एक ही जगह, एक ही पौधा
कविता दोनों को पहले बराबर खड़ा करती है।
फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं और उन्हें पालने वाला पौधा भी एक ही है। कवि यह बात सबसे पहले रखते हैं, जिससे आगे आने वाला अंतर और साफ़ दिखाई दे।
Shared by a Veda teacher · Generated with Veda AI · Oct 2026
Veda Bites are swipeable micro-lessons — each one teaches exactly one idea. Here's a taste from this kit; the app has the full deck.
कविता दोनों को पहले बराबर खड़ा करती है।
फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं और उन्हें पालने वाला पौधा भी एक ही है। कवि यह बात सबसे पहले रखते हैं, जिससे आगे आने वाला अंतर और साफ़ दिखाई दे।
प्रकृति किसी के साथ भेद नहीं करती।
रात में चाँद दोनों पर चमकता है और एक ही सी चाँदनी डालता है। वह किसी एक के लिए अधिक और दूसरे के लिए कम नहीं चमकता।
पाँच चीज़ें, दोनों को बराबर।
मेह यानी वर्षा भी दोनों पर एक-सी बरसती है और हवा भी एक जैसी बहती है। अब तक पाँच बातें गिनाई जा चुकी हैं: जगह, पौधा, चाँदनी, मेह और हवा।
पूरी कविता इन्हीं दो पंक्तियों की तैयारी थी।
कवि पूछते हैं कि कुल की बड़ाई किस तरह काम दे, जो किसी में बड़प्पन की कसर हो। यह एक प्रश्न है, पर उत्तर उसी के भीतर छिपा हुआ है।
जन्म किसी के हाथ में नहीं होता।
कुल यानी वह वंश या परिवार जिसमें कोई जन्म लेता है। इसमें किसी का अपना चुनाव नहीं होता। कविता में फूल और काँटे का कुल एक ही है, क्योंकि दोनों एक ही पौधे से निकले हैं।
यह मिलता नहीं, बनता है।
बड़प्पन व्यक्ति के अपने गुणों, स्वभाव और कर्मों से बनता है। फूल का बड़प्पन उसके देने वाले कामों से बना है, और काँटे में यही चीज़ कम रह जाती है।
कविता पहले बताती है कि फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं और उन्हें चाँदनी, मेह तथा हवा सब कुछ एक-सा मिलता है। फिर वह दिखाती है कि दोनों का ढंग एक जैसा नहीं है। काँटा चुभता है और फूल सबको कुछ देता है।
~35 min · full explanation, examples & memory tricks in the app
कविता की अंतिम दो पंक्तियाँ पूरी बात खोल देती हैं। कवि पूछते हैं कि कुल की बड़ाई किस काम आएगी, यदि किसी में बड़प्पन की कसर हो। फूल और काँटा यहाँ दो स्वभावों के प्रतीक बन जाते हैं। कवि हरिऔध की पहचान भी इसी पाठ में दी गई…
~35 min · full explanation, examples & memory tricks in the app
70 questions laddered from warm-up to topper-level, each with an explanation. A taste:
कविता के आरंभ में कवि यह बताते हैं कि दोनों एक ही जगह जन्म लेते हैं और उन्हें पालने वाला भी एक ही है। वह पौधा है —
Beginnerदोनों के लिए एक ही
कविता कहती है कि एक ही पौधा उन्हें पालता है।
रात के समय चाँदनी किसी एक को चुनकर नहीं गिरती, बल्कि दोनों पर एक समान फैल जाती है। रात में चाँद दोनों के साथ करता है —
Beginnerवह दोनों पर एक-सी चाँदनी डालता है
चाँद किसी के साथ भेद नहीं करता, दोनों पर एक ही सी चाँदनी पड़ती है।
कविता में वर्षा के लिए एक छोटा और पुराना शब्द आया है, जो दोनों पर एक समान बरसती बताई गई है। मेह शब्द का अर्थ है —
Beginnerवर्षा
मेह उन पर है बरसता एक सा, यानी वर्षा दोनों पर बराबर बरसती है।
कविता का पहला भाग वे चीज़ें गिनाता है जो दोनों को एक समान मिलती हैं, और उनमें पौधा, चाँदनी, वर्षा और हवा आते हैं। उनकी गिनती है —
Advancedपाँच
जगह, पौधा, चाँदनी, मेह और हवा, कुल पाँच चीज़ें समान बताई गई हैं।
34 flashcards in this kit — the app reviews them with spaced repetition so the right card returns on the right day.
Every game is built from this kit's own content — scores feed your mastery, so playing counts as studying.
The full Veda Bites deck, complete notes, spaced-repetition flashcards, leveled MCQs, tests and games for this kit — plus Daily Facts and the Arena, every day.