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कबीर के दोहे · कक्षा 8 हिंदी · मल्हार

Hindi 3 topics 105 leveled MCQs 51 flashcards 5 games Free

Shared by a Veda teacher · Generated with Veda AI · Oct 2026

⚡ Veda Bites

The whole idea, one bite at a time

Veda Bites are swipeable micro-lessons — each one teaches exactly one idea. Here's a taste from this kit; the app has the full deck.

💡 Key Idea

दोहा छोटा छंद है

दो पंक्तियाँ, चार टुकड़े।

दोहे में केवल दो पंक्तियाँ होती हैं और हर पंक्ति बीच में एक जगह रुकती है। इस तरह पढ़ते समय चार टुकड़े सुनाई देते हैं। इतनी छोटी जगह में पूरी बात कहनी पड़ती है, इसलिए एक भी शब्द बेकार नहीं रखा जा सकता। यही कारण है कि दोहे आसानी से याद रह जाते हैं।

💡 Key Idea

सच एक तपस्या है

सच को तप के बराबर रखा गया है।

कबीर सच को केवल अच्छी आदत नहीं कहते। वे उसे तप के बराबर रख देते हैं, यानी उतना ही कठिन और उतना ही मूल्यवान। इसके साथ ही झूठ को पाप के बराबर रख दिया जाता है। एक ही पंक्ति में दो तुलनाएँ आमने-सामने आ जाती हैं।

📖 Definition

तप किसे कहते हैं

कठिन अभ्यास, जो मन को साधता है।

तप वह कठिन अभ्यास है जो मन को साधने के लिए किया जाता है — उपवास, मौन या एक जगह बैठकर ध्यान। लोग उसे बहुत बड़ी बात मानते हैं। कबीर कहते हैं कि रोज़ के जीवन में सच पर टिके रहना इससे कम नहीं है।

💡 Key Idea

अति चार बार

चारों टुकड़े एक ही शब्द से शुरू होते हैं।

चौथे दोहे के चारों टुकड़े एक ही शब्द से शुरू होते हैं — अति। यह संयोग नहीं है। एक शब्द चार बार आने से एक ठोक-सी बन जाती है, जैसे कोई बात चार बार गिनाकर कही जा रही हो। पढ़ने वाला उसे भूल नहीं पाता।

📖 Definition

अति का अर्थ

हद से आगे, आवश्यकता से अधिक।

अति का अर्थ है हद से आगे या आवश्यकता से अधिक। ध्यान देने की बात यह है कि दोहा किसी चीज़ को बुरा नहीं कहता। बोलना, चुप रहना, वर्षा और धूप — इनमें कुछ भी बुरा नहीं है। बुरी इनकी मात्रा बताई जा रही है।

💡 Key Idea

उदाहरण दो तरह के हैं

दो आदतें, दो मौसम।

पहले दो उदाहरण — बोलना और चुप रहना — मनुष्य की आदत से जुड़े हैं। पिछले दो — वर्षा और धूप — मौसम से जुड़े हैं, जिन पर किसी का वश नहीं। दोनों तरह की चीज़ें एक साथ रखने से कबीर की बात बड़ी हो जाती है।

📖 Smart notes

What you'll study, topic by topic

1

साँच, गुरु और बड़प्पन

कबीर के पहले तीन दोहे सच को तप के बराबर रखते हैं, गुरु और ईश्वर के क्रम का कारण बताते हैं, और ऊँचे खजूर के उदाहरण से यह कसौटी देते हैं कि बड़े होने के साथ किसी के काम आना भी चाहिए।

  • दोहा दो पंक्तियों का छंद है, और बीच का विराम हर पंक्ति को दो टुकड़ों में बाँट देता है।
  • पहला दोहा सच को तप के बराबर और झूठ को पाप के बराबर रखता है।
  • तप वह कठिन अभ्यास है जो मन को साधने के लिए किया जाता है।

~36 min · full explanation, examples & memory tricks in the app

2

अति और वाणी

चौथा दोहा चार उदाहरणों से मात्रा की कसौटी देता है — न अधिक बोलना, न अधिक चुप रहना, न अधिक वर्षा, न अधिक धूप। पाँचवाँ दोहा ढंग की कसौटी देता है, और बताता है कि अहं हटाकर कही गई बात सुनने वाले को भी शांति देती है और बोलने…

  • चौथे दोहे के चारों टुकड़े एक ही शब्द से शुरू होते हैं, और इससे बात भूली नहीं जाती।
  • अति का अर्थ है हद से आगे; दोहा चीज़ को नहीं, उसकी मात्रा को दोष देता है।
  • चार उदाहरणों में दो आदत से जुड़े हैं और दो मौसम से, जिन पर किसी का वश नहीं।

~34 min · full explanation, examples & memory tricks in the app

3

निंदक, सूप और संगति

छठा दोहा कमी बताने वाले को पास रखने की उलटी सलाह देता है, सातवाँ सूप की उपमा से विवेक सिखाता है, और आठवाँ मन को पंछी कहकर संगति का हिसाब जोड़ देता है। अंत में कबीर, उनकी भाषा और दोहे से कहावत बनने की बात आती है।

  • निंदक वह है जो कमी बताता है, और नियरे का अर्थ पास है।
  • दोहा कहता है कि ऐसे व्यक्ति के लिए आँगन में ही कुटी छवा दीजिए।
  • निंदक स्वभाव साफ़ कर देता है, और उसके लिए पानी-साबुन नहीं चाहिए।

~38 min · full explanation, examples & memory tricks in the app

❓ Leveled MCQ practice

Try the smart MCQs from this kit

105 questions laddered from warm-up to topper-level, each with an explanation. A taste:

दोहे में कितनी पंक्तियाँ होती हैं और हर पंक्ति कितने टुकड़ों में सुनाई देती है?

Beginner
A दो पंक्तियाँ, और हर पंक्ति दो टुकड़ों में B दो पंक्तियाँ, और हर पंक्ति तीन टुकड़ों में C चार पंक्तियाँ, और हर पंक्ति दो टुकड़ों में D चार पंक्तियाँ, और हर पंक्ति चार टुकड़ों में
Show answer & explanation

दो पंक्तियाँ, और हर पंक्ति दो टुकड़ों में

दो पंक्तियाँ होती हैं, और बीच का विराम हर पंक्ति को दो टुकड़ों में बाँट देता है।

पहला दोहा सच को किस चीज़ के बराबर बताता है?

Beginner
A बड़े दान के B कठिन साधना के C लंबी यात्रा के D ऊँचे पद के
Show answer & explanation

कठिन साधना के

साँच को तप के बराबर कहा गया है, यानी उतनी ही कठिन साधना के बराबर।

कक्षा में एक विद्यार्थी कहता है कि सच बोलना तो बहुत आसान काम है। पहले दोहे के आधार पर उसे क्या उत्तर मिलेगा?

Intermediate
A सच बोलने की बात दोहे में कहीं नहीं आती है B सच बोलना यहाँ सचमुच सबसे सरल काम ही बताया गया है C सच पर टिके रहना तप के बराबर कठिन माना गया है D सच बोलना केवल बड़े लोगों के लिए कहा गया है
Show answer & explanation

सच पर टिके रहना तप के बराबर कठिन माना गया है

दोहा सच को तप के बराबर रखता है, और तप कठिन अभ्यास होता है।

तप शब्द का अर्थ इन चारों में सबसे ठीक कौन-सा है?

Beginner
A गुरु से मिलने वाला कोई वरदान B मंदिर में चढ़ाया जाने वाला भोग C किसी तीर्थ तक की लंबी यात्रा D मन को साधने वाला कठिन अभ्यास
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मन को साधने वाला कठिन अभ्यास

तप वह कठिन अभ्यास है जो मन को साधने के लिए किया जाता है।

🃏 Flashcards

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51 flashcards in this kit — the app reviews them with spaced repetition so the right card returns on the right day.

🎮 Learning games

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Every game is built from this kit's own content — scores feed your mastery, so playing counts as studying.

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