद्यालयों में क्यों चलती है

इसी से यह भी समझ आता है कि एकांकी विद्यालयों में सबसे अधिक क्यों खेली जाती है। उसे एक ही जगह पर खेला जा सकता है, उसमें पात्र थोड़े होते हैं, उसका सामान कक्षा में ही मिल जाता है, और वह थोड़े समय में पूरी हो जाती है। चारों बातें मिलकर इसे सबसे सुभीते की विधा बना देती हैं।

Concepts and terms

नेपथ्य

मंच के पीछे का वह हिस्सा जो दर्शक को नहीं दिखता। वहाँ से आने वाली आवाज़ के लिए निर्देश में यही शब्द लिखा जाता है, और इस एकांकी में दो बार ऐसा होता है।

अंक

नाटक का एक बड़ा भाग, जिसके अंत में परदा गिराया जाता है। एकांकी में केवल एक ही अंक होता है, इसलिए बीच में दृश्य नहीं बदला जाता।

संग्रह

कई रचनाओं को एक साथ इकट्ठा करना। लेखक का पर्दे के पीछे एक एकांकी संग्रह है, इसलिए उसमें एक से अधिक एकांकियाँ होंगी।

टेलीग्राफी

किसी भौतिक वस्तु के भेजे बिना केवल संदेश को दूर तक पहुँचाना। यह काम बिजली की धारा और पहले से तय संकेतों से होता था, और आज यह तकनीक चलन से बाहर है।

आना

भारत की पुरानी मुद्रा। एक रुपये में सोलह आने होते थे, इसलिए चार आने पच्चीस पैसे के बराबर हुए। मेहमानों की भाव वाली बातचीत में यही शब्द आता है।

सावधान

भ्रम और सच

मिलाकर देखो

Scenario:

आठवीं कक्षा में एक वाक्य बोर्ड पर लिखा जाता है। वाक्य है कि मेहमान आज यहाँ रुकेंगे। शिक्षक तीन बच्चों को बुलाते हैं। पहला बच्चा मेहमान शब्द के बाद ही लगाकर पढ़ता है। दूसरा बच्चा यहाँ शब्द के बाद ही लगाकर पढ़ता है। तीसरा बच्चा रुकेंगे शब्द के पहले ही लगाकर पढ़ता है। कक्षा सुनती है और हर बार अर्थ बदलता हुआ पाती है। शिक्षक अंत में वही वाक्य बिना ही पढ़ते हैं। कक्षा कहती है कि अब वाक्य ढीला लग रहा है।

Analysis:

ध्यान देने की बात यह है कि वाक्य के शब्द एक भी नहीं बदले। केवल एक दो अक्षरों का शब्द अपनी जगह बदलता रहा, और हर बार अर्थ दूसरा निकल आया। इसी से पता चलता है कि एकांकी में संवाद लिखते समय शब्दों का क्रम कितना काम करता है, क्योंकि मंच पर वही क्रम बोलने वाले का ज़ोर तय करता है।

Activity:

अपने घर का कोई एक साधारण वाक्य लीजिए और उसमें ही की जगह तीन बार बदलकर तीन अर्थ लिख लीजिए।

करके देखो

Title:

वही पंक्ति, दूसरा मौसम

Safety:

किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं है; केवल लिखना है।

What You Notice:

तुलना वाली पंक्तियाँ सबसे आसानी से बदल जाती हैं, और सबसे अधिक असर भी वही करती हैं। पाठ में सबसे तेज़ पंक्ति भाड़ में भुनने वाली है।

Did you know

भारत में तार की सेवा सन् 2013 में बंद कर दी गई। उसका अंतिम संदेश भेजे जाने के समय देश भर में उसे भेजने के लिए भीड़ लग गई थी।

रेडियो नाटक में दृश्य नहीं दिखता, इसलिए वहाँ दरवाज़े की आवाज़ और पैरों की चाप जैसी ध्वनियाँ अलग से जोड़ी जाती हैं।

Memory tricks

कोष्ठक में क्या-क्या याद रखने का सूत्र — आ–हा–वे–घ — आना-जाना, हाव-भाव, वेशभूषा, घटना। चारों याद रहें तो कोई निर्देश छूटेगा नहीं।

चार मुहावरे — दि–खा–जा–प — दिन-रात एक करना, खाक में मिलना, जान में जान आना, पत्ता तक न हिलना। चारों इसी पाठ से मिलते हैं।

Practice MCQs with answers (25)

Q1 कहानी, नाटक और एकांकी — तीनों में कहानी हो सकती है। तो इनका असली अंतर किस बात का है? intermediate
  • A कि उनमें से किसी भी रचना में कोई पूरी कहानी कभी नहीं होती
  • B कि उनमें से किसी में कोई पात्र नहीं होता है
  • C कि उनमें से केवल एक ही छापी जा सकती है
  • D कि वह कहानी किस रास्ते से पढ़ने या देखने वाले तक पहुँचती है
Show answer
Answer: कि वह कहानी किस रास्ते से पढ़ने या देखने वाले तक पहुँचती है
Why:

कहानी में लेखक वर्णन करता है; एकांकी में संवाद काम करते हैं।

Q2 नाटक और एकांकी में सबसे सीधा अंतर क्या है, यह इस पाठ से पता चलता है? beginner
  • A नाटक पढ़ा जाता है, एकांकी खेली जाती है
  • B नाटक में कोई संवाद नहीं होता, पर एकांकी में होता है
  • C नाटक में कई अंक हो सकते हैं, एकांकी में केवल एक
  • D नाटक में पात्र नहीं होते, एकांकी में होते हैं
Show answer
Answer: नाटक में कई अंक हो सकते हैं, एकांकी में केवल एक
Why:

इसी कारण एकांकी में दृश्य बदलकर नहीं दिखाया जाता।

Q3 पुस्तक की हाँ-नहीं सूची में एक वाक्य कहता है कि इस एकांकी की पूरी कहानी एक ही जगह घटित होती है। इसका ठीक उत्तर क्या है? beginner
  • A नहीं, घटना चार अलग-अलग जगहों पर घटित होती है
  • B हाँ, पूरी घटना एक ही घर में होती है
  • C नहीं, घटना दो नगरों में फैली हुई है
  • D हाँ, पर घटना कई दिनों में फैली है
Show answer
Answer: हाँ, पूरी घटना एक ही घर में होती है
Why:

और वह एक ही रात की भी है।

Q4 पुस्तक की सूची में एक वाक्य कहता है कि एकांकी और कहानी, दोनों में कोई अंतर नहीं। इसका ठीक उत्तर क्या है? advanced
  • A नहीं, क्योंकि एकांकी खेली जाती है और संवादों से चलती है
  • B हाँ, क्योंकि दोनों में एक कहानी होती है
  • C हाँ, क्योंकि दोनों पुस्तक में छपती हैं
  • D नहीं, क्योंकि एकांकी में कोई पूरी कहानी बिलकुल नहीं होती
Show answer
Answer: नहीं, क्योंकि एकांकी खेली जाती है और संवादों से चलती है
Why:

दोनों में कहानी होती है, पर उसका रास्ता अलग है।

Q5 एकांकी पढ़ते समय कोष्ठक में कौन-कौन सी बातें मिलती हैं? intermediate
  • A केवल लेखक का छोटा-सा परिचय और उसकी गिनी-चुनी कृतियों की सूची
  • B केवल पात्रों के नाम और उनकी उम्र
  • C केवल कहानी का सार और उसका अर्थ
  • D आना-जाना, हाव-भाव, वेशभूषा के निर्देश, और मंच की कोई घटना
Show answer
Answer: आना-जाना, हाव-भाव, वेशभूषा के निर्देश, और मंच की कोई घटना
Why:

आँचल से पसीना पोंछना और सकपका जाना, दोनों हाव-भाव हैं।

Q6 मंच के पीछे का वह हिस्सा, जो दर्शक को नहीं दिखता और जहाँ से कोई आवाज़ आ सकती है, उसे क्या कहते हैं? beginner
  • A अंक
  • B यवनिका
  • C नेपथ्य
  • D संवाद
Show answer
Answer: नेपथ्य
Why:

इस एकांकी में दो बार वहीं से आवाज़ आती है।

Q7 इस एकांकी में नेपथ्य से आने वाली आवाज़ का काम क्या होता है? intermediate
  • A किसी पात्र के जाने के बाद उसका नाम बताया जाता है
  • B किसी नए पात्र के आने से पहले उसकी आवाज़ सुनाई देती है
  • C दृश्य बदलने का संकेत दिया जाता है
  • D मंच पर परदा गिराने का संकेत दिया जाता है
Show answer
Answer: किसी नए पात्र के आने से पहले उसकी आवाज़ सुनाई देती है
Why:

दोनों बार ठीक यही होता है।

Q8 इस एकांकी के लेखक का नाम और उनका जन्मस्थान क्रम से क्या है? beginner
  • A उदयशंकर भट्ट, उत्तर प्रदेश का इटावा
  • B उदयशंकर भट्ट, मध्य प्रदेश का सागर
  • C भारतेंदु हरिश्चंद्र, काशी
  • D माधवराव सप्रे, दमोह
Show answer
Answer: उदयशंकर भट्ट, उत्तर प्रदेश का इटावा
Why:

उनका समय सन् 1898 से 1966 के बीच बताया गया है।

Q9 लेखक के काम चार तरह के बताए गए हैं। उनमें रेडियो से जुड़ा काम कौन-सा है? beginner
  • A उन्होंने रेडियो बनाने का कारख़ाना खोला
  • B उन्होंने रेडियो पर समाचार पढ़े
  • C उन्होंने रेडियो के लिए गीत गाए
  • D उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे
Show answer
Answer: उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे
Why:

इसके अलावा उन्होंने नाटकों तथा फ़िल्मों में अभिनय भी किया।

Q10 पुस्तक लेखक की दो चर्चित कृतियों के नाम देती है। उनमें कौन-सी कृति किस विधा की है? intermediate
  • A दोनों ही उपन्यास हैं
  • B लोक-परलोक एकांकी संग्रह है, और पर्दे के पीछे उपन्यास
  • C लोक-परलोक उपन्यास है, और पर्दे के पीछे एकांकी संग्रह
  • D दोनों ही कविता संग्रह हैं
Show answer
Answer: लोक-परलोक उपन्यास है, और पर्दे के पीछे एकांकी संग्रह
Why:

संग्रह का अर्थ है कई रचनाएँ एक साथ।

Q11 रेडियो के आने से एकांकी को बल मिलने का सबसे ठीक कारण क्या है? advanced
  • A रेडियो पर केवल कविता सुनाई जा सकती थी
  • B रेडियो पर दृश्य बदलकर नहीं दिखाया जा सकता, इसलिए छोटा नाटक चलता है
  • C रेडियो पर कोई संवाद सुनाई नहीं देता था
  • D उस ज़माने में रेडियो पर लंबे और धीमी चाल वाले नाटक ही अधिक पसंद किए जाते थे
Show answer
Answer: रेडियो पर दृश्य बदलकर नहीं दिखाया जा सकता, इसलिए छोटा नाटक चलता है
Why:

सुनने वाले का धीरज भी सीमित होता है।

Q12 शहर में आग बरसने और दीवारों के तपने वाली बातों का काम क्या है? advanced
  • A यह बताना कि तापमान अधिक है, पर गिनती से नहीं, चित्र से
  • B यह बताना कि शहर में सचमुच आग लगी हुई है
  • C यह बताना कि दीवारें किसी धातु की बनी हैं
  • D यह बताना कि उस दिन मौसम बहुत सुहाना और ठंडा हो ही गया है
Show answer
Answer: यह बताना कि तापमान अधिक है, पर गिनती से नहीं, चित्र से
Why:

भाड़ में भुनने वाली तुलना इन्हीं में सबसे तेज़ है।

Q13 पुस्तक गरमी वाली पंक्तियों के सामने सर्दी और वर्षा की पंक्तियाँ लिखने को कहती है। इस अभ्यास से क्या समझ आता है? advanced
  • A कि हर मौसम के लिए एक ही पंक्ति चलती है
  • B कि सर्दी और वर्षा के मौसम का वर्णन कभी भी नहीं किया जा सकता
  • C कि गरमी के वर्णन में कोई असर नहीं होता
  • D कि असर शब्दों के चुनाव से बनता है, और चुनाव बदला जा सकता है
Show answer
Answer: कि असर शब्दों के चुनाव से बनता है, और चुनाव बदला जा सकता है
Why:

भुनने की जगह जमने की बात आ जाएगी, और बरसने की जगह भीगने की।

Q14 इस पाठ में आए चार मुहावरों में से किसका अर्थ सब कुछ नष्ट हो जाना है? beginner
  • A जान में जान आना
  • B दिन-रात एक करना
  • C खाक में मिलना
  • D पत्ता तक न हिलना
Show answer
Answer: खाक में मिलना
Why:

नन्हेमल यह मुहावरा एक ठप कारोबार के लिए काम में लाते हैं।

Q15 किसी वाक्यांश को मुहावरा पहचानने की सबसे काम की कसौटी क्या है? advanced
  • A उसमें कोई शरीर का अंग आता है
  • B उसका अर्थ उसके शब्दों से सीधे नहीं निकलता
  • C वह हमेशा वाक्य के अंत में आता है
  • D वह हमेशा तीन या चार शब्दों का ही होता है
Show answer
Answer: उसका अर्थ उसके शब्दों से सीधे नहीं निकलता
Why:

खाक में मिलने में न कोई खाक है और न कोई मिलाना।

Q16 पुस्तक कहती है कि एक वाक्य से ही हटाकर पढ़िए। हटाने से क्या होता है? intermediate
  • A वाक्य ढीला पड़ जाता है, और ज़ोर चला जाता है
  • B वाक्य का अर्थ बिलकुल उलट जाता है
  • C पूरा वाक्य व्याकरण के नियमों से बाहर हो जाता है
  • D वाक्य और भी पक्का हो जाता है
Show answer
Answer: वाक्य ढीला पड़ जाता है, और ज़ोर चला जाता है
Why:

ऐसे शब्दों को बल देने वाले शब्द कहते हैं।

Q17 एक ही वाक्य में ही की जगह बदलकर तीन अर्थ निकाले जा सकते हैं। जब ज़ोर जगह पर हो, तो अर्थ क्या निकलता है? advanced
  • A कि कोई भी कहीं पर भी रुक सकता है
  • B कि और किसी के अतिथि नहीं
  • C कि यहाँ रुकना निश्चित है
  • D कि यहाँ के अतिरिक्त और कहीं नहीं
Show answer
Answer: कि यहाँ के अतिरिक्त और कहीं नहीं
Why:

किसी के अतिथि पर ज़ोर हो तो अर्थ दूसरा निकलता है।

Q18 तो शब्द की जगह बदलने से वाक्य में क्या होता है? intermediate
  • A वाक्य व्याकरण के बाहर हो जाता है
  • B वाक्य का अर्थ बिलकुल वही रहता है
  • C वाक्य का भार बदल जाता है, और रुख मुड़ जाता है
  • D वाक्य से कोई ज़रूरी शब्द अपने आप ग़ायब हो जाता है
Show answer
Answer: वाक्य का भार बदल जाता है, और रुख मुड़ जाता है
Why:

कहीं वह व्यक्ति को अलग करता है, कहीं किसी काम को।

Q19 किसी भौतिक वस्तु के भेजे बिना केवल संदेश को दूर तक पहुँचाने को क्या कहा जाता है? beginner
  • A छपाई
  • B टेलीग्राफी
  • C सस्वर वाचन
  • D मंचन
Show answer
Answer: टेलीग्राफी
Why:

वह काम बिजली की धारा और पहले से तय संकेतों से होता था।

Q20 पुराने हिसाब के अनुसार एक रुपये में कितने आने और एक गज़ में कितने फुट होते थे? intermediate
  • A सोलह आने, और तीन फुट
  • B दस आने, और दो फुट
  • C सौ आने, और चार फुट
  • D चार आने, और एक फुट
Show answer
Answer: सोलह आने, और तीन फुट
Why:

इसी कारण चार आने पच्चीस पैसे के बराबर हुए।

Q21 तार का चलन और आने का हिसाब, दोनों मिलकर इस एकांकी के बारे में क्या बता देते हैं? intermediate
  • A कि यह रचना किसी बच्चे ने लिखी है
  • B कि यह रचना बहुत नई है
  • C कि यह रचना किसी और देश की है
  • D कि यह रचना बहुत पुरानी है
Show answer
Answer: कि यह रचना बहुत पुरानी है
Why:

भारत में तार की सेवा सन् 2013 में बंद हुई।

Q22 कोई कक्षा इस एकांकी का मंचन करना चाहती है। पुस्तक के अनुसार उसकी तैयारी में कौन-कौन सी बातें आएँगी? intermediate
  • A केवल एक बड़ा मंच और परदा
  • B केवल पात्रों का आपस में बँटवारा और उससे आगे कुछ भी नहीं
  • C पात्रों का बँटवारा, वेशभूषा, आसपास की चीज़ें, और समय
  • D केवल लेखक से अनुमति लेना
Show answer
Answer: पात्रों का बँटवारा, वेशभूषा, आसपास की चीज़ें, और समय
Why:

दस या पंद्रह मिनट में पूरी एकांकी दिखानी है।

Q23 एकांकी विद्यालयों में सबसे अधिक क्यों खेली जाती है? advanced
  • A उसमें बहुत बड़ा मंच चाहिए होता है
  • B एक जगह, थोड़े पात्र, आसपास का सामान, और थोड़ा समय
  • C उसमें हमेशा बहुत अधिक पात्र और बड़ा मंच भी चाहिए होते हैं
  • D उसे खेलने में कई दिन लगते हैं
Show answer
Answer: एक जगह, थोड़े पात्र, आसपास का सामान, और थोड़ा समय
Why:

चारों बातें मिलकर इसे सबसे सुभीते की विधा बना देती हैं।

Q24 अभिकथन: एकांकी में बीच में परदा गिराकर दृश्य नहीं बदला जाता। कारण: उसमें केवल एक ही अंक होता है। advanced
  • A दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
  • B दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को नहीं समझाता
  • C अभिकथन सही है; परंतु उसका कारण ग़लत है
  • D अभिकथन ग़लत है; परंतु उसका कारण सही है
Show answer
Answer: दोनों सही हैं; कारण अभिकथन को समझाता है
Why:

दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन को ठीक-ठीक समझाता है।

Q25 इस पाठ के बारे में तीन बातें नीचे दी जा रही हैं। I. लेखक ने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे। II. पर्दे के पीछे उनका उपन्यास है। III. उन्हें नाटक और एकांकी में विशेष प्रसिद्धि मिली। इनमें से ठीक कौन-सी हैं? advanced
  • A केवल I और II
  • B केवल II और III
  • C केवल I और III
  • D I, II और III
Show answer
Answer: केवल I और III
Why:

I और III सही हैं। II ग़लत है — पर्दे के पीछे उनका एकांकी संग्रह है।

Important short questions (7)

कहानी, नाटक और एकांकी का अंतर लिखिए।

कहानी पढ़ी जाती है और उसमें लेखक बीच-बीच में वर्णन करता है। नाटक मंच पर खेला जाता है और उसमें कई अंक हो सकते हैं। एकांकी भी खेली जाती है, पर उसमें केवल एक ही अंक होता है। तीनों में कहानी हो सकती है; अंतर उसके रास्ते का है।

कोष्ठक के निर्देशों में क्या-क्या आता है? उदाहरण दीजिए।

चार तरह की बातें आती हैं — पात्र का आना-जाना, उसका हाव-भाव, वेशभूषा के निर्देश, और मंच पर होने वाली कोई घटना। आँचल से पसीना पोंछना और सकपका जाना हाव-भाव के उदाहरण हैं, और दरवाज़ा खटखटाना घटना का।

लेखक उदयशंकर भट्ट का संक्षिप्त परिचय लिखिए।

उनका जन्म इटावा में हुआ, जो उत्तर प्रदेश में है और उनका समय सन् 1898 से 1966 के बीच रहा। परिवार में साहित्य का वातावरण था, इसलिए रुचि उसी ओर बनी। उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे और अभिनय भी किया। विशेष प्रसिद्धि उन्हें नाटक तथा एकांकी में मिली।

इस पाठ में आए चार मुहावरे अर्थ सहित लिखिए।

दिन-रात एक करना का अर्थ है बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना। खाक में मिलना का अर्थ है सब कुछ नष्ट हो जाना। जान में जान आना का अर्थ है राहत मिल जाना। और पत्ता तक न हिलना का अर्थ है हवा का बिलकुल बंद हो जाना।

असर पैदा करने वाले प्रयोग क्या होते हैं? पाठ से उदाहरण दीजिए।

ये वे प्रयोग हैं जो केवल जानकारी नहीं देते। वे एक चित्र खड़ा कर देते हैं। शहर में आग बरसने वाली बात ऐसी ही है। दीवारों के तपने वाली बात भी, और भाड़ में भुनने वाली तुलना भी। तीनों बताती हैं कि तापमान बहुत अधिक है, पर गिनती से नहीं।

ही और तो का काम क्या है? समझाइए।

ये बात पर बल देने वाले शब्द हैं। ही लगाने से बात पक्की हो जाती है और हटाने से वाक्य ढीला पड़ जाता है। इनकी जगह बदलने से अर्थ भी बदल जाता है — कहीं ज़ोर व्यक्ति पर आता है, कहीं जगह पर, और कहीं काम पर।

तार और आना इस एकांकी के बारे में क्या बता देते हैं?

दोनों हिसाब अब चलन से बाहर हैं। तार की सेवा भारत में सन् 2013 में बंद हुई, और एक रुपये में सोलह आने का हिसाब उससे बहुत पहले। इसी से पता चलता है कि यह रचना बहुत पुरानी है।

Long answer questions (3)

एकांकी के बारे में पुस्तक की हाँ-नहीं सूची के सातों वाक्यों का उत्तर कारण सहित लिखिए।

पहला वाक्य कहता है कि पूरी कहानी एक ही जगह घटित होती है — हाँ, क्योंकि सब कुछ उसी एक घर में होता है। दूसरा कहता है कि पात्रों की संख्या बहुत अधिक है — नहीं, पात्र गिने-चुने हैं। तीसरा कहता है कि इसमें एक कहानी छिपी है — हाँ, मेहमानों के आने और जाने की कहानी। चौथा कहता है कि एकांकी और कहानी, दोनों में कोई अंतर नहीं — नहीं, क्योंकि एकांकी खेली जाती है और संवादों से चलती है। पाँचवाँ कहता है कि घटनाएँ कई दिनों या महीनों में फैली हुई हैं — नहीं, पूरी घटना एक ही रात की है। छठा कहता है कि कहानी संवादों के सहारे आगे बढ़ती है — हाँ। और सातवाँ कहता है कि पात्रों को अभिनय के निर्देश दिए गए हैं — हाँ, और वे कोष्ठक में रखे गए हैं।

इस पाठ की भाषा की तीनों बातें उदाहरण सहित समझाइए।

दूसरी बात मुहावरों की है। इस पाठ में चार मुहावरे मिलते हैं। वे हैं — दिन-रात एक करना, खाक में मिलना, जान में जान आना, और पत्ता तक न हिलना। मुहावरे की पहचान यह है कि उसका अर्थ उसके शब्दों से सीधे नहीं निकलता। तीसरी बात बल देने वाले शब्दों की है। ही और तो लगाने से बात पक्की हो जाती है, हटाने से वाक्य ढीला पड़ जाता है, और उनकी जगह बदलने से अर्थ भी बदल जाता है। तीनों बातें मिलकर यह दिखाती हैं कि एकांकी में शब्द जान-बूझकर चुने गए हैं।

आप अपनी कक्षा में इस एकांकी का मंचन करना चाहते हैं। आपकी तैयारी में क्या-क्या आएगा, और एकांकी इसके लिए सुभीते की विधा क्यों है?

पहली तैयारी पात्रों के बँटवारे की होगी — विश्वनाथ, रेवती, नन्हेमल, बाबूलाल, प्रमोद, किरण, पड़ोसी और आगंतुक। दूसरी तैयारी वेशभूषा की होगी, जिसमें दोनों मेहमानों के लिए पगड़ी और बंडी जैसी कोई चीज़ चाहिए। तीसरी तैयारी सामान की होगी, और उसके लिए आसपास की चीज़ें ही काम आ जाएँगी — एक मेज़, दो कुर्सियाँ और एक चटाई। चौथी तैयारी समय की होगी, क्योंकि पूरी एकांकी दस या पंद्रह मिनट में दिखानी है, इसलिए संवाद थोड़े छोटे करने पड़ सकते हैं। एकांकी इसके लिए सुभीते की विधा है। उसे एक ही जगह पर खेला जा सकता है। उसमें पात्र थोड़े होते हैं। उसका सामान कक्षा में ही मिल जाता है। और वह थोड़े समय में पूरी हो जाती है।

Flashcards (17)

एकांकी और नाटक में सीधा अंतर क्या है?
नाटक में कई अंक हो सकते हैं, एकांकी में केवल एक।
कहानी और एकांकी में अंतर किस बात का है?
कहानी में लेखक वर्णन करता है; एकांकी संवादों से चलती है।
इस एकांकी की घटना कितने समय और कितनी जगहों की है?
एक ही रात, और एक ही घर।
कोष्ठक में कौन-कौन सी बातें मिलती हैं?
आना-जाना, हाव-भाव, वेशभूषा के निर्देश, और मंच की कोई घटना।
नेपथ्य किसे कहते हैं?
मंच के पीछे का वह हिस्सा जो दर्शक को नहीं दिखता।
इस एकांकी के लेखक कौन हैं?
उदयशंकर भट्ट।
लेखक का जन्मस्थान और समय क्या है?
उत्तर प्रदेश का इटावा; सन् 1898 से 1966।
लेखक की साहित्य में रुचि क्यों बनी?
उनके परिवार में साहित्य का वातावरण था।
लेखन के अलावा उन्होंने और क्या किया?
नाटकों तथा फ़िल्मों में अभिनय भी किया।
उन्हें विशेष प्रसिद्धि किसमें मिली?
नाटक और एकांकी के क्षेत्र में।
लोक-परलोक और पर्दे के पीछे — ये क्या हैं?
पहला उपन्यास है, दूसरा एकांकी संग्रह।
रेडियो से एकांकी को बल क्यों मिला?
वहाँ दृश्य बदलकर नहीं दिखाया जा सकता, इसलिए छोटा नाटक चलता है।
दिन-रात एक करना का अर्थ क्या है?
बिना रुके लगातार कोशिश करते रहना।
पत्ता तक न हिलना का अर्थ क्या है?
हवा का बिलकुल बंद हो जाना।
मुहावरा पहचानने की कसौटी क्या है?
उसका अर्थ उसके शब्दों से सीधे नहीं निकलता।
ही हटाने से वाक्य में क्या होता है?
वह ढीला पड़ जाता है, और ज़ोर चला जाता है।
एक रुपये में कितने आने और एक गज़ में कितने फुट?
सोलह आने, और तीन फुट।

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  • लेखक का परिचय क्रम से लगाइए
  • शब्द और अर्थ
  • मुहावरा या असर वाला प्रयोग
  • सही या भ्रम
  • झटपट उत्तर

Class 8 Hindi Chapter 8 — frequently asked questions

रंगमंच-निर्देश क्या होता है? इस एकांकी से उदाहरण देकर लिखिए।

यह लेखक की ओर से मंच पर काम करने वालों के लिए लिखी गई बात होती है। यहाँ वह जगह, ऋतु और समय बताता है। फिर वह कमरे के दरवाज़े, मेज़, कुर्सियाँ और पलंग गिनाता है। वह यह भी बताता है कि पंखा पुराना है।

लेखक गरीबी शब्द काम में नहीं लाता, फिर भी घर की हालत कैसे समझ आ जाती है?

वह केवल चीज़ें गिना देता है — किराये का छोटा मकान, एक पुराना पंखा, एक ही पलंग, और छोटी छत। निर्णय पढ़ने वाले पर छोड़ दिया जाता है। लेखक मकान को साधारण गृहस्थ का घर कहकर आगे बढ़ जाता है।

भट्ठी वाली तुलना से क्या बात निकलती है?

भट्ठी चने भूनने की जगह होती है। घर को भट्ठी कहने का अर्थ है कि वह रहने की जगह नहीं, भुनने की जगह बन गया है। आगे रेवती भी अपने भाग्य को भाड़ में भुनने वाला चना कहती है।

दोनों मेहमानों का परिचय — नाम, उम्र और हुलिया — लिखिए।

बड़े का नाम नन्हेमल है और उम्र पैंतीस बरस; उसकी मूँछें मुँह को घेरे हुए हैं और माथे पर सलवट है। छोटे का नाम बाबूलाल है और उम्र चौबीस; उसकी मूँछें अधकटी और मुख लंबा है। दोनों कमीज़ों के ऊपर काली बंडी, सिर पर सफ़ेद पगड़ी और मैली धोती पहने हैं।

किरण के पंखा तेज़ करने पर भी पंखा वैसा ही चलता है। इस छोटे निर्देश का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि घर जो दे सकता था, वह पहले ही दे चुका है। मेहमान के आने पर घरवाले कुछ और करना चाहते हैं, पर करने के लिए कुछ बचा नहीं है। यह एक छोटा और बहुत कड़ा मज़ाक है।

मेहमानों के स्वभाव के बारे में उनकी दाम वाली बातचीत से क्या पता चलता है?

वे हर चीज़ का हिसाब रखते हैं और उसे कहने में कोई संकोच नहीं करते। बाबूलाल अपनी धोती का दाम नौ रुपये बताते हैं, और नन्हेमल दो दुकानों के मलमल के भाव गिना देते हैं। ध्यान देने की बात यह है कि अपना परिचय देने से पहले वे अपनी धोती का दाम बता देते हैं।

खाने के बारे में पति-पत्नी के दोनों तर्क लिखिए।

विश्वनाथ कहते हैं कि जो आ गए हैं वे खाना तो खाएँगे ही, इसलिए थोड़ा-सा बना लेना चाहिए। रेवती मना करती है, क्योंकि सिर फट रहा है, और वह अपनी हालत पहले रखती है। इसी को वह पहले आत्मा फिर परमात्मा कहकर बताती है।

इस भाग में शिष्टाचार का दाम किस-किस तरह सामने आता है?

पहले बाज़ार के सुझाव पर, जहाँ तीन-चार रुपये का हिसाब सामने आ जाता है। फिर बरफ़ के खर्च पर, जो पहले ही हो चुका है। और फिर रेवती के शरीर पर, क्योंकि सिर के दर्द में भी उसे चूल्हे पर जाना पड़ेगा।

शहर वाले आँकड़े का अर्थ समझाइए।

विश्वनाथ बताते हैं कि शहर में आठ-नौ लाख लोग रहते हैं और उनमें छह-सात लाख इसी तरह के घरों में रहते हैं। इस एक वाक्य से यह घर अकेला नहीं रह जाता। जो कठिनाई एक परिवार की लग रही थी, वह लाखों लोगों की निकल आती है।

कहानी, नाटक और एकांकी का अंतर लिखिए।

कहानी पढ़ी जाती है और उसमें लेखक बीच-बीच में वर्णन करता है। नाटक मंच पर खेला जाता है और उसमें कई अंक हो सकते हैं। एकांकी भी खेली जाती है, पर उसमें केवल एक ही अंक होता है। तीनों में कहानी हो सकती है; अंतर उसके रास्ते का है।

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